Agra News: शमशान घाट में शमशुद्दीन की हत्या, नौ पौवे शराब के विवाद में फावड़े से वार!

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Agra News ताजगंज श्मशान घाट में शमशुद्दीन की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया। नौ पौवे शराब के विवाद में साथी हिमांशु ने फावड़े से वार कर हत्या की। Agra News आगरा के ताजगंज श्मशान घाट पर चिता जलाने का काम करने वाले शमशुद्दीन की नृशंस हत्या के मामले में ताजगंज पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने शमशुद्दीन के साथी हिमांशु (निवासी छत्ता) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने का कारण नौ पौवे शराब को लेकर हुआ एक मामूली विवाद था, लेकिन इसकी जड़ श्मशान घाट की कमाई पर दोनों के बीच की पुरानी रंजिश थी। शमशुद्दीन पिछले तीन साल से ताजगंज श्मशान घाट पर चिता लगाने का काम कर रहा था। रविवार की सुबह जब वह लहूलुहान हालत में मिला, तो इलाके में दहशत फैल गई थी। हत्यारे ने उसे इतनी बेरहमी से मारा था कि उसका चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था, एक आँख नोची हुई थी और डॉक्टरों की जाँच में उसका जबड़ा भी टूटने की पुष्टि हुई थी। गंभीर चोटों के कारण उसे एसएन अस्पताल से दिल्ली रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मामूली विवाद ने लिया गंभीर रूप मृतक शमशुद्दीन के भाई बदरुद्दीन ने हिमांशु के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बदरुद्दीन ने पुलिस को बताया कि हिमांशु और शमशुद्दीन दोनों साथ में काम करते थे और अक्सर पैसों और शराब को लेकर झगड़े होते रहते थे। ताजगंज पुलिस ने जब हिमांशु को हिरासत में लिया, तो उसने शीघ्र ही अपराध कबूल कर लिया। आरोपी हिमांशु ने बताया कि वह शमशुद्दीन से नौ पौवे शराब की मांग कर रहा था, जिसे देने में शमशुद्दीन बार-बार टालमटोल कर रहा था। इसी छोटी सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि हिमांशु ने बदला लेने का फैसला कर लिया। शनिवार की रात जब शमशुद्दीन कंबल ओढ़कर सो रहा था, तभी हिमांशु ने मौके का फायदा उठाया और फावड़े से उसके चेहरे पर कई वार कर दिए। हिमांशु वारदात को अंजाम देकर मौके से भाग निकला था। कमाई की रंजिश बनी असली वजह डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शमशान घाट में चिता लगाने के काम के बदले में मृतक के परिवारजन रुपए देते हैं। शमशुद्दीन और हिमांशु के बीच इसी कमाई को लेकर पुरानी रंजिश थी। शराब को लेकर हुआ विवाद दरअसल, पुरानी दुश्मनी को निकालने का एक बहाना बन गया। पुलिस अब उन स्थानीय लोगों की भी जाँच कर रही है, जिन्होंने हिमांशु को भागने में मदद की थी। पुलिस अधिकारियों ने यह सख्त संदेश दिया है कि हत्या जैसे जघन्य अपराध में आरोपी की मदद करने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि हिमांशु के साथ वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। ताजगंज थाना प्रभारी ने इसे बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए कहा कि कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी हिमांशु को जेल भेजने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह घटना दर्शाती है कि शराब जैसी छोटी बातों पर भी लोग हत्या करने से नहीं चूक रहे हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। पुलिस जल्द ही सभी सहयोगियों को हिरासत में लेगी। Agra News: मुर्दा जलाने वाले युवक का चेहरा नोंचा, आंखें गायब

आगरा में क्लब में तोड़फोड़, दो युवतियों समेत चार गिरफ्तार

आगरा। आगरा के एक क्लब में तोड़फोड़ और बवाल करने के आरोप में पुलिस ने दो युवतियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी की कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। यह घटना 6 सितंबर को थाना रकाबगंज क्षेत्र में एक क्लब में हुई थी। क्लब के कैशियर महावीर प्रसाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि दो युवतियां और चार युवक उनके क्लब में आए थे। सभी ने शराब पी, खाना खाया और डांस किया। 2 हजार रुपए के बिल पर बवाल शिकायत के मुताबिक, बिल चुकाने की बात आने पर युवक-युवतियों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने क्लब में तोड़फोड़ और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी कार से कर्मचारियों को टक्कर मारने की भी कोशिश की। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए भगवती कॉलोनी निवासी रामपाल को हिरासत में लिया और उसकी थार गाड़ी सीज कर दी। रामपाल से पूछताछ के बाद पुलिस ने देवरी रोड निवासी धीरज और शुभम को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उस रात उनके साथ मानसी और महक नाम की दो युवतियां भी थीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने दो बोतल महंगी शराब पी थी और बिल में 2 हजार रुपये कम पड़ने पर यह पूरा विवाद शुरू हुआ था, जिसके बाद मारपीट और तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने अब इन दोनों युवतियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

आगरा में धर्मांतरण के आरोप में 11 लोग गिरफ्तार, एक महीने की गोपनीय जांच के बाद हुई कार्रवाई

आगरा। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने एक घर से 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई एक महीने तक चली गोपनीय जांच के बाद की है। केदार नगर के एक घर में प्रत्येक रविवार को ईसाई धर्म सभा आयोजित की जाती थी। शिकायत के अनुसार, इस सभा में हिंदुओं को बुलाया जाता था और उन्हें सनातन धर्म के देवी-देवताओं की पूजा-पाठ से दूर रहने के लिए कहा जाता था। इसके बदले में, उनकी गरीबी और अन्य सभी कष्टों को दूर करने का दावा किया जाता था। पुलिस ने सादे कपड़ों में भेजे थे कर्मी एक माननीय मंत्री से इस इलाके में धर्मांतरण की गतिविधियों की शिकायत की गई थी, जिसके बाद मामला पुलिस आयुक्त दीपक कुमार तक पहुंचा। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शाहगंज पुलिस ने गोपनीय जांच शुरू की। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में धर्म सभा में भेजा गया ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। जांच में पता चला कि इस घर में बाहर से कुछ लोग आते थे और आसपास के हिंदुओं को इकट्ठा करते थे। उनकी समस्याओं के बारे में पूछने के बाद उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। जो लोग इसके लिए तैयार होते थे, उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया जाता था। दो दिन पहले, पुलिस ने छापेमारी कर इस घर से पांच महिलाओं सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक मुख्य व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

ताजमहल के पास ‘लपका’ आतंक: विदेशी पर्यटक को परेशान कर रहे तीन पकड़े गए, मुकदमा दर्ज!!!

आगरा। आगरा में ताजमहल के पास पर्यटकों को जबरदस्ती घुमाने का दबाव डालने वाले तीन युवकों को पर्यटन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों पर्यटकों पर लगातार दबाव बना रहे थे, जिसके बाद पर्यटन पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की। क्या हुआ था? गुरुवार को ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट के पास इन तीन युवकों ने कुछ पर्यटकों को घेर लिया। वे पर्यटकों पर इस बात का दबाव बना रहे थे कि वे उन्हें कम पैसों में ताजमहल घुमा देंगे और शॉपिंग भी करा देंगे। पर्यटक बार-बार मना कर रहे थे, लेकिन तीनों युवक पर्यटकों के साथ जबरदस्ती करते रहे। इसकी शिकायत तुरंत पर्यटन पुलिस तक पहुँची। पुलिस ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर सलमान, राहुल सिंह और विकास नाम के तीनों युवकों को धर दबोचा। ये तीनों ही बिना आईडी कार्ड के पर्यटकों पर दबाव बना रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 170, 126 और 135 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। ‘लपकों का आतंक’ खत्म क्यों नहीं हो रहा? यह कोई नई बात नहीं है कि ताजमहल के आसपास ‘लपकों’ (पर्यटकों को परेशान करने वाले गाइड/दलाल) का आतंक है। कुछ साल पहले आगरा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजमहल को ‘लपका मुक्त’ करने की बात कही थी। पुलिस ने तब सख्ती भी बरती थी और कुछ दिनों तक हालात सुधरे भी थे, लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो गई। योगी सरकार 2.0 में भी, सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने लपकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद आगरा प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ताजमहल शिल्पग्राम रोड पर एक एसडीएम की तैनाती करने की बात कही थी, ताकि वे ताजमहल और उसके आसपास लपकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। हालांकि, दुखद बात यह है कि ये एसडीएम अब तक तैनात नहीं हो पाए हैं। तत्कालीन डीएम प्रभु एन. सिंह के कार्यकाल में ताजमहल के आसपास सख्ती का असर दिखाई दिया था। वर्तमान में भी पर्यटन पुलिस लपकों को पकड़ने का अभियान चला रही है और लगभग 500 लपकों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, अब भी 1500 से ज़्यादा लपके ताजमहल के आसपास सक्रिय हैं, जो पर्यटकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। और खबरें भी हैं…

आगरा के शमशाबाद में होटल विवाद: 3 युवक गिरफ्तार, पूर्व विधायक और सैकड़ों समर्थक थाने पहुंचे, हंगामा!

आगरा। आगरा के शमशाबाद कस्बे में बुधवार को एक होटल में हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने शनिवार देर शाम तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इन गिरफ्तारियों के विरोध में स्थानीय पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह और समाजसेवी शैलू जादौन सैकड़ों समर्थकों के साथ शमशाबाद थाने पहुँच गए और जमकर हंगामा किया। क्या है पूरा मामला? घटना शमशाबाद के डी.पी. होटल की है। बुधवार को सलमान नामक एक युवक अपनी महिला साथी के साथ होटल के कमरे में था। इसी दौरान, कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उन्हें वहाँ देखा और आक्रोशित होकर सलमान के साथ मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल होटल पहुँची और युवक सलमान को थाने ले आई। होटल संचालक की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने इस मामले में 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद बढ़ा तनाव, थाने के बाहर हंगामा शनिवार को पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह और समाजसेवी शैलू जादौन अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ शमशाबाद थाने पहुँच गए। उन्होंने गिरफ्तार किए गए युवकों की रिहाई की मांग करते हुए पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। देर रात करीब 2 बजे, पुलिस ने हिंदूवादी संगठनों की शिकायत पर होटल संचालक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया। हिरासत में लिए गए तीनों युवकों को शांति भंग के आरोप में चालान कर शमशाबाद से नई की मंडी थाने स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, होटल में हुई मारपीट के इस मामले में कार्रवाई अभी भी जारी है। यह घटना शमशाबाद में सांप्रदायिक तनाव और पुलिस कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ सकती है। ऐसा किस वजह से हुआ वह खबर अभी पढ़िए

दे दना दन! प्रॉपर्टी के लिए ‘दे घूंसे-दे घूंसे’! आगरा में भतीजे ने बीच सड़क पर गिराकर पीटा अपना ही चाचा, VIDEO वायरल होते ही पुलिस ने दबोचा

आगरा। आगरा में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। थाना छत्ता अंतर्गत बेलनगंज के भैरो बाजार इलाके में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक भतीजे ने अपने ही चाचा को बीच सड़क पर बुरी तरह पीटा। मारपीट का यह दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। क्या दिखा वायरल वीडियो में? वायरल हुए वीडियो में दिख रहा है कि कमल होटल के पास एक व्यक्ति बाइक पर था। तभी एक युवक वहां आता है और बाइक सवार से कुछ कहता है। दोनों के बीच बहस होती है, जिसके बाद युवक बाइक सवार को धक्का दे देता है। बाइक सवार व्यक्ति अपनी बाइक खड़ी करके युवक के पास जाता है, लेकिन युवक उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा देता है। इसके बाद वह लगातार उसके मुंह पर कई घूंसे बरसाता है। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो जाती है। लोगों ने युवक को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह मारपीट करता रहा। काफी मुश्किल से लोगों ने उसे हटाया, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं माना और लगातार हमलावर बना रहा। चाचा-भतीजे का विवाद, पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस की जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिख रहे दोनों व्यक्ति आपस में चाचा-भतीजे हैं और उनके बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित चाचा की तहरीर पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना दर्शाती है कि प्रॉपर्टी विवाद किस तरह रिश्तों में कड़वाहट घोलकर हिंसा का रूप ले सकता है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

आगरा में फिल्मी ‘फरार’ दुल्हन: शादी के 15 दिन बाद प्रेमी संग जेवरात-नकदी लेकर भागी, पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ा!

आगरा। आगरा के शमशाबाद थाना क्षेत्र के चितौरा गांव में एक नवविवाहिता ने अपनी शादी के महज 15 दिन बाद ही फिल्मी अंदाज में घर से जेवरात और नकदी लेकर प्रेमी संग फरार होने की वारदात को अंजाम दे दिया। लेकिन, आगरा पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर ही फरार दुल्हन को उसके प्रेमी और दो अन्य साथियों के साथ दबोच लिया। व्हाट्सएप चैट और वायरल फोटो से खुला राज़ यह घटना 4 जुलाई को हुई शादी के सिर्फ 15 दिन बाद रविवार-सोमवार की दरमियानी रात की है। जब परिवार को दुल्हन के घर में न होने का पता चला तो उन्होंने तलाश शुरू की। जल्द ही, मामले में सामने आए वायरल फोटो और व्हाट्सएप चैट से खुलासा हुआ कि दुल्हन पहले से ही किसी अन्य युवक के संपर्क में थी। वायरल चैट में दुल्हन ने रात में घर से निकलने की पूरी योजना बनाई थी। एक चौंकाने वाली फोटो में वह युवक दुल्हन की मांग में सिंदूर भरता भी दिखाई दे रहा है, जिससे उसके पहले से प्रेम-संबंधों में होने की पुष्टि होती है। पति ने दर्ज कराई शिकायत, चार आरोपी गिरफ्तार पीड़ित पति सचिन ने थाना शमशाबाद में शिकायत दर्ज कराई। सचिन ने अपने ही एक रिश्तेदार (जिसने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी) सहित चार अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। सचिन ने बताया कि बिहार की रहने वाली कविता से उसकी शादी 15 दिन पहले ही हुई थी और सब कुछ ठीक-ठाक संपन्न हुआ था, लेकिन अचानक 15 दिन बाद उसकी पत्नी गायब हो गई। इंस्पेक्टर शमशाबाद देवी प्रसाद तिवारी ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दुल्हन, उसके प्रेमी और एक बिचौलिए की पत्नी समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने चोरी की गई नकदी और जेवरात भी बरामद कर लिए हैं। हालांकि, इस मामले में अभी भी दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

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