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AGRA में 46 दिन से संविदा कर्मचारियों का धरना जारी, बहाली की मांग पर 3 भूख हड़ताल पर

AGRA के किरावली नगर पंचायत से हटाए गए 11 संविदा कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर सदर तहसील परिसर में पिछले 46 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहा है। इन 11 कर्मचारियों में से तीन, जो 46 दिन के लंबे धरने के बाद भी अपनी बात नहीं मनवा पाए, पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। 19 मार्च को निकाले गए थे कर्मचारी ये सभी 11 संविदा कर्मचारी, जिनमें एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक ड्राइवर और नौ सफाई कर्मचारी शामिल थे, इन्हें 19 मार्च को नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी द्वारा बिना किसी स्पष्ट कारण के काम से हटा दिया गया था। इसके विरोध में किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह के नेतृत्व में यह धरना शुरू हुआ था। मांग और विरोध का तरीका हटाए गए कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर यूनियन के सदस्य दिन-रात तहसील परिसर में डटे हुए हैं। उनकी सुनवाई न होने पर उन्होंने कलेक्ट्रेट में अधिशासी अधिकारी के खिलाफ दंडवत परिक्रमा करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अधिशासी अधिकारी ने मनमाने ढंग से कर्मचारियों को निकाला है। डीएम ने दिए थे जांच के आदेश इस मामले में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला से जांच कराई थी। जांच में संविदा कर्मचारियों को बहाल करने की सिफारिश भी की गई थी, लेकिन अधिशासी अधिकारी ने इस आदेश का पालन नहीं किया, जिसके चलते किसान और मजदूरों का यह धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। इस दौरान सोनू चौधरी, राजीव ठाकुर, रंजीत चौधरी, रवि कुमार, ओमवीर, विक्रम वाल्मीकि, संजू देवी, राजेश देवी सहित कई लोग धरने में शामिल थे।

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आगरा: नवरात्रि से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान, कुट्टू के आटे से रहें सावधान

आगरा। त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है और इसी को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने शहर में शुद्ध खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस दौरान विभाग ने मिलावटखोरों पर कड़ी नज़र रखी है और कई प्रतिष्ठानों से खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। नवरात्रि के पर्व और आने वाले अन्य त्योहारों को देखते हुए, विभाग ने विशेष रूप से व्रत में इस्तेमाल होने वाले सामानों, जैसे कुट्टू का आटा, साबूदाना, सेंधा नमक, समां का चावल, मखाना और नारियल बुरादा के नमूने लिए हैं। ये नमूने शहर के अलग-अलग प्रतिष्ठानों, जिनमें ब्लिंकिट स्टोर (कमला नगर), ब्लिंक कॉमर्स लिमिटेड (फतेहाबाद रोड), राधे राधे गुप्ता (रावतपाड़ा), और अजीत फूड प्रोडक्ट (रावतपाड़ा) शामिल हैं, से लिए गए हैं। विभाग ने सभी नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे कुट्टू के आटे और अन्य व्रत के सामानों को खरीदते समय विशेष रूप से सावधानी बरतें, क्योंकि त्योहारों के समय इसमें मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सकें। नगर निगम की कार्रवाई, केके नगर में अवैध निर्माण पर लगे लाल निशान पार्श्वनाथ पंचवटी सोसाइटी में नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह

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आगरा के रजिस्ट्री विभाग का ‘तारिख पे तारिख’ ड्रामा खत्म? DM बोले 16 अगस्त से बढ़ेंगे सर्किल रेट, जनता बोली ‘देखते हैं!’

आगरा। आगरा में संपत्ति खरीदना अब महंगा होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नए सर्किल रेट लागू होने के बाद, अब आगरा में भी 16 अगस्त से नए सर्किल रेट प्रभावी होंगे। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रस्तावित सर्किल रेटों को अंतिम रूप दे दिया गया है और आपत्तियों का निस्तारण भी हो चुका है। स्वतंत्रता दिवस के ठीक बाद, यानी 16 अगस्त से जिले में ये नए रेट लागू कर दिए जाएंगे। सात साल बाद बढ़ेंगे सर्किल रेट, आपत्तियों का निस्तारण दरअसल, जिले में आखिरी बार अगस्त 2017 में सर्किल रेट में बदलाव हुआ था। इसके बाद से कई बार निर्धारण की कवायद हुई, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे टाला जाता रहा। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि पहले प्रस्तावित रेटों की फाइल निबंधन विभाग को वापस लौटा दी गई थी, ताकि उसमें मौजूद कमियों और असमानताओं को दूर किया जा सके। पूर्व में कई क्षेत्रों में प्रस्तावित सर्किल रेटों पर कुछ आपत्तियां थीं। अधिवक्ताओं का कहना था कि फतेहाबाद रोड जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में उस अनुपात में सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जा रहे थे, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में असमानताएँ थीं। डीएम ने इन सभी असमानताओं को दूर करने और आपत्तियों का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। शहर से ग्रामीण तक, कहां कितनी बढ़ोत्तरी? नए सर्किल रेट लागू होने से आगरा में जमीनों के दाम 50% तक बढ़ सकते हैं। इसका सीधा असर मकान, दुकान और खेत खरीदने वालों की जेब पर पड़ेगा। संभावित बढ़ोत्तरी का अनुमान: पिछली बढ़ोत्तरी का रिकॉर्ड: डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने स्पष्ट किया कि सभी तैयारी पूरी हो चुकी है और अब 16 अगस्त से नए सर्किल रेट जिले में लागू कर दिए जाएंगे।

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ये क्या बात हुई! पहले मचा दी अफरा-तफरी, अब DM बोले- अगस्त के दूसरे हफ़्ते में लागू होंगे नए सर्किल रेट, अभी हैं कुछ कमियां!”

आगरा। आगरा में प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना रहे लोगों के लिए ये खबर थोड़ी राहत और थोड़ी उलझन लेकर आई है। पहले 4 अगस्त से सर्किल रेट बढ़ने की ख़बरों ने अफरा-तफरी मचा दी थी, लेकिन अब जिला मजिस्ट्रेट (DM) अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने निबंधन विभाग को प्रस्तावित रेटों की फाइल लौटा दी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रस्ताव में कुछ कमियां हैं जिन्हें दूर किया जाए, और नए सर्किल रेट अगस्त के दूसरे सप्ताह में हर हाल में लागू कर दिए जाएंगे। क्यों टली तारीख? DM ने दिए ये निर्देश दरअसल, प्रस्तावित सर्किल रेटों पर पहले भी कई क्षेत्रों से आपत्तियां मिली थीं, जिनका अभी तक निस्तारण नहीं हो पाया है। अधिवक्ताओं का कहना था कि फतेहाबाद रोड की तरफ शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है, लेकिन वहां उस अनुपात में सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। इसी तरह कई अन्य क्षेत्रों में भी सर्किल रेट में असमानता थी। DM ने इन सभी असमानताओं को दूर करने के लिए कहा है, ताकि नए रेट्स में पारदर्शिता और समानता लाई जा सके। कितने बढ़ सकते हैं रेट्स? जानिए संभावित बढ़ोत्तरी सर्किल रेट में बदलाव होने से आगरा में मकान, दुकान और खेत खरीदना महंगा हो जाएगा। अनुमान है कि जिले में 50% तक जमीनों के रेट बढ़ सकते हैं। पिछली बार अगस्त 2017 में सर्किल रेट में बदलाव हुआ था, तब शहरी क्षेत्र में 27% और ग्रामीण क्षेत्र में 20 से 25% की बढ़ोत्तरी हुई थी। 2021 में नए सिरे से निर्धारण होना था, लेकिन शासन के निर्देश पर इसे रोक दिया गया था। प्रमुख क्षेत्रों में इतनी बढ़ सकती है कीमत: DM अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है: “निबंधन विभाग को सर्किल रेट की कुछ कमियों को दूर करने के लिए कहा गया है। अगस्त के दूसरे सप्ताह में नये सर्किल रेट हर कीमत पर लागू कर दिए जाएंगे।” तो अब देखना यह होगा कि ये ‘कमियां’ कब तक दूर होती हैं और आगरा में प्रॉपर्टी खरीदने का सपना देखने वालों की जेब पर कितना बोझ बढ़ता है।

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आगरा में असलहा बाबू ‘निलंबित’: UIN में की ‘अजीब हेराफेरी’, पंजाब के शख्स के नाम पर चढ़ा दिया आगरा का लाइसेंस!

आगरा। आगरा में शस्त्र लाइसेंस के यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) में एक बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। यहां के असलहा बाबू ने पंजाब के गुरुदासपुर में रहने वाले एक व्यक्ति के नाम पर गलत UIN दर्ज कर दिया। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने असलहा बाबू प्रशांत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। छुट्टी के दिन कैसे इस्तेमाल हुई आईडी? दरअसल, यह गड़बड़ी तब सामने आई जब गुरुदासपुर निवासी अर्जन सिंह के नाम पर UIN 295200034518182018 को अप्रैल 2025 में आगरा के आयुध कार्यालय से बदल दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि अर्जन सिंह का आगरा से कोई संबंध नहीं है। मामला संज्ञान में आने के बाद ADM प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी को इसकी जांच सौंपी गई। उन्होंने असलहा बाबू प्रशांत कुमार से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि जिस दिन ये UIN दर्ज की गई, उस दिन वह छुट्टी पर थे। ऐसे में सवाल उठ खड़ा हुआ कि जब असलहा बाबू छुट्टी पर थे, तो पोर्टल की लॉगिन आईडी का पासवर्ड किसी दूसरे के पास कैसे पहुँचा, क्योंकि बिना पासवर्ड के पोर्टल की लॉगिन आईडी खुल ही नहीं सकती थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए DM ने असलहा बाबू प्रशांत कुमार को शुरुआती चरण में दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच ADM न्यायिक धीरेंद्र सिंह को सौंप दी गई है। ओम प्रकाश सिंह की UIN से जुड़ा था मामला, एक और गड़बड़ी भी मिली यह पूरा मामला जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में तैनात रहे ओम प्रकाश सिंह से जुड़ा है। उन्होंने 2010 में शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। सेवानिवृत्त होने के बाद वे झुंझुनू स्थित अपने पैतृक निवास आ गए। मई 2025 में जब वे अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने झुंझुनू के आयुध विभाग के कार्यालय पहुँचे, तो उन्हें पता चला कि उनके UIN पर गुरुदासपुर के अर्जन सिंह का नाम आगरा से चढ़ा दिया गया था। ADM प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी ने बताया कि ओम प्रकाश सिंह ने लाइसेंस तो बनवा लिया था, लेकिन शस्त्र नहीं खरीदा था। जांच में एक नाम रेशम सिंह का भी सामने आया है, जिनकी UIN में भी इसी तरह की गड़बड़ी होने की जानकारी मिली है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा, “असलहा बाबू को निलंबित कर दिया गया है। जांच चल रही है। गुरुदासपुर, ऊधमपुर और झुंझुनू के जिलाधिकारी से जवाब मांगा है जो कि अब तक नहीं मिला है।” यह मामला शस्त्र लाइसेंस प्रणाली में बड़े पैमाने पर धांधली की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी गहन जांच की आवश्यकता है।

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औचक निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ अन्य अधिकारी

आगरा जिला अस्पताल में ‘गंदगी का राज’: DM ने लगाई फटकार, गायब सफाई कर्मचारियों का मांगा रिकॉर्ड!

आगरा के जिला अस्पताल में ‘गंदगी का राज’ देखकर मंगलवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी का पारा चढ़ गया! उन्होंने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां ओपीडी और सभी वार्डों में व्यवस्थाएं देखीं। मरीजों और उनके तीमारदारों से भी बात की, लेकिन अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर देखकर डीएम ने सीएमएस, अस्पताल मैनेजर और सफाई सुपरवाइजर को कड़ी फटकार लगाई। मरीजों से ली जानकारी, मिली ‘संतोषजनक’ प्रतिक्रिया डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी अचानक जिला अस्पताल पहुंचे और सबसे पहले ओपीडी, महिला व बच्चा वार्ड, इमरजेंसी वार्ड आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से दवाई की उपलब्धता, बाहर से दवाई खरीद, खाना, डॉक्टरों व नर्स द्वारा चिकित्सा और देखभाल के बारे में जानकारी ली। मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि उन्हें समय से उपचार और खाना मिल रहा है, और अस्पताल से दवाएं भी मिल जाती हैं। ‘कूड़े के ढेर’ देखकर डीएम का ‘गुस्सा’ मरीजों से मिली संतोषजनक प्रतिक्रिया के बाद जब डीएम ने जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया, तो उन्हें हर जगह कूड़ा और गंदगी मिली। डायलिसिस भवन और प्राइवेट वार्ड बिल्डिंग के आसपास तो गंदगी व कूड़े के ढेर लगे थे। परिसर में गंदगी मिलने पर डीएम ने सीएमएस, अस्पताल मैनेजर और सफाई कर्मचारियों के हेड सुपरवाइजर को मौके पर तलब किया। डीएम ने उनसे सवाल किए और कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएमएस नियमित रूप से परिसर का दौरा करें और उच्चस्तरीय साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने साफ कहा कि अस्पताल परिसर में कहीं भी गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। ‘गायब’ मिले सफाई कर्मचारी, एजेंसी पर होगी कार्रवाई! निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल मैनेजर से जिला अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का ब्योरा मांगा। उन्हें बताया गया कि 23 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी विभिन्न शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाती है। डीएम ने सभी कर्मचारियों को मौके पर बुलाया और गिनती कराई, जिसमें सुपरवाइजर सहित केवल 9 सफाईकर्मी ही उपस्थित मिले! इस पर डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों, सफाई एजेंसी और टेंडर प्रक्रिया के बारे में जवाब तलब किया। उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएमएस को सभी जरूरी चीजों में सुधार के निर्देश दिए, जिसमें हर वार्ड के बाहर डस्टबिन रखने, पूरे परिसर की सफाई कराने और मरीज व तीमारदारों द्वारा अस्पताल परिसर में गंदगी न फैलाने के निर्देश शामिल थे। उन्होंने बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान हेतु नगर निगम को भी निर्देशित किया। इस दौरान सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार, अस्पताल मैनेजर मोहित भारती, डॉ. सीपी वर्मा सहित जिला अस्पताल के डॉक्टर मौजूद रहे।

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