आगरा में 14 से 21 सितंबर तक होगा जनकपुरी महोत्सव, समिति ने जारी किया पूरा शेड्यूल

आगरा। उत्तर भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन जनकपुरी महोत्सव, जो इस वर्ष कमला नगर में होने जा रहा है, उसका विस्तृत कार्यक्रम शेड्यूल बुधवार को जारी कर दिया गया। यह महोत्सव 14 से 21 सितंबर तक चलेगा, जिसमें हर दिन अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान राम-जानकी विवाह की झलक देखने के लिए हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है। महोत्सव आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक, राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कार्यक्रम विवरणिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने मिथिला और आगरा के लोगों से इस महोत्सव में बड़ी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया। उनके संबोधन के दौरान ‘जय श्री राम’ और ‘माता जानकी’ के जयकारों से पूरा कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। पूरा कार्यक्रम शेड्यूल समिति अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल (एकता बिल्डर) ने बताया कि 14 से 21 सितंबर तक होने वाले मुख्य कार्यक्रम इस प्रकार हैं: महोत्सव को सफल बनाने के लिए कई पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं, जिसमें गौरव पोद्दार को सर्वव्यवस्था प्रमुख बनाया गया है। इस दौरान राजा जनक राजेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रामरतन मित्तल और अन्य प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

आगरा में ‘गोएन्कन नटराज सीजन-12’ का धमाल: GD गोयनका स्कूल में 14 से अधिक स्कूलों के बच्चों ने दिखाया डांस का हुनर

आगरा। आगरा के जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल में बुधवार को ‘गोएन्कन नटराज: सीज़न 12’ इंटर स्कूल डांस प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस शानदार प्रतियोगिता में आगरा के 14 से भी अधिक स्कूलों के बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी बेहतरीन नृत्य कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कथक गुरु मेघा शर्मा और कोरियोग्राफर अजय सिंह ने दीप जलाकर किया, जो इस आयोजन के मुख्य अतिथि रहे। स्कूल के प्रिंसिपल पुनीत वशिष्ठ ने सभी गणमान्य अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। तीन वर्गों में हुई प्रतियोगिता, विजेताओं ने लहराया परचम ‘गोएन्कन नटराज: सीज़न 12’ प्रतियोगिता को तीन प्रमुख वर्गों में बांटा गया था – सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर। सभी बच्चों ने क्लासिकल से लेकर फोक (लोक नृत्य) और बॉलीवुड स्टाइल तक की विभिन्न नृत्य शैलियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विजेताओं की सूची: आयोजन में टीम वर्क का कमाल, कला और आत्मविश्वास का संगम इस सफल आयोजन की रूपरेखा तैयार करने और उसके कुशल संचालन में स्कूल की टीम का अहम योगदान रहा। सुप्रीत कौर, वर्षा चौहान, राहुल माहौर, अनुपम तिवारी और पूनम सिंह ने मिलकर कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराया। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों और अतिथियों ने ‘गोएन्कन नटराज: सीज़न 12’ की जमकर सराहना की। इस प्रतियोगिता ने न केवल बच्चों को अपनी नृत्य कला दिखाने का एक बेहतरीन मंच दिया, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन आगरा में युवा प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुआ।

झूले, मलहार और मुस्कान… जब तीज के रंगों में सराबोर हुआ आगरा!

प्रकाशित: रात 9:30 बजे, 27 जुलाई 2025 | स्थान: आगरा, उत्तर प्रदेश मुख्य बिंदु आगरा। जब आकाश में सावन की काली घटाएं घिरती हैं, जब बारिश की बूंदें सूखी धरती की प्यास बुझाती हैं, और जब प्रकृति अपने अनुपम सौंदर्य के साथ सोलह श्रृंगार करती है, तब आता है भारतीय संस्कृति का सबसे जीवंत और उल्लासपूर्ण पर्व- हरियाली तीज। यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, प्रेम, और परंपरा का एक ऐसा संगम है जो हर किसी के मन को भिगो देता है। इसी संगम को साकार करते हुए रविवार को आगरा के प्रतिष्ठित अतिथि वन कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘आप और हम समिति’ के तत्वावधान में एक अविस्मरणीय ‘हरियाली तीज महोत्सव’ का आयोजन किया गया। यह एक ऐसा आयोजन था जहाँ परंपरा आधुनिकता से मिली, जहाँ लोकगीतों की मिठास ने डीजे के शोर को पीछे छोड़ दिया, और जहाँ हर चेहरा सावन की खुशी में खिला हुआ नजर आया। संस्कृति का अभूतपूर्व उत्सव: तीज का महत्व और परंपरा यह त्योहार प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी पर्व है। चारों ओर की हरियाली मन में नई आशा और ऊर्जा का संचार करती है। सावन के झूले, हाथों में रची मेहंदी, और पारंपरिक ‘मलहार’ गीत इस उत्सव के अभिन्न अंग हैं। ‘मलहार’ वर्षा ऋतु का राग है, जिसके सुरों में विरह की पीड़ा भी है और मिलन की आतुरता भी। यह वही राग है जिसे गाकर पुराने समय में बारिश को आमंत्रित किया जाता था। ‘आप और हम समिति’ ने इन्हीं गहन सांस्कृतिक जड़ों को समझते हुए एक ऐसे कार्यक्रम की रचना की, जो केवल एक जश्न नहीं, बल्कि अपनी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास था। अतिथि वन में उतरा सावन: माहौल और प्रस्तुतियां कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत मंगल गीतों से हुई, जिसमें महिलाओं ने सामूहिक रूप से देवी पार्वती की स्तुति की। इसके बाद शुरू हुआ ‘मलहार’ गायन का दौर। ढोलक और मंजीरे की थाप पर जब महिलाओं ने अपनी खनकती आवाजों में “अम्मा मेरी, बाग में झूले पड़े…” और “सावन आयो रे…” जैसे पारंपरिक गीत गाने शुरू किए, तो पूरा माहौल भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गया। यह कोई पेशेवर गायन नहीं था, बल्कि यह हृदय से निकले हुए वे सुर थे जो पीढ़ियों से माताओं ने अपनी बेटियों को सौंपे हैं। हर गीत के साथ तालियों की गड़गड़ाहट और “वाह! वाह!” की ध्वनि गूंज उठती, जो कलाकारों का उत्साह बढ़ा रही थी। दमदार संचालन और ‘ताज क्वीन’ का रोमांच कार्यक्रम का सबसे रोमांचक क्षण ‘ताज क्वीन’ प्रतियोगिता का आयोजन था। यह केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि इसमें महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा, उनकी समझ और आत्मविश्वास का भी परीक्षण था। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने जब रैंप पर वॉक किया, तो ऐसा लगा मानो राजस्थान और ब्रज की पूरी संस्कृति मंच पर उतर आई हो। कई रोचक सवालों और सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श के बाद, निर्णायकों ने श्रीमती कीर्ति गोयल को इस वर्ष की ‘ताज क्वीन’ घोषित किया। ताज पहनते समय कीर्ति के चेहरे पर छाई खुशी और आत्मविश्वास ने पूरे कार्यक्रम का मान बढ़ा दिया। एकजुटता की मिसाल: ‘आप और हम’ की भावना विनिता जैन, मंजू गोयल, कीर्ति बंसल, रानी गोयल, रितु गर्ग, रिचा अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, शालिनी अग्रवाल, और अंकिता अग्रवाल इस आयोजन की सबसे खूबसूरत बात यह थी कि इसमें श्री अमित अग्रवाल और श्री मनोज अग्रवाल जैसे पुरुष सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और व्यवस्था में सहयोग किया। यह इस बात का प्रतीक है कि परंपराओं का संरक्षण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। अंत में, सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और उपस्थित सभी लोगों ने एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं। यह शाम सिर्फ नाच-गाने और खाने-पीने की शाम नहीं थी; यह अपनी संस्कृति पर गर्व करने, अपनी जड़ों को सींचने और सामुदायिक सौहार्द्र के धागों को और मजबूत करने की एक शाम थी। ‘आप और हम समिति’ ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच भी परंपराओं का उल्लास पूरी शिद्दत से मनाया जा सकता है।

IIFT में बिखरे तीज के रंग, मेहंदी और संगीत के साथ छात्राओं ने मनाया उत्सव

प्रकाशित: रात 08:30 बजे, 26 जुलाई 2025 | स्थान: आगरा आगरा। सावन के महीने में प्रकृति जब हरियाली की चादर ओढ़ लेती है, तब भारतीय संस्कृति के सबसे जीवंत पर्वों में से एक, हरियाली तीज का आगमन होता है। इसी परंपरा को पूरे उल्लास और उत्साह के साथ शनिवार को इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (IIFT), आगरा के कैंपस में मनाया गया। इस अवसर पर फैशन और इंटीरियर डिजाइनिंग की छात्राएं पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर उत्सव के रंगों में सराबोर नजर आईं। संस्थान का परिसर लोक संगीत की धुनों, मेहंदी की मनमोहक सुगंध और छात्राओं की हंसी-ठिठोली से गूंज रहा था। यह उत्सव केवल मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह छात्राओं के लिए अपनी संस्कृति को गहराई से जानने का एक अवसर भी बना। परंपरा और आधुनिकता का संगम प्रतियोगिताओं ने बांधा समां तीज मेंहदी प्रतियोगिता की विजेता शिखा रहीं। इसके अतिरिक्त, लोकप्रिय खेल ‘तंबोला’ और कई अन्य प्रतियोगिताओं ने भी छात्राओं में भारी उत्साह भरा। इन प्रतियोगिताओं में स्नेहा, कल्पना, और सौम्या विजेता रहीं। सम्मान और सहयोग उत्सव के अंत में एक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। सभी विजेता छात्राओं को निदेशक श्री विनीत बवानिया, श्रीमती सोनालिका बवानिया और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. महेश धाकड़ द्वारा पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर फिल्म निर्देशक अविनाश वर्मा और सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित आनंद भी अतिथि के रूप में मौजूद रहे और उन्होंने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए अकादमिक तनाव से एक सुखद विराम और अपनी संस्कृति से जुड़ने का एक यादगार अवसर साबित हुआ।

आगरा में फ्रेंड्स क्लब ने मनाई हरियाली तीज: हरे परिधानों में सजी महिलाओं ने किया जमकर डांस, झूले-गीत से सजा सावन का उत्सव!

आगरा। आगरा में फ्रेंड्स क्लब की ओर से होटल सेलिब्रेशन, कमला नगर में हरियाली तीज का भव्य आयोजन किया गया। पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सावन के उत्सव को पूरे उल्लास के साथ मनाया। दीप प्रज्वलन से शुरुआत, झूले और लोकगीतों पर थिरकीं महिलाएं कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। इस अवसर पर महिलाएं हरे रंग के पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर कार्यक्रम में पहुंचीं, जो हरियाली तीज के पर्व का मुख्य आकर्षण होता है। महिलाओं ने पारंपरिक झूले का भरपूर आनंद लिया और सावन के लोकगीतों पर जमकर नृत्य कर पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान मेहंदी, फैंसी ड्रेस, गायन और नृत्य जैसी कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिससे उत्सव में और चार चांद लग गए। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को स्मृति चिन्ह और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्कृति को जीवंत रखने की सराहना इस अवसर पर राजकुमारी अग्रवाल, रेनु गुप्ता, गुंजन, उषा, वीणा, मंजू, स्नेहलता, रश्मि और कीर्ति जैसी कई प्रमुख महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ परंपराओं को जीवंत रखते हैं, बल्कि महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने का भी अवसर प्रदान करते हैं। फ्रेंड्स क्लब की यह पहल समाज में सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।

आगरा में हरियाली तीज महोत्सव की धूम: भक्ति, लोकसंस्कृति और नारी उल्लास से झूमे सावन के झूले!

आगरा। सावन की हरियाली और तीज के उल्लास में रंगे आगरा शहर में महिला मंडलों द्वारा भव्य आयोजन किए गए। इन आयोजनों ने नारी शक्ति, भक्ति, लोक संस्कृति और सामाजिक सहभागिता की एक रंगारंग छटा बिखेर दी। श्री हरि सत्संग महिला समिति और श्री सर्वतोभद्र जैन महिला मंडल बल्केश्वर के कार्यक्रमों ने जहां मंच को भक्ति के भावों से सराबोर किया, वहीं पारंपरिक गीतों, नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री हरि सत्संग महिला समिति: भक्ति और बिहू की बहार सिकंदरा-बोदला रोड स्थित डी-जेल रेस्टोरेंट में आयोजित हरियाली तीज महोत्सव में श्री हरि सत्संग महिला समिति ने भक्ति, नृत्य और लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत अंजू राजेश अग्रवाल (रानी सुनयना स्वरूप) और कल्पना अजय अग्रवाल (रानी कौशल्या स्वरूप) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुई। ‘झूला धीरे झुलाओ सुकुमारी सिया को…’ जैसे भक्ति गीतों को संगीता अग्रवाल और अंजू राजेश अग्रवाल ने सुरबद्ध किया। पूजा बंसल और सोनिया गर्ग द्वारा प्रस्तुत शिव-पार्वती स्वरूप में नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष आकर्षण असम से आईं 40 बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक बिहू नृत्य रहा, जो वर्तमान में समिति के साथ भागवत कथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। कार्यक्रम का संचालन सोनिया गर्ग ने किया और निशा मंगल द्वारा आयोजित खेलों ने मनोरंजन का रंग भरा। अतिथियों का स्वागत अंशु अग्रवाल (अध्यक्ष), रुचि अग्रवाल (महासचिव) और मीनू त्यागी (कोषाध्यक्ष) ने किया। व्यवस्था भगवान दास अग्रवाल (अध्यक्ष), उमेश बंसल (महासचिव), संजय गोयल (संयोजक) और संजय मित्तल (सह कोषाध्यक्ष) ने संभाली। श्री सर्वतोभद्र जैन महिला मंडल बल्केश्वर: तीज में भक्ति, नृत्य और सेवा का समर्पण कमला नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में श्री सर्वतोभद्र जैन महिला मंडल बल्केश्वर द्वारा हरियाली तीज महोत्सव उल्लासपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत णमोकार महामंत्र और भगवान महावीर के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंडल की सभी महिलाओं ने हरे परिधान पहनकर पारंपरिक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। आयोजन में वृद्धजनों का माला पहनाकर स्वागत-सम्मान भी किया गया, जिसने आयोजन को सेवा की भावना से भी जोड़ दिया। महिलाओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर महोत्सव को यादगार बना दिया। कार्यक्रम की संयोजक बबीता जैन और खुशबू जैन थीं। इसमें आरती जैन, नेहा जैन, सीमा जैन, अंशु जैन, सोनिका जैन, सारिका जैन, शिल्पी जैन, रेनू जैन सहित मंडल की समस्त सदस्याओं की मौजूदगी रही।

Verified by MonsterInsights