Agra News: 48 घंटे में ‘ऑटो गैंग’ का पर्दाफाश, लूट के तीन आरोपी गिरफ्तार

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Agra News सिकंदरा पुलिस ने 48 घंटे में ऑटो में लूट की वारदात का खुलासा कर दिया है। ऑटो गैंग के तीन सदस्य (शिवम, आसिफ, सोहेल) गिरफ्तार किए गए हैं। मोबाइल, नकदी और वारदात में प्रयुक्त ऑटो बरामद। आगरा में यात्रियों को सवारी बनाकर लूटने वाले ऑटो गैंग का सिकंदरा पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस ऑटो गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लूट का माल, नकदी और वारदात में इस्तेमाल होने वाला ऑटो भी बरामद किया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने शहर में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसीपी हरीपर्वत, संजय महादिक ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सुनसान सड़कों पर यात्रियों को निशाना बना रहा था, जिससे आम लोगों में भय का माहौल था। लूट की वारदात का विवरण पूरा मामला तब सामने आया जब 26 अक्टूबर को थाना सिकंदरा में एक गंभीर लूटपाट का मुकदमा दर्ज किया गया। वादी (पीड़ित) ने पुलिस को बताया कि यह घटना 25 अक्टूबर की है, जब वह किसी काम से शास्त्रीपुरम मोड़ से एक सवारी ऑटो रिक्शा में बैठा था। पीड़ित के अनुसार, ऑटो में पहले से ही पीछे की सीट पर दो संदिग्ध व्यक्ति बैठे हुए थे। ऑटो ड्राइवर ने पीड़ित को बीच में बैठाया, जो कि इस गिरोह की लूटपाट को अंजाम देने की रणनीति का एक हिस्सा था। ऑटो जैसे ही सिकंदरा बीयर फैक्ट्री के पास सुनसान सड़क पर पहुंचा, पहले से बैठे दोनों व्यक्तियों ने पीड़ित को धमकाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते उन्होंने लूट की घटना को अंजाम दिया। पीड़ित से उसका मोबाइल फोन और 9500 रुपये नकद छीन लिए गए। लूट के बाद लूटेरों ने पीड़ित को ऑटो से नीचे उतार दिया और मौके से फरार हो गए। इस घटना से पीड़ित स्तब्ध रह गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की टीमें गठित, 48 घंटे में खुलासा घटना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी हरीपर्वत संजय महादिक के निर्देशन में सिकंदरा पुलिस ने तत्काल त्वरित कार्रवाई शुरू की। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगाई गईं। पुलिस की ये टीमें लगातार 48 घंटों तक सक्रिय रहीं। आखिरकार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पनवारी गांव के पास से तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इस गिरफ्तारी से न सिर्फ लूट की वारदात का खुलासा हुआ, बल्कि शहर में सक्रिय एक शातिर ऑटो गैंग का भी अंत हुआ। बरामदगी और आरोपियों की पहचान गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान उनके बयान और सबूतों के आधार पर की गई है। इन तीनों के पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामान और नकदी बरामद की है: पुलिस द्वारा बरामद की गई नकदी से यह स्पष्ट होता है कि तीनों आरोपी लूटी गई रकम को आपस में बांट चुके थे। ऑटो गैंग का सुनियोजित ‘मॉडस ऑपरेंडी’ पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात को अंजाम देने के तरीके (मॉडस ऑपरेंडी) के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे पता चला कि यह गिरोह कितनी शातिर तरीके से काम कर रहा था। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी शिवम पर पहले भी चोरी और लूटपाट के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इन आरोपियों से और साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके। मामले में अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई है, जो इस प्रकार के जघन्य अपराधों के लिए कठोर प्रावधान सुनिश्चित करती है। Agra News: देह व्यापार की सूचना पर दबिश: होटल ‘द हैवन’ की पहली मंजिल से युवती गिरी, 3 हिरासत में

आगरा में क्रूरता की हदें पार: दबंगों ने युवक को हाथ-पैर बांधकर बंबा में फेंका, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

आगरा। आगरा के बरहन थाना क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। बुधवार दोपहर को दबंगों ने 18 वर्षीय एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर उसके हाथ-पैर बांधकर गांव के पास स्थित नहर (बंबा) में फेंक दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल युवक को लेकर बरहन थाना पहुंचे। पुलिस ने तुरंत युवक को अस्पताल में भर्ती कराया है। रंजिश के चलते दिया घटना को अंजाम यह क्रूरता कुछ दिनों पहले हुए विवाद का नतीजा है। दरअसल, पीड़ित धर्मेंद्र कुमार का गांव के ही कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। इस मामले में आरोपी पक्ष ने धर्मेंद्र के खिलाफ बरहन थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था, जिसके बाद पुलिस ने धर्मेंद्र को दो दिन पहले जेल भेजा था। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन था। इसी बीच, जेल से छूटने के बाद धर्मेंद्र जैसे ही गांव पहुंचा, आरोपियों ने मौका पाकर उस पर हमला कर दिया और इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप घायल धर्मेंद्र को अस्पताल ले जाने के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही यह घटना हुई है, क्योंकि उन्होंने पहले की शिकायत पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की थी। परिजनों ने पुलिस पर सख्त कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया है।

आगरा के अछनेरा रेलवे स्टेशन के पास युवती का शव मिला, हत्या कर फेंके जाने की आशंका

आगरा। आगरा के अछनेरा रेलवे स्टेशन के यार्ड के पास झाड़ियों में एक युवती का शव मिला है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। युवती के गले में दुपट्‌टा बंधा है और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ है, जो हत्या की ओर इशारा कर रहा है। उसके साथ जबरदस्ती किए जाने की भी आशंका जताई जा रही है। सुबह भैंस चराने गई महिला ने देखा शव अछनेरा के रेलवे फाटक 18 के पास कचौरा रोड पर सुबह एक महिला अपनी भैंसों को बांधने पहुंची थी, तभी उसकी नजर झाड़ियों में पड़ी एक युवती पर पड़ी। पास जाकर देखने पर उसे एक युवती की लाश मिली। महिला के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय थाना पुलिस भी घटनास्थल पर आ गई। शरीर पर चोट के निशान, मुंह में कपड़ा ठूंसा मृतका ने लाल रंग की कुर्ती और काले रंग की सलवार पहन रखी थी। उसके गले में दुपट्‌टा बंधा था और मुंह में भी कपड़ा ठूंसा हुआ था। युवती के चेहरे पर भी चोट के निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि युवती के साथ जोर-जबर्दस्ती करने की कोशिश की गई, और फिर दुपट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। युवती के हाथ पर उसके नाम का एक टैटू बना है। उसका बैग भी शव के पास पड़ा मिला है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पास में ही उसकी चप्पलें भी पड़ी मिली हैं। मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। अभी तक मृतका की शिनाख्त नहीं हो पाई है कि वह कहाँ की रहने वाली थी। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि मृतका की पहचान हो सके और हत्यारों तक पहुँचा जा सके। और खबरें भी हैं…

आगरा में अमानवीय घटना: मां ने नवजात बच्ची को झाड़ियों में फेंका, राहगीर की सूझबूझ से बची जान!

आगरा। आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक मां ने अपनी नवजात बच्ची को जन्म के तुरंत बाद सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। यह अमानवीय कृत्य खंदौली क्षेत्र के जलेसर रोड स्थित फाजिलपुर के पास हुआ। गनीमत रही कि एक राहगीर की सूझबूझ और तत्परता से इस मासूम की जान बच गई। झाड़ियों में रोने की आवाज़ सुनकर राहगीर ने बचाया फाजिलपुर निवासी कुलदीप परमार जब उस रास्ते से गुजर रहे थे, तो उन्हें झाड़ियों के भीतर से किसी बच्चे के रोने की आवाज़ सुनाई दी। आवाज सुनकर कुलदीप ने तुरंत झाड़ियों की तलाशी ली और वहाँ कपड़ों में लिपटी एक नवजात बच्ची को पड़ा हुआ पाया। मानवता दिखाते हुए, कुलदीप ने बिना किसी देरी के पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी। अस्पताल में भर्ती कराने के लिए 3 घंटे की मशक्कत सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची और बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू कर सीएचसी खंदौली ले गई। 108 एंबुलेंस चालक प्रदीप कुमार ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत आल यूपी एंबुलेंस ऑपरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रवि सिसोदिया को जानकारी दी। रवि सिसोदिया के अनुसार, शुरू में कुछ जिम्मेदार अधिकारियों ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, रवि सिसोदिया ने जिलाधिकारी (DM) और एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से संपर्क किया। उनके हस्तक्षेप के बाद ही, देर रात बच्ची का एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज शुरू हो सका। लगभग तीन घंटे की मशक्कत और वेलफेयर एसोसिएशन व जिलाधिकारी के अथक प्रयासों के बाद ही इस मासूम बच्ची को चिकित्सा सुविधा मिल पाई। बच्ची का वजन मात्र डेढ़ किलो है और उसे कपड़ों में लपेटकर झाड़ियों में छोड़ दिया गया था। फिलहाल, बच्ची की स्थिति पर डॉक्टरों द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है। यह घटना समाज में संवेदनहीनता और नवजात शिशुओं के प्रति बढ़ती लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आगरा में खेत में मिली रहस्यमयी लाश: दो दिन पुरानी, मारकर फेंके जाने की आशंका, शिनाख्त नहीं

आगरा। आगरा में एक खेत में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। रविवार सुबह डूंगरवाला रोड पर राहगीरों ने खेत में शव पड़ा देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और फोरेंसिक टीम ने जब जांच की तो पता चला कि शव करीब दो दिन पुराना है और उससे काफी दुर्गंध आ रही थी। पुलिस को आशंका है कि किसी ने व्यक्ति की हत्या कर शव को खेत में फेंका है। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर, पहचान की कोशिश जारी एसीपी इमरान अहमद ने बताया कि रविवार सुबह ग्रामीणों ने डूंगरवाला रोड पर एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना दी थी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। शव की हालत देखकर लग रहा है कि मौत दो दिन पहले हुई है। पुलिस ने बताया कि अभी तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। शव के हुलिए से लग रहा है कि मृतक कोई भिखारी हो सकता है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। एसीपी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता चल सकेगी। पुलिस शव की शिनाख्त के लिए आसपास के लोगों से जानकारी जुटा रही है और मृतक का फोटो सोशल मीडिया पर भी सर्कुलेट किया गया है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गोली के बदले गोली! आगरा में ‘खूनी रात’ का बदला, भाजपा नेता को कान में सटाकर गोली मारने वाला सोहेल पुलिस मुठभेड़ में ढेर, पैर में लगी गोली!

आगरा। आगरा के व्यस्ततम एमजी रोड पर बुधवार देर रात हुए सनसनीखेज गोलीकांड के आरोपी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। भाजपा नेता सुमित दिवाकर को कान में सटाकर गोली मारने वाले मुख्य आरोपी सोहेल के पैर में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इस कार्रवाई ने शहर में अपराधियों के बुलंद होते हौसलों पर पुलिस के सख्त रुख को दर्शाया है। MG रोड पर ‘खूनी रात’: भाजपा नेता सुमित दिवाकर पर जानलेवा हमला घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे की है, जब न्यू आगरा के नगला पदी निवासी और भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक सुमित दिवाकर एमजी रोड स्थित शाह मार्केट के बाहर एक अंडे के ठेले पर खड़े थे। तभी अचानक पीछे से आए तीन हमलावरों – सोहेल, राजा और शाहरुख – में से सोहेल ने सुमित के कान पर तमंचा सटा दिया। सुमित दिवाकर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया, “मुझे लगा कि मेरे कान में चींटी रेंग रही है। इसी कारण मैंने कान के पास हाथ मारा और पीछे की तरफ घूम गया। मेरा हाथ लगने से असलहे का मुंह थोड़ा दूसरी ओर हो गया और गोली के छर्रे मेरे कान को छूकर निकल गए।” गोली लगने के बाद सुमित लहूलुहान होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर आसपास खड़े लोगों में भगदड़ मच गई और इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावर बाइक से मौके से फरार हो गए। लहूलुहान हालत में 500 मीटर चलकर थाने पहुंचे सुमित, ‘आज मेरा भेजा उड़ जाता!’ गोली लगने और बेहोश होने के बाद जब सुमित को होश आया, तो उन्होंने किसी की मदद का इंतजार नहीं किया। खून से लथपथ हालत में वे घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित हरीपर्वत थाने तक पैदल चलकर पहुंचे और अपनी खौफनाक दास्तान पुलिस को सुनाई। उन्होंने बताया, “अगर, मेरा हाथ नहीं लगता तो आज मेरा भेजा उड़ जाता।” पुलिस ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हमले के पीछे पुरानी रंजिश और ‘विशेष समुदाय’ का एंगल सुमित दिवाकर के दोस्त दीप विनायक ने घटना के पीछे शाह मार्केट निवासी सोहेल का हाथ होने का शक जताया था। दीप के अनुसार, सोहेल से सुमित का पहले भी विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत थाना हरीपर्वत में दर्ज कराई गई थी, तब सोहेल ने सुमित को जान से मारने की धमकी भी दी थी। खुद सुमित दिवाकर ने भी इस हमले के पीछे राजनीतिक रंजिश और पुरानी दुश्मनी का शक जताया। उन्होंने भास्कर को बताया कि गोली मारने वाले आरोपी जज कंपाउंड निवासी सोहेल, राजा और शाहरुख ‘विशेष समुदाय’ से आते हैं। सुमित ने आरोप लगाया कि आरोपी मुस्तफा क्वार्टर निवासी सोहेल के मामा चांद ने दो महीने पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी, जब सुमित ने बजरंग दल कार्यकर्ता सोनू का साथ दिया था। सुमित ने उस धमकी की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी थी, जिसके बाद कुछ लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई हुई थी, लेकिन चांद पुलिस के हाथ नहीं आया था। सुमित का आरोप है कि चांद के कहने पर ही सोहेल ने उन पर यह जानलेवा हमला किया। सुमित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी जज कंपाउंड के पास सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके रह रहे हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: मुठभेड़ में पकड़ा गया मुख्य आरोपी सोहेल भाजपा नेता पर जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नरेट आगरा में हड़कंप मच गया। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावरों की तलाश के लिए तुरंत टीमें गठित की गईं। गुरुवार देर रात, सघन चेकिंग अभियान के दौरान थाना हरीपर्वत पुलिस, सर्विलांस और एसओजी टीम को सूचना मिली कि मुख्य अभियुक्त सोहेल पालीवाल पार्क से गुजर रहा है। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन सोहेल ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सोहेल के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सोहेल को तत्काल इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। इस घटना और उसके बाद की त्वरित पुलिस कार्रवाई ने आगरा में कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच एक मजबूत संदेश दिया है कि अपराधी कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, खासकर एमजी रोड जैसे अति-सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में भी पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में पीछे नहीं हटेगी। फरार आरोपियों राजा और शाहरुख की तलाश जारी है।

आगरा: जुआरी पकड़े, ‘माननीय’ का आया फोन – ‘छोड़ दो गांव के बच्चे हैं इतना बड़ा कोई अपराध नहीं किया’, पर थाना प्रभारी ने नहीं सुनी, भेजे जेल

आगरा। आगरा में एक बार फिर पुलिस की ईमानदारी और राजनीतिक प्रभाव के बीच का टकराव सामने आया है। थाना डौकी पुलिस ने जुए की सूचना पर छापा मारकर चार जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा और थाने ले आई। लेकिन, तभी सिफारिश के लिए एक ‘माननीय’ (कथित माननीय नेता) का फोन थाने पहुंचा। ‘माननीय’ ने पुलिस पर जुआरियों को छोड़ने का दबाव बनाते हुए कहा, “गांव के बच्चे हैं, जुआ कोई बड़ा अपराध नहीं किया है, ताश ही तो खेल रहे थे।” हालांकि, थाना प्रभारी ने ‘माननीय’ के दबाव में न आकर उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ा दिया और नियमों के तहत कार्रवाई की। यह ‘माननीय’ पहले भी ऐसी सिफारिशों को लेकर चर्चा में रहे हैं। डौकी पुलिस का छापा: 9400 रुपए बरामद, स्कार्पियो भी जब्त डौकी पुलिस को सूचना मिली थी कि मलखानपुर के पास एक खेत में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर थाना प्रभारी योगेश नागर ने अपनी टीम के साथ मौके पर छापा मारा। पुलिस को देखते ही जुआ खेल रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके से चार जुआरियों को पकड़ा, जिनमें डोमर सिंह (ग्राम कोटरा फतेहाबाद), रवीश, यशपाल (नगला देवहंस डौकी) और कमल कटारा (ताजगंज) शामिल हैं। जुए की फड़ से पुलिस ने 9400 रुपए नकद बरामद किए और एक स्कार्पियो कार भी जब्त की। इस दौरान तीन अन्य आरोपी – हरिओम, करुआ और मलिंगा – भागने में सफल रहे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। ‘माननीय’ का सिफारिशी फोन: ‘बड़ा अपराध नहीं किया, गांव के बच्चे हैं’ सूत्रों के अनुसार, पुलिस जैसे ही आरोपियों को थाने लेकर आई, एक ‘माननीय’ का सीधा फोन थाना प्रभारी को पहुंचा। उन्होंने थाना प्रभारी से जुए में पकड़े गए आरोपियों पर कार्रवाई न करने का अनुरोध किया। जब थाना प्रभारी ने अपनी असमर्थता जताई, तो ‘माननीय’ नाराज हो गए। उन्होंने तर्क दिया कि जुआरियों ने “कोई बड़ा अपराध नहीं किया है”, और “गांव के बच्चे ताश ही तो खेल रहे थे।” इस पर थाना प्रभारी योगेश नागर ने उन्हें स्पष्ट किया कि यह केवल “ताश खेलना” नहीं था, बल्कि “नाल पर जुआ हो रहा था और इसमें बाहर के लोग भी शामिल थे।” थाना प्रभारी की दृढ़ता के बाद ‘माननीय’ ने फोन काट दिया। पुलिस की कार्रवाई और अखंडता पर सवाल यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि समाज में कुछ प्रभावशाली लोग किस तरह कानून को अपने इशारों पर नचाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, थाना प्रभारी योगेश नागर की कार्रवाई और उनकी नैतिकता ने पुलिस बल की अखंडता का एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है। ऐसे समय में जब पुलिस पर अक्सर राजनीतिक दबाव का आरोप लगता है, डौकी पुलिस का यह कदम सराहनीय है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

आगरा : पड़ोसी ने दीवार में छेद कर नाबालिग बहनों का बनाया नहाते हुए वीडियो, शिकायत करने पर ‘समझौते का दबाव’ बनाने का आरोप!

आगरा। आगरा के थाना अछनेरा क्षेत्र के एक गांव में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पड़ोसी युवक ने दीवार में छेद करके दो नाबालिग बहनों का नहाते समय वीडियो बना लिया। इस घिनौनी हरकत का पता चलते ही पीड़ित परिवार सदमे में है, और उनका आरोप है कि पुलिस थाने के कुछ लोग उन पर ‘समझौते’ का दबाव बना रहे हैं। नाबालिगों को चला पता, पिता ने मौके पर पकड़ी ‘ईंट उखड़ी दीवार’ यह घटना तब सामने आई जब नहाते समय किशोरियों को दीवार में कुछ गड़बड़ी महसूस हुई। बड़ी बहन ने तुरंत छत पर पहुंचकर अपने पिता को इस घटना की जानकारी दी। पिता जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पड़ोसी युवक ने दीवार से ईंट निकाल रखी थी, जिससे वीडियो बनाने की बात स्पष्ट हो गई। पिता ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी और आरोपी के बड़े भाई को भी इस शर्मनाक हरकत के बारे में बताया। लेकिन, आरोपी के भाई ने उल्टा उन्हें गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद, 112 पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। “दरोगा ने दिखाया वीडियो, समझौते का दबाव बना रहे कुछ लोग”: पीड़ित परिवार का आरोप पीड़िता के पिता ने थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी है। उनका कहना है कि थाने के दरोगा ने उन्हें एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें उनकी बेटी साफ दिखाई दे रही है। परिवार को आशंका है कि आरोपी ने और भी कई वीडियो बनाए होंगे जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया है। सबसे चौंकाने वाला आरोप पीड़ित परिवार ने यह लगाया है कि थाने के कुछ लोग नाबालिग लड़कियों की अस्मत पर ‘समझौते’ का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि उन्हें थाना पुलिस से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है। दरोगा ने कथित तौर पर उनसे कहा है कि आरोपी तीन-चार दिन में बरी हो जाएगा, जिससे परिवार और भी भयभीत है। इस गंभीर मामले में, थाना प्रभारी निरीक्षक अछनेरा देवेंद्र कुमार द्विवेदी ने इस घटना को ‘निंदनीय’ बताते हुए कहा कि आरोपी पुलिस हिरासत में है और जांच के बाद अभियोग दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पीड़ित परिवार के ‘समझौते के दबाव’ वाले आरोप ने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है, जिस पर उच्च अधिकारियों को ध्यान देने की आवश्यकता है।

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