AGRA: जातीय संघर्ष के बाद सपा का 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गिजोली गांव जाएगा

AGRA। जातीय संघर्ष के बाद समाजवादी पार्टी का एक 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार, 30 सितंबर को AGRA के गिजोली गांव का दौरा करेगा। पार्टी का आरोप है कि यहां दलित समुदाय पर पुलिस की मौजूदगी में बर्बरतापूर्वक हमला किया गया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सपा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन करेंगे। इसमें उनके साथ 3 सांसद और 3 विधायक शामिल होंगे। सांसद देवेश शाक्य, जितेंद्र दोहरे, विधायक मुकेश वर्मा, सचिन यादव, सर्वेश सिंह यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल और पूर्व विधायक अजीम भाई सहित अन्य सदस्य मौजूद रहेंगे। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर भेजा जा रहा है। सभी सदस्य सोमवार को सुबह 11 बजे सुमन के आवास पर एकत्रित होकर गिजोली गांव के लिए रवाना होंगे। क्या है पूरा मामला? हाल ही में गिजोली गांव में मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि मारपीट और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया था। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज कर 5 आरोपियों को जेल भेज दिया है। इस मामले में लापरवाही बरतने पर चौकी प्रभारी टोल अनुराग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद, गांव में अभी भी तनाव का माहौल है और पुलिस पिकेट तैनात है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी लगातार उन पर राजीनामा का दबाव बना रहे हैं।

Agra के Malpura थाने में 17 वाहनों की नीलामी 30 सितंबर को

Agra के Malpura थाने में जब्त किए गए कुल 17 वाहनों की नीलामी 30 सितंबर 2025 को की जाएगी। इनमें दोपहिया और चारपहिया, दोनों प्रकार के वाहन शामिल हैं। यह नीलामी सहायक पुलिस आयुक्त, सैंया की अध्यक्षता में संपन्न होगी। नीलामी में लावारिस, मोटर वाहन अधिनियम (MVA) के तहत जब्त और विभिन्न मुकदमों से संबंधित वाहन शामिल किए गए हैं। नीलामी में भाग लेने के नियम नीलामी में भाग लेने के इच्छुक बोलीदाताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम निर्धारित किए गए हैं: पुलिस ने बताया कि यह नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी और नियमों का पालन न करने वाले किसी भी बोलीदाता को भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

AGRA में सस्पेंड चल रहे कॉन्स्टेबल का शव फुट ओवरब्रिज पर मिला, पास ही मिली चूहे मारने की दवा

Agra। कैलाश मोड़ स्थित एक फुट ओवरब्रिज पर शनिवार सुबह एक सस्पेंड चल रहे कॉन्स्टेबल का शव पड़ा मिला, जिससे हड़कंप मच गया। शव के पास से चूहे मारने वाली दवा भी मिली है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जाँच में जुट गई। हालांकि, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। एडीएसपी आदित्य कुमार ने बताया कि सुबह 10 बजे एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुँचने पर पहचान पत्र से उसकी शिनाख्त सिपाही विवेक के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है और सभी बिंदुओं पर जाँच की जा रही है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी है। प्रथमदृष्टया पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। विवेक 2015 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे और बुलंदशहर जिले के शिकारपुर के सुजानपुर पूठा गाँव के रहने वाले थे। वह Agra में तैनात थे। 27 जुलाई 2024 को वह पिनाहट थाने से छुट्टी लेकर गए थे, लेकिन उसके बाद वापस ड्यूटी पर नहीं आए। लगभग एक साल तक गैरहाजिर रहने के कारण उन्हें 28 जून 2025 को सस्पेंड कर दिया गया था। वर्तमान में उनकी तैनाती पुलिस लाइन में थी।

AGRA में पुलिस का Malpura में फ्लैग मार्च: आगामी त्योहारों पर शांति व्यवस्था और ‘मिशन शक्ति’ पर जोर

AGRA में आगामी त्योहारों, विशेषकर नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दशहरा, तथा जुम्मे की नमाज़ के मद्देनजर Agra पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में, सहायक पुलिस आयुक्त सैंया सुकन्या शर्मा और थाना प्रभारी मलपुरा विनोद कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से थाना मलपुरा क्षेत्र के धनोली में आगरा-जगनेर रोड पर फ्लैग मार्च का नेतृत्व किया। फ्लैग मार्च और ड्रोन से निगरानी इस फ्लैग मार्च में पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा और पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर ड्रोन कैमरों से बारीकी से निगरानी रखी गई। पुलिस टीम ने बाजार, मुख्य चौराहों, धार्मिक स्थलों और मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान एसीपी सुकन्या शर्मा और थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्र ने आमजन से सीधे संवाद स्थापित किया और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस ने स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों, धर्मगुरुओं और नागरिकों से सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की अफवाह या शांति भंग करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फ्लैग मार्च के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। ‘मिशन शक्ति’ का सीधा प्रसारण फ्लैग मार्च के दौरान ही, पुलिस टीम ने ‘मिशन शक्ति’ के पांचवें चरण के शुभारंभ का सीधा प्रसारण थाने में महिलाओं के साथ देखा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना है। ‘मिशन शक्ति’ के तहत सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों (1090, 181, 112) को बढ़ावा दे रही है। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा के लिए एंटी-रोमियो स्क्वाड का सक्रिय होना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, और उनके विवादों के निपटारे के लिए नारी अदालतों की स्थापना भी इस अभियान का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित किया गया और उन्हें आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई। फ्लैग मार्च में शामिल अधिकारी व पुलिस टीम:

आगरा में सिपाही ने किया अपहरण और फिरौती की मांग, तीन गिरफ्तार

आगरा। आगरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पुलिस सिपाही ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक युवक का अपहरण किया और उसके परिवार से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी। थाना न्यू आगरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिपाही सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया है। क्या है पूरा मामला? बाह निवासी कुशल सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका भाई हर्षवर्धन सिंह 22 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे सामान लेने बाजार गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। पूरी रात तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। देर रात लगभग 2:30 बजे, कुशल के फोन पर हर्षवर्धन के नंबर से एक कॉल आया। फोन करने वाले ने 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो हर्षवर्धन को जेल भेज दिया जाएगा। कुशल ने तुरंत इस मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने जाँच शुरू की तो पता चला कि यह पूरी साजिश एक सिपाही ने रची थी। आरोपी सिपाही सोनू अलीगढ़ का रहने वाला है और उसे पाँच दिन पहले ही सैंया थाने में तैनात किया गया था। इससे पहले वह निलंबित चल रहा था और पुलिस लाइन से अटैच था। सिपाही ने रची साजिश सिपाही सोनू को जानकारी मिली थी कि हर्षवर्धन के पास अच्छी-खासी रकम है। उसने अपने अलीगढ़ के साथियों राहुल और राजकुमार के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई। उन्होंने हर्षवर्धन को सिकंदरा-बोदला रोड स्थित कारगिल तिराहे पर बुलाया और उसे अगवा कर लिया। जब उन्हें पता चला कि हर्षवर्धन के पास पैसे नहीं हैं, तो उन्होंने उसके भाई से फिरौती मांगने का फैसला किया। 24 घंटे तक घुमाते रहे शहर में 22 सितंबर की रात से 23 सितंबर की शाम तक, आरोपी हर्षवर्धन को अपनी गाड़ी में पूरे शहर में घुमाते रहे और लगातार उसके परिवार से फिरौती की मांग करते रहे। शिकायत दर्ज होने के बाद, न्यू आगरा पुलिस ने मोबाइल लोकेशन को ट्रैक किया और पोइया घाट के पास से तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने हर्षवर्धन को सुरक्षित रूप से उसके परिवार को सौंप दिया है। यह घटना पुलिस विभाग की छवि पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करके लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास किया है।

आगरा में अधिवक्ताओं का हंगामा: पुलिस कमिश्नर को हटाने की मांग

आगरा में अधिवक्ताओं पर हुए हमले के विरोध में बुधवार को दीवानी के गेट नंबर 2 पर वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ‘पुलिस कमिश्नर हटाओ, आगरा बचाओ’ के बैनर लगाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। यह पूरा मामला मंगलवार देर रात का है, जब न्यू आगरा में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। अधिवक्ताओं पर हमला घटना देर रात करीब 1 बजे की है। अधिवक्ता शुभम झा अपने दोस्त के साथ थाना न्यू आगरा के पास एक ढाबे पर खाना खाने गए थे। उनकी गाड़ी खड़ी करने को लेकर एक युवक से बहस हो गई। देखते ही देखते युवक ने अपने कई साथियों को बुला लिया। उन सबने मिलकर लाठी-डंडों से अधिवक्ताओं पर हमला कर दिया। इस हमले में शुभम झा और उनके साथी बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस पर भी लगा आरोप अधिवक्ताओं का आरोप है कि हमले के बाद जब वे शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँचे, तो एक दारोगा ने उनके साथ अभद्रता की और उनकी बात नहीं सुनी। इस पर वकीलों का गुस्सा और भड़क गया। हालांकि, इस मामले में डीसीपी सिटी ने बताया है कि अधिवक्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है। धरना और विरोध प्रदर्शन इस घटना के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता दीवानी के गेट नंबर 2 पर इकट्ठा हुए और धरना दिया। उन्होंने मांग की है कि जब तक सभी दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और संबंधित दारोगा पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना धरना जारी रखेंगे। अधिवक्ताओं का यह प्रदर्शन शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आगरा: फल ठेले वाले से भिड़े भाजपाई, पुलिस ने थाने में बैठाया; हंगामे के बाद एसओ लाइन हाजिर

आगरा। आगरा के जगनेर में फल विक्रेता और भाजपा के मंडल मंत्री के बीच एक विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि पुलिस को भाजपा नेताओं को ही थाने में बैठाना पड़ गया। इसके बाद 50 से ज़्यादा भाजपा कार्यकर्ता थाने पहुँच गए और जमकर हंगामा किया। मामले को शांत करने के लिए पुलिस को थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करना पड़ा, जिसके बाद ही मामला शांत हुआ। यह पूरा वाकया जगनेर में अग्रवाल धर्मशाला के सामने हुआ, जहाँ से 24 सितंबर को अग्रसेन शोभायात्रा निकलनी है। भाजपा के मंडल मंत्री मनोज अग्रवाल ने बताया कि शोभायात्रा के रास्ते से फल के ठेले हटाने को लेकर दामोदर नाम के एक फल विक्रेता से उनकी बहस हो गई। आरोप है कि दामोदर ने अपने बेटों को बुलाकर मनोज अग्रवाल के साथ मारपीट की। मनोज अग्रवाल इसकी शिकायत लेकर थाने पहुँचे, जहाँ दामोदर पक्ष के लोग भी आ गए। थाने में उस समय एसओ सौरभ सिंह मौजूद नहीं थे। बाद में जब एसओ आए, तो भाजपा नेताओं ने फल विक्रेता पर कार्रवाई की मांग की। इस पर पुलिस ने मंडल मंत्री मनोज अग्रवाल और फल विक्रेता के बेटे मानव और भाई पिंकी को थाने में बैठा लिया। जब मंडल अध्यक्ष लवलेश कुमार ने इसका विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों और भाजपा नेताओं के बीच बहस हो गई। इसके बाद पुलिस ने मंडल अध्यक्ष को भी थाने में बैठा लिया। इसकी खबर फैलते ही भाजपा कार्यकर्ता भड़क गए। 3 घंटे बाद जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनियां, पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम, जिला उपाध्यक्ष दिनेश गोयल और पूर्व विधायक महेश गोयल समेत 50 से ज़्यादा कार्यकर्ता जगनेर थाने पहुँच गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव कर लिया और एसओ को निलंबित करने की मांग पर अड़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा मौके पर पहुँचे। एक घंटे तक बातचीत के बाद उन्होंने एसओ सौरभ सिंह को लाइन हाजिर करने और विभागीय जांच के आदेश दिए, जिसके बाद ही गुस्साए भाजपा नेता शांत हुए। गुबरौठ गांव में आरसीसी खड़ंजे का उद्घाटन, तेजेंद्र गुर्जर ने किया डबल इंजन सरकार की तारीफ

ट्रांसयमुना,आगरा: पूर्व दरोगा पर युवती से छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप

आगरा। आगरा के ट्रांसयमुना क्षेत्र में एक पूर्व दरोगा पर युवती से छेड़छाड़ और मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। फेस-2 कॉलोनी में रहने वाली युवती ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना सोमवार सुबह करीब 5 बजे की है, जब युवती अपने पालतू कुत्ते को घुमाने निकली थी। आरोप है कि इसी दौरान कॉलोनी में रहने वाले पूर्व दरोगा जी.पी. सिंह ने उसे रोककर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। जब युवती ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का कहना है कि आरोपी जी.पी. सिंह पिछले तीन साल से उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। वह अक्सर अपशब्द कहकर उसे बदनाम करने और धमकियां देने की कोशिश करता है, जिससे वह और उसका परिवार मानसिक तनाव में है। युवती ने थाना ट्रांसयमुना प्रभारी से शिकायत करते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसकी और उसके परिवार की जान को खतरा हो सकता है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।

आगरा: एसएन मेडिकल कॉलेज में पुलिस की दादागिरी, डॉक्टर हड़ताल पर; मरीज़ों की बढ़ी मुसीबत

आगरा। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक पुलिसकर्मी द्वारा जूनियर डॉक्टर के साथ की गई अभद्रता के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी में सेवाएं बंद कर दीं, जिससे मरीज़ों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने तब तक काम नहीं किया, जब तक कि आरोपी सब-इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर नहीं कर दिया गया। यह घटना रविवार शाम की है, जब एसएनएमसी के सर्जरी विभाग के छात्र डॉ. विनेश कुमार अपनी बाइक से गुजर रहे थे। नूरी दरवाज़ा के पास चेकिंग कर रहे सब-इंस्पेक्टर अंकुर राठी ने उनसे कागज़ात माँगे। इस दौरान दोनों के बीच बहस हुई, और आरोप है कि एसआई ने डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद, जूनियर डॉक्टरों ने तुरंत इमरजेंसी और ट्रॉमा समेत सभी सेवाएँ ठप कर दीं। डॉक्टर तुरंत इमरजेंसी पर इकट्ठा हो गए और पोस्टर लगाकर अपना विरोध जताया। किसी भी नए मरीज़ को भर्ती नहीं किया गया, जिसके कारण कई गंभीर मरीज़ों को पुलिस और तीमारदारों को निजी अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा। इस घटना के बाद, तीमारदार अपने मरीज़ों को लेकर निजी अस्पतालों की ओर जाने लगे, जिससे उनकी मुसीबत और बढ़ गई। यह घटना डॉक्टरों के अंदर सद्भावना की कमी को दर्शाती है, जहाँ एक छोटी सी बात पर मरीज़ों की जान दांव पर लगा दी गई। कॉलेज के प्रिंसिपल समेत अन्य वरिष्ठ डॉक्टर तुरंत चौकी पर पहुँचे और आरोपी सब-इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की माँग की। डीसीपी सिटी सोनम कुमार के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने जाँच कराई और एसआई को दोषी पाते हुए लाइन हाजिर कर दिया, जिसके बाद ही डॉक्टरों ने काम फिर से शुरू किया। खबरे और भी मिशन शक्ति अभियान के तहत निकाली गई वाहन रैली किसान नेता अभिमन्यु चौधरी पर हमला, सीसीटीवी फुटेज आया सामने

आगरा: मिशन शक्ति अभियान के तहत निकाली गई वाहन रैली

आगरा। आगरा में “मिशन शक्ति अभियान 5.0” के अंतर्गत पुलिस लाइन परेड ग्राउंड से एक वाहन रैली निकाली गई। इस रैली का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. बबीता चौहान ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह भी उपस्थित रहे। वाहन रैली का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना था। रैली में मिशन शक्ति और महिला सशक्तिकरण से संबंधित गीत और जिंगल प्रसारित किए गए। शक्ति दीदी और महिला बीट पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी। “मिशन शक्ति-5.0” के तहत कमिश्नरेट आगरा के सभी थानों में “मिशन शक्ति केंद्र” स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र महिलाओं को 360° काउंसलिंग, मार्गदर्शन, सहयोग और संरक्षण संबंधी सेवाएं प्रदान करेंगे। रैली के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया गया और मिशन शक्ति के पैम्फलेट भी बांटे गए। इस आयोजन में पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण भी मौजूद रहे। खबरे और भी किसान नेता अभिमन्यु चौधरी पर हमला, सीसीटीवी फुटेज आया सामने खंदौली लूटकांड का खुलासा, मुठभेड़ में दो बदमाश गिरफ्तार

आगरा: एमजी रोड पर प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ पुलिस का अभियान, 25 वाहन सीज

पुलिस Ne Pakde Auto

आगरा। आगरा के एमजी रोड पर यातायात को सुगम बनाने के लिए पुलिस ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। 20 और 21 सितंबर की रात को, थाना नाई की मंडी पुलिस टीम ने एमजी रोड पर प्रतिबंधित वाहनों की सघन चेकिंग की, जिसमें 25 वाहन सीज किए गए। यह कार्रवाई एमजी रोड पर लगातार बन रहे जाम की समस्या को देखते हुए की गई है। पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा और थ्री-व्हीलर ऑटो जैसे प्रतिबंधित वाहनों के चलने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। पुलिस ने इन वाहनों के चालकों को सख्त हिदायत देते हुए शपथ दिलाई है कि वे अगले आदेश तक एमजी रोड पर प्रतिबंधित वाहन नहीं चलाएंगे। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी चालक इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सभी वाहन चालकों और स्वामियों से सहयोग की अपील की है ताकि एमजी रोड पर सुचारू यातायात सुनिश्चित किया जा सके।

आगरा: लूट के मामले में ऑटो चालक से पूछताछ, परिजनों ने थाने पहुंचकर किया हंगामा

आगरा। आगरा के फतेहाबाद तहसील के निबोहरा थाना क्षेत्र में एक ऑटो चालक को पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया, जिसके बाद परिजनों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। यह मामला शमसाबाद के धिमिश्री में हुई लूट की घटना की जांच से जुड़ा है। भोगपुर गाँव के रहने वाले सूबेदार पुत्र चंद्रभान को पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। परिजनों का आरोप है कि उन्हें सूबेदार को थाने बुलाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। इस बात से परेशान होकर देर रात गाँव के कई लोग थाने पहुँच गए और हंगामा करने लगे। मौके पर स्थिति को बिगड़ता देख थाना प्रभारी निरीक्षक जयनारायण सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने धैर्यपूर्वक परिजनों को समझाया और बताया कि सूबेदार को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया है और लूट के मामले में उससे कुछ जानकारी लेनी थी। पुलिस अधिकारी के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए और उन्हें वापस घर भेज दिया गया।

आगरा में धर्मांतरण के आरोप में 11 लोग गिरफ्तार, एक महीने की गोपनीय जांच के बाद हुई कार्रवाई

आगरा। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने एक घर से 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई एक महीने तक चली गोपनीय जांच के बाद की है। केदार नगर के एक घर में प्रत्येक रविवार को ईसाई धर्म सभा आयोजित की जाती थी। शिकायत के अनुसार, इस सभा में हिंदुओं को बुलाया जाता था और उन्हें सनातन धर्म के देवी-देवताओं की पूजा-पाठ से दूर रहने के लिए कहा जाता था। इसके बदले में, उनकी गरीबी और अन्य सभी कष्टों को दूर करने का दावा किया जाता था। पुलिस ने सादे कपड़ों में भेजे थे कर्मी एक माननीय मंत्री से इस इलाके में धर्मांतरण की गतिविधियों की शिकायत की गई थी, जिसके बाद मामला पुलिस आयुक्त दीपक कुमार तक पहुंचा। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शाहगंज पुलिस ने गोपनीय जांच शुरू की। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में धर्म सभा में भेजा गया ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। जांच में पता चला कि इस घर में बाहर से कुछ लोग आते थे और आसपास के हिंदुओं को इकट्ठा करते थे। उनकी समस्याओं के बारे में पूछने के बाद उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। जो लोग इसके लिए तैयार होते थे, उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया जाता था। दो दिन पहले, पुलिस ने छापेमारी कर इस घर से पांच महिलाओं सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक मुख्य व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

आगरा में लोहामंडी थाने के बाहर गिरा विशाल पेड़, एक्टिवा सवार युवक गंभीर रूप से घायल

आगरा। आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर 2:30 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब थाने के अंदर लगा एक पुराना और विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया । इस हादसे में एक एक्टिवा सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका पैर टूट गया है । हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और घायल को अस्पताल पहुंचाया, साथ ही सड़क से गिरे पेड़ को हटाकर जाम खुलवाया । खाने जा रहा युवक आया चपेट में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब सड़क पर कई वाहन गुजर रहे थे । लोग बाल-बाल बचे, लेकिन प्रतापनगर निवासी एक युवक इसकी चपेट में आ गया । बताया जा रहा है कि युवक खाना लेकर कहीं जा रहा था तभी पेड़ उस पर गिर गया । पेड़ के नीचे दबने से उसका पैर टूट गया । हादसे की सूचना मिलते ही लोहामंडी थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया । पुलिस ने घायल युवक को पेड़ के नीचे से निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया । पुलिस ने खुद हटाया पेड़, दुकानदार बचा पेड़ गिरने के कारण सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया था । पुलिस ने नगर निगम की टीम का इंतजार किए बिना ही पेड़ के हिस्सों को हटाना शुरू कर दिया, जिससे ट्रैफिक फिर से चालू हो सका । पेड़ की एक डाल सड़क किनारे मौजूद एक खोखे पर भी गिरी, लेकिन खोखे का मालिक राकेश बाल-बाल बच गया । स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पेड़ काफी पुराना और कमजोर हो चुका था, जिसके कारण प्रशासन से इसे हटाने की मांग की जा रही थी । गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। इस घटना ने एक बार फिर शहर में जर्जर हो चुके पेड़ों को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगरा में गाड़ी टकराने पर बवाल: दर्जन भर युवकों ने की युवक की बेरहमी से पिटाई, CCTV में कैद हुई घटना

आगरा। आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र में एक गाड़ी टकराने के मामूली विवाद पर एक युवक को दर्जन भर युवकों ने बेरहमी से पीटा। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान कर रही है। पहले सुलह, फिर गली में खींचकर पीटा नरीपुरा निवासी जाहिद खान ने बताया कि शाम छह बजे वह अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी एक दूसरी गाड़ी से टकरा गई। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया, लेकिन मोहल्ले के कुछ बुजुर्गों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। जावेद का कहना है कि जब वह शांत होने के बाद एक दुकान पर पहुँचे, तो अचानक से एक दर्जन से अधिक लड़के लाठी-डंडे और पंच लेकर आ गए। उन्होंने जाहिद को गली में खींचकर लगभग दो मिनट तक बेरहमी से पीटा। जाहिद के अनुसार, हमलावरों ने उनकी जेब में रखे पैसे भी निकाल लिए। इस हमले में उनके हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं, और उनकी आँख भी सूज गई है। पुलिस CCTV फुटेज से कर रही है पहचान इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जाहिद ने थाना शाहगंज में तहरीर दी है। पुलिस ने जाहिद का मेडिकल कराया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में दिख रहे लड़कों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटी-सी बात पर भी लोग हिंसक हो जाते हैं। और खबरें भी हैं…

आगरा के इनर रिंग रोड टोल प्लाजा पर किसान यूनियन का हंगामा: 50 मिनट तक टोल फ्री कराया, महिला कर्मचारियों से मारपीट, केस दर्ज

आगरा। आगरा के इनर रिंग रोड स्थित रहनकलां टोल प्लाजा पर मंगलवार दोपहर किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कुबेरपुर और रामाडा की ओर से आए कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा की चार लेन के बूम बैरियर तोड़ दिए और लगभग 50 मिनट तक टोल को मुफ्त करवा दिया, जिससे करीब 400 गाड़ियाँ बिना शुल्क दिए निकल गईं। टोल मैनेजर पर हमला, महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार जानकारी के अनुसार, जब टोल मैनेजर ने कार्यकर्ताओं से हंगामा करने का कारण पूछा तो उन्होंने मैनेजर पर हमला करने का प्रयास किया। पुलिस ने बीच-बचाव कर मैनेजर को बचाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा पर तैनात महिला कर्मचारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। कर्मचारी ज्योति राजपूत के साथ मारपीट की गई, और विरोध करने पर अन्य कर्मचारियों को भी कैमरे की नजर से दूर ले जाकर पीटा गया। कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकियाँ भी दीं। 50 मिनट बाद पुलिस ने संभाली स्थिति, FIR दर्ज करीब 50 मिनट तक चले इस हंगामे के बाद, दोपहर 1:10 बजे पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो सकी और टोल वसूली फिर से शुरू हुई। इस घटना के बाद टोल मैनेजर ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। और खबरें भी हैं…

आगरा में महाराणा प्रताप के बोर्ड उखाड़ने पर बवाल: सिकंदरा पुलिस पर भड़के क्षत्रिय समाज के ग्रामीण, सड़क जाम कर किया पुतला दहन

आगरा। थाना सिकंदरा क्षेत्र के गांवों में महाराणा प्रताप के 4 बोर्ड उखाड़ने को लेकर क्षत्रिय समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए, उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। बढ़ते बवाल को देखते हुए पुलिस ने ग्रामीणों को सड़क से हटाया और मौके पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। क्या है पूरा मामला? ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन पहले रुनकता क्षेत्र के चार गांवों में क्षत्रिय समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के सम्मान में बोर्ड लगाए थे। सोमवार सुबह जब ग्रामीण उठे तो अकबरा गांव के बाहर लगा बोर्ड गायब था। यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई। थोड़ी देर बाद पता चला कि बाकी के तीन और बोर्ड भी उखाड़ दिए गए हैं। इस घटना से क्षत्रिय समाज के लोग आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर सड़क पर आ गए। पुलिस प्रशासन पर लगाए आरोप, थाना प्रभारी के निलंबन की मांग ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि पुलिस ने ही ये बोर्ड उखाड़े हैं। इस बात को लेकर उनमें गहरी नाराजगी थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए ग्रामीण पुलिस के सामने ही नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि सिकंदरा थाना प्रभारी ने ही बोर्ड उखड़वाए हैं और उन्हें तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने लोगों को शांत कराया और सड़क से हटाया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए इलाके में फिलहाल अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। और खबरें भी हैं…

आगरा में ठगों का आतंक: रास्ता पूछने के बहाने महिला का मंगलसूत्र उड़ाया, ठक-ठक गैंग ने कारोबारी से लूटे ₹3 लाख

आगरा। आगरा में ठगों ने अपना जाल फैला रखा है और लगातार दो बड़ी वारदातों ने शहरवासियों को सावधान रहने पर मजबूर कर दिया है। एक घटना में एक नाबालिग लड़के ने रास्ता पूछने के बहाने एक महिला को झांसा देकर उसका मंगलसूत्र ले लिया, वहीं दूसरी घटना में ‘ठक-ठक गैंग’ ने एक कारोबारी की कार का पहिया पंक्चर बताकर ₹3 लाख उड़ा लिए। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है। वारदात 1: नाबालिग ठग ने मंगलसूत्र उड़ाया जगदीशपुरा क्षेत्र के सेक्टर 10, आवास विकास कॉलोनी निवासी रेनू सिंह चौहान (5 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे) बोदला बाजार से सामान लेकर घर जा रही थीं। रास्ते में उन्हें करीब 10 साल का एक बालक मिला, जिसने उनसे मथुरा जाने का रास्ता पूछा। रेनू सिंह चौहान ने उसे सिकंदरा से बस मिलने के बारे में बताया। तभी उस बालक ने कहा कि वह अपने मालिक के यहाँ से काम छोड़कर आया है और उसके पास रुपयों से भरा एक कार्टन है। उसने रेनू सिंह से कहा कि यदि वह ₹10,000 दे देंगी, तो वह कार्टन उन्हें दे देगा। जब रेनू सिंह ने मना कर दिया, तो एक युवक भी वहाँ आ गया। उस युवक ने कहा, “अपना मंगलसूत्र दे दो, यह पार्सल रख लो। वह बाद में मंगलसूत्र देकर पार्सल ले जाएंगे।” रेनू सिंह ने उनके झांसे में आकर अपना मंगलसूत्र उन्हें दे दिया। दोनों ठग मौके से फरार हो गए। जब रेनू सिंह ने कार्टन खोलकर देखा, तो उसमें केवल कागज भरे हुए थे और रुमाल में पत्थर रखकर उन्हें धोखा दिया गया था। वारदात 2: ‘ठक-ठक गैंग’ ने लूटे ₹3 लाख ई-ब्लॉक, कमला नगर निवासी राजीव गोयल का खराद का कारखाना है। 8 अगस्त की शाम 7:30 बजे वह अपनी कार से घर जा रहे थे। बल्केश्वर में एक अनजान युवक उनकी कार के पास आया और शीशे को खटखटाने लगा। जब राजीव गोयल ने कार का शीशा नीचे किया, तो युवक ने बताया कि उनकी कार का पहिया पंक्चर है। राजीव गोयल ने अपनी कार को साइड में रोका और टायर देखने लगे। इसी मौके का फायदा उठाकर युवक आगे की सीट पर रखा उनका बैग ले गया। इस बैग में पेन ड्राइव के साथ तीन लाख रुपये नकद और एक चेक रखा हुआ था। पुलिस की कार्रवाई और जनता के लिए चेतावनी डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। डीसीपी ने यह भी बताया कि इस तरह के गिरोह पहले भी वारदात करते रहे हैं और पुलिस ने उन्हें जेल भी भेजा था। पुलिस ने जनता को सचेत रहने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि अंजान लोगों के रास्ते में वाहन रुकवाने पर सतर्क रहें। यदि कोई व्यक्ति रास्ते में रुपये, जेवर या अन्य सामान बेचने की बात करता है, तो समझ जाएं कि वह ठग हो सकता है। किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने पर तत्काल पुलिस से शिकायत करने की अपील की गई है। और खबरें भी हैं…

आगरा में वैश्य समाज एकजुट: बबली गर्ग को न्याय दिलाने के लिए लामबंद, पुलिस कमिश्नर से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

आगरा। आगरा में वैश्य समाज ने कालिंदी विहार निवासी बबली गर्ग को न्याय दिलाने के लिए कमर कस ली है। सोमवार, 11 अगस्त 2025 को लोहा मंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में अग्रवाल युवा संगठन रजि. आगरा के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल के नेतृत्व में सर्व वैश्य समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बबली गर्ग को यह आश्वासन देना था कि समाज तन, मन, धन से उनके साथ खड़ा है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वैश्य समाज चुप नहीं बैठेगा। क्या है बबली गर्ग का मामला? बबली गर्ग पत्नी देवीचरण, कालिंदी विहार में मकान नंबर 41, कान्हा कृष्ण रेजिडेंसी, आर बी डिग्री कॉलेज के पीछे किराए पर रहती हैं। वह पहले चौका-बर्तन का काम करती थीं और अब खाने के टिफिन बनाकर सप्लाई करती हैं। उनके पति ड्राइवर हैं, जिन्हें दो बार हार्ट अटैक आ चुका है। उनके चार बच्चे भी हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति नाजुक है। बबली गर्ग ने कालिंदी विहार में 50 गज का एक मकान विक्रेता प्रेमलता पत्नी शिशुपाल सिंह से खरीदा था। रजिस्ट्री के समय ₹7,70,000 का चेक बबली गर्ग ने प्रेमलता को दिया था। रजिस्ट्री होने के बाद, प्रेमलता ने कहा कि पैसे तुरंत बैंक में जमा करने होंगे, नहीं तो बैंक मकान को नीलाम कर देगा। उसने बबली गर्ग से ₹7,70,000 नकद देने और चेक वापस लेने को कहा। बबली गर्ग ने चेक वापस ले लिया और ₹7,70,000 नकद प्रेमलता को दे दिए, जो बैंक में जमा भी हो गए। इसकी लिखा-पढ़ी ₹10 के नोटरी के स्टांप पर की गई थी। अब बबली गर्ग के पास सभी ओरिजिनल रजिस्ट्री की कॉपियां और ₹7,70,000 का वापसी का चेक भी है। बबली गर्ग के पास मकान का कब्जा भी था, जिसमें उन्होंने अपना सामान रखा हुआ था। लेकिन, 16 मार्च 2025 को जब बबली गर्ग अपनी रिश्तेदारी से लौटीं, तो देखा कि प्रेमलता और उसके कुछ लोगों ने ताला तोड़कर मकान पर कब्जा कर लिया है और उनके सारे सामान की चोरी भी कर ली है। बबली गर्ग का कहना है कि यह सीधा-सीधा कब्जा और डकैती का मामला है। पुलिस और स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप बबली गर्ग ने बताया कि महीनों चक्कर लगाने के बाद पुलिस ने दो महीने की जांच के बाद कहीं जाकर एफआईआर दर्ज की। जब पुलिस मकान पर पहुंची, तो प्रेमलता के परिवार के लोगों ने जमकर नौटंकी की और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक को बीच में लाकर थाने पर भारी लाव-लश्कर के साथ हंगामा किया, जिसके परिणामस्वरूप चार-पांच पुलिस वालों को निलंबित करवा दिया गया। बबली गर्ग विधायक के घर भी गईं, लेकिन विधायक ने उनकी बात नहीं सुनी, बल्कि उन्हें “फ्रॉड” तक कह दिया। आरोप है कि विधायक की शह पर प्रेमलता ने पुलिस और बबली गर्ग के खिलाफ मुकदमा दायर करने के लिए एक आवेदन भी दिया हुआ है। वैश्य समाज की चेतावनी: उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो चुनाव में दिखेगी ताकत अग्रवाल युवा संगठन के संस्थापक विनोद अग्रवाल ने कहा कि लगातार हो रहे उत्पीड़न से वैश्य समाज बहुत दुखी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समाज पर उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो आने वाले चुनाव में समाज अपनी ताकत दिखाएगा। उन्होंने विशेष रूप से एत्मादपुर विधानसभा का जिक्र किया, जहाँ वैश्य समाज के 50,000 वोट हैं। विनोद अग्रवाल ने कहा कि अब यह वोट ‘फ्लोटिंग’ बनेगा और विधायक को हरवाएगा। मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अग्रवाल वैश्य समाज का उत्पीड़न और शोषण लगातार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया अग्रवाल वैश्य समाज की जमीनों पर कब्जा करने में लगे हैं। उन्होंने सेवला, सैंया रोड, सेव का बाजार, बोदला, फतेहपुर सिकरी और अब कालिंदी विहार के मामलों का उल्लेख किया। विनय अग्रवाल ने कहा कि जब तक समाज सड़कों पर उतरकर इनका विरोध नहीं करेगा, तब तक जमीनों पर कब्जे होते रहेंगे। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है। समाज को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी और अपने ऊपर उत्पीड़न के खिलाफ समाज सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा। आंदोलन हिंसात्मक होगा, क्योंकि हम गांधी के वंशज हैं जिन्होंने देश को आजाद कराया था।” अग्रवाल युवा संगठन के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने दृढ़ता से कहा कि जब तक बबली गर्ग को न्याय नहीं मिल जाता, वह इस न्याय की लड़ाई में तन, मन, धन से उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ बबली गर्ग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की हो गई है, और समाज तब तक चैन की नींद नहीं सोएगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता। पुलिस कमिश्नर से मुलाकात और आगे की रणनीति समस्त वैश्य समाज 13 अगस्त 2025, दिन बुधवार को सुबह 10:30 बजे अग्रसेन भवन लोहा मंडी, कोठी मीना बाजार के सामने आगरा पर एकत्रित होकर पुलिस कमिश्नर से मिलने जाएगा। इस दौरान वे बबली गर्ग को न्याय दिलाने, उनके मकान को कब्जा मुक्त कराने, निलंबित निर्दोष पुलिसकर्मियों का निलंबन वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। मीडिया प्रभारी सोनू अग्रवाल ने जोर दिया कि मकान पर कब्जा करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि यह नैतिक रूप से भी गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती है, और “यदि आज हम चुप बैठे तो कल किसी और के साथ भी यह हो सकता है।” बैठक में पीड़ित बबली गर्ग, संस्थापक विनोद अग्रवाल, मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल, अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, विकास मोहन बंसल, गणेश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, निशा अग्रवाल, छावनी संगठन महामंत्री रुपेश अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, हिमांशु अग्रवाल, सुखिल अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, अमन अग्रवाल, अरुप गोयल, आशीष अग्रवाल, प्रकाश गोयल, नितिन गर्ग, प्रवीण अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, भारत मित्तल, रजत अग्रवाल, सौरभ गर्ग, रामअवतार अग्रवाल, नितिन गर्ग, जितेंद्र अग्रवाल, रवि गोयल, मुदित अग्रवाल, शिवम गर्ग, मयंक गर्ग, राजीव कैमरा, रवी गोयल, रामकुमार अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, भारत मित्तल, जितेंद्र अग्रवाल, सौरभ गर्ग, शरद अग्रवाल, अनुज गोयल, सौरभ जैन सहित बड़ी संख्या में वैश्य समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

आगरा पुलिस का ‘कर्तव्य पथ’ कार्यक्रम: सूरसदन में नुक्कड़ नाटक, साइबर सुरक्षा और हर घर तिरंगा का संदेश

आगरा। आगरा पुलिस ने सोमवार को सूरसदन में ‘कर्तव्य पथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच संवाद स्थापित करना और पुलिस के सकारात्मक कार्यों को प्रदर्शित करना था। सूरसदन पुलिसकर्मियों और आम लोगों से खचाखच भरा हुआ था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार मौजूद रहे। नुक्कड़ नाटक और साइबर सुरक्षा की जानकारी ‘कर्तव्य पथ’ कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पुलिस से संबंधित विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान को दर्शाया गया। इन नाटकों के जरिए यह भी दिखाया गया कि कैसे पुलिस आम लोगों के लिए काम करती है और समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी क्या भूमिका है। इसके साथ ही, कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई और लोगों को इन अपराधों से सुरक्षित रहने के तरीके बताए गए, ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य खतरों से बच सकें। स्वतंत्रता सप्ताह और ‘हर घर तिरंगा’ का संदेश पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस सप्ताह के अवसर पर आयोजित किया गया है। पुलिस विभाग 70वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ मनाएगा, और इसी क्रम में ‘कर्तव्य पथ’ नाम से यह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यक्रम का एक उद्देश्य नए पुलिस सिपाहियों को पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराना और प्रधानमंत्री के ‘हर घर तिरंगा’ लहराने के आदेश को पूरा करने के लिए लोगों को जागरूक करना भी था। कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने तिरंगा भी लहराया, जो स्वतंत्रता दिवस समारोह के उत्साह और देशभक्ति की भावना को दर्शाता है।

आगरा के एत्मादपुर में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से युवक की मौत, गाय बचाने गया था

आगरा। आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र के खंदौली स्थित नगला गोदा गांव में सोमवार सुबह एक दुखद घटना घटी। नगला लोधा निवासी 35 वर्षीय प्रभाकर (पुत्र रामचरन) अपने पालतू गाय को तालाब से निकालने गए थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया। वह गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दो घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव सुबह करीब 10 बजे हुई इस घटना को देखकर गांव के लोगों ने प्रभाकर को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह पानी में ओझल हो गए। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, प्रभाकर का शव तालाब से बाहर निकाला जा सका। गांव में पसरा मातम, परिजन बेहाल घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रभाकर की असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के लोग, खासकर उनकी पत्नी और पाँच वर्षीय बेटा, रो-रोकर बेहाल हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, और आश्रित को सरकारी मदद मिले, ताकि उनके मासूम बच्चे का भविष्य सुरक्षित रह सके। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों और ऐसी आकस्मिक घटनाओं से निपटने के लिए तैयारियों की आवश्यकता पर जोर देती है।

आगरा में दर्दनाक हादसा: सड़क पर आई गाय से टकराई बाइक, 15 साल के किशोर की मौत, साथी घायल

आगरा। आगरा के थाना बाह क्षेत्र के डेरक गांव के पास रविवार रात को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अचानक सड़क पर आई एक गाय से बाइक टकरा गई, जिससे बाइक सवार उछलकर दूर जा गिरे। इस भीषण हादसे में 15 वर्षीय किशोर उजेफ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी लाल खां गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। दावत से लौटते समय हुआ हादसा अभयपुरा थाना खेड़ा राठौर निवासी लाल खां (25) और सुनरट्टी थाना बाह निवासी उजेफ (15) रविवार रात को अभयपुरा से एक दावत में शामिल होकर अपनी बाइक से बाह लौट रहे थे। जैसे ही वे डेरक गांव के पास पहुँचे, अचानक एक गाय सड़क पर आ गई। गाय से बचने का प्रयास करने के बावजूद, उनकी बाइक सीधे गाय से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक बाइक समेत सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए। उजेफ की मौत, साथी गंभीर रूप से घायल हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुँचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल घायलों को सीएचसी बाह पहुँचाया। वहाँ चिकित्सकों ने उजेफ को मृत घोषित कर दिया, जिससे घटनास्थल पर मौजूद लोगों और परिजनों में कोहराम मच गया। लाल खां की हालत गंभीर होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घटना की जानकारी युवकों के परिजनों को दे दी है, जिसके बाद उजेफ के गाँव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने आवारा पशुओं पर नियंत्रण की मांग की स्थानीय लोगों का कहना है कि डेरक क्षेत्र में रात के समय आवारा पशु अक्सर सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिसके कारण आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके। यह घटना सड़क सुरक्षा और आवारा पशुओं की समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर देती है।

आगरा में ‘पुलिस-प्रॉपर्टी डीलर गठजोड़’ पर गंभीर आरोप: महिला ने कहा- पति को झूठे केस में फंसाया, अब बेटे को जेल भेजने की धमकी दे रही पुलिस!

किरावली, आगरा। आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र में एक महिला ने प्रॉपर्टी डीलर और स्थानीय पुलिस पर मिलीभगत कर उसकी पैतृक जमीन हड़पने का संगीन आरोप लगाया है। कुकथला निवासी राजकुमारी शर्मा ने दावा किया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन (गाटा संख्या 292) पर प्रॉपर्टी डीलर ने अवैध कब्जा करने की कोशिश की, और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके पति को झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा दिया गया। अब महिला का आरोप है कि पुलिस उसके बेटे को भी फंसाने की धमकी देकर समझौता करने का दबाव बना रही है। क्या है पूरा मामला? राजकुमारी शर्मा के अनुसार, उनकी पैतृक जमीन गाटा संख्या 292 में उनके सहित पांच परिजनों का हिस्सा है। प्रॉपर्टी डीलर मुकेश अग्रवाल पहले ही इस जमीन के तीन हिस्सेदारों से जमीन खरीद चुके हैं। अब वह राजकुमारी और शेष दो अन्य हिस्सेदारों की जमीन पर भी कब्जा करना चाहते हैं। जब राजकुमारी ने अपनी जमीन बेचने से इनकार कर दिया, तो आरोप है कि मुकेश अग्रवाल ने स्थानीय पुलिस से कथित तौर पर मिलकर उनके पति रवि शर्मा को झूठे आरोपों में जेल भिजवा दिया। जमीन पर कब्जा, मारपीट और धमकी के आरोप राजकुमारी ने बताया कि 3 अगस्त 2025 को शाम 8 बजे मुकेश अग्रवाल अपने साथियों वासुदेव और रमेश चौकीदार के साथ 8-10 अन्य लोगों को लेकर उनकी जमीन पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने जमीन पर लगी मेड़ों को उखाड़ दिया और जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट भी की गई। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें और उनके बेटे को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी। पुलिस पर भी मिलीभगत और धमकी का आरोप राजकुमारी शर्मा ने इस घटना की शिकायत थाना अछनेरा में दर्ज कराई। लेकिन, उनका आरोप है कि थाना प्रभारी ने मामले को गंभीर धाराओं में दर्ज करने के बजाय, एनसीआर (गैर-संज्ञेय रिपोर्ट) में दर्ज कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया। इससे भी गंभीर आरोप यह है कि 6 अगस्त को एसआई मनदीप ने महिला को थाने बुलाकर उसके बेटे को जेल भिजवाने की धमकी देकर राजीनामा (समझौता) करने का दबाव बनाया। पीड़िता राजकुमारी शर्मा ने अब उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और प्रॉपर्टी डीलर व कथित तौर पर मिलीभगत करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह मामला भूमि विवादों में पुलिस की कथित भूमिका और आम नागरिकों को न्याय दिलाने में आने वाली चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ओवरकॉन्फिडेंस ले डूबा कैंटर ड्राइवर को! लोगों ने रोका, पर नहीं माना… आगरा-राजस्थान बॉर्डर पर पार्वती नदी में बहे 4 लोग, रेस्क्यू जारी

आगरा। कभी-कभी आत्मविश्वास भी अति हो जाता है, और यही अति आत्मविश्वास आगरा-राजस्थान बॉर्डर पर एक कैंटर चालक की जान पर भारी पड़ गया। लोगों ने उसे पार्वती नदी के उफनते बहाव में कैंटर ले जाने से रोका, लेकिन वह नहीं माना और आखिरकार कैंटर सहित 4 लोग नदी में बह गए। यह दिल दहला देने वाली घटना आज लादूखेड़ा से रनौली रपट गांव लिंकरोड पर स्थित पार्वती नदी के पुल पर हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आंखों के सामने समाया कैंटर, 4 लोग डूबे मानसून के कारण पार्वती नदी इस समय उफान पर है और पुल के ऊपर से पानी तेजी से बह रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थानीय लोगों ने कैंटर चालक को कई बार रोकने की कोशिश की, उसे चेतावनी भी दी, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी और कैंटर को पानी से भरे पुल पर चढ़ा दिया। थोड़ी ही देर में तेज बहाव में कैंटर संतुलन खो बैठा और नदी में समा गया। इस दौरान कैंटर में चार लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीछे बैठे एक युवक ने किसी तरह नदी से बाहर निकलने की कोशिश की। उसे निकालने के लिए स्थानीय लोग और बचाव दल तुरंत मौके पर जुटे। खबर लिखे जाने तक, एक युवक को रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि दो अन्य लोग अभी भी लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और SDRF तथा पुलिस मौके पर मौजूद है। नदी के तेज बहाव और पानी की गहराई के कारण राहत कार्य में काफी परेशानी हो रही है। ताजगंज के निवासी थे सभी सवार, कबाड़ लेने जा रहे थे मनिया हादसे में शामिल सभी लोग आगरा के ताजगंज क्षेत्र के गोबर चौकी इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। वे कबाड़ का कारोबार करते हैं और मनिया में कबाड़ लेने जा रहे थे। कैंटर का चालक बमरौली कटरा का निवासी है। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप: कोई चेतावनी बोर्ड नहीं, बैरिकेडिंग भी नहीं स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुल पर पानी बहने के बावजूद वहाँ कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई थी। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इस पुल पर कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई स्थायी इंतजाम नहीं किए हैं, जिसकी वजह से आज यह बड़ा हादसा हुआ है।

आगरा-कानपुर हाईवे पर चलती कार बनी आग का गोला: कुबेरपुर के पास दो दोस्त समय रहते कूदे, बाल-बाल बचे!

आगरा। आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एत्मादपुर थाना क्षेत्र के कुबेरपुर के पास एक चलती कार अचानक आग की लपटों में घिर गई। गनीमत रही कि कार में सवार दो दोस्तों ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई। जलने की बदबू आते ही कूदे, कुछ ही मिनटों में पूरी कार खाक एटा निवासी अमन अपने एक दोस्त के साथ किसी निजी काम से आगरा जा रहा था। जब उनकी कार कुबेरपुर हाईवे के निकट पहुंची, तो कार से अचानक जलने की तेज बदबू आने लगी। अमन को कुछ गड़बड़ होने का एहसास हुआ और उसने तुरंत कार को साइड में रोक दिया। दोनों युवक बिना देर किए कार से बाहर कूद गए। उनके बाहर निकलते ही कार में भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग की चपेट में आ गई और कुछ ही मिनटों में धू-धू कर जलकर खाक हो गई। हाईवे पर अचानक मची अफरा-तफरी को देखकर राहगीरों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि युवक कुछ देर और कार में रहते, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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