आगरा में अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, ‘अमेरिका ने जो टैरिफ लगाया, वो BJP के मुंह पर लगा’

आगरा। राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, धौलपुर के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए आगरा आए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ का जिक्र करते हुए कहा कि “यह टैरिफ ऐसा लगा है कि भाजपा के मुंह पर भी टैरिफ लग गया है।” जीएसटी और नोटबंदी पर सरकार को घेरा अखिलेश यादव ने जीएसटी में संशोधन को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इतने सालों बाद जीएसटी में बदलाव करना यह दिखाता है कि सरकार ने जानबूझकर जनता से टैक्स वसूला। उन्होंने सवाल उठाया कि यह पैसा कहाँ गया? यदि इसे अस्पताल, सड़क या बिजली पर खर्च किया जाता, तो जनता को फायदा होता। उन्होंने नोटबंदी की याद दिलाते हुए कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा किया था, लेकिन सच्चाई यह है कि भ्रष्टाचार बढ़ा है। चीन से सावधान रहने की दी सलाह भारत-चीन संबंधों पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमें चीन से सावधान और चौकन्ना रहना होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका से व्यापारिक संबंध मजबूत बनाना भारत के हित में है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय वहाँ पढ़ाई और काम के लिए जाते हैं। आगरा के ट्रैफिक और मेट्रो का मुद्दा उठाया उन्होंने आगरा के ट्रैफिक जाम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आगरा एक स्मार्ट सिटी है, फिर भी लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार ने आगरा मेट्रो को मंजूरी दी थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने उसके काम को तेजी से आगे नहीं बढ़ाया। वोट बचाने की अपील अखिलेश यादव ने जनता से अपना वोट बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर लोग अपना वोट बचाएंगे, तो लोकतंत्र बचेगा, उनके प्रमाणपत्र, राशन कार्ड और नौकरियाँ बचेंगी, और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का संविधान भी बचेगा। अखिलेश यादव अपने स्कूल के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आगरा के मुगल होटल में लगभग ढाई घंटे रुके। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता उनका इंतजार करते रहे, लेकिन वे उनसे नहीं मिल सके। कार्यकर्ता करते रहे इंतजार शताब्दी समारोह में भाग लेने आए सपा अध्यक्ष का पार्टी कार्यकर्ता फतेहाबाद रोड स्थित पार्टी कार्यालय पर इंतजार करते रहे लेकिन वे नहीं पहुंचे। कार्यकर्ता शाम 6 बजे से कार्यालय पर पहुंचना शुरू हो गए थे। अखिलेश यादव का पहले कार्यक्रम में कार्यालय पर जाने का था लेकिन ऐन वक्त पर इसमें बदलाव किया गया।

आगरा में नकली दवा सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई: केंद्र की नजर, पूर्व डीजीपी की वर्कशॉप के बाद SIT गठित

आगरा। आगरा में नकली दवा कारोबारियों पर हुई कार्रवाई अब केवल एक स्थानीय मामला नहीं रह गया है। इस अवैध धंधे के सिंडिकेट को पूरी तरह से तोड़ने के लिए अब राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार की भी नजर है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गुजरात के पूर्व डीजीपी केशव कुमार की मौजूदगी में एक हाई-लेवल वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें लगभग 15 विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने नकली दवा माफियाओं को पकड़ने के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का भी गठन कर दिया है। कई विभाग मिलकर करेंगे कार्रवाई डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने वर्कशॉप में कहा कि अब नकली दवा कारोबारियों पर सभी विभाग मिलकर कार्रवाई करेंगे। किसी भी व्यक्ति को सूचना देने के लिए अब सिर्फ ड्रग विभाग तक सीमित नहीं रहना होगा। पुलिस के हेल्पलाइन नंबर या किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। डीएम ने स्पष्ट कहा कि इस गोरखधंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पूर्व डीजीपी केशव कुमार ने बताया कि नकली दवाओं का खेल सिर्फ फूड एंड ड्रग्स एक्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें धोखाधड़ी, आईटी एक्ट, जीएसटी और इनकम टैक्स उल्लंघन जैसे गंभीर अपराध भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिन कारोबारियों ने नकली क्यूआर कोड बनाए, उन पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करने की योजना है। लाइसेंस देने से पहले ली जाएगी पुलिस क्लीयरेंस अधिकारियों ने बताया कि जांच में अक्सर दस्तावेज और यहां तक कि दुकानें व फैक्ट्रियां भी फर्जी निकलती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए अब लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस से क्लीयरेंस लेने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, जीआई टैगिंग जैसी तकनीक से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जिस पते पर लाइसेंस रद्द हो गया है, वहां दोबारा कोई नया लाइसेंस न मिल पाए। इस सिंडिकेट में काले धन और टैक्स चोरी का भी बड़ा खेल है। इसलिए जांच में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED), जीएसटी विभाग, इनकम टैक्स विभाग और आईटी विभाग की मदद भी ली जाएगी, ताकि सिंडिकेट की पूरी चेन तोड़ी जा सके। दवा माफियाओं की बनेगी टॉप 10 लिस्ट, SIT का गठन पुलिस कमिश्नर ने इस अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए एडी डीसीपी साइबर एक्सपर्ट आदित्य सिंह की अध्यक्षता में एक SIT का गठन किया है। यह टीम आगरा में शीर्ष 10 दवा माफियाओं की एक लिस्ट तैयार करेगी। इस अवैध धंधे से माफियाओं द्वारा अर्जित की गई संपत्ति की भी लिस्ट बनाकर, उसे बीएनएस 112 के तहत कुर्क किया जाएगा। इसके अलावा, पुराने मामलों को फिर से खंगाला जाएगा ताकि नए-पुराने लिंक का पता लगाया जा सके। लिंक मिलने पर यह टीम दूसरे राज्यों में जाकर भी माफियाओं को गिरफ्तार करेगी।

आगरा के जूता उद्योग के लिए खुशखबरी: ₹2500 तक के जूतों पर घट सकती है GST, 5% हो सकती है दर

आगरा। आगरा के जूता उद्योग को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि जीएसटी काउंसिल की आगामी 2-4 सितंबर को होने वाली बैठक में ₹2500 तक के जूतों पर जीएसटी दर को 12-18% से घटाकर 5% किए जाने की प्रबल संभावना है। फैडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि इस मांग को लेकर 25 अगस्त को लखनऊ में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की गई थी, जिन्होंने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब इसे जीएसटी काउंसिल की बैठक में अंतिम निर्णय के लिए रखा जाएगा। GST दर बढ़ने से 1085 व्यापारियों ने रद्द कराए थे पंजीकरण विजय सामा ने कहा कि जीएसटी दर में वृद्धि के कारण आगरा में ही 1085 व्यापारियों ने अपने जीएसटी पंजीकरण रद्द करा दिए थे। इसका सीधा असर हजारों परिवारों पर पड़ा, क्योंकि आगरा का जूता उद्योग करीब साढ़े तीन लाख परिवारों की आजीविका से जुड़ा है, जिसमें बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के लोग शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा प्रभाव एमएसएमई सेक्टर की माइक्रो यूनिट्स पर पड़ा, जिनका टर्नओवर 5 करोड़ रुपये तक है। जीएसटी दर में प्रस्तावित कटौती से न केवल कारोबार को राहत मिलेगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्रेस वार्ता में दिलप्रीत सिंह, अजय महाजन (गब्बर भाई), हितेश वरियानी सहित कई व्यापारी मौजूद थे, जिन्होंने सरकार के इस संभावित कदम का स्वागत किया।

आगरा में सीमेंट व्यापारियों की एकजुटता: GST और भुगतान की समस्याओं पर चर्चा

आगरा। आगरा में सीमेंट के थोक व्यापारियों की एकजुटता और व्यापार में आ रही चुनौतियों पर चर्चा के लिए आगरा सीमेंट होलसेलर्स संगठन की वार्षिक आम सभा का आयोजन किया गया। ताज नगरी स्थित शंकर ग्रीन्स क्लब हाउस में हुए इस कार्यक्रम में व्यापारियों ने व्यापार से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बात की, और उसके बाद सामूहिक भोज का भी आनंद लिया। समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श संगठन के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को आ रही दिक्कतों, खासकर जीएसटी (GST) से जुड़ी परेशानियों और खुदरा विक्रेताओं द्वारा भुगतान रोकने की समस्या पर चर्चा करना था। सभी सदस्यों ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया ताकि व्यापार को मजबूती मिल सके। कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन के संरक्षकों पारस चंद, मुरारी लाल गोयल, मनीष अग्रवाल, शलभ शर्मा और विजित गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। मनोरंजन और सामूहिक भोज का भी आयोजन गंभीर चर्चा के बाद, सभा का माहौल हल्का करने के लिए मनोरंजन का भी इंतजाम किया गया। खेल-कूद, गीत-संगीत और सामूहिक दाल-बाटी के भोज ने व्यापारियों को आपस में मेलजोल बढ़ाने का अवसर दिया। इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य रामसेवक गोस्वामी, राजीव रावत, मयंक गोयल, प्रकाश पाठक, गोपाल अग्रवाल, नीतुल जैन, लक्ष्मीकांत गुप्ता, अमन गुप्ता, नरोत्तम, हरि ओम अग्रवाल और सुरेंद्र सिंह सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे।

आगरा के लोहा व्यापारियों का ‘दर्द’: बोले- ‘नई मंडी बसाओ, ऑनलाइन व्यापार बंद करो’ – भुखमरी का मंडरा रहा संकट!

आगरा। आगरा में लोहा व्यापारी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। शनिवार को दयालबाग स्थित द ग्रांड सेलेब्रेशन रिजॉर्ट में हुई लोहा व्यापारी एसोसिएशन की साधारण सभा की बैठक में व्यापारियों ने सरकार से एक अलग लोहा मंडी बसाने और ऑनलाइन ट्रेडिंग बंद करने की पुरजोर मांग उठाई। उनका कहना है कि ऑनलाइन व्यापार से उन्हें भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन व्यापार से मजदूरों पर ‘भुखमरी का संकट’ एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बैठक में जिले भर के व्यापारियों ने लोहे के व्यापार में आ रही मंदी, जीएसटी में SIB (विशेष अनुसंधान शाखा) टीम द्वारा व्यापारियों को परेशान किए जाने और सबसे बढ़कर ऑनलाइन ट्रेडिंग के कारण प्रभावित हो रहे व्यापार पर गहन मंथन किया। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से लोहा व्यापार ‘अस्तित्व की लड़ाई’ लड़ रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा सीधे ऑनलाइन ऑर्डर बुक करने से लोहा व्यापार से जुड़े मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर भुखमरी का संकट गहराता जा रहा है। व्यापारियों ने मांग की है कि कंपनियों को व्यापार और व्यापारियों के हित में ऑनलाइन व्यापार को तुरंत बंद करना होगा। “नई लोहा मंडी और GST उत्पीड़न पर लगे अंकुश” महासचिव दिनेश अग्रवाल ने सरकार से जीएसटी (GST) से व्यापारियों के उत्पीड़न पर अंकुश लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि जब एक लाख करोड़ का कर संग्रह हो जाएगा, तो व्यापारियों को जीएसटी में राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। दिनेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आगरा में नई लोहा मंडी की स्थापना की मांग भी उठाई। उनका तर्क है कि मौजूदा लोहा मंडी अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाके में है, जिससे बड़े व्यापारी बाजार में नहीं आ पाते। सुरक्षा और पेंशन की भी मांग कोषाध्यक्ष राकेश कुमार गोयल ने लोहा व्यापार में बड़े पैमाने पर रुपयों के आदान-प्रदान का जिक्र करते हुए व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने व्यापारियों को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की बात कही। इसके साथ ही, करदाता व्यापारी को आजीवन पेंशन और स्वास्थ्य के लिए ‘उद्यमी स्वास्थ्य बीमा’ की व्यवस्था करने की भी मांग सरकार से की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र मंगल, अंजुल जैन, संजय गोयल, आशीष अग्रवाल, मोहित गोयल, सिद्धार्थ जैन, गिरीश मंगल, विपुल जैन, मनोज जैन, पदम अग्रवाल, पवन गोयल, रामसेवक गोस्वामी, उमेश अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, शिवम् अग्रवाल, गिरीश गर्ग सहित कई अन्य प्रमुख व्यापारी मौजूद रहे।

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