
आगरा। आगरा में अपर नगर मजिस्ट्रेट (एसीएम) तृतीय राजेश कुमार जायसवाल की शुक्रवार को एक सड़क हादसे में हुई मौत अब सवालों के घेरे में है। राष्ट्रीय छात्र परिषद ने उनकी मौत को संदिग्ध बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परिषद का आरोप है कि जायसवाल फर्जी आईटीआई कॉलेजों के खिलाफ जांच कर रहे थे और उन पर शिक्षा माफिया का भारी दबाव था।
फर्जी कॉलेजों का कर रहे थे भौतिक सत्यापन
राष्ट्रीय छात्र परिषद के अध्यक्ष रौनक ठाकुर ने बताया कि परिषद ने हाल ही में फर्जी आईटीआई कॉलेजों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था। इस मामले की जांच के लिए परिषद ने एसीएम राजेश जायसवाल को एक ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद जायसवाल ने परिषद के सदस्यों के साथ मिलकर कई आईटीआई कॉलेजों का भौतिक सत्यापन किया था, जिसमें कई फर्जी कॉलेज मिले थे।
मौत पर उठाए सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग
एसीएम राजेश जायसवाल की सड़क हादसे में मौत के बाद रौनक ठाकुर ने जिलाधिकारी को एक पत्र लिखा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि जायसवाल पर लंबे समय से इस जांच को प्रभावित करने के लिए दबाव डाला जा रहा था। ऐसे में सड़क दुर्घटना में उनका अचानक निधन होना संदेह पैदा करता है। संगठन ने डीएम से इस मामले की गंभीरता से जांच कराने और उच्च स्तरीय जांच एजेंसी को सौंपने की मांग की है।