
आगरा। आगरा के थाना फतेहपुर सीकरी पुलिस ने घरों में घुसकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिसमें चोरी का माल खरीदने वाला एक पूर्व प्रधान भी शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने कई चोरी की वारदातों को कबूला है और उनके पास से लाखों के गहने व अन्य सामान बरामद हुआ है।
1 जुलाई की चोरी से हुई शुरुआत, पुलिस ने बिछाया जाल
डीसीपी अतुल शर्मा ने बताया कि यह मामला 1 जुलाई को फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के औलेंडा गांव में राजकुमार के घर हुई चोरी से शुरू हुआ था, जहाँ गहने और अन्य सामान चुरा लिया गया था। इस घटना के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही थीं। मुखबिर की सूचना पर, पुलिस टीम ने जाजऊ-फतेहपुर सीकरी रोड से डूंगर नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
चोर ने उगले राज, पूर्व प्रधान तक पहुंची पुलिस
पूछताछ में आरोपी डूंगर ने खुलासा किया कि वह चोरी का माल लड़ामदा निवासी पूर्व प्रधान नरेश को बेचता था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूर्व प्रधान नरेश को भी गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के लाखों के गहने बरामद किए, जिनमें 1 जोड़ी झुमकी, 6 अंगूठी, 1 जोड़ी झाले (सभी पीली धातु), 3 कंधनी, 7 जोड़ी पायल, 2 सिक्के, 4 जोड़ी बिछिया, 1 कमरबंध, एक अवैध तमंचा और 2 कारतूस शामिल हैं।
राजस्थान बॉर्डर पर सक्रिय था गैंग, पूर्व प्रधान भी था शामिल
पूछताछ में डूंगर ने बताया कि उसने यह माल पिछले 3 से 4 महीने में राजस्थान बॉर्डर के आसपास रूपबासत तथा औलेण्डा के अगल-बगल के गांवों से चुराया है। उसने एक महीने पहले औलेण्डा में रेलवे स्टेशन के पास एक मकान में और लगभग 3 महीने पहले जाजऊ में गांव के बाहरी ओर बने घर में भी चोरी की बात कबूली। जाजऊ से उसने सोने-चांदी के जेवरात और करीब ₹55 हजार नगद चुराए थे, जिसका माल उसने पूर्व प्रधान नरेश को बेच दिया था।
डूंगर ने बताया कि वह चोरी के माल से मिले पैसों को मौज-मस्ती पर खर्च कर देता था। पूर्व प्रधान नरेश जानता था कि डूंगर चोरी करता है और चोरी का माल बहुत सस्ते दामों में उसे देता था। नरेश ने लालच में यह माल खरीदा और राह चलते लोगों को बेचकर अच्छा खासा मुनाफा कमाता था। आरोपी पूर्व प्रधान ने यह भी बताया कि वह डूंगर को करीब 15 सालों से जानता है।
इस गिरफ्तारी से घरों में चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो आगरा-राजस्थान सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था।