Agra News Today: राजा जनक के बाद अब पड़ोसी से भिड़े ‘दशरथ’

Agra News Today Agra के Janakpuri Mahotsav में राजा Dashrath की भूमिका निभाने वाले कारोबारी Ajay Agarwal और उनके पड़ोसी के घर में काम कर रहे एक निर्माण ठेकेदार के बीच सोमवार को विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। ठेकेदार की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज हुई है इसकी पुष्टि नहीं हुई है जांच जारी है DCP City Sonam Kumar ने बताया कि Lawyers Colony निवासी Ashok Agarwal के घर में निर्माण कार्य चल रहा था। ठेकेदार Sanjay Kumar ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पड़ोसी Ajay Agarwal आए और उन्हें सीढ़ी से खींचकर नीचे गिरा दिया, जिससे उन्हें चोटें आईं। इसके बाद Ajay Agarwal ने उनके सिर पर ईंट से हमला किया, जिससे उनकी आंख के पास चोट लगी। उनके साथी मजदूरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। दूसरी ओर, Ajay Agarwal ने बताया कि दशरथ बनने के बाद उनके खिलाफ साजिश की जा रही है। पहले उन्हें जनकपुरी के मंच पर नहीं बैठने दिया गया। कई तरह के आरोप लगाए गए। वह लंदन चले गए थे। चार दिन रुकने के बाद आए। वह रविवार को रात ढाई बजे नोएडा से आगरा आए थे। अपने घर में सो रहे थे। सोमवार सुबह पड़ोसी के घर में हैमर से कार्य किया जा रहा था। आवाज होने पर वो जाग गए।परेशानी होने पर चाैकीदार को भेजकर हैमर बंद करने के लिए कहा। मगर कोई नहीं माना। इस पर वो खुद चले गए। ठेकेदार से बात की। तब वो उतरते समय सीढि़यों से गिर गया था। इस पर मजदूर जुट गए। उन्होंने 112 नंबर पर काॅल कर दिया। बाद में दयालबाग चाैकी पर तहरीर देकर आए हैं। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। उनके खिलाफ साजिश के तहत पुलिस से शिकायत कराई गई। वह सभी साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध करा देंगे। जनकपुरी विवाद: ‘BN ग्रुप’ के मालिक राजा दशरथ ने राजा जनक राजेश अग्रवाल पर लगाए आरोप, दूसरा पक्ष भी आया सामने

आगरा में ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ युवक, फेसबुक पर दोस्ती कर बनाए आपत्तिजनक वीडियो

आगरा। आगरा में फेसबुक पर दोस्ती कर एक युवक को ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आवास विकास कॉलोनी निवासी सचिन सिंह को एक फर्जी फेसबुक फ्रेंड ने लड़की से मिलवाने के बहाने होटल बुलाया, जहां उसे नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया गया। इसके बाद उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उनसे 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। सचिन ने पुलिस को बताया कि उसकी फेसबुक पर विराट नाम के एक युवक से दोस्ती हुई थी। बातचीत के दौरान जब विराट को पता चला कि सचिन शादी के लिए लड़की देख रहा है, तो उसने एक लड़की से मिलवाने की पेशकश की। 7 सितंबर को विराट ने सचिन को आईएसबीटी स्थित जैन होटल में बुलाया। होटल में ब्लैकमेलिंग का जाल होटल पहुंचने पर विराट ने पिंकी नाम की एक लड़की को सचिन के पास बैठा दिया। सचिन के मुताबिक, होटल वालों ने उसे पीने के लिए कुछ दिया, जिसे पीते ही वह नशे की हालत में आ गया। इसी दौरान लड़की और होटल के लोगों ने मिलकर उसके कपड़े उतारकर आपत्तिजनक वीडियो बना लिए। इसके बाद उसे कुछ और पिलाकर बेहोश कर दिया गया। होश आने पर सचिन को ब्लैकमेल करते हुए 5 लाख रुपये मांगे गए। होटल वालों ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। सचिन का साथ देने आया विराट भी इस जालसाजी में मिला हुआ था और उसने शकील नाम के व्यक्ति के खाते में 2 लाख रुपये भी ट्रांसफर कर दिए। बाद में विराट भी सचिन पर पैसे देने का दबाव बनाने लगा, जिससे सचिन को शक हुआ। जब होटल मालिक और अन्य लोग सचिन से 10 लाख रुपये की मांग करने लगे, तो 10 जुलाई को शकील और मनीष सहानी नाम के एक व्यक्ति ने दीवानी में उसे वीडियो दिखाकर धमकी दी। सचिन ने लोगों की मदद से शकील को पकड़ लिया और पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

आगरा में नकली दवा केस: हिमांशु अग्रवाल समेत 6 के खिलाफ FIR, रेलवे पार्सल उठाने वाले दो भाई भी शामिल

आगरा। आगरा में नकली दवाओं के कारोबार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में थाना कोतवाली में 6 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल के साथ-साथ रेलवे के पार्सल की ढुलाई करने वाले दो भाई यूनिस और वारिस भी शामिल हैं। रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किए गए हिमांशु अग्रवाल को विजिलेंस कोर्ट मेरठ भेज दिया गया है, जबकि पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। ऑटो चालक के बयान से खुला राज ड्रग विभाग और एसटीएफ ने 22 अगस्त को हे मां मेडिकोज के गोदाम पर छापा मारा था, जहां से भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद हुईं। इसी दौरान एसटीएफ ने चेन्नई से नकली दवाओं से भरा एक लोडिंग ऑटो भी पकड़ा। ऑटो चालक आकिर ने पूछताछ में बताया कि बोरों में दवा की जगह लेदर होने की बात कही गई थी। आकिर ने खुलासा किया कि वह सुल्तानपुरा निवासी भाई यूनिस और वारिस के लिए काम करता है, जो रेलवे से आने वाले माल की ढुलाई का काम करते हैं। चालक ने यह भी बताया कि लड़ामदा निवासी फरहान और वारिस भी उसके साथ थे, लेकिन माल पकड़े जाने पर वे भाग गए। पुलिस ने एफआईआर में लखनऊ के विक्की कुमार और आलमबाग के सुभाष कुमार को भी नामजद किया है, जिनके नाम पर नकली दवाओं का बिल कटा था।

आगरा के सराफा कारोबारी दंपति से 71 लाख की धोखाधड़ी: अहमदाबाद के व्यापारियों ने फर्जी चेक देकर ठगा, मुकदमा दर्ज

आगरा। आगरा के एक सराफा कारोबारी दंपति को अहमदाबाद के व्यापारियों ने ₹71 लाख की धोखाधड़ी का शिकार बना लिया। चांदी के आभूषण खरीदने के बहाने उनसे माल लिया गया और बदले में बाउंस हुए चेक और बाद में एक फर्जी चेक थमा दिया गया। पीड़ित दंपति की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? ताजगंज निवासी शरद मित्तल ने पुलिस को बताया कि उनका ‘रूपल चेंस’ के नाम से आभूषण का कारोबार है, जिसे उनकी पत्नी रूपल मित्तल देखती हैं। एक ज्वेलरी एक्सपो के दौरान उनकी मुलाकात अहमदाबाद के रहने वाले निरवी ज्वेलर्स के कांतिलाल जैन और रुचिता जैन से हुई। इन दोनों ने चांदी के आभूषण खरीदने में दिलचस्पी दिखाई और बताया कि उनके पास एक बड़ा ऑर्डर है। निरवी ज्वेलर्स ने रूपल चेंस को 60% शुद्धता के 125 किलोग्राम चांदी के आभूषणों (पायल, चेन, ब्रेसलेट) का ऑर्डर दिया। इस माल की डिलीवरी 30 दिनों में होनी थी। एडवांस के तौर पर उन्होंने ₹5 लाख का एक चेक दिया, जिसे माल डिलीवर होने के बाद बैंक में लगाना था। ₹71 लाख का माल देने के बाद शुरू हुआ ‘बहानों का खेल’ 25 सितंबर 2024 को रूपल चेंस ने ₹71 लाख का पूरा माल निरवी ज्वेलर्स को डिलीवर कर दिया। माल लेने के बाद अहमदाबाद के व्यापारियों ने 5 दिन बाद चेक लगाने को कहा। हालांकि, इसके बाद वे 50 दिनों तक लगातार बहाने बनाते रहे और भुगतान टालते रहे। काफी इंतजार के बाद जब रूपल चेंस ने चेक बैंक में लगाए, तो वे बाउंस हो गए। कई बार कहने और कोशिशों के बाद फरवरी 2025 में आरोपियों ने ₹2 लाख नकद दिए और जल्द ही पूरा भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने ₹1.15 लाख का और भुगतान किया। लाखों का फर्जी चेक देकर की बड़ी धोखाधड़ी बचे हुए भुगतान के लिए, आरोपियों ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का एक चेक दिया। जब इस चेक को बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो पता चला कि यह चेक पूरी तरह से फर्जी था। आरोपियों द्वारा अभी तक शेष भुगतान नहीं किया गया है। पीड़ित शरद मित्तल की तहरीर पर ताजगंज थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आरोपियों को पकड़ा जा सके और पीड़ित दंपति को न्याय मिल सके। और खबरें भी हैं…

आगरा: सपा सांसद रामजीलाल सुमन का योगी सरकार पर बड़ा हमला – “फतेहपुर मजार पर तोड़फोड़ सरकार की शह पर, भाजपा जिलाध्यक्ष पर क्यों नहीं चला बुलडोजर?”

आगरा। समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद रामजीलाल सुमन ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा कि फतेहपुर में 200 साल पुराने अबू समद के मकबरे पर हुआ धार्मिक अनुष्ठान और तोड़फोड़ सरकार की शह पर की गई। सुमन ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि इस मामले का मुख्य आरोपी भाजपा जिलाध्यक्ष है, लेकिन FIR में उसका नाम तक नहीं है। उन्होंने तीखे शब्दों में पूछा, “क्या योगी का बुलडोजर जाति और धर्म को लेकर ही चलता है?” भाजपा जिलाध्यक्ष ने पहले ही किया था ऐलान, अधिकारी बने मूकदर्शक रामजीलाल सुमन ने प्रेसवार्ता के दौरान फतेहपुर मामले में भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि 11 अगस्त को मजार पर हुई घटना सुनियोजित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 7 अगस्त को भाजपा जिलाध्यक्ष ने डीएम से मुलाकात कर खुलेआम ऐलान किया था कि वे 11 अगस्त को मजार को क्षतिग्रस्त करेंगे और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। सुमन ने आगे कहा, “हमारा आरोप है कि सरकार और शासन की जानकारी में सब कुछ होने के बावजूद भी जो तैयारियाँ वहाँ होनी चाहिए थीं, वह नहीं हुईं। जब मजार तोड़ी जा रही थी, तब प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के लोग मूकदर्शक बने हुए थे। ये सब सरकार की शह पर हुआ है।” “हमारी सभ्यता और संस्कृति तोड़ी जा रही है, मुसलमानों के दिल तोड़े जा रहे हैं” सपा सांसद ने इस घटना को केवल मजार तोड़ने तक सीमित न बताते हुए कहा, “सिर्फ मजारें नहीं तोड़ी जा रहीं, हमारी सभ्यता-संस्कृति को तोड़ा जा रहा है। मुसलमानों के दिलों को तोड़ा जा रहा है। ये बहुत गंभीर मामला है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि मजारों, मसजिदों और दरगाहों को तोड़ने का यह सिलसिला कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से चला आ रहा है। मुख्यमंत्री पर सीधा हमला: “कहां गया योगी का बुलडोजर?” रामजीलाल सुमन ने भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम FIR में न होने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “आज सबसे अहम सवाल ये है कि इस पूरे प्रकरण का मुख्य सरगना भाजपा जिलाध्यक्ष था। उसका नाम FIR में नहीं है। सरकार उनको संरक्षण दे रही है। मामला बहुत गंभीर है।” सुमन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे सवाल किया, “मैं पूछना चाहता हूं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहां चला गया आपका बुलडोजर? क्या योगी का बुलडोजर जाति और धर्म को लेकर ही चलता है?” उन्होंने इस गंभीर मामले की न्यायिक जांच की मांग की। सुमन ने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगनी चाहिए और उन पर भी बुलडोजर चलना चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। और खबरें भी हैं…

आगरा में शिक्षिका पर हमला: टूंडला के पूर्व चेयरमैन के बेटे ने पीटा, कान का पर्दा फटा, धमकी भी दी

आगरा। आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक शिक्षिका पर टूंडला के पूर्व चेयरमैन के बेटे ने हमला कर दिया। शिक्षिका अपने बंद पड़े मकान को किरायेदार को दिखाने गई थीं, तभी आरोपी ने आकर उनके साथ मारपीट की, जिससे उनके कान का पर्दा फट गया। आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। अब ताजगंज थाने में इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। किरायेदार को मकान दिखाते समय हुआ हमला न्यू आगरा थाना क्षेत्र के दयालबाग निवासी किरन सिंह पेशे से शिक्षिका हैं। उन्होंने आठ साल पहले ताजगंज थाना क्षेत्र में पूर्व क्लाउड वैली, कहरई के पास एक मकान खरीदा था, जो तब से खाली पड़ा था। 24 जुलाई को किरन सिंह अपने इस मकान को किराये पर उठाने के लिए एक किरायेदार को दिखाने गई थीं। कुछ ही देर बाद, उनका परिचित और टूंडला के पूर्व चेयरमैन का बेटा राहुल चक भी वहाँ पहुँच गया। लोहे के एंगल से वार, गंभीर चोटें और पर्स लूटा आरोप है कि राहुल चक ने शिक्षिका के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब शिक्षिका ने इसका विरोध किया, तो राहुल ने लोहे के एंगल से उनके सिर पर हमला कर दिया और लात-घूंसों से भी मारपीट की। इस हमले में शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गईं। पिटाई से उनके कान का पर्दा फट गया, जिसकी पुष्टि जिला अस्पताल के मेडिकल में हुई। हमले के बाद आरोपी राहुल चक शिक्षिका का पर्स छीनकर मौके से फरार हो गया। शिक्षिका ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, लेकिन उनकी शिकायत पर पुलिस चौकी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। घर आकर धमकाया और SC-ST एक्ट में फंसाने की धमकी दी घटना के अगले ही दिन, 25 जुलाई को आरोपी राहुल चक शिक्षिका को धमकाने के लिए उनके घर भी आया। जब पीड़िता पुलिस चौकी जा रही थीं, तो आरोपी अपने साथी सत्यम के साथ आया और फूल सय्यद चौराहा के पास उनकी कार रोक ली। राहुल ने केस दर्ज कराने पर शिक्षिका को जान से मारने की धमकी दी, साथ ही एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की भी धमकी दी। इस घटना के बाद से पीड़िता और उनका परिवार दहशत में है। शिक्षिका किरन सिंह का कहना है कि राहुल चक एक अपराधी किस्म का युवक है और उन्हें दोबारा हमले का डर है, खासकर जब वह अपने घर से 25 किलोमीटर दूर स्कूल में पढ़ाने जाती हैं। डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आगरा: इलाज को आया साइबर अपराधी हथकड़ी खोल भागा, 2 जेल वार्डन सोते रहे!

आगरा। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए कासगंज जेल से लाया गया एक साइबर अपराधी शुक्रवार देर रात दो जेल वार्डनों को चकमा देकर फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि कैदी के भागने के दौरान दोनों जेल वार्डन सो रहे थे। शातिर अपराधी ने हथकड़ी से हाथ निकाला और मौका पाते ही चंपत हो गया। एक घंटे बाद जब जेल कर्मियों की नींद खुली और उन्होंने बंदी को गायब देखा, तो उनके होश उड़ गए। लापरवाही का नतीजा: ₹22 वर्षीय साइबर अपराधी फरार मध्य प्रदेश के जबलपुर का रहने वाला 22 वर्षीय संकेत यादव साइबर क्राइम के एक मामले में कासगंज जेल में बंद था। पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद उसे शुक्रवार शाम को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए लाया गया था। जेल से वार्डन अजीत पांडेय और जयंत कुमार उसे लेकर आए थे और उसे मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था। रात में, ड्यूटी पर तैनात दोनों जेल कर्मी सो गए। इसी का फायदा उठाकर रात करीब 2 बजे संकेत यादव ने चालाकी से हथकड़ी से अपना हाथ निकाला और अस्पताल से फरार हो गया। नींद खुली तो उड़े होश, पुलिस कर रही तलाश रात करीब 3 बजे जब जेल कर्मियों की नींद खुली और उन्होंने बंदी को गायब पाया, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने पहले अपने स्तर पर एसएन मेडिकल कॉलेज में संकेत की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने आगरा पुलिस को सूचना दी। एमएम गेट थाने में कासगंज जेल के उप कारापाल उमेश चंद शर्मा की तहरीर पर दोनों लापरवाह जेल कर्मियों (अजीत पांडेय और जयंत कुमार) और फरार बंदी संकेत यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले जेल कर्मियों को गिरफ्तार नहीं किया है, वे भी फरार आरोपी की तलाश में जुटे हुए हैं। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस की टीम सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है और एक जगह आरोपी कैमरे में कैद हुआ भी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी भागकर अपने गृह नगर जबलपुर जाएगा। पुलिस की एक टीम को जबलपुर के लिए रवाना कर दिया गया है और रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। यह घटना जेल कर्मियों की बड़ी लापरवाही को उजागर करती है।

आगरा: सेक्टर 4 में बैंक के ‘अपने’ ही सराफ ने दिया चूना! नकली ज्वेलरी पर दिलवाया लाखों का गोल्ड लोन, FIR दर्ज

आगरा। आगरा के आवास विकास सेक्टर 4 स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ बैंक के अपने ही सराफ की मिलीभगत से नकली ज्वेलरी पर लाखों का गोल्ड लोन ले लिया गया। बैंक मैनेजर की शिकायत पर ज्वेलरी की जांच करने वाले सराफ सहित दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना बैंक की आंतरिक सुरक्षा और कर्मचारियों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कैसे लगा बैंक को चूना? यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आवास विकास सेक्टर 4 के मैनेजर जितेंद्र सिंह कैन ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 14 नवंबर 2022 को अनीता पत्नी मोनू (प्रेम नगर, शाहगंज) और मुरारीलाल सक्सेना गोल्ड लोन लेने के लिए बैंक आए थे। उन्होंने एक सोने की अंगूठी, चार सोने की चूड़ियां और एक सोने का पेंडेंट गोल्ड लोन के लिए जमा किए। बैंक ने इन आभूषणों की जांच के लिए अपने पैनल के ज्वेलर मनोज कुमार वर्मा को दिया। ज्वेलर मनोज कुमार वर्मा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सभी आभूषण शुद्ध सोने के हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर बैंक ने अनीता को 1.42 लाख रुपए और 1.15 लाख रुपए के दो अलग-अलग लोन दे दिए। दूसरा ऑडिटर आया तो खुली पोल काफी समय बाद, जब बैंक के दूसरे ऑडिटर और सराफ संजय अग्रवाल ने उन्हीं आभूषणों को दोबारा चेक किया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। संजय अग्रवाल की जांच में सामने आया कि जो आभूषण सोने के बताकर लोन लिया गया था, वे सभी नकली थे। इस धोखाधड़ी का पता चलते ही बैंक कर्मचारी अनीता के घर प्रेम नगर पहुंचे, लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला। इसके बाद, बैंक अधिकारियों ने गोल्ड की जांच करने वाले सराफ मनोज वर्मा के घर संपर्क किया, लेकिन वह इस मामले को घुमाने लगे और सहयोग नहीं किया। आरोप है कि सराफ मनोज वर्मा ने अपने साथी मुरारीलाल सक्सेना और अनीता के साथ मिलकर सोची-समझी साजिश के तहत नकली आभूषणों को असली बताकर बैंक से लोन दिलवाया है। पुलिस ने बैंक मैनेजर जितेंद्र सिंह कैन की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

आगरा: DP Hotel में हिंदू महिला संग सलमान को बेरहमी से पीटा, पुलिस के सामने भी मारपीट, VIDEO वायरल

आगरा। आगरा के शमसाबाद स्थित डीपी होटल में कानून को ताक पर रखकर एक युवक के साथ सरेआम मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बजरंग दल के कार्यकर्ता बताए जा रहे 8-10 लोगों ने ज़बरदस्ती होटल में घुसकर एक युवक को बुरी तरह पीटा। हैरानी की बात यह है कि मारपीट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी युवक पर लात-घूंसे बरसाए जाते रहे। युवक जिस महिला के साथ होटल में था, वह हाथ जोड़कर गुहार लगाती रही, लेकिन हमलावरों ने किसी की नहीं सुनी। यह घटना 6 अगस्त की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है पूरा मामला? शमसाबाद के डीपी होटल में 6 अगस्त की शाम करीब 5 बजे एक युवक अपनी महिला साथी के साथ कमरा नंबर 106 में रुका था। लगभग एक घंटे बाद, 8-10 युवक खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताते हुए होटल पहुंचे। उन्होंने रिसेप्शन पर रजिस्टर चेक कराया, जिसमें हिंदू महिला और मुस्लिम युवक (सलमान) को कमरा देने की जानकारी सामने आई। इसके बाद ये सभी लड़के ऊपर कमरे में गए और दरवाजों को खटखटाना शुरू कर दिया। जब कमरा नंबर 106 का दरवाज़ा खुला, तो युवक और घूंघट किए महिला बाहर निकले। युवक के निकलते ही तथाकथित हिंदूवादी संगठन के लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। जूतों से पीटा, सिर दीवार में मारा, महिला गिड़गिड़ाती रही होटल मैनेजर पवन ने बताया कि हमलावरों ने सलमान नाम के युवक को जमकर पीटा, जूतों से मारा और लात-घूंसे बरसाए। युवक और महिला दोनों हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन हमलावरों ने कोई दया नहीं दिखाई। उन्होंने महिला के साथ भी अभद्रता की और युवक का सिर दीवार में मारा। महिला किसी तरह मौका पाकर वहां से भागने में सफल रही। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस भी मौके पर मौजूद थी, लेकिन मारपीट नहीं रुक रही थी। बाद में पुलिस युवक को अपने साथ ले गई। होटल मैनेजर पवन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ होटल में घुसकर तोड़फोड़ करने और ग्राहक के साथ मारपीट करने की एफआईआर शमशाबाद थाने में दर्ज कराई है। थाना प्रभारी डीपी तिवारी का कहना है कि मैनेजर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। यह घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और खुलेआम हुई इस गुंडागर्दी पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। और खबरें भी हैं… आगरा में ‘डीपी होटल प्रकरण’ पर हिंदूवादी संगठनों का थाना घेराव: पुलिस अलर्ट पर, एडिशनल सीपी ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां! ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण, VIDEO वायरल; ASI ने दर्ज कराई FIR, फिर भी नहीं रुक रहा काम

आगरा। देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट, के स्पष्ट आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आगरा में ताजमहल की 500 मीटर की परिधि के अंदर धड़ल्ले से अवैध निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना तब सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही पूर्वी गेट के पास एक रेस्टोरेंट मालिक ने भी इसी तरह का अवैध निर्माण करवाया था, जिस पर कार्रवाई अभी लंबित है। टीन शेड के पीछे चल रहा काम, सड़क पर बिखरी ईंटें वायरल वीडियो में ताजमहल के पास टांगा स्टैंड के निकट एक टीन शेड के पीछे अवैध निर्माण कार्य चलता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। निर्माण सामग्री, विशेषकर ईंटें, सड़क पर ही बिखरी पड़ी हैं, जिससे सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई निर्माण पर रोक का मज़ाक उड़ाया जा रहा है। पुरातत्व विभाग (ASI) के सहायक संरक्षक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि उन्हें टांगा स्टैंड के पास सुनील राठौर नामक व्यक्ति द्वारा अवैध निर्माण कराए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधिकारियों और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। आश्चर्यजनक रूप से, सुनील राठौर के खिलाफ 2021 और 2023 में भी थाना ताजगंज में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। सील हुए निर्माण, ध्वस्तीकरण के आदेश, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं! प्रिंस वाजपेयी ने यह भी खुलासा किया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा इन निर्माणों पर सील लगा दी गई थी और उनके ध्वस्तीकरण के आदेश भी जारी हो चुके हैं। हालांकि, आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने अब तक उन्हें ध्वस्त नहीं किया है। कुछ दिन पहले भी सुनील राठौर को दो बार नोटिस दिया गया था, और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को भी इस संबंध में पत्र भेजकर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अवैध निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्वी गेट के पास भी था अवैध रेस्टोरेंट निर्माण, कार्रवाई का इंतजार यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले भी ताजमहल के पूर्वी गेट से लगभग 150 मीटर की दूरी पर एक रेस्टोरेंट संचालक ने रेस्टोरेंट के पीछे टीन शेड डालकर अवैध निर्माण कर लिया था। एएसआई विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिलने पर संचालक को नोटिस दिया गया था और ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर एफआईआर भी करा दी गई थी। लेकिन, दुर्भाग्यवश, अब तक उस अवैध निर्माण को भी ध्वस्त नहीं किया गया है। यह स्थिति सवाल उठाती है कि जब सुप्रीम कोर्ट जैसे सर्वोच्च न्यायालय ने ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्थल की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश दिए हैं, तो स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग उनका पालन क्यों नहीं कर रहे हैं। इन अवैध निर्माणों से न केवल ताजमहल की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को खतरा है, बल्कि यह कानून के शासन का भी खुलेआम उल्लंघन है।

UP में ‘पति की घिनौनी साजिश’: दोस्त के हवाले की पत्नी, आगरा लाकर बंधक बनाया और लूटता रहा ‘आबरू’! सात के खिलाफ FIR दर्ज

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली में हलवाई का काम करने वाले एक पति ने अपनी ही पत्नी को अपने दोस्त के हवाले कर दिया। महिला दोस्त के साथ आगरा आई, जहां आरोपी ने उसे बंधक बनाकर रखा और लगातार दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता की शिकायत के बाद अदालत के आदेश पर पति सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। दिल्ली से साजिश, आगरा में बंधक बनाकर दुष्कर्म पीड़िता महिला ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि उसकी शादी 2011 में पिड़ोरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से हुई थी। उनके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता का पति दिल्ली में हलवाई का काम करता है, और उसके साथ खेड़ा राठौर थाना क्षेत्र के गांव खोहरी निवासी उमेश भी काम करता था। महिला का आरोप है कि 23 अगस्त 2024 को उसके पति ने एक षड्यंत्र के तहत उसे अपने दोस्त उमेश के साथ दिल्ली से गांव भेजा। लेकिन, उमेश महिला को गांव न ले जाकर बोदला स्थित एक मकान में ले गया। वहां उसने महिला को जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया। जेवर छीने, गर्भवती हुई पीड़िता आरोप है कि बोदला के बाद उमेश महिला को अपने गांव खोहरी ले गया। वहां उसने महिला के जेवर छीन लिए और उसे बंधक बनाकर लगातार दुष्कर्म करता रहा, जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसीजेएम-6 (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-6) ने पीड़िता के पति, उसके दोस्त उमेश और परिजन सहित कुल सात लोगों के खिलाफ थाना खेड़ा राठौर को केस दर्ज कर विवेचना (जांच) करने के आदेश दिए हैं। यह घटना रिश्तों पर सवाल खड़े करती है और पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।

सपा में ‘महाभारत’! आगरा में एक और पूर्व जिलाध्यक्ष पर भी FIR, पार्टी की कलह सड़क पर!

आगरा। समाजवादी पार्टी की आगरा इकाई में चल रही ‘अंदरूनी महाभारत’ अब सड़क पर आ गई है! PDA के मुख्य घटक सपा में आपसी फूट इतनी बढ़ गई है कि पार्टी के दो धड़े एक-दूसरे के खिलाफ FIR दर्ज कराने लगे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव के करीबी संदीप ने अब आगरा के थाना ताजगंज में पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल के खिलाफ जान से मारने की धमकी और मारपीट का गंभीर मुकदमा दर्ज कराया है। पलटवार: FIR पर FIR, कलह की नई ‘किस्त’ यह मामला तब और गरमा गया है जब इससे पहले खुद सत्यभान यादव पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव सहित 4 लोगों पर जानलेवा हमला और धमकाने के संबंध में थाना ताजगंज में FIR दर्ज करा चुके हैं। यानी, यह सीधे-सीधे एक-दूसरे पर पलटवार का मामला बन गया है, जो सपा की आगरा इकाई में बढ़ती दरार को साफ दिखाता है। क्या है संदीप का आरोप? जगदीशपुरा, नई आबादी बोदला निवासी संदीप ने 19 जुलाई को थाना ताजगंज में सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। संदीप का कहना है कि सत्यभान और रामगोपाल बघेल काफी समय से उनसे और रामसहाय यादव, पवन यादव से रंजिश रखते हैं। संदीप के मुताबिक: संदीप ने बताया कि जब उन्होंने चिल्लाया, तो कुछ राहगीर इकट्ठा हो गए और उन्हें बचाया। पहले क्या हुआ था? सत्यभान यादव की FIR आपको याद दिला दें कि इस घटना से पहले, 15 जुलाई को समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव ने पूर्व जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव सहित 4 लोगों पर जानलेवा हमला कराने और धमकाने का आरोप लगाया था। इस मामले में भी थाना ताजगंज में FIR दर्ज हो गई है। सत्यभान का कहना है कि उनके खेत पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया और धमकी भी दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें मोबाइल और सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इस मामले में, थाना ताजगंज अंतर्गत बुढ़ाना निवासी सत्यभान यादव की शिकायत पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को प्रार्थना पत्र देने के बाद, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, लखेंद्र यादव उर्फ लख्खो, पवन यादव सहित 4 अन्य अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। सपा के अंदरूनी कलह का यह बढ़ता ग्राफ पार्टी की एकजुटता के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। देखना होगा कि पार्टी आलाकमान इस ‘महाभारत’ को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।

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