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आगरा:सस्ती इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने से बचें! फिर हुआ हादसा, एक महीने में दूसरी घटना

आगरा। आगरा में इलेक्ट्रिक स्कूटियों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को कमला नगर के श्री राम चौक के पास एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह महज एक महीने के भीतर इलेक्ट्रिक स्कूटी में आग लगने का दूसरा बड़ा हादसा है, जिसने इन वाहनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूटी में धुआं निकलने के बाद आग की लपटें तेजी से फैल गईं। मौजूद लोगों ने डर से पीछे हटना शुरू कर दिया, जबकि कुछ दुकानदारों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक स्कूटी पूरी तरह जल चुकी थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक महीने पहले भी हुआ था दर्दनाक हादसा इस हादसे से ठीक पहले, आगरा के जगदीशपुरा इलाके में एक और दर्दनाक घटना हुई थी। वहाँ एक इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी चार्जिंग के दौरान फट गई थी, जिससे घर में भीषण आग लग गई थी। इस आग में सो रहे एक बुजुर्ग पति-पत्नी की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। ये लगातार हो रहे हादसे इस बात का संकेत हैं कि बाजार में उपलब्ध कुछ सस्ती और कम गुणवत्ता वाली इलेक्ट्रिक स्कूटियां सुरक्षा के मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हादसों की मुख्य वजह घटिया क्वालिटी की बैटरियां और इलेक्ट्रिक सर्किट हैं। ग्राहकों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते समय केवल कीमत पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की भी जांच करनी चाहिए। इन घटनाओं ने उपभोक्ताओं के बीच भय का माहौल बना दिया है और सरकार तथा वाहन निर्माताओं को इन हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

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आगरा: किसान नेता अभिमन्यु चौधरी पर हमला, सीसीटीवी फुटेज आया सामने

आगरा। आगरा में किसान नेता अभिमन्यु चौधरी पर नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला किया है। यह घटना 19 सितंबर की है, जिसकी सीसीटीवी फुटेज अब सामने आई है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। अभिमन्यु चौधरी ने बताया कि 19 सितंबर की शाम को वह सिकंदरा-बोदला रोड पर एक हार्डवेयर की दुकान से सामान खरीदकर लौट रहे थे, तभी पथौली निवासी मन्नु यादव अपने चार साथियों के साथ पहुँचा और उनकी कार का रास्ता रोक लिया। बदमाशों ने उनके साथ अभद्रता की और गालियां दीं। जब अभिमन्यु ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने लाठी, डंडे और हॉकी से उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। अभिमन्यु ने अपनी शिकायत में कहा है कि हमलावर चिल्ला रहे थे कि “हमें पुनीत कहरवार ने भेजा है।” उन्होंने पुलिस को बताया कि पुनीत ने 15 दिन पहले भी उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें हमलावर एक काली एसयूवी (UP 82 नंबर) में आए थे। मारपीट के बाद वे डंडे फेंककर कार में बैठकर भाग गए। लोगों ने उनका पीछा भी किया। इस घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन के चौ. चरण सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस मामले में थाना जगदीशपुरा में दो नामजद और चार अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। खबरे और भी है खंदौली लूटकांड का खुलासा, मुठभेड़ में दो बदमाश गिरफ्तार सरकारी टीचर ने युवती से की छेड़छाड़, विरोध करने पर तानी पिस्टल; हुआ गिरफ्तार

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आगरा में सड़क हादसा: सेंट्रल पार्क के सामने दो बाइकें भिड़ीं, एक की मौके पर मौत

आगरा। आगरा के आवास विकास कॉलोनी, सेंट्रल पार्क के मुख्य गेट के सामने शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। तेज रफ्तार से आ रही थीं बाइकें यह दर्दनाक हादसा शनिवार, 23 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सेंट्रल पार्क के मेन गेट के पास तेज रफ्तार से आ रही दो बाइकें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक बाइक सवार मौके पर ही गिर गया और उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान देहतोरा के रहने वाले व्यक्ति के रूप में हुई है। वह एक CT100 बाइक (UP80 FN 6272) चला रहे थे। मौके पर पहुंची जगदीशपुरा थाना पुलिस ने शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया। एक घायल, पुलिस जांच में जुटी दूसरी बाइक (UP82 AN 5489) पर सवार व्यक्ति को गंभीर हालत में जीवन ज्योति अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस ने दोनों बाइकों को कब्जे में ले लिया है और हादसे की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में तेज रफ्तार से वाहन चलाने के खतरों को उजागर किया है।

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आगरा में ठगों का आतंक: रास्ता पूछने के बहाने महिला का मंगलसूत्र उड़ाया, ठक-ठक गैंग ने कारोबारी से लूटे ₹3 लाख

आगरा। आगरा में ठगों ने अपना जाल फैला रखा है और लगातार दो बड़ी वारदातों ने शहरवासियों को सावधान रहने पर मजबूर कर दिया है। एक घटना में एक नाबालिग लड़के ने रास्ता पूछने के बहाने एक महिला को झांसा देकर उसका मंगलसूत्र ले लिया, वहीं दूसरी घटना में ‘ठक-ठक गैंग’ ने एक कारोबारी की कार का पहिया पंक्चर बताकर ₹3 लाख उड़ा लिए। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है। वारदात 1: नाबालिग ठग ने मंगलसूत्र उड़ाया जगदीशपुरा क्षेत्र के सेक्टर 10, आवास विकास कॉलोनी निवासी रेनू सिंह चौहान (5 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे) बोदला बाजार से सामान लेकर घर जा रही थीं। रास्ते में उन्हें करीब 10 साल का एक बालक मिला, जिसने उनसे मथुरा जाने का रास्ता पूछा। रेनू सिंह चौहान ने उसे सिकंदरा से बस मिलने के बारे में बताया। तभी उस बालक ने कहा कि वह अपने मालिक के यहाँ से काम छोड़कर आया है और उसके पास रुपयों से भरा एक कार्टन है। उसने रेनू सिंह से कहा कि यदि वह ₹10,000 दे देंगी, तो वह कार्टन उन्हें दे देगा। जब रेनू सिंह ने मना कर दिया, तो एक युवक भी वहाँ आ गया। उस युवक ने कहा, “अपना मंगलसूत्र दे दो, यह पार्सल रख लो। वह बाद में मंगलसूत्र देकर पार्सल ले जाएंगे।” रेनू सिंह ने उनके झांसे में आकर अपना मंगलसूत्र उन्हें दे दिया। दोनों ठग मौके से फरार हो गए। जब रेनू सिंह ने कार्टन खोलकर देखा, तो उसमें केवल कागज भरे हुए थे और रुमाल में पत्थर रखकर उन्हें धोखा दिया गया था। वारदात 2: ‘ठक-ठक गैंग’ ने लूटे ₹3 लाख ई-ब्लॉक, कमला नगर निवासी राजीव गोयल का खराद का कारखाना है। 8 अगस्त की शाम 7:30 बजे वह अपनी कार से घर जा रहे थे। बल्केश्वर में एक अनजान युवक उनकी कार के पास आया और शीशे को खटखटाने लगा। जब राजीव गोयल ने कार का शीशा नीचे किया, तो युवक ने बताया कि उनकी कार का पहिया पंक्चर है। राजीव गोयल ने अपनी कार को साइड में रोका और टायर देखने लगे। इसी मौके का फायदा उठाकर युवक आगे की सीट पर रखा उनका बैग ले गया। इस बैग में पेन ड्राइव के साथ तीन लाख रुपये नकद और एक चेक रखा हुआ था। पुलिस की कार्रवाई और जनता के लिए चेतावनी डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। डीसीपी ने यह भी बताया कि इस तरह के गिरोह पहले भी वारदात करते रहे हैं और पुलिस ने उन्हें जेल भी भेजा था। पुलिस ने जनता को सचेत रहने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि अंजान लोगों के रास्ते में वाहन रुकवाने पर सतर्क रहें। यदि कोई व्यक्ति रास्ते में रुपये, जेवर या अन्य सामान बेचने की बात करता है, तो समझ जाएं कि वह ठग हो सकता है। किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने पर तत्काल पुलिस से शिकायत करने की अपील की गई है। और खबरें भी हैं…

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आगरा: इंडोनेशिया में मर्चेंट नेवी अधिकारी मनीष की मौत, जन्मदिन पर बेटी करती रही पिता का इंतजार, आज आ सकता है पार्थिव शरीर

आगरा। इंडोनेशिया में एक जहाज की मरम्मत करते समय आगरा के मर्चेंट नेवी अधिकारी मनीष यादव (34) की दुखद मौत हो गई है। यह खबर बुधवार सुबह परिवार तक पहुंची, जिसके बाद से पूरे घर में मातम पसरा हुआ है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, पत्नी सदमे में है, और मासूम बच्चे अपने पिता के घर आने का इंतजार कर रहे हैं। मनीष का पार्थिव शरीर बुधवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद उनके पैतृक आवास, आवास विकास कॉलोनी सेक्टर आठ, आगरा में अंतिम संस्कार किया जाएगा। समुद्र में फिसले पैर, पल भर में जिंदगी खत्म आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर आठ निवासी मनीष ने 2013 में नॉटिकल साइंस से स्नातक किया था और मर्चेंट नेवी में शामिल हो गए थे। दो साल बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी, लेकिन दो साल पहले ही चेन्नई की एक शिप कंपनी में दोबारा काम शुरू किया था। वह इंडोनेशिया के बाटम द्वीप पर एक शिप की मरम्मत का काम देख रहे थे। 25 जुलाई को मनीष को शिप के साथ दुबई के लिए निकलना था। लेकिन, इससे ठीक एक दिन पहले, 24 जुलाई की रात को शिप पर चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया और वह समुद्र में गिर गए। अन्य साथी उन्हें तुरंत बाहर निकालकर डॉक्टरों के पास ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता और भाई का अथक प्रयास, सरकार से लगाई गुहार मनीष की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। मथुरा में दारोगा के पद पर तैनात उनके पिता रमेश चंद्र और भाई अवनीश यादव ने तुरंत विदेश मंत्रालय और शिप कंपनी के अधिकारियों से संपर्क साधा। वे मनीष के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। भाई अवनीश ने बताया कि सभी दस्तावेजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है और बुधवार को भाई का शरीर दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को आगरा लाया जाएगा। आखिरी वीडियो कॉल और बच्चों की मासूमियत अवनीश ने बताया कि 24 जुलाई को ही मनीष ने अपने परिवार के साथ एक वीडियो कॉल की थी। उसी दिन उनके दो वर्षीय बेटे गर्व के पैर में चोट लगने पर पिता और मां उससे मिलने उसके घर गए थे। मनीष ने वीडियो कॉल पर सभी से एक साथ बात की थी और बताया था कि वह सुबह दुबई निकलेंगे और एक महीने तक नेटवर्क ऊपर-नीचे रहेगा। परिवार को क्या पता था कि यह उनकी आखिरी बात होगी। मनीष के पिता को सबसे पहले इस हादसे की जानकारी मिली थी। उन्होंने कई जगहों पर संपर्क कर अपने बेटे की मृत्यु की पुष्टि की। पिता ने छुट्टी लेकर घर आकर बड़ी मुश्किल से मां और पत्नी को यह दुखद खबर दी। इस खबर के बाद से मां ने कुछ नहीं खाया है और रो-रोकर उनकी हालत बिगड़ रही है। भाभी भी कई बार रोते-रोते बेहोश हो चुकी हैं। जन्मदिन पर बेटी का इंतजार और भविष्य की चिंता मनीष की चार वर्षीय बेटी का दो दिन पहले जन्मदिन था। उसे और उसके दो वर्षीय भाई को बताया गया है कि पापा के पैर में चोट लगी है। मासूम बेटी पार्टी करने की जिद करती रही, जिसे इस गमगीन माहौल में परिवार के सदस्यों ने बाहर ले जाकर पेस्ट्री खिलाकर शांत कराया। परिवार के लिए यह दुख और भी गहरा है क्योंकि सितंबर माह में मनीष की पत्नी की डिलीवरी होनी है। मनीष का शिप कंपनी के साथ अनुबंध भी खत्म हो रहा था, और उन्होंने सितंबर में घर आकर परिवार के साथ समय बिताने और डिलीवरी का जश्न मनाने की पूरी तैयारी कर रखी थी। यह त्रासदी परिवार के लिए एक ऐसा गहरा घाव है, जिसे भरना मुश्किल होगा।

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