आगरा में भारी बारिश के कारण कल बंद रहेंगे स्कूल, डीएम ने जारी किए आदेश

आगरा। आगरा में भारी बारिश और जगह-जगह हुए जलभराव को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने छात्रों की सुरक्षा के लिए शनिवार, 6 सितंबर 2025 को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। यह आदेश प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी परिषदीय, सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा, जिसमें सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल भी शामिल हैं। यह फैसला शहर में बनी जलभराव की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके अलावा, 6 सितंबर को होने वाली यूपी पीईटी परीक्षा 2025 को देखते हुए भी यह निर्णय लिया गया है ताकि छात्रों और अभिभावकों को कोई परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने और शहर की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

नकली दवा माफिया से बदनाम हो रहा आगरा का दवा बाजार, साख बचाने के लिए केमिस्ट एसोसिएशन ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

आगरा। आगरा में नकली दवाओं के बड़े सिंडिकेट के पकड़े जाने के बाद दवा व्यापारियों में अपनी साख को लेकर चिंता बढ़ गई है। आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन ने गुरुवार को जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग रखी गई है कि नकली दवा माफियाओं की वजह से बदनाम हो रही दवा मार्केट की प्रतिष्ठा को बचाया जाए। एसोसिएशन की चिंता: अच्छे दुकानदार माल लेना बंद कर रहे एसोसिएशन के चेयरमैन संजय चौरसिया ने कहा कि नकली दवाओं के कारोबार ने आगरा के दवा बाजार की साख को इस कदर खराब कर दिया है कि दूर-दराज के अच्छे दुकानदार भी अब आगरा से माल लेना बंद कर रहे हैं। महामंत्री अश्वनी श्रीवास्तव ने इस तरह की कार्रवाई को जरूरी बताया, लेकिन कहा कि पूरे व्यापार का नाम खराब नहीं होना चाहिए। उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह ने कहा कि ऑनलाइन व्यापार के बाद अब नकली दवा माफियाओं ने रही-सही कसर पूरी कर दी है। दवा व्यापारियों ने डीएम के सामने रखी ये मांगें एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कार्रवाई में पारदर्शिता लाने और व्यापारियों की समस्याओं को दूर करने के लिए डीएम से कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं: डीएम ने एसोसिएशन की सभी मांगों को सुना और सुसंगत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस दौरान संरक्षक वेद प्रकाश अग्रवाल, राजीव तनेजा, पवन शर्मा, हरीश अग्रवाल, अमित गुप्ता समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

आगरा: बांग्लादेशी मतदाताओं की जांच शुरू, DM ने छावनी क्षेत्र के दो बंगलों में रहने वाले लोगों की जांच के लिए बनाई कमेटी

आगरा। आगरा में छावनी परिषद के दो बंगलों में रह रहे मतदाताओं को लेकर गंभीर जांच शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने छावनी परिषद के वार्ड दो स्थित बंगला नंबर 45 और 46 में रहने वाले इन लोगों के बांग्लादेशी होने के शक में एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस मुद्दे को लेकर छावनी क्षेत्र के विधायक डॉ. जीएस धर्मेश लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। रक्षा मंत्री से की थी शिकायत विधायक डॉ. जीएस धर्मेश और पूर्व विधायक केशो मेहरा ने छह जुलाई को दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। उन्होंने रक्षा मंत्री को बताया कि इन दोनों बंगलों में बांग्लादेशी रह रहे हैं, जिन्होंने फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है। डॉ. धर्मेश ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ साल पहले सदर सीओ कार्यालय के पास हुए बम धमाके में भी इन्हीं लोगों का हाथ था। उन्होंने यह भी बताया कि इन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी अनदेखा किया गया था। एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश विधायक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रक्षा मंत्री ने शिकायती पत्र को जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए भेजा। डीएम ने मामले की जांच के लिए एसीएम प्रथम के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी में सदर तहसील के तहसीलदार, चकबंदी अधिकारी, छावनी परिषद के कार्यालय अधीक्षक और सहायक अध्यापक अविनाश पाठक को सदस्य बनाया गया है। जिलाधिकारी ने कमेटी को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट देने का सख्त निर्देश दिया है।

आगरा में जर्जर स्कूलों पर DM का सख्त एक्शन: ‘यहां क्लास नहीं लगेगी’ के पोस्टर लगे, 157 स्कूल ध्वस्त करने की तैयारी; छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि

आगरा। आगरा में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित जर्जर और असुरक्षित स्कूलों को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि अब किसी भी जर्जर स्कूल में छात्रों की कक्षाएं नहीं लगेंगी। ऐसे सभी स्कूलों के बाहर बाकायदा चेतावनी के पोस्टर लगा दिए गए हैं। 298 स्कूल जर्जर, 141 ध्वस्त; बाकी 157 पर भी गिरेगी गाज डीएम बंगारी ने सबसे पहले जर्जर स्कूलों का विस्तृत सर्वे और उसकी रिपोर्ट तलब की। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) जितेंद्र कुमार गौड़ ने बैठक में बताया कि आगरा के स्कूलों के मूल्यांकन और सत्यापन के बाद कुल 298 स्कूल अत्यंत जर्जर पाए गए हैं। इनमें से 141 स्कूलों को पहले ही ध्वस्त किया जा चुका है। शेष 157 स्कूलों के ध्वस्तीकरण के लिए तकनीकी समिति द्वारा मूल्यांकन प्राप्त हो चुका है, और जल्द ही इन पर भी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी ब्लॉकों में खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और जेई (आरईएस) को शामिल करते हुए तत्काल प्रभाव से एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटी सभी परिषदीय स्कूलों के जर्जर, असुरक्षित और जोखिमपूर्ण भवनों का सत्यापन कर जल्द से जल्द अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। 6 स्कूल किए गए शिफ्ट, छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले ही 6 स्कूलों को अत्यंत जर्जर भवन होने के कारण शिफ्ट कर दिया गया है। नगर खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इनमें कंपोजिट विद्यालय जगदीशपुरा, प्राथमिक विद्यालय नगला अजीता, कंपोजिट विद्यालय वजीर पुरा, प्राथमिक कन्या विद्यालय वजीरपुर, प्राथमिक विद्यालय ताजगंज और प्राथमिक विद्यालय पाकटोला शामिल हैं। इन स्कूलों के छात्रों को अब सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित कर दिया गया है। जर्जर स्कूलों के बाहर लाल रंग से पेंट करके साफ चेतावनी लिखी गई है कि “यह भवन अत्यंत जर्जर है, इसमें कक्षाएं संचालित नहीं होंगी।” यह कदम छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के डीएम के संकल्प को दर्शाता है।

आगरा में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला: 12 कार्यकर्ता बर्खास्त, गलत निवास और आय प्रमाण पत्र लगाने का आरोप सिद्ध; DM के आदेश पर हुई कार्रवाई

आगरा। सितंबर 2024 में हुई आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच के बाद 12 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बर्खास्त कर दिया गया है, जिन पर गलत निवास और आय प्रमाण पत्र लगाने के गंभीर आरोप थे। जिलाधिकारी (DM) अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है, जिससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सितंबर 2024 में निकली थी 469 पदों पर भर्ती, उठे थे सवाल सितंबर 2024 में आगरा जिले में कुल 469 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों पर भर्ती निकाली गई थी, जिसके लिए हजारों की संख्या में आवेदन आए थे। वरिष्ठता सूची के आधार पर आवेदकों को साक्षात्कार के लिए विकास भवन बुलाया गया था। हालांकि, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद से ही इस पर लगातार सवाल उठ रहे थे। 54 शिकायतों में से 12 दोषी पाई गईं: फर्जी प्रमाण पत्रों का खेल जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत पूरे विभाग पर मनमानी और ‘सुविधा शुल्क’ के आधार पर भर्ती करने के आरोप लगे थे। कई आवेदकों ने यह भी शिकायत की थी कि चयनित अभ्यर्थियों से उनके अंक अधिक थे, फिर भी उनका चयन नहीं हुआ। शिकायतों में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं: कुल मिलाकर, भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगभग 54 शिकायतें दर्ज की गई थीं। DM के निर्देश पर एडीएम ने की जांच, रिपोर्ट के बाद बर्खास्तगी डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने इन सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला को जांच का जिम्मा सौंपा। शुभांगी शुक्ला ने शिकायतों के सभी बिंदुओं पर विस्तार से जांच की, जिसमें से कुल 12 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दोषी पाया गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला ने बताया, “जितनी शिकायतें आई थीं, उन सभी की जांच की गई। जांच में दोषी पाईं गईं सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सूची डीएम और सीडीओ को उपलब्ध करा दी गई है।” जांच रिपोर्ट मिलने के बाद, डीएम और सीडीओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 12 दोषी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बर्खास्त कर दिया। बर्खास्त की गई कार्यकर्ताओं का ब्लॉक-वार विवरण इस प्रकार है: ब्लॉक का नाम बर्खास्त आंगनबाड़ी की संख्या खंदौली 2 फतेहाबाद 3 बिचपुरी 1 पिनाहट 1 जैतपुर 1 सैंंया 2 शहरी क्षेत्र 2 Export to Sheets इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन फर्जीवाड़े और गलत प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। इससे अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

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