Agra News: रजिस्ट्री सर्वर धीमा: 30 मिनट में एक बेनामा, लखनऊ पर उठे सवाल

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Agra News जिले के निबंधन विभाग के सर्वर में गुरुवार को तकनीकी कमी आ गई, जिससे आम लोगों की परेशानी अत्यधिक बढ़ गई। सर्वर की गति इतनी धीमी हो गई कि जिस बेनामा या रजिस्ट्री को पूरा होने में सामान्य तौर पर सिर्फ 5 से 8 मिनट का समय लगता था, उसे पूरा करने में लगभग 30 मिनट तक का समय लगने लगा। इस तकनीकी खराबी का सीधा असर संपत्ति की खरीद-फरोख्त के लिए पहुंचे लोगों पर पड़ा। निबंधन कार्यालयों में देरी के चलते दिनभर लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं, जिसके कारण कई कार्यालयों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए टोकन सिस्टम को भी अपनाना पड़ा। सुबह 10 बजे से बिगड़ी गति, राजस्व पर पड़ा असर जिले में कुल 10 उप निबंधक कार्यालय हैं, जिनमें से पांच कार्यालय अकेले तहसील सदर में स्थित हैं। सामान्य दिनों में ये कार्यालय बड़ी संख्या में रजिस्ट्रियां करते हैं। उदाहरण के लिए, बुधवार को जिले में कुल 473 बेनामे हुए थे, जिसमें सबसे अधिक बेनामे सदर तहसील के कार्यालयों में दर्ज किए गए थे। लेकिन गुरुवार को सुबह 10 बजे से ही सर्वर की गति में भारी गिरावट आने लगी। कर्मचारियों का कहना था कि सर्वर इतना धीमा था कि फाइल अपलोड करने में ही काफी समय लग रहा था। इस कारण, जहाँ काम तेज़ी से होता था, वहाँ अब ग्राहकों को आधा घंटा तक इंतजार करना पड़ रहा था। रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा। लखनऊ से शिकायत, पर तकनीकी मदद शून्य निबंधन विभाग के अधिकारियों ने इस तकनीकी समस्या की गंभीरता को देखते हुए तुरंत लखनऊ में स्थित वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी टीम को शिकायत भेजी। आगरा से बार-बार सर्वर सुधारने के लिए मदद की गुहार लगाई गई, मगर पूरे दिन भर लखनऊ से कोई ठोस तकनीकी सहायता नहीं मिल सकी और न ही सर्वर की गति में कोई स्थायी सुधार आया। सहायक निरीक्षक निबंधन योगेश कुमार ने बताया कि सर्वर की गति धीमी होने के चलते बेनामे कम हुए हैं और इसकी जानकारी लगातार लखनऊ के अधिकारियों को दी जा रही है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि सर्वर डाउन होने से जनता की परेशानी बढ़ी और राजस्व संग्रह भी प्रभावित हुआ। उन्होंने इस तरह की तकनीकी कमियों पर राजधानी स्तर पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। बार-बार बिगड़ी स्थिति, देर शाम तक चला काम दोपहर 3:00 बजे के आसपास सर्वर की गति में अस्थायी सुधार आया, जो लगभग दो घंटे तक बना रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने तेज़ी से कुछ पेंडिंग बेनामे पूरे किए। हालांकि, शाम 5:00 बजे तक पहुंचते-पहुंचते सर्वर की समस्या फिर से गंभीर हो गई और गति एकदम धीमी हो गई। बेनामी में हुई देरी के चलते कार्यालय को निर्धारित समय शाम 5:00 बजे के बजाय शाम 6:00 बजे तक खोला गया और काम जारी रहा। अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि पेंडिंग काम को पूरा करने के लिए इस सप्ताह के बाकी दिनों में भी बेनामों का काम शाम 6:00 बजे तक किया जाएगा। सर्वर की तकनीकी कमी के कारण गुरुवार को दिनभर में सिर्फ 350 बेनामे ही हो सके, जो कि सामान्य संख्या से काफी कम है। इस स्थिति ने सरकार के राजस्व को प्रभावित किया है और सरकारी कामकाज के डिजिटलीकरण की चुनौतियों को उजागर किया है। लोगों ने मांग की है कि इस तरह की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए और अधिकारियों को अधिक जवाबदेह बनाया जाए। यह समस्या दर्शाती है कि तकनीकी बुनियादी ढांचे में सुधार की सख्त जरूरत है। रजिस्ट्री महंगी! आगरा में आज ही करा लें काम, कल से 50% तक बढ़ जाएंगे सर्किल रेट, लगेगी मुहर!

आगरा के रजिस्ट्री विभाग का ‘तारिख पे तारिख’ ड्रामा खत्म? DM बोले 16 अगस्त से बढ़ेंगे सर्किल रेट, जनता बोली ‘देखते हैं!’

आगरा। आगरा में संपत्ति खरीदना अब महंगा होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नए सर्किल रेट लागू होने के बाद, अब आगरा में भी 16 अगस्त से नए सर्किल रेट प्रभावी होंगे। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रस्तावित सर्किल रेटों को अंतिम रूप दे दिया गया है और आपत्तियों का निस्तारण भी हो चुका है। स्वतंत्रता दिवस के ठीक बाद, यानी 16 अगस्त से जिले में ये नए रेट लागू कर दिए जाएंगे। सात साल बाद बढ़ेंगे सर्किल रेट, आपत्तियों का निस्तारण दरअसल, जिले में आखिरी बार अगस्त 2017 में सर्किल रेट में बदलाव हुआ था। इसके बाद से कई बार निर्धारण की कवायद हुई, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे टाला जाता रहा। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि पहले प्रस्तावित रेटों की फाइल निबंधन विभाग को वापस लौटा दी गई थी, ताकि उसमें मौजूद कमियों और असमानताओं को दूर किया जा सके। पूर्व में कई क्षेत्रों में प्रस्तावित सर्किल रेटों पर कुछ आपत्तियां थीं। अधिवक्ताओं का कहना था कि फतेहाबाद रोड जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में उस अनुपात में सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जा रहे थे, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में असमानताएँ थीं। डीएम ने इन सभी असमानताओं को दूर करने और आपत्तियों का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। शहर से ग्रामीण तक, कहां कितनी बढ़ोत्तरी? नए सर्किल रेट लागू होने से आगरा में जमीनों के दाम 50% तक बढ़ सकते हैं। इसका सीधा असर मकान, दुकान और खेत खरीदने वालों की जेब पर पड़ेगा। संभावित बढ़ोत्तरी का अनुमान: पिछली बढ़ोत्तरी का रिकॉर्ड: डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने स्पष्ट किया कि सभी तैयारी पूरी हो चुकी है और अब 16 अगस्त से नए सर्किल रेट जिले में लागू कर दिए जाएंगे।

ये क्या बात हुई! पहले मचा दी अफरा-तफरी, अब DM बोले- अगस्त के दूसरे हफ़्ते में लागू होंगे नए सर्किल रेट, अभी हैं कुछ कमियां!”

आगरा। आगरा में प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना रहे लोगों के लिए ये खबर थोड़ी राहत और थोड़ी उलझन लेकर आई है। पहले 4 अगस्त से सर्किल रेट बढ़ने की ख़बरों ने अफरा-तफरी मचा दी थी, लेकिन अब जिला मजिस्ट्रेट (DM) अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने निबंधन विभाग को प्रस्तावित रेटों की फाइल लौटा दी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रस्ताव में कुछ कमियां हैं जिन्हें दूर किया जाए, और नए सर्किल रेट अगस्त के दूसरे सप्ताह में हर हाल में लागू कर दिए जाएंगे। क्यों टली तारीख? DM ने दिए ये निर्देश दरअसल, प्रस्तावित सर्किल रेटों पर पहले भी कई क्षेत्रों से आपत्तियां मिली थीं, जिनका अभी तक निस्तारण नहीं हो पाया है। अधिवक्ताओं का कहना था कि फतेहाबाद रोड की तरफ शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है, लेकिन वहां उस अनुपात में सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। इसी तरह कई अन्य क्षेत्रों में भी सर्किल रेट में असमानता थी। DM ने इन सभी असमानताओं को दूर करने के लिए कहा है, ताकि नए रेट्स में पारदर्शिता और समानता लाई जा सके। कितने बढ़ सकते हैं रेट्स? जानिए संभावित बढ़ोत्तरी सर्किल रेट में बदलाव होने से आगरा में मकान, दुकान और खेत खरीदना महंगा हो जाएगा। अनुमान है कि जिले में 50% तक जमीनों के रेट बढ़ सकते हैं। पिछली बार अगस्त 2017 में सर्किल रेट में बदलाव हुआ था, तब शहरी क्षेत्र में 27% और ग्रामीण क्षेत्र में 20 से 25% की बढ़ोत्तरी हुई थी। 2021 में नए सिरे से निर्धारण होना था, लेकिन शासन के निर्देश पर इसे रोक दिया गया था। प्रमुख क्षेत्रों में इतनी बढ़ सकती है कीमत: DM अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है: “निबंधन विभाग को सर्किल रेट की कुछ कमियों को दूर करने के लिए कहा गया है। अगस्त के दूसरे सप्ताह में नये सर्किल रेट हर कीमत पर लागू कर दिए जाएंगे।” तो अब देखना यह होगा कि ये ‘कमियां’ कब तक दूर होती हैं और आगरा में प्रॉपर्टी खरीदने का सपना देखने वालों की जेब पर कितना बोझ बढ़ता है।

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