आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा पर प्रतिबंध का असर, यातायात में दिखा सुधार

आगरा। आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के बाद यातायात व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार के आदेश के बाद गुरुवार से ही एमजी रोड पर ई-रिक्शा की संख्या में कमी आई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन ई-रिक्शा चालकों को प्रतिबंध की जानकारी नहीं है, उन्हें जागरूक किया जा रहा है और नियमों के बारे में बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ चालक अभी भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिनके खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। यातायात पुलिस ने भगवान टॉकीज चौराहे पर अभियान चलाकर कई ई-रिक्शा जब्त किए। पुलिस का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करके यातायात व्यवस्था को सुधारना है ताकि शहर के लोगों को जाम से राहत मिल सके। एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो की अधिक संख्या के कारण ट्रैफिक धीमा हो जाता था, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, एमजी रोड पर वाहनों की संख्या कम होने से शहर के अंदरूनी चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है, जिससे वहाँ जाम की स्थिति बन रही है। पुलिस इस समस्या पर भी ध्यान दे रही है।

आगरा में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, पुलिस कमिश्नर ने बैठक में लिए 10 अहम फैसले

आगरा। आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर और मेट्रो निर्माण कार्य के कारण शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कई विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में जिलाधिकारी आगरा, आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, कैंटोनमेंट बोर्ड, रोडवेज के आरएम/एआरएम, एआरटीओ, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता, स्मार्ट सिटी, एनएचएआई, मेट्रो परियोजना के एमडी और टोरेंट पावर जैसे कई विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा किए गए सर्वे के बाद बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनके जल्द से जल्द क्रियान्वयन का आश्वासन संबंधित विभागों ने दिया है। बैठक में लिए गए 10 महत्वपूर्ण निर्णय: इन निर्णयों से शहर के लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस आयुक्त @DeepakKumarIPS2 द्वारा कमिश्नरेट आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर एवं मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शहर में बढ़ते यातायात दबाव के दृष्टिगत शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु कई विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जिलाधिकारी… pic.twitter.com/93RQ9mWf0h — POLICE COMMISSIONERATE AGRA (@agrapolice) September 11, 2025 आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो पर प्रतिबंध, पुलिस ने जारी की अधिसूचना शहर के नगर जोन में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध भगवान टॉकीज चौराहे से लेकर अवंतीबाई चौराहे (एमजी रोड) तक प्रभावी रहेगा। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार ने उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की है। इसमें बताया गया है कि नगर जोन में ई-रिक्शा और ऑटो के अधिक संचालन के कारण मुख्य मार्गों पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि आगरा आने वाले पर्यटकों को भी भारी परेशानी होती है। अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि नए ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे यातायात व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह आदेश अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से ही प्रभावी हो गया है। इस कदम से एमजी रोड पर यातायात का दबाव कम होने और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

पुलिस कमिश्नर के आदेश हवा हुए: आगरा की लाइफलाइन पर बेकाबू ई-रिक्शा, ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही से भारी जाम

आगरा। आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई थी। उनके स्पष्ट निर्देश थे कि शहर की लाइफलाइन पर कोई भी ई-रिक्शा नजर नहीं आना चाहिए और ऐसा करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है। पुलिसकर्मियों की लापरवाही के चलते कमिश्नर के ये आदेश हवा हो गए हैं और एमजी रोड पर ई-रिक्शा बेलगाम दौड़ रहे हैं। लगभग सात किलोमीटर लंबे एमजी रोड पर 14 से अधिक चौराहे और तिराहे हैं, जहाँ हर वक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये पुलिसकर्मी अपनी आँखों के सामने ई-रिक्शा चालकों को नियम तोड़ते देख भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। इसी अनदेखी का फायदा उठाकर ई-रिक्शा चालक बेफिक्र हो गए हैं, जिससे रोड पर लगातार जाम की स्थिति बन रही है। मेट्रो के काम और बढ़ती भीड़ के बीच ई-रिक्शा का यह अनियंत्रित संचालन लोगों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन गया है। कमिश्नर के आदेशों की अनदेखी के कारण, लोगों को अब घंटों जाम में फँसकर जूझना पड़ रहा है। पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं कि जब शीर्ष स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा है?

आगरा में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले ई-रिक्शा और ऑटो चालकों पर होगी सख्त कार्रवाई

आगरा। आगरा में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ई-रिक्शा और ऑटो चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उन्हें लंबे समय से ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा नियमों की मनमानी की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने खुद भी सड़कों पर यह अनुभव किया है कि ये चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं, गलत दिशा में चलते हैं और ट्रैफिक रुकते ही अपनी लाइन छोड़कर दूसरों के लिए दिक्कत पैदा करते हैं। इससे न केवल जाम लगता है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों और बच्चों को होती है परेशानी दीपक कुमार ने कहा कि इन चालकों की मनमानी का खामियाजा सामान्य नागरिकों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि ई-रिक्शा और सीएनजी ऑटो उनकी आजीविका का साधन हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे यातायात नियमों की अनदेखी करें और दूसरों को प्रभावित करें। टीमें गठित करने के निर्देश, होगा भारी जुर्माना पुलिस आयुक्त ने डीसीपी ट्रैफिक को विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नजर रखेंगी। उन्होंने सभी ऑटो चालकों से अपील की है कि वे अपनी लेन में चलें, ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करें और क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो गठित टीमें नियमानुसार भारी जुर्माना लगाएंगी और ई-रिक्शा/सीएनजी ऑटो को सीज करने पर मजबूर होंगी। यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के बाहर महाजाम: ऑटो-ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से पर्यटक भी हलकान, 2 मिनट का सफर 15 मिनट में!

इस रोड पर दिनभर जाम जैसे हालात रहते हैं।

आगरा। आगरा के ऐतिहासिक आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के बाहर ट्रैफिक जाम की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। रोजाना बिजलीघर चौराहे से लेकर स्टेशन से करीब 200 मीटर आगे तक भयंकर जाम लगा रहता है। इस जाम का मुख्य कारण ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पार्किंग है। ये चालक निर्धारित स्टैंड पर अपने वाहन खड़े न करके सीधे सड़क किनारे सवारियां बैठाने लगते हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो जाती है। पर्यटक भी परेशान, स्थानीय लोगों का समय बर्बाद स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजलीघर चौराहे से शुरू होकर यह जाम दिनभर रहता है। आलम यह है कि महज 2 मिनट की दूरी तय करने में यात्रियों और राहगीरों को 10 से 15 मिनट तक लग जाते हैं। आगरा फोर्ट देखने आने वाले विदेशी पर्यटकों को भी अक्सर इसी जाम से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी असुविधा होती है। गलत पार्किंग से बढ़ी परेशानी, कोई निर्धारित स्टैंड नहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्टेशन से निकलने वाले यात्रियों को अपनी ओर खींचने के चक्कर में ऑटो और ई-रिक्शा चालक सड़क के बीच में ही वाहन रोककर सवारियां बैठाने लगते हैं। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और जाम लग जाता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि उन्होंने कई बार इन चालकों को हटने को कहा, लेकिन वे मानते नहीं हैं। स्थानीय निवासी शाहीरान ने बताया कि यहाँ कोई निर्धारित ऑटो स्टैंड नहीं है, जिसकी वजह से चालक सीधे स्टेशन के बाहर ही सवारियां बिठा लेते हैं। लोगों की मांग है कि यहाँ एक स्थायी ऑटो स्टैंड बनाया जाए और गलत पार्किंग करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए। इससे ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सकेगा और यात्रियों को भी असुविधा से मुक्ति मिलेगी। और खबरें भी हैं…

‘तिर्री और टेम्पू’ के लिए अब नए जोन, QR कोड से होगी पहचान: यातायात पुलिस का मास्टर प्लान, जल्द लागू होगा नया नियम

आगरा। आगरा की सड़कें पिछले काफी समय से जाम की समस्या से कराह रही हैं। इस विकट स्थिति से निपटने के लिए यातायात पुलिस ने एक नया और महत्वपूर्ण प्लान तैयार किया है। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अब ई-रिक्शा और ऑटो का संचालन चार जोन में बांटकर किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब चालक अपने निर्धारित जोन में ही तिर्री और टेम्पू चला सकेंगे, और ज़ोन से बाहर जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस नई व्यवस्था को जल्द ही आगरा में लागू किया जाएगा। क्या है यातायात पुलिस का नया प्लान? यातायात पुलिस द्वारा तैयार किए गए इस प्लान के तहत: क्यों पड़ी इस नए प्लान की जरूरत? एमजी रोड पर मेट्रो कार्य और वाहनों का दबाव एमजी रोड और हाईवे पर चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य के कारण डिवाइडर पर बैरिकेडिंग की गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। पीक आवर्स (सुबह-शाम के व्यस्त समय) में वाहनों की संख्या बढ़ने पर लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। एमजी रोड पर महानगर बसों के साथ-साथ ऑटो और ई-रिक्शा की बड़ी संख्या, और स्कूल बसों व निजी कारों की बढ़ती तादाद, जाम की प्रमुख वजह बन रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए ही बुधवार को डीसीपी यातायात अभिषेक अग्रवाल की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। डीसीपी अग्रवाल ने बताया कि जिले में लगभग 35 हजार ऑटो और ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनमें से आधे से ज़्यादा शहरी सीमा में चलते हैं। इनमें से भी बड़ी संख्या भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा के बीच संचालित होती है। उन्होंने यह भी बताया कि कई ऑटो की फिटनेस नहीं है और देहात (ग्रामीण) क्षेत्र के ऑटो भी शहर में चल रहे हैं, जिससे यातायात का दबाव और बढ़ रहा है। मेट्रो के कार्य को देखते हुए शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए यह नई व्यवस्था लाई जा रही है। क्यूआर कोड और फिटनेस चेकिंग से होगी सख्ती यातायात पुलिस की नई व्यवस्था में क्यूआर कोड अहम भूमिका निभाएगा। आरटीओ के माध्यम से ऑटो के मालिक और चालक के निवास स्थान का पता लगाकर उन्हें क्यूआर कोड जारी किए जाएंगे। जोन निर्धारित होने के बाद चालक को उसी में ऑटो का संचालन करना होगा। इसके अलावा, जिन वाहनों की फिटनेस नहीं होगी, उन्हें बिल्कुल भी संचालित नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए अलग से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। देहात क्षेत्र के ऑटो को देहात में ही चलाने की अनुमति होगी, और आगरा से बाहर के ऑटो के शहर में प्रवेश करने पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह नया प्लान आगरा को जाम से मुक्ति दिलाने में कितना सफल होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन यातायात पुलिस का यह कदम निश्चित रूप से एक उम्मीद की किरण है।

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