आगरा में जैन समाज ने मनाया संयुक्त वार्षिक कलशाभिषेक और क्षमावाणी पर्व

आगरा। आगरा के मोती कटरा स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर और श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर जत्ती कटरा का संयुक्त वार्षिक कलशाभिषेक एवं क्षमावाणी पर्व गुरुवार, 11 सितंबर को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पंच कल्याणक पूजन और एक भव्य जलयात्रा के साथ हुई, जो श्री संभवनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शुरू होकर श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर जत्ती कटरा पहुंची। यहां इंद्रों द्वारा श्रीजी का प्रथम कलशाभिषेक किया गया। इसके बाद सभी इंद्र जल लेकर श्री महावीर स्वामी दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे, जहाँ स्वर्ण कलशों से द्वितीय कलशाभिषेक संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘प्रभु के जयकारों’ से गूंज उठा। सभी मांगलिक क्रियाएं पंडित सुनील जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में पूरी की गईं। क्षमावाणी के महत्व पर प्रकाश कार्यक्रम के दौरान आयोजित धर्मसभा में आचार्यों और विद्वानों ने क्षमावाणी के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि क्षमा ही धर्म का आधार है और मन की शांति पाने का सबसे उत्तम साधन है। इस अवसर पर समाज के सभी लोगों ने अपने आपसी वैर-भाव को भुलाकर एक-दूसरे से क्षमा याचना की। दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिनों तक उपवास करने वाले अजित कुमार जैन और उनकी धर्मपत्नी का मंदिर कमेटी द्वारा माला और दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। शाम को दोनों मंदिरों में भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं, बालिकाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस भव्य आयोजन में महावीर प्रसाद जैन, अरुण पाटनी, पुनीत जैन, रविन्द्र जैन, गिरीश जैन, अजित जैन, सुनील जैन, जयंती प्रसाद जैन, जितेन्द्र जैन, हुकुम जैन, शुभम जैन सहित मोती कटरा जैन समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और उन्होंने कलशाभिषेक एवं क्षमावाणी पर्व का लाभ उठाया।

“हमारा घर गिरा तो मेट्रो की वजह से!” – आगरा के मोती कटरा में दीवारों पर चिपके दहशत भरे पोस्टर, जिम्मेदार कौन?

आगरा। आगरा के मोती कटरा इलाके में मेट्रो की खुदाई ने कई परिवारों की नींद हराम कर दी है। यहाँ कई मकान इतने जर्जर हो गए हैं कि वे कभी भी गिर सकते हैं, जिसके चलते लोगों में गहरी दहशत है। अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित इन परिवारों ने अब अपने घरों की दीवारों पर सीधे-सीधे पोस्टर लगा दिए हैं, जिन पर लिखा है: “यह मकान अगर गिरा तो इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) की होगी।” मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति, दहशत में जी रहे लोग मकान मालिकों का आरोप है कि मेट्रो की सुरंगों की खुदाई के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण उनके भवन जर्जर हो गए हैं। उनकी शिकायत है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है और अब ये मकान रहने लायक नहीं रहे। उन्हें हर पल किसी बड़े हादसे का डर सता रहा है। दयानंद गुप्ता ने बताया कि उनका चार मंजिला घर है और सुरंग की खुदाई से उसमें दरारें आ गई हैं। सरकार से मान्यता प्राप्त इंजीनियर से कराए गए ऑडिट में भी उनके घर को रहने लायक नहीं बताया गया है, जिसके चलते उनका परिवार किराए पर रहने को मजबूर है। मोती कटरा के ही चितरंजन कुमार जैन ने शिकायत की कि UPMRC के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। UPMRC का दावा: “अब कोई खतरा नहीं, कुछ लोग चाहते हैं पूरा घर नया बन जाए” दूसरी ओर, UPMRC के महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा का इस मामले पर अलग ही रुख है। उनका कहना है कि इन घरों की मरम्मत करा दी गई है और अब सुरंग बन जाने के बाद घरों को कोई खतरा नहीं है। मिश्रा ने यह भी जोड़ा कि कुछ लोग चाहते हैं कि उनका पूरा घर ही नया बनवा दिया जाए। UPMRC के इस दावे और स्थानीय लोगों की दहशत के बीच, मोती कटरा के निवासियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या ठोस कदम उठाता है।

Verified by MonsterInsights