बटेश्वर में यमुना नदी में डूबा युवक, देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

आगरा। आगरा के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बटेश्वर में यमुना नदी में स्नान करते समय एक युवक डूब गया। देर रात तक गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने उसकी तलाश की, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। जानकारी के अनुसार, इरादतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम करोधना कला निवासी मानवेंद्र (35) पुत्र अशोक रघुवंशी अपने साथी अजय पुत्र मुरारी लाल के साथ बटेश्वर मंदिर में दर्शन करने आए थे। दर्शन के बाद, वह शाम करीब 7 बजे यमुना नदी में स्नान करने उतरे, लेकिन नदी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण डूब गए। घटना होते ही वहाँ मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद पुलिस और गोताखोरों को सूचना दी गई। पुलिस ने तुरंत गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की, जो देर रात तक जारी रही। फिलहाल, रेस्क्यू टीम की मदद से भी खोजबीन की जा रही है। मानवेंद्र विवाहित हैं और उनके दो बेटे और एक बेटी है। उनका परिवार खेतीबाड़ी और मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता है। घटना की खबर मिलते ही परिजन भी बटेश्वर पहुंच गए हैं। इस दुखद घटना के बाद, ग्रामीणों ने प्रशासन से बटेश्वर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

आगरा: बटेश्वर में यमुना नदी में डूबा युवक, तलाश जारी

आगरा। बटेश्वर में यमुना नदी में डूबने से लापता हुए एक युवक की तलाश जारी है। यह युवक अपने दोस्त के साथ बटेश्वर आया था और नदी में पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। जानकारी के अनुसार, शमसाबाद के करौधन गाँव के रहने वाले मानवेंद्र सिंह (पुत्र अशोक सिंह) अपने दोस्त के साथ बटेश्वर हाल्ट पर ट्रेन से उतरे थे। वे बटेश्वर स्थित यमुना नदी के घाट पर गए, जहाँ अचानक उनका पैर फिसल गया और वे नदी में गिर गए। यमुना में तेज बहाव होने के कारण उनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस ने तुरंत गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश अभियान शुरू कर दिया है। लापता युवक मानवेंद्र सिंह शादीशुदा हैं और उनके तीन बच्चे हैं। इस घटना से उनके परिवार में मातम छा गया है।

आगरा में पिता ने दो बच्चों को यमुना में फेंकने का किया प्रयास, राहगीरों ने रोका

आगरा। आगरा के अंबेडकर पुल पर शनिवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक पिता अपने दो मासूम बच्चों को यमुना नदी में फेंकने के लिए पहुँचा। यह घटना करीब रात 9 बजे की बताई जा रही है, जब कुछ राहगीरों ने इस व्यक्ति को रोका और मौके पर भीड़ जमा हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, व्यक्ति अपने बच्चों को पुल से नीचे फेंकने की कोशिश कर रहा था। उसके साथ एक बुजुर्ग महिला भी मौजूद थी, जो चुपचाप खड़ी थी। राहगीरों ने तुरंत बीच-बचाव किया और बच्चों को ऐसा करने से रोका। जैसे ही लोगों की भीड़ जमा हुई, सभी ने उस व्यक्ति से सवाल करना शुरू कर दिया कि वह ऐसा जघन्य अपराध क्यों कर रहा है। लोग उसे ‘पाप’ लगने और ‘अगर बच्चे पाल नहीं सकते तो पैदा क्यों किया’ जैसे ताने देने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, व्यक्ति लोगों के सवालों पर सफाई देते हुए कहता है कि बच्चों ने घर से पैसे चुराए थे और वह उन्हें सिर्फ डराने के लिए पुल पर लाया था। हालाँकि, जब भीड़ और भी बढ़ने लगी, तो वह व्यक्ति अपने बच्चों और बुजुर्ग महिला को बाइक पर बैठाकर तुरंत मौके से फरार हो गया। इस घटना की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति जीवनी मंडी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है और मामले की जाँच की जा रही है।

आगरा के जयराम निषाद को मिलेगा वीरता सम्मान? गृह सचिव से मिले जाटव समाज के अध्यक्ष

आगरा। आगरा के ग्राम मेहरा नाहरगंज (कबीस) निवासी जयराम निषाद को उनकी बहादुरी के लिए वीरता सम्मान मिलने की संभावना बढ़ गई है। भारतीय जाटव समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भाजपा नेता उपेंद्र सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष नेत्रपाल सिंह के साथ लखनऊ में गृह सचिव से मुलाकात कर जयराम के लिए वीरता सम्मान की मांग की। जयराम ने हाल ही में यमुना नदी की तेज धारा में कूदकर दो युवकों की जान बचाई थी। उनकी इस अदम्य साहस और मानवीय संवेदना को देखते हुए ही भारतीय जाटव समाज ने उन्हें सम्मानित करने का बीड़ा उठाया। उपेंद्र सिंह ने गृह सचिव से मुलाकात के दौरान कहा कि जयराम निषाद जैसे युवाओं की बहादुरी समाज के लिए प्रेरणा है और ऐसे नायकों को सम्मानित करना सरकार व प्रशासन का दायित्व है। गृह सचिव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत आगरा के जिलाधिकारी श्री अरविंद मल्लप्पा बंगारी से फोन पर बात की और उन्हें जयराम निषाद को वीरता सम्मान दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

आगरा के जवाहर पुल से युवक ने यमुना में लगाई छलांग, गोताखोर तलाश में जुटे

आगरा। आगरा के जवाहर पुल पर गुरुवार को एक युवक ने अपनी बाइक खड़ी कर यमुना नदी में छलांग लगा दी। पानी के तेज बहाव में बहता हुआ वह कुछ ही देर में आंखों से ओझल हो गया। पुलिस और गोताखोर उसकी तलाश में जुटे हैं। यह घटना सुबह करीब 11 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक अपनी टीवीएस स्पोर्ट बाइक से पुल पर आया। उसने हेलमेट और बैग बाइक पर रखे और अचानक यमुना में छलांग लगा दी। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वह पानी में छटपटाता हुआ तेज बहाव में बह गया और कुछ ही देर में डूब गया। लोगों ने बताया कि छलांग लगाने से पहले वह अपने मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। कूदने से पहले उसने अपना मोबाइल बाइक पर रख दिया। बाद में जब मोबाइल लगातार बज रहा था, तो मौके पर मौजूद लोगों ने फोन पर बात करके उसके परिजनों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। युवक की पहचान पुरा गोवर्धन गाँव के रहने वाले जय के रूप में हुई है। वह अपने घर से ऑफिस के लिए निकला था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने यह कदम क्यों उठाया। युवक की तलाश में गोताखोरों को लगाया गया है। View this post on Instagram A post shared by shyam rawat (@shyam_rawat_8810)

आगरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पुल से युवक ने लगाई छलांग, तलाश जारी

आगरा। आगरा में बुधवार रात करीब 10:30 बजे यमुना एक्सप्रेस-वे के पुल से एक युवक के यमुना नदी में कूदने की खबर से हड़कंप मच गया। युवक की पहचान ताजगंज के महलबाग, खिन्नी निवासी मनोज के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम बच्चू प्रजापति है। पुलिस के मुताबिक, मनोज ऑटो चलाता था। बुधवार रात को वह घर से निकला और इनर रिंग रोड पर यमुना नदी के पुल पर पहुँचा। इसी पुल पर उसका मोबाइल फोन, पर्स, घड़ी और ऑटो मिला है। घरवालों ने बताया कि घर से निकलने से पहले मनोज ने उनसे कहा था कि वह अब लौटकर नहीं आएगा और उसे ढूँढने की जरूरत नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि उसने पुल से यमुना नदी में छलांग लगा दी है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके से मनोज का सामान जब्त कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। अगर किसी को भी मनोज के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो कृपया इन नंबरों पर संपर्क करें: 7668875874, 7060209764, 8126862433.

आगरा में यमुना किनारे दो बड़े हादसे: एक डूबा, मंदिर की दीवार गिरी

आगरा। आगरा में उफनती यमुना नदी ने सोमवार को दो बड़े हादसों को जन्म दिया। पहला हादसा फतेहाबाद क्षेत्र में हुआ, जहाँ यमुना में नहाने गए तीन युवक डूब गए, जिसमें से एक की मौत हो गई। दूसरा हादसा बल्केश्वर में श्री महालक्ष्मी मंदिर पर हुआ, जहाँ उफनती यमुना को देखने के दौरान मंदिर की एक दीवार गिरने से कई लोग नदी में जा गिरे। फतेहाबाद में हादसा: एक युवक की मौत डौकी क्षेत्र में दोपहर को यमुना के तेज बहाव में नहा रहे तीन युवक अचानक डूबने लगे। ये युवक थे: आसपास के लोगों और गोताखोरों की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया। चूँकि घटना स्थल पर पानी भरा था, इसलिए एम्बुलेंस वहाँ तक नहीं पहुँच पाई। चौकी इंचार्ज नीरज बाबू ने ग्रामीणों की मदद से युवकों को कंधे पर उठाकर एम्बुलेंस तक पहुँचाया। इस हादसे में रविंद्र की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य का इलाज चल रहा है। मौके पर विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल बल्केश्वर में महालक्ष्मी मंदिर की दीवार गिरी शाम करीब 7 बजे, बल्केश्वर के श्री महालक्ष्मी मंदिर में यमुना किनारे बनी एक ग्रिलनुमा दीवार अचानक गिर गई। इस दीवार के सहारे खड़े होकर उफनती यमुना को देख रहे कई लोग नदी में जा गिरे। हालाँकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कितने लोग पानी में गिरे हैं, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 25 से 50 लोग वहाँ मौजूद थे। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुँच गई। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल भी घटनास्थल पर पहुँचे और राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। गोताखोरों को नदी में उतारकर गिरे हुए लोगों की तलाश की जा रही है। यह हादसा दिखाता है कि यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए लोग किस तरह अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

आगरा में यमुना ने तोड़ा खतरे का निशान, पानी शहर में घुसा; कैलाश गांव खाली

आगरा। आगरा में यमुना नदी का जलस्तर रविवार को खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे शहर और आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। रविवार शाम होते-होते यमुना का पानी अब शहर के मुख्य मार्ग यमुना किनारा रोड (हाथी घाट रोड) तक पहुँच गया, जिससे यहाँ के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में खलबली मच गई है। ताजनगरी में 1978 के बाद पहली बार यमुना का पानी इस स्तर तक पहुंचा है। प्रशासन ने यमुना किनारे बसे कैलाश और अन्य गांवों के लगभग 500 लोगों को राहत शिविरों में भेजना शुरू कर दिया है। कैलाश गांव में पानी घुसने के बाद बिजली काट दी गई है और कई लोग अपने घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। शहर पर बाढ़ का खतरा गांवों में भयावह स्थिति यमुना से सटे मनोहरपुर, कैलाश और दयालबाग के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है। कैलाश गांव में अधिकांश लोग अपना सामान लेकर ऊँचे स्थानों पर पलायन कर चुके हैं। जो लोग रुके हैं, वे छतों पर डेरा डाले हुए हैं, और घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। कुछ स्वयंसेवक इन लोगों तक भोजन पहुंचा रहे हैं। बटेश्वर के ऐतिहासिक मंदिर श्रृंखला तक भी बाढ़ का पानी पहुँच चुका है। प्रशासन की अपील और बचाव कार्य प्रशासन ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे बच्चों और बुजुर्गों को नदी किनारे से दूर रखें। साथ ही, जरूरी कागजात जैसे राशन कार्ड और आधार कार्ड को वाटरप्रूफ बैग में सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सूखे अनाज और मवेशियों के चारे को भी ऊँचे स्थानों पर रखने के लिए कहा है। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को तुरंत बाढ़ शरणालयों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

आगरा में यमुना खतरे के निशान से 3 फीट ऊपर, 40 गांवों में बाढ़ का खतरा; हाई अलर्ट

आगरा। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण आगरा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार शाम को नदी का जलस्तर खतरे के निशान (495 फीट) से लगभग 3 फीट ऊपर यानी 497 फीट तक पहुंच गया। इसके बाद पूरे जिले में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। यमुना का पानी अब किनारे तोड़कर शहर के निचले इलाकों में घुसने लगा है। पोइया और मनोहरपुर में पानी सड़क तक आ गया है। दयालबाग और बल्केश्वर के डूब क्षेत्र में भी पानी भरने लगा है। शहरी और ग्रामीण इलाकों के करीब 500 परिवारों पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है और अब तक 50 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। ताजमहल की बाउंड्री तक पहुंचा पानी, घाट डूबे यमुना के रौद्र रूप के कारण शहर के कई प्रमुख घाट और ऐतिहासिक स्थल जलमग्न हो गए हैं: प्रशासन की अपील और तैयारी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी में जाने और नाव चलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सभी घाटों पर लोगों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने जरूरी सामान और दस्तावेजों को सुरक्षित रखें और बाढ़ शरणालयों में शरण लें। किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम के नंबर 0562-2260550 और 09458095419 जारी किए गए हैं।

आगरा में यमुना खतरे के निशान से ऊपर, ताज की बाउंड्री तक पहुंचा पानी; 8 चितास्थल डूबे

आगरा। आगरा में यमुना नदी एक बार फिर उफान पर है। गोकुल बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से दो फीट ऊपर आ गया है। नदी का पानी ताजमहल की बाउंड्री तक पहुंच गया है, वहीं कैलाश घाट, बल्केश्वर घाट और ताजगंज शमशान घाट के आठ चितास्थल भी डूब गए हैं। गोकुल बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा है पानी गोकुल बैराज से मंगलवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, जबकि सोमवार को भी 99 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके कारण आगरा में यमुना का जलस्तर बढ़कर 497 फीट पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 495 फीट पर है। पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज से भी पानी की मात्रा बढ़ गई है। सुबह नौ बजे 3.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके 5 सितंबर तक आगरा पहुंचने की संभावना है। इससे यमुना का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। खेतों में फंसे 25 किसान, 5 परिवार हुए शिफ्ट यमुना के रौद्र रूप के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। बल्केश्वर स्थित पार्वती घाट और ताजगंज मोक्षधाम के चितास्थल पानी में डूब गए हैं। तनौरा-नूरपुर और मेहरा नाहरगंज के लगभग 25 किसान तीन घंटे तक अपने खेतों में फंसे रहे, जिन्हें बाद में स्टीमर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। सदर तहसील के डौकी क्षेत्र में यमुना किनारे रहने वाले पांच परिवारों को अपने घरों तक पानी पहुंचने के कारण सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होना पड़ा है। वे फिलहाल अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। इन गांवों पर बाढ़ का खतरा प्रशासन ने यमुना के किनारे स्थित कई गांवों को बाढ़ के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है। तहसील सदर में तनौरा, नूरपुर, कैलाश, नगला बूढ़ी सहित कई गांव प्रभावित हो सकते हैं, जबकि तहसील फतेहाबाद में भरापुर, बमरौली, भडायना जैसे गांव खतरे में हैं। प्रशासन की अपील और तैयारी एडीएम (एफआर) शुभांगी शुक्ला ने नागरिकों से अपील की है कि वे जरूरी कागजात को वॉटरप्रूफ बैग में रखें, सूखे अनाज और मवेशियों के चारे को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से बाढ़ के शरणांलयों में जाने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका मोबाइल नंबर 0562-2260550 और 09458095419 है। इसके अलावा, तनौरा-नूरपुर में बाढ़ चौकी भी स्थापित की गई है।

आगरा में यमुना खतरे के निशान के करीब, निचले इलाकों में घुसा पानी; 35 गांवों पर मंडराया संकट

आगरा। आगरा में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और अब यह खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है। मथुरा के गोकुल बैराज से दो दिनों में 39600 लाख लीटर पानी छोड़े जाने के बाद आगरा में यमुना का जलस्तर 493.5 फीट तक पहुँच गया है, जो कि खतरे के निशान (495 फीट) से सिर्फ 1.5 फीट नीचे है। यमुना के उफान पर होने से प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है, और नदी के निचले इलाकों में पानी घुसना शुरू हो गया है। फतेहाबाद और बाह क्षेत्र के खेतों तक पहुंचा पानी यमुना नदी में लगातार पानी छोड़े जाने के कारण वह अपने पूरे उफान पर है। शनिवार और रविवार को गोकुल बैराज से लगभग 1.5 लाख क्यूसेक (लगभग 424.75 करोड़ लीटर) पानी छोड़ा गया है। इसके चलते आगरा के फतेहाबाद और बाह क्षेत्र में नदी किनारे के खेतों तक पानी पहुँचने लगा है, जिससे बाजरे और तिल की फसलों पर संकट मंडरा रहा है। बटेश्वर के घाट पर स्थित महिला स्नानागार पूरी तरह डूब गया है। घाट पर बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए तीर्थ स्थल ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि लोग सीढ़ियों से उतरकर यमुना स्नान न करें। तराई के 35 गांवों में बढ़ी धड़कनें यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बाह क्षेत्र के लगभग 35 गांवों के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। तराई के गाँव जैसे रामपुर चंद्रसेनी, बलाई, सुंसार, बिठौली, विक्रमपुर घाट, चरीथा, गढ़ी बरौली, और बाग गुड़ियाना में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इन्हीं गांवों के नदी से जुड़ने वाले रास्तों पर सबसे पहले पानी भरता है। ग्रामीणों की निगाहें लगातार नदी के जलस्तर पर टिकी हुई हैं। पहले चंबल ने दिखाया था रौद्र रूप यमुना से पहले, चंबल नदी भी अपना रौद्र रूप दिखा चुकी थी। चंबल नदी में आई बाढ़ की वजह से आगरा के बाह और पिनाहट के कई गांवों में पानी घुस गया था, जिससे लगभग 6-7 दिनों तक लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। कई लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। हालांकि, अब चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा ने बताया कि यमुना के जलस्तर पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी तैयारियां पूरी हैं और किसी को भी किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

आगरा : नदी में डूबने से 2 छात्रों की मौत, बाह पर भी यमुना ने ली जान; 24 घंटे में तीन डूबने की घटनाएं

आगरा। आगरा में सोमवार को दो अलग-अलग घटनाओं में नदी में डूबने से दो छात्रों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पहला हादसा जगनेर क्षेत्र में हुआ, जहाँ साइकिल फिसलने से दो छात्र नदी के तेज बहाव में बह गए और उनकी जान चली गई। वहीं, दूसरा हादसा बाह में हुआ, जहाँ यमुना में नहाते समय एक युवक डूब गया। आपको बता दें कि बीते कल (रविवार) भी आगरा के वाटरवर्क्स के पास यमुना नदी में नहाने गए दो युवकों में से एक की डूबने से मौत हो गई थी, जबकि दूसरा बच गया था। इस प्रकार 24 घंटे के भीतर आगरा में डूबने से चार लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें तीन यमुना नदी में डूबे हैं। जगनेर में साइकिल फिसलने से 2 छात्रों की मौत, 3 घंटे बाद मिले शव पहला दर्दनाक हादसा जगनेर-वरिगवां बुजुर्ग मार्ग पर किबाड़ नदी को पार करने वाली रपट पर हुआ। सोमवार सुबह करीब नौ बजे गोविंदा (15 वर्ष) पुत्र राजू और जितिन पुत्र तारा साइकिल से जगनेर के लिए निकले थे। दोनों छात्र जगनेर कस्बे के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे। किबाड़ नदी को पार करते समय रपट पर उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लगभग तीन घंटे के अथक प्रयासों के बाद, गोताखोरों की मदद से दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत बच्चों को सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसीपी इमरान अहमद ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बाह और वाटरवर्क्स पर भी यमुना में डूबे युवक दूसरा हादसा बाह के बटेश्वर में हुआ। रविवार रात दुष्यंत कुमार नामक युवक यमुना नदी में नहा रहा था। नहाते समय दुष्यंत का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। परिजनों ने युवक की तलाश के लिए काफी कोशिश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। स्थानीय प्रशासन द्वारा युवक की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बीते कल (रविवार) को आगरा के वाटरवर्क्स के पास भी यमुना नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई थी। वह अपने एक साथी के साथ नहाने गया था, जिसमें से एक बच निकला था। लगातार हो रही ये घटनाएं नदियों में सावधानी बरतने और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर देती हैं।

आगरा में यमुना ने ली जान: नहाते समय दो दोस्त डूबे, एक की मौत; दूसरा मुश्किल से बचा

आगरा। आगरा के थाना छत्ता क्षेत्र अंतर्गत वाटरवर्क्स के पास यमुना नदी में नहाने गए दो दोस्त डूब गए। इस हादसे में एक युवक तो जैसे-तैसे बचकर बाहर आ गया, लेकिन उसका दूसरा दोस्त यमुना के तेज बहाव में बह गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से डूबे हुए युवक का शव नदी से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तेज जलस्तर बना काल, दोस्त ने मचाया शोर यह घटना रविवार शाम को हुई। नगला पदी के रहने वाले दो युवक वाटरवर्क्स के पीछे यमुना नदी में नहाने गए थे। इन दिनों यमुना का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, और यही उनके लिए घातक साबित हुआ। नहाते समय अचानक दोनों युवक डूबने लगे। उनमें से एक युवक तो किसी तरह खुद को बचाने में कामयाब रहा और बाहर आ गया, लेकिन उसका दोस्त अनिकेत नदी के तेज बहाव में फंसकर बह गया। अपने दोस्त को डूबता देख बाहर निकले युवक ने जोर-जोर से शोर मचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से अनिकेत की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा काफी तलाश के बाद अनिकेत का शव यमुना नदी में मिल गया। एसीपी छत्ता पीयूष कांत ने बताया कि दोनों दोस्त दोपहर में यमुना में नहाने आए थे, और एक के डूबने से उसकी मौत हो गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। यह घटना एक बार फिर यमुना में बढ़े हुए जलस्तर के दौरान नहाने से होने वाले खतरों को उजागर करती है।

आगरा मेट्रो लाएगी ‘जाम’ से राहत! गुरु का ताल पर पिलर, तो कामायनी कट खुलने से हजारों को फायदा

आगरा। आगरा मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन ‘गुरु का ताल कट’ पर पिलर निर्माण से वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी समस्या से निपटने के लिए यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन (UPMRC) ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से कामायनी कट को फिर से खोलने की मांग की है। अगर यह कट खुल जाता है, तो सिकंदरा तिराहा पर लगने वाले जाम से हजारों स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है! हालांकि, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पिलर की खुदाई का काम फिलहाल रोकना पड़ा है। गुरु का ताल पर ‘बदलाव’, अब कामायनी कट पर नज़र नेशनल हाईवे-19 स्थित गुरु का ताल कट के आधे हिस्से में मेट्रो पिलर बनने जा रहा है। इसे देखते हुए इस कट को पूरी तरह बंद करने की तैयारी है, जो इसी सप्ताह शुरू होगा। वाहनों का दबाव कम करने के लिए UPMRC ने NHAI मथुरा खंड से कामायनी कट को खोलने की अनुमति मांगी है। यह कट खुलने से भावना एस्टेट सहित आसपास के हजारों लोगों को फायदा होगा। अभी ये लोग सिकंदरा तिराहा या फिर गुरु का ताल कट से गलत साइड से गुजरते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बता दें कि कामायनी कट अक्टूबर 2020 में बंद किया गया था, जिसके बाद से गुरु का ताल तिराहा पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है और अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो का काम जारी: रात में ट्रैफिक डायवर्ट खंदारी चौराहा से सिकंदरा तिराहा तक तीन किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बन रहा है। ISBT तक ट्रैक बन चुका है। अब ISBT से गुरु का ताल कट होते हुए सिकंदरा तिराहा तक काम चल रहा है। गुरु का ताल कट के आधे हिस्से पर स्टेशन का पिलर बनेगा। UPMRC ने पुराने कट से 80 मीटर की दूरी पर एक नया कट बनाया है, जो डीवीवीएनएल कार्यालय की तरफ है। यह नया कट इसी सप्ताह चालू हो जाएगा और पुराना कट एक साल के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। UPMRC के अधिकारियों ने बताया कि कामायनी कट पर तीन महीने में काम पूरा हो जाएगा। NHAI से इसे खोलने की अनुमति मांगी गई है। यदि अनुमति मिलती है, तो एक पिलर से दूसरे पिलर के बीच डिवाइडर नहीं बनेगा, जिससे यातायात सुगम रहेगा। मेट्रो पिलर बनाने का काम तेजी से चल रहा है, जिसके लिए रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट या बंद करने की अनुमति ली गई है। इस दौरान 16 रिग मशीनों से खुदाई और पिलर पर स्पान व गर्डर चढ़ाने का काम होगा। यमुना का जलस्तर बढ़ा, पिलर का काम रुका यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण UPMRC ने नदी पर पिलर की खुदाई का काम फिलहाल रोक दिया है। जलस्तर सामान्य होने के बाद ही यह कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।

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