Agra News Today: पुलिसकर्मियों के भ्रष्टाचार पर लगाम! CP Deepak Kumar ने जारी किया Helpline Number

Agra News Today Agra Police Commissioner Deepak Kumar ने शहर के नागरिकों के लिए भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों के लिए एक महत्वपूर्ण Helpline Number जारी किया है। नागरिक इस नंबर 7839860813 पर Agra Police में नियुक्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह Helpline Number सुबह 10 बजे से रात्रि 8 बजे तक चालू रहेगा। यदि कोई पुलिसकर्मी किसी भी मामले में आपसे अनुचित धन या Rishwat (Bribe) की मांग करता है, तो आप इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। Police Commissioner Deepak Kumar ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह Gopniya (Confidential) रखी जाएगी और प्रत्येक शिकायत की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ Zero Tolerance की नीति अपनाई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध दंडात्मक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। CP Deepak Kumar ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य Agra Police को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने नागरिकों से इस नंबर का उपयोग करके भ्रष्टाचार की शिकायत करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने का आग्रह किया है। आगरा: जातिसूचक शब्द लिखे वाहनों पर पुलिस का शिकंजा, 44 का चालान

आगरा कमिश्नरेट की SOG और सर्विलांस सेल भंग, इनामी बदमाश के सरेंडर से पुलिस कमिश्नर नाराज?

आगरा। आगरा में पुलिस कमिश्नर ने अपनी एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और सर्विलांस सेल को भंग कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत 14 पुलिसकर्मियों को पूर्वी जोन में भेजा गया है, जबकि 9 को विभिन्न थानों में तैनात किया गया है। चर्चा है कि पुलिस कमिश्नर की इस सख्ती की वजह सिकंदरा के इनामी अपराधी फारुख का गुपचुप तरीके से कोर्ट में सरेंडर करना है। फारुख एक ज्वेलर हत्याकांड में फरार चल रहा था। हालांकि, अधिकारी इस बात से इनकार कर रहे हैं। आगरा कमिश्नरेट में नगर, पूर्वी और पश्चिमी – तीन जोन हैं, जिनकी अपनी-अपनी एसओजी और सर्विलांस सेल मौजूद हैं। इसके अलावा, एक केंद्रीय एसओजी और सेल पुलिस कमिश्नर के अधीन भी काम कर रही थी, जिसके प्रभारी जैकब फर्नांडिस थे। पिछले दिनों थाना सिकंदरा में एक ज्वेलर से लूट और हत्या के मामले में फरार चल रहे इनामी बदमाश फारुख ने पुलिस की तलाश के बीच अचानक कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इस घटना से पहले, पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी अमन को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। तभी से फारुख की तलाश जारी थी। सूत्रों के अनुसार, फारुख के सरेंडर करने के बाद पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार काफी नाराज़ थे। माना जा रहा है कि इसी नाराजगी के चलते ही उन्होंने अपनी एसओजी और सर्विलांस सेल को भंग करने का फैसला लिया है। हालांकि, पुलिस आयुक्त ने इस कारण को खारिज करते हुए कहा है कि हर जोन की अपनी एसओजी और सेल है, जिसकी निगरानी डीसीपी करते हैं। अपराध होने पर थाना पुलिस भी काम करती है, इसलिए जोन के अलावा एक अलग से केंद्रीय एसओजी की आवश्यकता नहीं थी। इस स्थानांतरण का आदेश अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह ने जारी किया है, क्योंकि एक जोन से दूसरे जोन में तबादला करने का अधिकार उन्हीं के पास होता है।

आगरा में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, पुलिस कमिश्नर ने बैठक में लिए 10 अहम फैसले

आगरा। आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर और मेट्रो निर्माण कार्य के कारण शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कई विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में जिलाधिकारी आगरा, आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, कैंटोनमेंट बोर्ड, रोडवेज के आरएम/एआरएम, एआरटीओ, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता, स्मार्ट सिटी, एनएचएआई, मेट्रो परियोजना के एमडी और टोरेंट पावर जैसे कई विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा किए गए सर्वे के बाद बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनके जल्द से जल्द क्रियान्वयन का आश्वासन संबंधित विभागों ने दिया है। बैठक में लिए गए 10 महत्वपूर्ण निर्णय: इन निर्णयों से शहर के लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस आयुक्त @DeepakKumarIPS2 द्वारा कमिश्नरेट आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर एवं मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शहर में बढ़ते यातायात दबाव के दृष्टिगत शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु कई विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जिलाधिकारी… pic.twitter.com/93RQ9mWf0h — POLICE COMMISSIONERATE AGRA (@agrapolice) September 11, 2025 आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो पर प्रतिबंध, पुलिस ने जारी की अधिसूचना शहर के नगर जोन में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध भगवान टॉकीज चौराहे से लेकर अवंतीबाई चौराहे (एमजी रोड) तक प्रभावी रहेगा। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार ने उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की है। इसमें बताया गया है कि नगर जोन में ई-रिक्शा और ऑटो के अधिक संचालन के कारण मुख्य मार्गों पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि आगरा आने वाले पर्यटकों को भी भारी परेशानी होती है। अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि नए ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे यातायात व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह आदेश अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से ही प्रभावी हो गया है। इस कदम से एमजी रोड पर यातायात का दबाव कम होने और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

पुलिस कमिश्नर के आदेश हवा हुए: आगरा की लाइफलाइन पर बेकाबू ई-रिक्शा, ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही से भारी जाम

आगरा। आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई थी। उनके स्पष्ट निर्देश थे कि शहर की लाइफलाइन पर कोई भी ई-रिक्शा नजर नहीं आना चाहिए और ऐसा करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है। पुलिसकर्मियों की लापरवाही के चलते कमिश्नर के ये आदेश हवा हो गए हैं और एमजी रोड पर ई-रिक्शा बेलगाम दौड़ रहे हैं। लगभग सात किलोमीटर लंबे एमजी रोड पर 14 से अधिक चौराहे और तिराहे हैं, जहाँ हर वक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये पुलिसकर्मी अपनी आँखों के सामने ई-रिक्शा चालकों को नियम तोड़ते देख भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। इसी अनदेखी का फायदा उठाकर ई-रिक्शा चालक बेफिक्र हो गए हैं, जिससे रोड पर लगातार जाम की स्थिति बन रही है। मेट्रो के काम और बढ़ती भीड़ के बीच ई-रिक्शा का यह अनियंत्रित संचालन लोगों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन गया है। कमिश्नर के आदेशों की अनदेखी के कारण, लोगों को अब घंटों जाम में फँसकर जूझना पड़ रहा है। पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं कि जब शीर्ष स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा है?

आगरा में ट्रैफिक पुलिस के साथ अब थानों का पुलिस बल भी संभालेगा मोर्चा: पुलिस कमिश्नर

आगरा। आगरा में मेट्रो निर्माण, लगातार बारिश और यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। नेशनल हाईवे और एमजी रोड पर गाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जबकि यमुना किनारा रोड पर जलभराव के कारण भी लोगों को परेशानी हो रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने तत्काल प्रभाव से सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI), सब-इंस्पेक्टर (TSI) और थाना अध्यक्षों (SHO/SO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करें। उन्होंने कहा कि यह एक आपातकालीन स्थिति है, इसलिए अब ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ थानों का पुलिस बल भी यातायात ड्यूटी में सहयोग करेगा। नागरिकों से सहयोग की अपील पुलिस कमिश्नर ने आगरा के नागरिकों से भी इस स्थिति में सहयोग करने की विनम्र अपील की है। उन्होंने कहा: उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आगरा पुलिस इस मुश्किल समय में नागरिकों के साथ है और सभी की असुविधा को कम करने का प्रयास कर रही है।

आगरा में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले ई-रिक्शा और ऑटो चालकों पर होगी सख्त कार्रवाई

आगरा। आगरा में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ई-रिक्शा और ऑटो चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उन्हें लंबे समय से ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा नियमों की मनमानी की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने खुद भी सड़कों पर यह अनुभव किया है कि ये चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं, गलत दिशा में चलते हैं और ट्रैफिक रुकते ही अपनी लाइन छोड़कर दूसरों के लिए दिक्कत पैदा करते हैं। इससे न केवल जाम लगता है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों और बच्चों को होती है परेशानी दीपक कुमार ने कहा कि इन चालकों की मनमानी का खामियाजा सामान्य नागरिकों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि ई-रिक्शा और सीएनजी ऑटो उनकी आजीविका का साधन हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे यातायात नियमों की अनदेखी करें और दूसरों को प्रभावित करें। टीमें गठित करने के निर्देश, होगा भारी जुर्माना पुलिस आयुक्त ने डीसीपी ट्रैफिक को विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नजर रखेंगी। उन्होंने सभी ऑटो चालकों से अपील की है कि वे अपनी लेन में चलें, ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करें और क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो गठित टीमें नियमानुसार भारी जुर्माना लगाएंगी और ई-रिक्शा/सीएनजी ऑटो को सीज करने पर मजबूर होंगी। यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

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