Agra News Today: पूर्व कृषि वैज्ञानिक Dr. HC Nitant से Digital Arrest के नाम पर 23 लाख की ठगी

Agra News Today साइबर ठगों ने पूर्व कृषि वैज्ञानिक Dr. HC Nitant को 7 दिन तक Digital Arrest के नाम पर धमकाकर उनसे 23 लाख रुपये ठग लिए। 80 वर्षीय बुजुर्ग ने यह रकम अपनी FD तुड़वाकर ठगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। इस संबंध में Cyber Thana में FIR दर्ज कराई गई है। Trans Yamuna स्थित Srinagar Colony निवासी Dr. HC Nitant भारतीय कृषि अनुसंधान के प्रधान वैज्ञानिक के पद से रिटायर हुए हैं। 10 सितंबर को सुबह 9 बजे उनके WhatsApp पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) का अधिकारी बताते हुए अपना नाम Ajay Patil बताया। ठग ने Dr. Nitant से कहा कि उनके नाम से Mumbai के एक बैंक में खाता है, जिसका इस्तेमाल 30 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन के लिए हुआ है। उसने आरोप लगाया कि यह पैसा बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह से आया है और FIR में उनका नाम भी शामिल है। घबराकर Dr. Nitant ने जब गलतफहमी की बात कही, तो कॉल काट दी गई। 11 सितंबर को उन्हें फिर से कॉल आई, इस बार कॉल करने वाले ने खुद को आयकर विभाग (Income Tax Department) का अधिकारी बताया और धमकाया। ठगों ने 7 दिन तक Dr. Nitant को फोन पर लगातार डराया। उन्हें यकीन दिलाने के लिए, ठगों ने Dr. Nitant का Aadhar Card उनके WhatsApp पर भेजा, जिससे उन्हें लगा कि ये लोग वाकई में सरकारी अधिकारी हैं। इसके बाद, Dr. Nitant ने 17 सितंबर को अपनी FD तुड़वाकर 23 लाख रुपये ठगों के Account में ट्रांसफर कर दिए। 18 सितंबर को जब उन्होंने अपने बेटे को यह बात बताई, तो उसे ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद Cyber Thana में शिकायत दर्ज कराई गई।

Agra में IPO और Crypto Investment के नाम पर करोड़ों की ठगी, Cyber अपराधी गिरफ्तार

Agra की साइबर क्राइम पुलिस ने IPO और Crypto Currency में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान धर्मेंद्र उर्फ डिक्की के रूप में हुई है। वह लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Telegram और WhatsApp ग्रुप्स के माध्यम से ऊँचे रिटर्न का लालच देकर फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने सिर्फ एक ही शिकायतकर्ता से 1.96 करोड़ रुपये की ठगी की थी। पुलिस की तत्परता से जांच के बाद 1.78 करोड़ रुपये की राशि को रिकवर कर लिया गया है। दुबई और हांगकांग तक फैला था नेटवर्क पूछताछ में यह भी सामने आया है कि डिक्की का नेटवर्क सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं था, बल्कि दुबई, हांगकांग, मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड तक फैला हुआ था। गिरोह ठगी की रकम को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी चैनलों के जरिए देश से बाहर भेजता था, ताकि पुलिस और अन्य जाँच एजेंसियाँ इसे ट्रैक न कर पाएं। एडिशनल डीसीपी क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि उसका पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर हरियाणा और दिल्ली में भी केस दर्ज हैं। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर उसके खिलाफ कुल 46 शिकायतें दर्ज हैं, जिन पर पुलिस जांच कर रही है। आदित्य कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

कंबोडिया में बंधक बनाकर कराया जा रहा साइबर क्राइम, आगरा के दो युवक लौटे

आगरा। आगरा के दो युवकों ने साइबर क्राइम थाने में चौंकाने वाली शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उन्हें नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजा गया था, जहाँ उन्हें बंधक बनाकर जबरन साइबर क्राइम कराया जा रहा था। वापस आने के लिए उनसे लाखों रुपये वसूले गए। हाथरस के चिरावली निवासी सौरभ ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उन्होंने और उनके भाई अभिज्ञान ने मलपुरा में रहने वाले अपने नाना के माध्यम से एक एजेंट अजय शुक्ला से संपर्क किया था। अजय शुक्ला ने उन्हें नौकरी का वादा कर बैंकाक के रास्ते कंबोडिया भेज दिया। वहाँ पहुँचने पर उन्हें पता चला कि उन्हें एक ऐसी कंपनी में बंधक बनाया गया है, जहाँ पहले से ही कई भारतीय युवक कैद थे। उन सभी से डिजिटल अरेस्ट, शेयर ट्रेडिंग और अन्य तरीकों से लोगों को फँसाने वाला साइबर क्राइम कराया जा रहा था। सौरभ के अनुसार, जब उन्होंने यह काम करने से मना किया, तो उनका उत्पीड़न किया गया और उनसे रिहाई के बदले लाखों रुपये मांगे गए। किसी तरह उनके परिवार ने पैसे जुटाए और दोनों भाइयों ने तीन-तीन लाख रुपये देकर अपनी जान बचाई। भारत लौटने के बाद वे अजय शुक्ला से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसका फोन बंद है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मानव तस्करी, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी एजेंट की तलाश शुरू कर दी है। इसके साथ ही, कंबोडिया में फंसे अन्य भारतीयों की जानकारी गृह मंत्रालय को भेजी जा रही है।

आगरा पुलिस का ‘कर्तव्य पथ’ कार्यक्रम: सूरसदन में नुक्कड़ नाटक, साइबर सुरक्षा और हर घर तिरंगा का संदेश

आगरा। आगरा पुलिस ने सोमवार को सूरसदन में ‘कर्तव्य पथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच संवाद स्थापित करना और पुलिस के सकारात्मक कार्यों को प्रदर्शित करना था। सूरसदन पुलिसकर्मियों और आम लोगों से खचाखच भरा हुआ था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार मौजूद रहे। नुक्कड़ नाटक और साइबर सुरक्षा की जानकारी ‘कर्तव्य पथ’ कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पुलिस से संबंधित विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान को दर्शाया गया। इन नाटकों के जरिए यह भी दिखाया गया कि कैसे पुलिस आम लोगों के लिए काम करती है और समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी क्या भूमिका है। इसके साथ ही, कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई और लोगों को इन अपराधों से सुरक्षित रहने के तरीके बताए गए, ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य खतरों से बच सकें। स्वतंत्रता सप्ताह और ‘हर घर तिरंगा’ का संदेश पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस सप्ताह के अवसर पर आयोजित किया गया है। पुलिस विभाग 70वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ मनाएगा, और इसी क्रम में ‘कर्तव्य पथ’ नाम से यह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यक्रम का एक उद्देश्य नए पुलिस सिपाहियों को पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराना और प्रधानमंत्री के ‘हर घर तिरंगा’ लहराने के आदेश को पूरा करने के लिए लोगों को जागरूक करना भी था। कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने तिरंगा भी लहराया, जो स्वतंत्रता दिवस समारोह के उत्साह और देशभक्ति की भावना को दर्शाता है।

मैट्रिमोनियल साइट पर ‘फर्जी IPS’ का खेल: आगरा में IB अफसर बनकर युवती को फंसाया, अश्लील वीडियो भेजकर ₹5 लाख मांगे!

आगरा। आगरा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक जालसाज ने मैट्रिमोनियल साइट का सहारा लेकर खुद को फर्जी IPS और IB का अफसर बताकर एक युवती को फंसाया। इस शातिर शख्स ने गोपनीय मिशन का बहाना बनाकर न सिर्फ युवती से अश्लील वीडियो मंगवा लिया, बल्कि जब रिश्ता टूटने लगा तो उसने होने वाले ससुरालजनों को वीडियो भेजकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और ₹5 लाख की मांग की। कमला नगर थाने में इस संबंध में केस दर्ज कर लिया गया है। ‘गोपनीय मिशन’ के नाम पर टाली मुलाकात, दो महीने तक चैटिंग कमला नगर निवासी 21 वर्षीय स्नातक युवती के माता-पिता ने अपनी बेटी के लिए मैट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल डाली थी। 23 मार्च, 2025 को उन्हें फलक मिश्रा नामक एक युवक से संपर्क हुआ, जिसने खुद को आगरा कैंट का निवासी और IB में तैनात IPS बताया। जब युवती के परिजनों ने युवक से मिलने की बात की, तो उसने ‘गोपनीय मिशन’ का बहाना बनाया। उसने कहा कि वह किसी पर ऐसे ही भरोसा नहीं कर सकता और उसे रिश्ते की बात अपने विभाग में बतानी होगी। उसने यह भी कहा कि युवती और उसके परिजनों की दो माह तक गोपनीय जांच चलेगी, उसके बाद ही मुलाकात संभव है। यह सुनकर परिजनों को लगा कि शायद वह सही बोल रहा है, क्योंकि फिल्मों में ऐसा ही दिखाया जाता है कि इंटेलिजेंस अधिकारी अपनी पहचान छिपाते हैं। इसी दौरान आरोपी ने युवती से चैटिंग करना शुरू कर दिया और युवती ने अपना कोई अश्लील वीडियो उसे भेज दिया। रिश्ता तोड़ने पर अश्लील वीडियो भेजा, ₹5 लाख की ब्लैकमेलिंग दो महीने का समय बीतने के बाद भी जब आरोपी ने मुलाकात और घर का पता बताने में बहानेबाजी की, तो परिजनों को शक हुआ। उन्होंने युवक से रिश्ता तोड़ दिया और बेटी का रिश्ता दूसरी जगह तय कर दिया। मंगनी के बाद जब युवती के फोटो सोशल मीडिया पर डाले गए, तो आरोपी को इसकी जानकारी मिल गई। 11 जुलाई को उसने युवती की इंस्टाग्राम आईडी पर उसका अश्लील वीडियो भेजा। यहीं नहीं, उसने यही वीडियो युवती के होने वाले पति, सास और ससुर को भी भेज दिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने ₹5 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित युवती की मां ने कमला नगर थाने में इस फर्जी IPS के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी मदद से आरोपी की तलाश में जुट गई है। यह घटना मैट्रिमोनियल साइट्स पर बढ़ती धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के खतरों को उजागर करती है।

आगरा DM के नाम से WhatsApp DP लगाकर ठगी की कोशिश, मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी

आगरा। साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे अब सरकारी अधिकारियों के नाम का भी दुरुपयोग करने से नहीं हिचकते। शातिरों ने आगरा के जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी के नाम से एक मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप शुरू कर दिया। उनकी डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) और स्टेटस में जिलाधिकारी का नाम और फोटो इस्तेमाल कर, उनके परिचितों व शहर के संभ्रांत लोगों को संदेश भेजना शुरू कर दिया। इन संदेशों में रुपयों की मांग भी की गई। खुद को DM बताकर की ठगी की कोशिश जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी को जब इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई, तो उन्होंने तुरंत साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने 19 जुलाई को दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर यह फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट बनाया है। फर्जी अकाउंट चलाने वाला व्यक्ति खुद को जिलाधिकारी बताकर उनके परिचितों और अन्य लोगों से अनाप-शनाप मांग कर रहा था। पुलिस ने शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए उक्त नंबर के व्हाट्सऐप को बंद करा दिया है। पुलिस अब आरोपी की जानकारी जुटाने में लगी हुई है ताकि इस साइबर अपराधी को पकड़ा जा सके। यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब कितने शातिर हो गए हैं और आम जनता के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों को भी निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

आगरा में शातिर ठग का नया ‘खेल’: ATM में डाला फेवीक्विक, चिपके कार्ड! CCTV में कैद हुआ आरोपी, पुलिस कर रही तलाश

आगरा। आगरा में शातिर ठगों ने एटीएम से ठगी का एक नया तरीका ईजाद किया है। यहां एटीएम मशीन में कार्ड डालने वाली जगह पर फेवीक्विक डालकर छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। एक युवक ने अलग-अलग स्थानों पर दो एटीएम मशीनों को निशाना बनाया, जिससे रुपये निकालने आए लोगों के कार्ड चिपक गए। आरोपी दोनों ही एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। एटीएम संचालक की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत दे दी गई है। काली टोपी वाले युवक ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम यह घटना एत्माद्दौला क्षेत्र के नुनिहाई पर दाऊजी मिष्ठान भंडार के पास स्थित हिताची कंपनी के एटीएम पर हुई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि काली टोपी और काले कपड़े पहने एक युवक एटीएम में आता है। वह पहले अपनी पैंट की जेब से एटीएम कार्ड निकालकर मशीन में लगाता है और उसे अंदर-बाहर करता है। कुछ सेकंड बाद उसके दाएं हाथ में फेवीक्विक की बोतल नजर आती है, जिसे वह कार्ड डालने वाली जगह पर डाल देता है। फेवीक्विक डालने के बाद वह अपने एटीएम कार्ड से कुछ चेक करता है और फिर वहां से चला जाता है। कुछ देर बाद, एक अन्य व्यक्ति रुपये निकालने के लिए मशीन पर आता है। जैसे ही वह अपना कार्ड डालता है, उसका एटीएम कार्ड मशीन में चिपक जाता है। किसी तरह अपना एटीएम कार्ड निकालने के बाद पीड़ित ने मशीन संचालक प्रशांत कुमार को पूरी घटना के बारे में बताया। दूसरे ATM को भी बनाया निशाना, पुलिस जांच में जुटी इस घटना के दो दिन बाद, वही युवक ट्रांसयमुना थाना क्षेत्र के टेडी बगिया पर स्थित एक अन्य एटीएम पर पहुंचता है और बिल्कुल उसी तरह से कार्ड डालने की जगह पर फेवीक्विक डाल देता है। एटीएम कंपनी की ओर से दोनों ही मामलों में थाने में तहरीर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपी युवक की तलाश कर रही है और इस नई तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए सतर्क हो गई है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे एटीएम का इस्तेमाल करते समय मशीन को ध्यान से देखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।

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