
आगरा। अगर आपके मोबाइल पर भी कार चालान का कोई मैसेज आए, तो सावधान हो जाएं! आगरा के एक कारोबारी ने ऐसी ही एक ‘गलती’ की और उनके खाते से ₹1.50 लाख गायब हो गए। साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और हैरान कर देने वाला तरीका निकाला है: वे ‘आरटीओ चालान एपीके फाइल’ के नाम से मैसेज भेजकर आपके खाते साफ कर रहे हैं।
कैसे फंसा व्यापारी? मोबाइल हैंग होते ही खाली हुआ बैंक अकाउंट!
संजय प्लेस के रहने वाले एक व्यापारी के पास दो दिन पहले उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें ‘आरटीओ चालान’ लिखा था। व्यापारी को लगा कि उनके वाहन का चालान हो गया है, और उन्होंने उसे डाउनलोड करने के लिए उस फाइल पर क्लिक कर दिया। क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैंग हो गया।
चूंकि व्यापारी अपने मोबाइल से ही ऑनलाइन बैंक खाता भी चलाते थे, तो उनके होश तब उड़ गए जब उन्हें पता चला कि उनके खाते से नेटबैंकिंग के जरिए चार बार में कुल ₹1.50 लाख निकाल लिए गए। इनमें दो बार ₹50-50 हजार, एक बार ₹40 हजार और चौथी बार में ₹10 हजार निकाले गए थे। पीड़ित ने तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
नए तरीके से ठगी: DCP सिटी सोनम कुमार ने दी चेतावनी!
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी पहले एपीके फाइल भेजकर व्हाट्सएप हैक करते थे और फिर परिचितों से पैसे मांगते थे। लेकिन अब उन्होंने एक नया तरीका निकाला है।
“साइबर अपराधी आरटीओ चालान के नाम से एपीके फाइल भेज रहे हैं। इस पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो रहा है। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। इस तरह की फाइल को डाउनलोड नहीं करना चाहिए। इसे तुरंत डिलीट कर दें।” – डीसीपी सिटी सोनम कुमार।
क्रेडिट कार्ड फ्रॉड भी: लिंक क्लिक करते ही ₹1.52 लाख गायब!
इसी तरह का एक और मामला सामने आया है। एत्मादपुर निवासी यशपाल को जुलाई के पहले सप्ताह में एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआई क्रेडिट कार्ड से बताया और कहा कि अगर वे क्रेडिट कार्ड बंद करा देंगे तो हर महीने कटने वाले 2-3 हजार रुपये बच जाएंगे। यशपाल तैयार हो गए क्योंकि कॉलर के नंबर पर एसबीआई क्रेडिट कार्ड की डीपी लगी थी।
कॉलर ने एक लिंक भेजा, जिस पर क्लिक करते ही यशपाल का मोबाइल हैक हो गया और उनके खाते से ₹1.52 लाख निकाल लिए गए। उन्होंने भी साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
अगर हो जाए ठगी तो क्या करें? तुरंत यहां करें कॉल!
साइबर ठगी या रकम कटने की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और अपने संबंधित थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराएं। यह बेहद जरूरी है कि ऐसी किसी भी अनजान फाइल या लिंक पर क्लिक न करें, जो आपको लगे कि संदिग्ध है।