
आगरा। मोतीकटरा स्थित जत्ती कटरा के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ के जन्म एवं तप कल्याणक के पावन अवसर पर ‘श्रीजी विराजमान समारोह’ अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह समारोह आचार्यश्री चैत्यसागर जी महाराज एवं गुरुमां शाश्वतमति माता जी ससंघ के दिव्य सान्निध्य में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया।
अभिषेक, शांतिधारा और विधि-विधान से प्रतिमाएं विराजमान
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को पवित्र कर दिया। इसके बाद, विधानाचार्य पंडित जिनेन्द्र जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में श्रीजी की प्रतिमाओं को वैदिक विधि-विधान के साथ वेदी में स्थापित (विराजमान) कराया गया।
इस शुभ अवसर पर, सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभु पार्श्वनाथ के समक्ष सामूहिक रूप से निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस पूरे आयोजन में भक्ति और संयम का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हुई।
आचार्यश्री का आशीर्वाद और भक्तिमय संगीत
मोती कटरा जैन समाज के श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री चैत्यसागर जी महाराज के चरणों में श्रीफल भेंट कर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इस कार्यक्रम में धर्मभाव, श्रद्धा और संगठन की एक अनुपम छवि दिखाई दी।
भक्ति संगीत शशि पाटनी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने बेहद प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर निर्मल मौठया, पंकज जैन, संजीव जैन, पन्नालाल गोधा, अशोक सेठी, कमल जैन, आकाश जैन, अमन जैन, दीपक जैन, हुकम जैन, शुभम जैन सहित मोती कटरा जैन समाज के अनेक सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।