
आगरा। आगरा के एक सराफा कारोबारी दंपति को अहमदाबाद के व्यापारियों ने ₹71 लाख की धोखाधड़ी का शिकार बना लिया। चांदी के आभूषण खरीदने के बहाने उनसे माल लिया गया और बदले में बाउंस हुए चेक और बाद में एक फर्जी चेक थमा दिया गया। पीड़ित दंपति की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
ताजगंज निवासी शरद मित्तल ने पुलिस को बताया कि उनका ‘रूपल चेंस’ के नाम से आभूषण का कारोबार है, जिसे उनकी पत्नी रूपल मित्तल देखती हैं। एक ज्वेलरी एक्सपो के दौरान उनकी मुलाकात अहमदाबाद के रहने वाले निरवी ज्वेलर्स के कांतिलाल जैन और रुचिता जैन से हुई। इन दोनों ने चांदी के आभूषण खरीदने में दिलचस्पी दिखाई और बताया कि उनके पास एक बड़ा ऑर्डर है।
निरवी ज्वेलर्स ने रूपल चेंस को 60% शुद्धता के 125 किलोग्राम चांदी के आभूषणों (पायल, चेन, ब्रेसलेट) का ऑर्डर दिया। इस माल की डिलीवरी 30 दिनों में होनी थी। एडवांस के तौर पर उन्होंने ₹5 लाख का एक चेक दिया, जिसे माल डिलीवर होने के बाद बैंक में लगाना था।
₹71 लाख का माल देने के बाद शुरू हुआ ‘बहानों का खेल’
25 सितंबर 2024 को रूपल चेंस ने ₹71 लाख का पूरा माल निरवी ज्वेलर्स को डिलीवर कर दिया। माल लेने के बाद अहमदाबाद के व्यापारियों ने 5 दिन बाद चेक लगाने को कहा। हालांकि, इसके बाद वे 50 दिनों तक लगातार बहाने बनाते रहे और भुगतान टालते रहे।
काफी इंतजार के बाद जब रूपल चेंस ने चेक बैंक में लगाए, तो वे बाउंस हो गए। कई बार कहने और कोशिशों के बाद फरवरी 2025 में आरोपियों ने ₹2 लाख नकद दिए और जल्द ही पूरा भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने ₹1.15 लाख का और भुगतान किया।
लाखों का फर्जी चेक देकर की बड़ी धोखाधड़ी
बचे हुए भुगतान के लिए, आरोपियों ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का एक चेक दिया। जब इस चेक को बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो पता चला कि यह चेक पूरी तरह से फर्जी था। आरोपियों द्वारा अभी तक शेष भुगतान नहीं किया गया है।
पीड़ित शरद मित्तल की तहरीर पर ताजगंज थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आरोपियों को पकड़ा जा सके और पीड़ित दंपति को न्याय मिल सके।