आगरा में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप

आगरा। आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के पूरा गोवर्धन गाँव में एक युवक ने पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपक के रूप में हुई है। इस घटना के बाद, परिजनों ने दीपक के ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि लगभग एक महीने पहले दीपक की पत्नी का निधन हो गया था। इसके बाद से ही पत्नी के पिता महावीर और भाइयों अजीत, संजय व मनोज (निवासी नगला नेहरा, थाना खंदौली) दीपक पर लगातार दबाव बना रहे थे। परिजनों का आरोप है कि ये लोग पहले ही दीपक से 2 लाख रुपये ले चुके थे और अब 5 लाख रुपये के साथ एक मकान की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न करने पर, दीपक को दहेज हत्या के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी। परिजनों ने बताया कि आए दिन गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएँ भी होती थीं। इसी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर दीपक ने बुधवार को यह कदम उठाया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए ससुराल पक्ष के लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक के पिता रामजीलाल ने सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। थाना इंस्पेक्टर हंसराज भदौरिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

आगरा में दहेज हत्या, ससुराल वालों ने विवाहिता को फांसी पर लटकाया

आगरा। आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र के पैतखेड़ा गांव में दहेज के लिए एक विवाहिता की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका संध्या की शादी करीब डेढ़ साल पहले शिवम से हुई थी। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी में पर्याप्त दहेज दिया गया था, इसके बावजूद पति शिवम, ससुर गीतम सिंह, जेठ दिलीप, जिठानी निशा और सास सुकन्या एक मोटरसाइकिल के लिए संध्या को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि मंगलवार रात करीब एक बजे उन्हें सूचना मिली कि संध्या को फांसी पर लटका कर मार दिया गया है। सूचना मिलते ही मायके वाले मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतका के परिवार की शिकायत पर सभी आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फिलहाल फरार चल रहे सभी आरोपियों की तलाश कर रही है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

आगरा में महिला आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान का ‘डबल अटैक’: मौलाना रशीदी और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य दोनों को भेजा नोटिस, बोलीं- ‘भगवान इन्हें सद्बुद्धि दे!’

आगरा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने मंगलवार को आगरा के सर्किट हाउस में जनसुनवाई की, जहाँ 68 महिलाओं ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों में गुमशुदगी, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामले शामिल थे। बबीता चौहान ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान, उन्होंने हाल ही में विवादों में आए मौलाना रशीदी और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयानों पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मौलाना रशीदी पर तीखी प्रतिक्रिया: “महिलाओं का अपमान, भगवान सद्बुद्धि दे!” सांसद डिंपल यादव पर की गई टिप्पणी को लेकर जब मीडिया ने सवाल किया, तो बबीता चौहान ने साफ कहा कि यह मामला सिर्फ एक महिला सांसद का नहीं है। उन्होंने कहा, “जब कोई भी व्यक्ति महिला के पहनावे या शरीर को लेकर सार्वजनिक रूप से ऐसी भाषा बोलता है, तो वह पूरी नारी जाति का अपमान करता है। यह निंदनीय है। मैं सिर्फ इतना कहूंगी – विनाश काले विपरीत बुद्धि।“ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मौलाना रशीदी जैसे लोग ये क्यों नहीं सोचते कि उन्हें जन्म देने वाली भी एक महिला थी। किसी महिला के सिर ढंके होने या न होने पर सवाल उठाना मानसिक संकीर्णता को दर्शाता है। बबीता चौहान ने कहा, “भगवान इन्हें सद्बुद्धि दे।” आयोग की तरफ से मौलाना राशिदी और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य दोनों को नोटिस भेजा गया है। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयान को बताया ‘विकृत सोच’ हाल ही में कथा मंच से अविवाहित महिलाओं को ‘लूज कैरेक्टर’ कहे जाने पर बबीता चौहान ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति व्यासपीठ पर बैठता है, वह समाज को दिशा देने वाला होता है। यदि वह ऐसे बयान देंगे तो क्या ही कहें। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उन्हें सुनने वाली सबसे ज़्यादा महिलाएं ही होती हैं। 68 शिकायतें दर्ज, जल्द निस्तारण का भरोसा जनसुनवाई में आईं महिलाओं ने पुलिस पर सुनवाई न करने, ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, गुमशुदा बेटियों की तलाश में लापरवाही और दहेज की मांग जैसे गंभीर आरोप लगाए। महिला आयोग अध्यक्ष ने हर मामले को नोट किया और संबंधित अधिकारियों से सीधे संवाद कर तेज कार्रवाई के निर्देश दिए। बबीता चौहान ने बताया कि आज 68 शिकायतें आई हैं। उन्होंने कहा कि उनके आयोग में 100 फीसदी निस्तारण होता है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि महिलाएं अब जागरूक हो रही हैं, वे अब चुप नहीं बैठ रहीं बल्कि अपनी बात लेकर सामने आ रही हैं—”यही बदलाव है।“ जनसुनवाई के दौरान महिला आयोग अध्यक्ष ने छोटे बच्चों को साथ लेकर आईं महिलाओं के बच्चों को चॉकलेट दीं और शिशुओं के लिए गिफ्ट हैम्पर भी बांटे।

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