
आगरा। जम्मू में मंगलवार को एक भीषण लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की घटना ने आगरा और धौलपुर के परिवारों में कोहराम मचा दिया है। वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे आगरा के खेरागढ़ के एक युवक सहित तीन दोस्त अचानक आए सैलाब में बह गए। दो युवकों ने बड़ी मुश्किल से एक पेड़ का सहारा लेकर अपनी जान बचाई, जबकि तीनों लापता युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
हादसे की पूरी कहानी
आगरा के खेरागढ़ निवासी शिव बंसल, अपने धौलपुर निवासी मामा के बेटे यश गर्ग और उनके तीन दोस्तों के साथ 23 अगस्त को वैष्णो देवी की यात्रा पर गए थे। दर्शन के बाद मंगलवार को वे कटरा के पास स्थित अन्य मंदिरों को देखने के लिए टैक्सी से निकले थे। जम्मू-कश्मीर के किशनपुर-डोमेल रोड पर गरनई लोटा के पास अचानक लैंडस्लाइड हो गई, जिससे पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने लगा।

पत्थरों से बचने के लिए जैसे ही पांचों युवक नीचे उतरे, वे अचानक आए पानी के तेज बहाव में फंस गए। इस दौरान यश गर्ग, प्रांशु मित्तल और शिव बंसल पानी में बह गए, जबकि आदित्य परमार और दीपक मित्तल किसी तरह तैरकर एक पेड़ का सहारा लेकर सुरक्षित बाहर निकल आए। हादसे की सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लापता युवकों की तलाश शुरू कर दी।
बचे हुए युवक ने सुनाई आपबीती
हादसे में बचे दीपक मित्तल ने बताया, “हम पांचों वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद मंगलवार रात को ही ट्रेन से वापस लौटने वाले थे। सुबह हम लोकल मंदिरों के दर्शन के लिए टैक्सी से निकले थे। कटरा के पास नव माता के दर्शन करने के बाद मनसा लेक की ओर जा रहे थे। तभी लैंडस्लाइड से रास्ता रुक गया। हम जैसे ही गाड़ी से उतरे, पीछे से तेज बहाव आ गया। हम सबने पेड़ पकड़ लिया, लेकिन यश, प्रांशु और शिव बह गए।”
रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा
स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लापता युवकों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन तेज बहाव और लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव कार्य में काफी परेशानी आ रही है। सभी नाले एक-दूसरे से मिल गए हैं, जिससे पानी का बहाव बेहद तेज हो गया है। उधर, इस खबर के बाद से आगरा में शिव के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। शिव के पिता विनोद बंसल ने बताया कि उनकी बेटे से रात में बात हुई थी और उसने बताया था कि वैष्णो देवी के दर्शन हो गए हैं। शिव के परिजन जम्मू के लिए रवाना हो गए हैं।