जनकपुरी महोत्सव में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, खाली कुर्सियों के बीच बाहर भटकते रहे हजारों श्रद्धालु
आगरा। आगरा के कमला नगर में चल रहा जनकपुरी महोत्सव अपने दूसरे दिन ही अव्यवस्थाओं और कुप्रबंधन का शिकार हो गया। जहाँ एक तरफ जनक महल के अंदर वीआईपी पास वाली हजारों कुर्सियाँ खाली पड़ी थीं, वहीं दूसरी तरफ प्रभु स्वरूपों के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु बाहर परिसर के गेट पर ही खड़े रह गए। प्रवेश और निकास की बिगड़ी व्यवस्थाओं ने हालात को और भी विकट बना दिया।

प्रवेश और निकास को लेकर श्रद्धालुओं में मारामारी
दूसरे दिन भी अव्यवस्थाओं का आलम यह था कि जिस गेट से प्रवेश की अनुमति थी, वहीं से लोगों को बाहर निकलने दिया जा रहा था। वहीं पिछले दिन जहाँ से एंट्री मिल रही थी, वहाँ बैरिकेडिंग लगा दी गई, जिससे श्रद्धालुओं को प्रवेश के लिए भटकना पड़ा और उनमें खासा रोष देखने को मिला।
विभिन्न पत्रकारों की टीम को भी अव्यवस्थाओं का शिकार होना पड़ा। पास होने के बावजूद, उन्हें महल के अंदर से बाहर निकलने के लिए करीब आधे घंटे तक अलग-अलग दिशाओं में भटकाया गया। इस दौरान कुछ स्वयंसेवकों ने टीम के साथ अभद्रता भी की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। सभी गेटों पर भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

VIP आरती और जनसैलाब का विरोधाभास
एक तरफ परिसर के बाहर भक्तों की भीड़ बेकाबू थी, वहीं दूसरी तरफ भव्य मंच पर पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल सहित कई जनप्रतिनिधियों ने प्रभु राम, माता जानकी और उनके भ्राताओं की आरती उतारी। इस दौरान सभी ने अपने फोन की फ्लैश लाइट जलाकर आरती में हिस्सा लिया।
मंच से पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने “रामराज्य” की परिकल्पना की बात कही, जो बाहरी परिसर में अव्यवस्थाओं से जूझ रहे आम लोगों के लिए विरोधाभासी लग रही थी।

कलाकारों ने समां बांधा, पर व्यवस्थाएं रहीं विफल
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। मुंबई के गायक आकाश दुबे ने “श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में” जैसे भजन गाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया, वहीं गायिका रोहिणी गर्ग ने भी अपनी प्रस्तुतियों से भक्ति का माहौल बना दिया। प्रभु राम के भव्य नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा हुई और लोग उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे। हालांकि, ये सभी प्रयास कुप्रबंधन और अव्यवस्थाओं के आगे फीके पड़ गए, जिससे आम श्रद्धालुओं में निराशा साफ दिखाई दी।

