Agra News Today: राजा जनक के बाद अब पड़ोसी से भिड़े ‘दशरथ’

Agra News Today Agra के Janakpuri Mahotsav में राजा Dashrath की भूमिका निभाने वाले कारोबारी Ajay Agarwal और उनके पड़ोसी के घर में काम कर रहे एक निर्माण ठेकेदार के बीच सोमवार को विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। ठेकेदार की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज हुई है इसकी पुष्टि नहीं हुई है जांच जारी है DCP City Sonam Kumar ने बताया कि Lawyers Colony निवासी Ashok Agarwal के घर में निर्माण कार्य चल रहा था। ठेकेदार Sanjay Kumar ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पड़ोसी Ajay Agarwal आए और उन्हें सीढ़ी से खींचकर नीचे गिरा दिया, जिससे उन्हें चोटें आईं। इसके बाद Ajay Agarwal ने उनके सिर पर ईंट से हमला किया, जिससे उनकी आंख के पास चोट लगी। उनके साथी मजदूरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। दूसरी ओर, Ajay Agarwal ने बताया कि दशरथ बनने के बाद उनके खिलाफ साजिश की जा रही है। पहले उन्हें जनकपुरी के मंच पर नहीं बैठने दिया गया। कई तरह के आरोप लगाए गए। वह लंदन चले गए थे। चार दिन रुकने के बाद आए। वह रविवार को रात ढाई बजे नोएडा से आगरा आए थे। अपने घर में सो रहे थे। सोमवार सुबह पड़ोसी के घर में हैमर से कार्य किया जा रहा था। आवाज होने पर वो जाग गए।परेशानी होने पर चाैकीदार को भेजकर हैमर बंद करने के लिए कहा। मगर कोई नहीं माना। इस पर वो खुद चले गए। ठेकेदार से बात की। तब वो उतरते समय सीढि़यों से गिर गया था। इस पर मजदूर जुट गए। उन्होंने 112 नंबर पर काॅल कर दिया। बाद में दयालबाग चाैकी पर तहरीर देकर आए हैं। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। उनके खिलाफ साजिश के तहत पुलिस से शिकायत कराई गई। वह सभी साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध करा देंगे। जनकपुरी विवाद: ‘BN ग्रुप’ के मालिक राजा दशरथ ने राजा जनक राजेश अग्रवाल पर लगाए आरोप, दूसरा पक्ष भी आया सामने

आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा पर प्रतिबंध का असर, यातायात में दिखा सुधार

आगरा। आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के बाद यातायात व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार के आदेश के बाद गुरुवार से ही एमजी रोड पर ई-रिक्शा की संख्या में कमी आई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन ई-रिक्शा चालकों को प्रतिबंध की जानकारी नहीं है, उन्हें जागरूक किया जा रहा है और नियमों के बारे में बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ चालक अभी भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिनके खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। यातायात पुलिस ने भगवान टॉकीज चौराहे पर अभियान चलाकर कई ई-रिक्शा जब्त किए। पुलिस का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करके यातायात व्यवस्था को सुधारना है ताकि शहर के लोगों को जाम से राहत मिल सके। एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो की अधिक संख्या के कारण ट्रैफिक धीमा हो जाता था, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, एमजी रोड पर वाहनों की संख्या कम होने से शहर के अंदरूनी चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है, जिससे वहाँ जाम की स्थिति बन रही है। पुलिस इस समस्या पर भी ध्यान दे रही है।

पढ़िए नेताजी की आपबीती, विस्तृत जानकारी: कान में सटाकर भाजपा नेता को मारी गोली, ‘आज मेरा भेजा उड़ जाता!’, लहूलुहान हालत में खुद ही 500 मीटर चलकर थाने पहुंचे सुमित दिवाकर

आगरा। आगरा में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने शहर के सबसे व्यस्त इलाके में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला कर दिया। बुधवार देर रात शाह मार्केट में अंडे खाने गए भाजपा नेता और डेयरी व्यवसायी सुमित दिवाकर को तीन हमलावरों ने कान में सटाकर गोली मार दी। गोली चमत्कारी रूप से उनके कान को छूकर निकल गई, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। गोली लगने के बाद सुमित बेहोश हो गए, लेकिन होश आने पर वह लहूलुहान हालत में खुद ही 500 मीटर दूर हरीपर्वत थाने पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया, “अगर, मेरा हाथ नहीं लगता तो मेरा भेजा उड़ जाता।” चश्मदीद सुमित दिवाकर की जुबानी: मौत को छूकर लौटे “मैं शाह मार्केट काम से गया था। वहां से बाहर निकलकर अंडे खाने के लिए ठेले पर पहुंचा। वहां पहले से ही तीन युवक सोहेल, राजा और शाहरुख बैठे थे। मैं जैसे ही पहुंचा, पीछे से सोहेल ने मेरे कान पर तमंचा सटा दिया। मैं कुछ समझ पाता, इससे पहले ही मैंने पलटा और हाथ मारा। मेरा हाथ लगने से असलहे का मुंह थोड़ा दूसरी ओर हो गया और गोली के छर्रे मेरे कान को छूकर निकल गए। मैं खून से लथपथ होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। तब तक हमलावर भाग निकले।” यह खौफनाक दास्तान भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक सुमित दिवाकर ने पुलिस और भास्कर को सुनाई। यह पूरा मामला बुधवार रात करीब 11:30 बजे आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र के शाहपुर का है, जो शहर के अति-व्यस्त एमजी रोड से सटा हुआ है। बेहोशी से होश में आए और खुद ही पहुंचे थाने तक सुमित दिवाकर ने बताया कि गोली लगने के बाद वे जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए थे। हमलावरों के भाग जाने के बाद कुछ लोग ठेले के पास पहुंचे और उनके चेहरे पर पानी डाला। कुछ देर बाद होश आने पर वह किसी की मदद का इंतजार किए बिना ही घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित थाना हरीपर्वत तक पैदल चलकर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि हमलावर युवक की आहट से वह सतर्क हो गए थे। “मुझे लगा कि मेरे कान में चींटी रेंग रही है। इसी कारण मैंने कान के पास हाथ मारा और पीछे की तरफ घूम गया। जिससे तमंचे की गोली की दिशा मुड़ गई और मैं बच गया।” गोली की आवाज सुनकर ठेले के आसपास खड़े लोगों में भी भगदड़ मच गई थी। हमले की वजह: राजनीतिक रंजिश और पुरानी धमकी का शक, ‘विशेष समुदाय’ से ताल्लुक सुमित दिवाकर ने इस हमले के पीछे राजनीतिक रंजिश और पुरानी दुश्मनी का शक जताया है। उन्होंने भास्कर को बताया कि “मेरी आरोपियों से कोई दुश्मनी नहीं है। हो सकता है मेरी राजनीति के कारण नाराज हों।” उन्होंने साफ आरोप लगाया कि गोली मारने वाले आरोपी जज कंपाउंड निवासी सोहेल, राजा और शाहरुख विशेष समुदाय से आते हैं। सुमित ने बताया कि आरोपी मुस्तफा क्वार्टर निवासी सोहेल के मामा चांद ने दो महीने पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। उस समय बजरंग दल के एक कार्यकर्ता सोनू से उन लोगों का झगड़ा हुआ था, और सुमित ने सोनू का साथ दिया था। चांद ने उन्हें फोन कर धमकी दी थी कि “मैंने मर्डर किए हैं। मैं हरेंद्र राणा के साथ रहता हूं।” तब सुमित ने पुलिस में इसकी शिकायत की थी और धमकी की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी थी। उस समय पुलिस ने दो लोगों को शांतिभंग में पकड़ा था, लेकिन चांद पुलिस के हाथ नहीं आया था। सुमित का आरोप है कि चांद के कहने पर ही सोहेल ने उन पर यह हमला किया होगा। अवैध कब्जे का आरोप और पुलिस कार्रवाई सुमित दिवाकर ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी जज कंपाउंड के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने यहां पर लगभग 15-20 मकान बना लिए हैं और पुलिस-प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए कि ये लोग कौन हैं और कहां से आए हैं। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि भाजपा नेता सुमित दिवाकर की शिकायत पर हमलावरों के खिलाफ रात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और सभी संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने आगरा में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर एमजी रोड जैसे पॉश इलाके में, जहां सुरक्षा और कैमरों की मौजूदगी रहती है।

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