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Agra News: लालच देकर धर्मांतरण का आरोप: आवास विकास कॉलोनी से अरुणाचल प्रदेश के युवक और झारखंड की युवती गिरफ्तार

Agra की आवास विकास कॉलोनी सेक्टर पांच में बुधवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण का प्रयास करने के आरोप में एक युवक और एक युवती को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोप है कि दोनों घर-घर जाकर ईसाई धर्म की किताबें बाँट रहे थे और रुपये तथा जमीन का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे थे। पुलिस ने वीरेंद्र गौतम की तहरीर पर थाना जगदीशपुरा में केस दर्ज कर लिया है। आर्थिक सहायता और जमीन का दिया लालच शिकायतकर्ता वीरेंद्र गौतम, जो आवास विकास कॉलोनी सेक्टर पांच के निवासी हैं, ने बताया कि सुबह लगभग 11 बजे एक महिला और पुरुष उनके घर आए। उन्होंने पहले उनकी पत्नी को ईसाई धर्म की एक किताब दी और बताया कि इस धर्म को अपनाने पर मुफ्त शिक्षा सहित कई सुविधाएं मिलेंगी। वीरेंद्र गौतम के अनुसार, आरोपितों ने ईसाई धर्म अपनाने पर आर्थिक सहायता देने का प्रलोभन दिया और तो और जमीन का भी लालच दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने हिंदू धर्म के बारे में भी गलत बातें कहनी शुरू कर दीं। इस पर वीरेंद्र गौतम कमरे से बाहर आए और तुरंत विहिप एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना दी। आधार कार्ड से हुई पहचान, डेढ़ साल से आगरा में सक्रिय सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और दोनों को पकड़ लिया। दोनों के पास से बड़ी मात्रा में ईसाई धर्म के प्रचार से संबंधित पुस्तकें और पर्चे बरामद हुए। आधार कार्ड से युवक की पहचान अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर (डी हट, लंदन पापा कॉल) निवासी अच्युत कुमार देव और उसकी साथी की पहचान रांची, झारखंड निवासी प्रसन्ना धान के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि वे पिछले डेढ़ वर्ष से आगरा में रहकर धर्म का प्रचार कर रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी, विहिप ने की विस्तृत जांच की मांग एसपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि पकड़े गए दोनों लोगों से पूछताछ की जा रही है और उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष करण गर्ग ने इस पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की। मौके पर प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर, प्रांत दिग्विजय नाथ तिवारी, जिला मंत्री प्रदीप शर्मा, शिवम दुबे, अनुज पाठक, कार्तिक मुद्गल, यशवर्धन सिंह राजावत, जगदीश सिंह और लक्ष्मण सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। Agra News: 8 दिन में उपलब्ध कराएं सूचना, नहीं तो होगी कार्रवाई:जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया

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आगरा में धर्मांतरण के आरोप में 11 लोग गिरफ्तार, एक महीने की गोपनीय जांच के बाद हुई कार्रवाई

आगरा। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने एक घर से 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई एक महीने तक चली गोपनीय जांच के बाद की है। केदार नगर के एक घर में प्रत्येक रविवार को ईसाई धर्म सभा आयोजित की जाती थी। शिकायत के अनुसार, इस सभा में हिंदुओं को बुलाया जाता था और उन्हें सनातन धर्म के देवी-देवताओं की पूजा-पाठ से दूर रहने के लिए कहा जाता था। इसके बदले में, उनकी गरीबी और अन्य सभी कष्टों को दूर करने का दावा किया जाता था। पुलिस ने सादे कपड़ों में भेजे थे कर्मी एक माननीय मंत्री से इस इलाके में धर्मांतरण की गतिविधियों की शिकायत की गई थी, जिसके बाद मामला पुलिस आयुक्त दीपक कुमार तक पहुंचा। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शाहगंज पुलिस ने गोपनीय जांच शुरू की। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में धर्म सभा में भेजा गया ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। जांच में पता चला कि इस घर में बाहर से कुछ लोग आते थे और आसपास के हिंदुओं को इकट्ठा करते थे। उनकी समस्याओं के बारे में पूछने के बाद उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। जो लोग इसके लिए तैयार होते थे, उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया जाता था। दो दिन पहले, पुलिस ने छापेमारी कर इस घर से पांच महिलाओं सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक मुख्य व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

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आगरा में विश्व हिंदू महासभा ने लव जिहाद और गोहत्या के खिलाफ निकाली जन जागरूकता यात्रा

आगरा। सोमवार को आगरा शहर में विश्व हिंदू महासभा ने लव जिहाद और गोहत्या के खिलाफ एक जन जागरूकता यात्रा निकाली। इस यात्रा के माध्यम से विश्व हिंदू महासभा और इसमें शामिल अन्य हिंदू संगठनों ने आतंकवाद और जिहाद का विरोध करते हुए राष्ट्र हित में आवाज बुलंद की। जेपी होटल से भगवान टॉकीज तक निकली यात्रा यह यात्रा दोपहर 12 बजे जेपी होटल से शुरू हुई और एमजी रोड, प्रतापपुर, ढाकरान, सेंट जॉन्स, हरिपर्वत, वजीरपुरा और सूर सदन होते हुए भगवान टॉकीज पर समाप्त हुई। यात्रा के दौरान धर्मांतरण और हो रही गोहत्या जैसे मुद्दों को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। विश्व हिंदू महासभा के प्रदेश महामंत्री सौरभ तिवारी ने बताया कि आगरा में विश्व हिंदू महासभा ने लव जिहाद और गोहत्या के खिलाफ यह जन जागरूकता अभियान चलाया है। उन्होंने गोवंश पर अत्याचार करने वालों का कड़ा विरोध किया और लोगों से गोहत्या बंद करने के लिए जागरूक होने का आह्वान किया। महासभा के पदाधिकारियों ने इस दौरान कहा कि गोमाता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है और इसके लिए हम सभी को एकजुट होना होगा। सौरभ तिवारी ने लोगों से अपील की कि वे गोहत्या के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं और गोमाता की रक्षा में सहयोग करें। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में गोहत्या के प्रति जागरूकता फैलाना और इसके खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करना था। आगरा। आगरा के शमसाबाद स्थित डीपी होटल में कानून को ताक पर रखकर एक युवक के साथ सरेआम मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बजरंग दल के कार्यकर्ता बताए जा रहे 8-10 लोगों ने ज़बरदस्ती होटल में घुसकर एक युवक को बुरी तरह पीटा। हैरानी की बात यह है कि मारपीट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी युवक पर लात-घूंसे बरसाए जाते रहे। युवक जिस महिला के साथ होटल में था, वह हाथ जोड़कर गुहार लगाती रही, लेकिन हमलावरों ने किसी की नहीं सुनी। यह घटना 6 अगस्त की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।…….CLICK TO READ DETAILED NEWS

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आगरा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन का ‘आक्रामक’ बयान: बोले- “जब तक दलित-पिछड़ों को हिंदू समाज का अंग नहीं समझेंगे, धर्म परिवर्तन नहीं रुकेगा!”

आगरा। आगरा में हालिया धर्मांतरण के खुलासे के बाद अब समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन का एक बेहद आक्रामक बयान सामने आया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि “जब तक हिंदू धर्म के जो ठेकेदार हैं, अपना मिजाज नहीं बदलेंगे, सोचने का तरीका नहीं बदलेंगे, दलितों-पिछड़ों को हिंदू समाज का अंग नहीं समझेंगे, तब तक धर्म परिवर्तन की संभावनाओं को कोई रोक नहीं सकता।” “असमानता के चलते हो रहा धर्मांतरण” सांसद रामजीलाल सुमन ने शनिवार को फिरोजाबाद में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि हिंदू धर्म में व्याप्त असमानता के चलते ही धर्म परिवर्तन हो रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक ऊंच-नीच का भेदभाव रहेगा, तब तक धर्म परिवर्तन होता रहेगा। उनके इस बयान के बाद जब दैनिक भास्कर ने उनके आवास पर इस मुद्दे पर बातचीत की, तो उन्होंने अपनी बात को और विस्तार दिया। “हमारे आचरण, व्यवहार और सोच से हुआ धर्म परिवर्तन” सपा सांसद का कहना है कि जो सनातन के मानने वाले लोग हैं, उन्होंने जब दलितों का मंदिर जाना रोक दिया, तो वे बजाय मंदिर के गुरुद्वारा-मस्जिद में चले गए। उन्होंने साफ कहा कि “कुल मिलाकर ये है कि धर्म परिवर्तन हमारे आचरण की वजह से हुआ…हमारे व्यवहार से हुआ, हमारे संस्कार और सोच से हुआ।” उन्होंने धर्मांतरण का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि हमने कुछ वर्गों को जानबूझकर अलग कर दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष को मंदिर में नहीं जाने दिया गया, और उज्जैन में बीजेपी के एमएलए को मंदिर में नहीं जाने दिया गया। सांसद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का भी उदाहरण दिया, कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री आवास छोड़ा तो उसे गंगाजल से साफ किया गया था। रामजीलाल सुमन के अनुसार, “ये सबका सीधा-सीधा मतलब ये है कि कुछ वर्गों को आपने जानबूझकर अलग कर रखा है।” “लालच नहीं, असमानता है धर्मांतरण की वजह” धर्मांतरण के मामले को नया न बताते हुए रामजीलाल सुमन ने तर्क दिया कि अगर धर्मांतरण किसी लालच में होता है या किसी अन्य वजह से होता है तो वे इसके विरोधी हैं। मगर, हमें असल वजह पर जाना होगा कि इस देश में धर्मांतरण क्यों होता है? उनका मानना है कि “देश में धर्मांतरण तब होता है, जब किसी मजहब या धर्म में समानता का भाव नहीं होता। तब लोग दूसरे रास्ते की तलाश करते हैं।” कुछ लोग हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते हैं, इस पर सांसद ने कहा कि इंडोनेशिया के बाद सबसे अधिक मुसलमान हमारे देश में रहते हैं। दलित, पिछड़े लोग हैं। उनका साफ कहना है कि “अगर समानता का व्यवहार नहीं करेंगे तो आप जो करना चाहते हैं, वह नहीं होगा।”

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धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश: देहरादून की युवती रेस्क्यू, व्हाट्सएप पर पढ़वाया कलमा; निकाह के बाद ‘सेफ हाउस’ भेजने की थी साजिश!

आगरा। आगरा में दो सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान के बेटों और जुनैद से पूछताछ में हर दिन नए, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने इस गिरोह द्वारा जबरन धर्मांतरण कराई गईं कई युवतियों की जानकारी मिलने के बाद अब देहरादून निवासी एक युवती को रेस्क्यू किया है। पीड़िता ने शुक्रवार को कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए और बताया कि उस पर दबाव डालकर व्हाट्सएप के जरिए कलमा पढ़वाया गया था। फेसबुक से फंसाया, ‘रिवर्ट टू इस्लाम’ ग्रुप से जोड़ा पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान के बेटे और जुनैद से पूछताछ में देहरादून की युवती रीना (काल्पनिक नाम) का नाम सामने आया था। आगरा पुलिस ने उसे मुक्त कराया। पीड़िता रीना ने बताया कि करीब 6 साल पहले वह फेसबुक के माध्यम से मुजफ्फरनगर निवासी अबू तालिब के संपर्क में आई और उनसे दोस्ती हो गई। इसके बाद अबू तालिब ने रीना को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस्लामिक ग्रुप ‘रिवर्ट टू इस्लाम’ से जोड़ दिया। इस ग्रुप के जरिए रीना का संपर्क सीधे अब्दुल रहमान, उनके दोनों बेटों, आयशा और रीत बनिक जैसे गिरोह के सदस्यों से हो गया। अबू तालिब ही रीना का मोबाइल रिचार्ज करवाता था और उसे कपड़े व रुपए भी भेजता था। एक बार जब रीना का मोबाइल खराब हो गया था, तब अबू तालिब ने आयशा से रुपए लेकर उसे नया मोबाइल दिलवाया था। ‘निकाह करोगी तभी मदद करेंगे’, नाम बदलकर मरियम रखा रीना ने बताया कि कुछ समय पहले अब्दुल रहमान ने उसके सामने एक शर्त रखी कि वे उसकी मदद तभी करेंगे, जब वह इस्लाम धर्म अपनाकर निकाह करेगी। वे उसका निकाह अब्दुल रहमान से कराना चाहते थे। इसके लिए रीना पर जबरदस्त दबाव बनाया गया। उसे व्हाट्सएप के माध्यम से कलमा पढ़वाया गया, जिसके बाद उसका नाम बदलकर मरियम रख दिया गया। इसके बाद रीना उर्फ मरियम को देहरादून से निकालकर किसी ‘सेफ हाउस’ ले जाने की तैयारी थी। इसके लिए एक मुस्लिम युवक को गाड़ी लेकर भेजा गया था और उसे निर्देश दिए गए थे कि जैसे ही रीना गाड़ी में बैठे, वह अपना मोबाइल और सिम तोड़ दे। हालांकि, इससे पहले ही आगरा पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए युवती को रेस्क्यू कर लिया। इस मामले में अवैध धर्मांतरण के हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं, और पुलिस अन्य पीड़ितों का पता लगाने में जुटी हुई है।

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आगरा के 12वीं फेल रहमान का पाकिस्तान कनेक्शन! NIA-IB कर रही पूछताछ, लाखों फॉलोअर्स वाला यू-ट्यूब चैनल और विदेशी पेमेंट का खुलासा

आगरा। आगरा में धर्मांतरण के एक मामले में पकड़े गए 12वीं फेल रहमान कुरैशी से पूछताछ में जो चौंकाने वाले राज सामने आए हैं, उसने खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। रहमान के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े निकले हैं! वह पाकिस्तान के इन्फ्लुएंसर्स के संपर्क में था और अपने यूट्यूब चैनल ‘द सुन्नाह’ पर विदेशी लोगों के वीडियो भी अपलोड किया करता था। पुलिस को शक है कि वह रेकी भी कर रहा था, और अब उससे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भी गहन पूछताछ कर रही हैं। डार्क वेब का इस्तेमाल, लाखों फॉलोअर्स और प्रोग्रामिंग का ज्ञान शाहगंज के सराय ख्वाजा का रहने वाला रहमान कुरैशी मूल रूप से किरावली का निवासी है। पुलिस ने उसे धर्मांतरण गिरोह के सदस्य के रूप में पकड़ा था। पता चला है कि वह आगरा की सगी बहनों से ऑनलाइन जुड़ा हुआ था। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली थी कि वह डार्क वेब का इस्तेमाल करता है। रहमान का यूट्यूब चैनल ‘द सुन्नाह’ भी है, जिसके 1.59 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। जब पुलिस ने उसका लैपटॉप खंगाला, तो पाकिस्तान से उसके तार जुड़े होने के सुराग मिले हैं, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पुलिस के अनुसार, रहमान कुरैशी कंप्यूटर की कई प्रोग्रामिंग भाषाएं जानता है और सॉफ्टवेयर भी बना सकता है। फर्जी सर्टिफिकेट और विदेशी पेमेंट का एंगल जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रहमान ने आगरा के एक इंस्टीट्यूट से फर्जी प्रमाण पत्र भी बनवाया था। पुलिस अब उस संस्थान के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। उसके लैपटॉप की जांच से विदेशी करेंसी और क्रिप्टोकरंसी में भुगतान के सुराग भी मिले हैं, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य अवैध गतिविधियों का शक गहरा रहा है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि खुफिया एजेंसियां रहमान कुरैशी से यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि वह पाकिस्तान में किस-किससे जुड़ा हुआ था और पाकिस्तान के लोगों से संपर्क के पीछे उसका असली मकसद क्या था। उसकी पिछले एक साल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम से भी उसके अकाउंट की डिटेल मांगी जा रही है। उसके लैपटॉप और मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आगरा में रहमान कुरैशी किस-किसके संपर्क में था और किस इलाके में उसका मूवमेंट ज्यादा रहता था। उसके पिछले कुछ महीनों का मूवमेंट गूगल मैप से भी निकाला जा रहा है।

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धर्मांतरण के खिलाफ आगरा में पंजाबी समाज ‘एकजुट’: बेटियों की सुरक्षा पर ‘बड़ी बैठक’, 5 समुदाय लेंगे अहम फैसले!

आगरा। आगरा में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों और खासकर पंजाबी समाज की दो बेटियों को लालच व दबाव के ज़रिए जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसी घटनाओं ने पूरे समाज को हिला दिया है। अब शहर का पंजाबी, सिख, खत्री, बहावलपुरी और मुल्तानी समाज एकजुट हो गया है। इन गंभीर घटनाओं को लेकर आगामी 27 जुलाई को ‘पंजाबी विरासत परिवार’ के बैनर तले इन पांचों समुदायों की एक बड़ी और अहम बैठक होने जा रही है। यह बैठक समाज की अस्मिता, बेटियों की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के लिए निर्णायक कदम उठाने वाली है। 27 जुलाई को ‘महापंचायत’: पंजाब भवन में जुटेंगे हज़ारों लोग यह महत्वपूर्ण बैठक रविवार, 27 जुलाई को शाम 4 बजे, पंजाब भवन (ग्रैंड होटल के पास), आगरा कैंट में आयोजित की जाएगी। ‘पंजाबी विरासत परिवार’ के अध्यक्ष पूरन डावर की अध्यक्षता और संत बाबा प्रीतम सिंह की सरपरस्ती में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, बेटियों की सुरक्षा हेतु सामाजिक दृष्टिकोण से ठोस पहल करना और ऐसे मामलों के विरुद्ध एक संयुक्त आवाज़ उठाना है। आयोजकों को उम्मीद है कि इसमें पूरे शहर और आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन जुटेंगे। बैठक में महिलाओं को खास तौर पर बुलाया गया है, ताकि उन्हें यह बताया जा सके कि एक मां के रूप में कैसे वे अपने बच्चों की हिफाजत कर सकती हैं। ‘योजनाबद्ध धर्मांतरण’ का आरोप, समाज में बढ़ी बेचैनी ‘पंजाबी विरासत’ के महामंत्री बंटी ग्रोवर ने बताया कि यह बैठक आगरा की दो बेटियों के हालिया धर्मांतरण प्रकरण के संदर्भ में बुलाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि “कुछ संगठनों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से समाज की बेटियों को धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक दबाव डाला जा रहा है।” ग्रोवर ने चिंता जताई कि समाज में बढ़ती बेचैनी, बेटियों की सुरक्षा और धार्मिक-सांस्कृतिक अस्तित्व को लेकर गहरी चिंता है। ऐसे में समाज को एक दिशा, संगठन और निर्णायक कार्रवाई की सख्त ज़रूरत है। पुलिस प्रशासन की सराहना, पर ‘स्थायी समाधान’ की मांग ‘पंजाबी विरासत परिवार’ के अध्यक्ष पूरन डावर, कार्यकारी अध्यक्ष अनिल वर्मा एडवोकेट और अन्य वरिष्ठजनों ने पुलिस प्रशासन की उस तत्परता की सराहना की है, जिससे उन दो बेटियों को मुक्त कराया जा सका। उन्होंने कहा कि पुलिस की सजगता से समाज में सकारात्मक संदेश गया है, लेकिन इस तरह की घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने के लिए प्रशासन को निगरानी और सख्ती बढ़ानी होगी। वरिष्ठजनों ने की अपील: ‘एकजुट होकर करें निर्णय’ ‘पंजाबी विरासत’ के कार्यकारी अध्यक्ष अनिल वर्मा, कोषाध्यक्ष नवीन अरोरा, संरक्षक चरणजीत थापर, सुनील मनचंदा, चंद्रमोहन सचदेवा, अशोक अरोरा, वीर महेंद्रपाल सिंह, मनमोहन निरंकारी, रानी सिंह और श्री गुरु सिंह सभा माईथान के प्रधान सरदार कंवल दीप सिंह सहित कई वरिष्ठजनों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण बैठक में समय से पहुंचें और संगठित स्वर में निर्णय लें। उम्मीद है कि इन बैठकों में ऐसे ठोस और प्रभावशाली प्रस्ताव पारित होंगे, जो समाज की बेटियों को भविष्य में धर्मांतरण के जाल से सुरक्षित रखने में मदद करेंगे। एक सामूहिक मोर्चा और कानूनी विकल्पों की रूपरेखा भी बनाई जा सकती है।

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