
आगरा। आगरा के लिए यह गर्व का क्षण है। साहित्य जगत की प्रतिष्ठित ‘हंस’ पत्रिका द्वारा मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर स्थापित ‘राजेंद्र यादव हंस सम्मान समारोह 2025’ में शहर के साहित्यकार शरद गुप्त ‘शरद’ को सम्मानित किया गया है। उन्हें पत्रिका के अंक में प्रकाशित उनके पत्र ‘आकर्षक कलेवर’ के लिए यह सम्मान दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया गया।
12 साल में आगरा के पहले साहित्यकार
कार्यक्रम संयोजक शोभा अक्षर ने बताया कि पिछले 12 वर्षों से दिए जा रहे इन सम्मानों में शरद गुप्त ‘शरद’ आगरा शहर से यह सम्मान पाने वाले पहले साहित्यकार हैं। उनके इस योगदान को साहित्यकार वीणा उनियाल और प्रेम चंद ने भी सराहा और उन्हें मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
राजेंद्र यादव को दी काव्यांजलि
सम्मान ग्रहण करने के बाद शरद गुप्त ‘शरद’ ने अपने संबोधन में साहित्यकार राजेंद्र यादव के आगरा प्रवास के दिनों को याद किया और उन्हें काव्यांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का आरम्भ ‘हंस’ के संपादक संजय सहाय और प्रबंध निदेशक रचना यादव के उद्बोधन से हुआ। समारोह का संचालन नाट्य आलोचक रवीन्द्र त्रिपाठी और लेखिका योगिता यादव ने किया।