Agra में पूर्व मिस्टर यूपी भरत सिंघानिया की आत्महत्या, परिवार गम में डूबा

Agra में पूर्व मिस्टर यूपी भरत सिंघानिया की आत्महत्या ने उनके परिवार और दोस्तों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शुक्रवार को कमलानगर स्थित उनके खुद के जिम में उनका शव फंदे से लटकता हुआ मिला, जिसके बाद हर कोई यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर क्यों एक सफल बॉडीबिल्डर ने इतना बड़ा कदम उठाया। उनके परिवार से बात करने पर उनकी बहन ज्योति और छोटी भाभी रेनू ने दिल को छू लेने वाली बातें साझा कीं। मंगलम आधार अपार्टमेंट, शास्त्रीपुरम स्थित भरत के घर पर दुख का माहौल था। महिलाएं रो रही थीं, और उनकी पत्नी और मां सदमे में थीं। भरत की बहन ज्योति ने बताया कि तीन दिन पहले ही उनके पिता अंगद सिंह की 15वीं बरसी थी, और वह इसी सिलसिले में दिल्ली से अपने मायके आई थीं। शुक्रवार दोपहर को ही वह वापस दिल्ली के लिए निकली थीं, और भाई ने उन्हें स्टेशन के लिए भेजा था। वह अभी दिल्ली पहुंची भी नहीं थीं कि उन्हें भाई की आत्महत्या की खबर मिली। पिता के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाली बहन ज्योति ने बताया कि उनके पिता की 15 साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी, तब भरत की उम्र केवल 18-19 साल थी। पिता के जाने के बाद भरत ने पूरे घर की जिम्मेदारी उठा ली थी। उन्होंने 2017 में अपनी बहन की शादी करवाई, उसी साल खुद शादी की, और अपना घर भी खरीदा। इसी साल फरवरी में उन्होंने अपने छोटे भाई दीपक की शादी भी कराई थी, जिसके लिए उन्होंने घर को रेनोवेट भी करवाया था। भरत अक्सर अपने पिता को याद करते थे और कहते थे कि काश उनके पिता आज होते तो वह अपनी उपलब्धियों को उन्हें दिखा पाते। भरत 2018-19 में मिस्टर यूपी रहे थे। करीब 7 साल पहले उन्होंने कमलानगर मेन मार्केट में बीस्ट फिटनेस नाम से अपना जिम खोला था, जिसकी गिनती Agra के बेहतरीन जिमों में होती थी। भाई से हुई थी आखिरी बात छोटे भाई दीपक की पत्नी रेनू ने बताया कि दीपक जो गुरुग्राम में रहते हैं, उनकी भरत से रोज बात होती थी। शुक्रवार सुबह भी उनकी सामान्य बातचीत हुई थी। शाम 7 बजे जब कुछ लोग जिम आए तो उन्हें भरत का केबिन अंदर से बंद मिला। दरवाजा तोड़ने पर वह फंदे से लटके हुए मिले। पुलिस को सुसाइड की सूचना दी गई। रेनू ने बताया कि भरत बहुत मददगार इंसान थे, जो हमेशा दोस्तों और रिश्तेदारों की मदद के लिए तैयार रहते थे। वह अपने मामा की बेटी की शादी भी कराना चाहते थे। भरत का अगले महीने 22 अक्टूबर को जन्मदिन था। उनकी बहन ने रोते हुए बताया कि जन्मदिन से पहले ही वह चले गए। भरत अपने पिता की 23 सितंबर को हुई मौत की बरसी के बाद से कुछ ज्यादा ही उदास थे, और 26 सितंबर को उन्होंने आत्महत्या कर ली। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है। भरत की पत्नी दीपशिखा से भी पूछताछ की गई, जिन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर 3:52 बजे उनकी भरत से बात हुई थी और वह सामान्य लग रहे थे। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस उनके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही है।

फतेहपुर सीकरी में युवक ने प्राचीन तालाब में कूदकर दी जान

आगरा। आगरा के फतेहपुर सीकरी में गुरुवार को पारिवारिक कलह से परेशान एक युवक ने प्राचीन तालाब में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। लगभग एक घंटे की तलाश के बाद गोताखोरों ने उसका शव तालाब से बाहर निकाला। मृतक की पहचान सीकरी निवासी तेज सिंह (लगभग 30 वर्ष, पुत्र कन्हैयालाल) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज सिंह अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकले और ग्वालियर दरवाजे के पास वाहन खड़ा करके सीधे तालाब में कूद गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना फतेहपुर सीकरी पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों को तेज सिंह का शव मिला। पुलिस ने शव को पंचनामे के बाद परिजनों को सौंप दिया है। प्रारंभिक जाँच में पुलिस को पता चला है कि तेज सिंह पारिवारिक विवाद से परेशान था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।

आगरा में मजदूर ने पेड़ से लटककर दी जान, सुसाइड से पहले वीडियो में पंचायत सचिव पर लगाए गंभीर आरोप

आगरा। आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के खड़वाई गांव में शुक्रवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां दिहाड़ी मजदूर पप्पू का शव घर से 300 मीटर दूर एक पेड़ से लटका मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि आत्महत्या से पहले पप्पू ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया है, जिसमें उसने गांव की पंचायत सचिव पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पप्पू की मौत के बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर हंगामा किया और पुलिस कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। परिजनों का आरोप है कि पंचायत सचिव ने पप्पू को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी, जिसके डर से उसने यह कदम उठाया। जन्म प्रमाण पत्र को लेकर शुरू हुआ था विवाद मृतक की पत्नी और परिजनों ने बताया कि पप्पू ने अपने 4 साल के बेटे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन पंचायत सचिव रश्मि राठौर महीनों से उसका काम नहीं कर रही थीं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई, जिसके बाद सचिव ने पुलिस केस में फंसाने की धमकी दी। परिजनों के अनुसार, पंचायत सचिव की शिकायत पर सिकंदरा थाने के दरोगा लगातार पप्पू को फोन करके परेशान कर रहे थे और जेल भेजने की धमकी दे रहे थे। इन धमकियों से परेशान होकर पप्पू ने यह कदम उठाया। सुसाइड वीडियो में बयां किया दर्द मृतक के मोबाइल से बरामद वीडियो में पप्पू का दर्द साफ झलक रहा है। वीडियो में वह कह रहा है, “मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूं… अब मुझे जान देनी पड़ेगी… मुझे फंसाया गया है… सरकारी आदमी है, केस लग गया तो मेरे बच्चे परेशान हो जाएंगे…” उसने यह भी कहा कि वह डर के कारण दर-दर भटक रहा था। पुलिस ने पप्पू के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और पंचायत सचिव रश्मि राठौर पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी है। गांव वालों का कहना है कि पंचायत सचिव की कार्यशैली को लेकर पहले भी कई शिकायतें उठ चुकी हैं। इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

आगरा: लोहामंडी के राजनगर के पास मिला बीकॉम छात्र का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

आगरा। आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र में राजनगर के पास रेलवे ट्रैक पर बीकॉम के छात्र का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान संदेश (20) के रूप में हुई है। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है और एक युवती के चाचा के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। फोन पर बताया था ‘मारपीट कर रहे हैं’ परिजनों ने पुलिस को बताया कि बुधवार को संदेश अपनी मां के साथ गैलाना सिकंदरा स्थित ननिहाल गया था। बृहस्पतिवार शाम को उसने अपने मामा के बेटे मनु को फोन कर बताया कि एक युवती के चाचा ने उसे पकड़ लिया है और उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसके बाद संदेश ने मनु को अपनी लोकेशन भी भेजी थी। जब परिजन बताए गए स्थान पर पहुंचे, तो संदेश वहां नहीं मिला। एसीपी मयंक तिवारी ने बताया कि युवक को आखिरी बार रेलवे ट्रैक की तरफ जाते देखा गया था। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने युवती के चाचा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। परिजनों का हत्या का आरोप परिजनों का कहना है कि संदेश की हत्या की गई है और पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि पुलिस ने फिलहाल आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है, लेकिन परिजनों की मांग है कि इसे हत्या का मामला माना जाए। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

आगरा में राखी बांधने आ रही बहन को फंदे से लटका मिला भाई, इकलौते बेटे ने गोदाम में दी जान!

आगरा। भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन से ठीक पहले आगरा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लोहा मंडी थाना क्षेत्र के गोकुलपुरा स्थित एक गोदाम में अगरबत्ती कारोबारी के इकलौते बेटे देव सिंघल (22) ने बुधवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रक्षाबंधन पर अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए राजस्थान के सीकर से आ रही बहन खुशी को जब इस दुखद खबर का पता चला, तो वह बेसुध हो गई। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अंतिम समय तक फोन काटा, फिर मिला फंदे से लटका हुआ शाहगंज थाना क्षेत्र के शांति नगर निवासी अगरबत्ती व्यापारी संजय सिंघल के इकलौते बेटे देव सिंघल अपने पिता के व्यापार में हाथ बंटाते थे। उनकी बेटी खुशी राजस्थान के सीकर में नीट की तैयारी कर रही है, और रक्षाबंधन के चलते संजय बुधवार को अपनी बेटी को लेने गए थे। देव बुधवार शाम करीब 7:00 बजे गोदाम में माल उतारने के बाद घर चले गए और सो गए। लगभग एक घंटे बाद वह घर से हाथ में थैला लेकर स्कूटर से निकल गए। काफी देर तक घर न लौटने पर मां सीमा सिंघल ने उन्हें फोन किया, लेकिन देव ने कॉल काट दिया। उन्होंने अपने पिता और बहन के फोन का भी जवाब नहीं दिया। परिवार को चिंता हुई, जिसके बाद संजय ने रात 11 बजे अपनी पत्नी सीमा को गोदाम पर भेजा। सीमा ने देखा कि स्कूटर बाहर खड़ा था, लेकिन गोदाम का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने पर भी जब गेट नहीं खुला, तो उन्हें शक हुआ। स्कूटर को दरवाजे के पास खड़ा कर उन्होंने रोशनदान से अंदर देखा तो उनका बेटा देव साड़ी से बने फंदे से लटका हुआ था। यह खौफनाक मंजर देखकर सीमा की चीख निकल गई। रक्षाबंधन पर शोक की लहर, पुलिस को नहीं मिली तहरीर सीमा की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। उनकी मदद से दरवाजा तोड़ा गया, लेकिन तब तक देव की मौत हो चुकी थी। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने आई बहन खुशी इस खबर से सदमे में है और उसका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने अभी तक इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया गया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

आगरा में भारत विकास परिषद समाज की चुनौतियों पर सक्रिय: युवाओं में तनाव पर मंथन, पर्यावरण संरक्षण को बांटे तुलसी-नीम के पौधे

आगरा। भारत विकास परिषद की विभिन्न शाखाएं सामाजिक सरोकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। जहाँ एक ओर नवज्योति शाखा ने युवाओं में बढ़ते तनाव और पारिवारिक विघटन पर गहन विचार गोष्ठी का आयोजन किया, वहीं समर्पण शाखा ने पर्यावरण जागरूकता के तहत राहगीरों को तुलसी और नीम के पौधे वितरित किए। युवाओं में बढ़ते अवसाद, तलाक और अकेलेपन पर मंथन भारत विकास परिषद की नवज्योति शाखा ने ‘संस्कृति माह’ के अंतर्गत वाटर वर्क्स स्थित अतिथिवन में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया। इस गोष्ठी में समाज में तेजी से बढ़ रही पारिवारिक एवं मानसिक चुनौतियों पर गंभीर विमर्श हुआ। इस कार्यक्रम में अनिल अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, गौरव बंसल, नितिन अग्रवाल, नीलू जैन, डॉ. कल्पना अग्रवाल सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। समर्पण शाखा ने बांटे 500 तुलसी-नीम के पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश भारत विकास परिषद की समर्पण शाखा ने संजय प्लेस स्थित स्पीड कलर लैब चौराहा पर एक अनूठा जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के तहत राहगीरों को लगभग 500 तुलसी और नीम के पौधे वितरित किए गए। इस अवसर पर राजीव अग्रवाल, मनीष गोयल, विशाल मित्तल, रेखा, नमिता, पूजा, साधना सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इन दोनों कार्यक्रमों ने भारत विकास परिषद की आगरा शाखाओं की समाज के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया।

आगरा में छात्रा ने पड़ोसी की दहशत से की खुदकुशी: शारीरिक संबंध का दबाव बना रहा था आरोपी, परिजन ने अंतिम संस्कार से किया इनकार

आगरा। आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में एक 11वीं की छात्रा ने पड़ोसी युवक की छेड़खानी से परेशान होकर जान दे दी। वह पड़ोसी की दहशत में घुट-घुट कर जी रही थी और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का लगातार दबाव डाला जा रहा था। इस घटना के बाद परिजन आक्रोशित हैं और उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। स्कूल जाते वक्त कार में बैठाया, शारीरिक संबंध का दबाव यह दर्दनाक घटना बुधवार की है। मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि छात्रा अपनी बड़ी बहन के घर में रह रही थी। पड़ोस में रहने वाला शैलेंद्र यादव उसे स्कूल आते-जाते परेशान करता था। जब बड़ी बहन घर पर नहीं होती थी, तो शैलेंद्र घर आकर छात्रा के साथ छेड़खानी करता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता था। बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे, छात्रा जब घर से स्कूल के लिए निकली, तो शैलेंद्र भी अपनी कार लेकर पीछे से पहुंच गया। उसने सिकंदरा चौराहे पर छात्रा को डराकर कार में बैठा लिया और एक बंद पड़े मकान में जाने के लिए दबाव बनाया। छात्रा के विरोध करने पर शैलेंद्र ने उसे लगभग 30 मिनट बाद स्कूल के बाहर छोड़ दिया। शिक्षिका ने देखा पूरा वाकया, घर आकर छात्रा ने की खुदकुशी इस पूरी घटना को स्कूल की एक शिक्षिका ने देख लिया था। उन्होंने तुरंत छात्रा के जीजा को फोन कर इसकी जानकारी दी। सुबह 11 बजे बड़ी बहन अपनी छोटी बहन को स्कूल से घर लेकर आ गई। घर आकर छात्रा ने बड़ी बहन को पूरी घटना के बारे में बताया। इसके कुछ देर बाद, दोपहर करीब 12 बजे, जब बड़ी बहन अपने बच्चों को स्कूल लेने गई, तो पीछे से छात्रा ने घर में फंदे से लटक कर जान दे दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन के सुपुर्द किया। लेकिन परिजन ने शव को घर ले जाकर अंतिम संस्कार से इनकार करते हुए हंगामा कर दिया। वे आरोपी शैलेंद्र यादव के खिलाफ केस दर्ज कर तुरंत उसकी गिरफ्तारी की मांग करने लगे। थाना प्रभारी का कहना है कि आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

आगरा में दिल दहला देने वाली घटना: शीशा कारीगर ने पहले काटी नस, फिर फंदे पर झूले! आर्थिक तंगी और घरेलू विवाद बनी वजह

आगरा। आगरा के थाना ट्रांस यमुना अंतर्गत राहुल नगर में एक शीशा कारीगर ने आर्थिक तंगी और घरेलू विवाद से तंग आकर अपनी जान दे दी। उसका शव फैक्ट्री के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके से मृतक के खून से सने कपड़े और एक ब्लेड बरामद किया है, जिससे प्रतीत होता है कि उसने पहले नस काटी और फिर खुद को फांसी लगा ली। नशे में घर पहुंचा, परिवार से विवाद के बाद उठाया खौफनाक कदम जानकारी के अनुसार, हाथरस रोड पर राहुल नगर, टेडी बगिया स्थित इकबाल की शीशा कटिंग फैक्ट्री में शौकत पुत्र मुनव्वर अली (निवासी शाह नगर बंबा) पहले काम करता था। वर्तमान में वह कमला नगर क्षेत्र में काम कर रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि बुधवार रात करीब 11:30 बजे शौकत नशे की हालत में फैक्ट्री पहुंचा। उसका पैंट खून से सना हुआ था और पैरों से खून बह रहा था। उसने बताया कि घरवालों से उसका झगड़ा हो गया है और उसका फोन भी ले लिया गया है। फैक्ट्री मालिक ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माना तो उसे सोने के लिए फैक्ट्री की छत पर भेज दिया गया। सुबह बाथरूम में मिला शव, खून से सने कपड़े बरामद गुरुवार सुबह जब फैक्ट्री का एक अन्य कारीगर छत पर बने बाथरूम में शौच करने गया, तो उसने शौकत का शव रस्सी के फंदे से लटका देखा। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। छत की सीढ़ी पर उसके खून से लथपथ कपड़े टंगे हुए थे। सूचना मिलते ही ट्रांस यमुना थाना पुलिस और टेडी बगिया चौकी इंचार्ज ऋषि कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। आर्थिक तंगी और नशे की लत से जूझ रहा था परिवार परिजनों ने बताया कि शौकत मूल रूप से गंजडुंडवारा, जिला एटा के निवासी थे और पिछले 30 वर्षों से आगरा में किराए के मकान में रहकर गुजारा कर रहे थे। मृतक शौकत के तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं, जिनमें से पांच बच्चों की शादी हो चुकी है। परिजनों के मुताबिक, शौकत नशे का आदी था, जिसके चलते आए दिन घर में क्लेश हुआ करता था। आर्थिक तंगी और नशे की लत के कारण हुए पारिवारिक विवाद ही इस दर्दनाक कदम की वजह माने जा रहे हैं। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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