Agra News: दिवाली पर बिना अनुमति प्रचार महंगा, निगम की कड़ी चेतावनी!

Agra News आगरा नगर निगम ने दिवाली पर बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाने वाले कारोबारियों को चेतावनी दी है। अवैध गेट/होर्डिंग लगाने पर कार्रवाई होगी, शुल्क जमा करना अनिवार्य है। Agra News आगरा नगर निगम ने त्योहारों के सीजन में अवैध रूप से लगाए जा रहे विज्ञापनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। दिवाली के अवसर पर ग्राहकों को आकर्षित करने की होड़ में कारोबारियों ने अपनी दुकानों और शोरूम के सामने बड़े-बड़े बोर्ड, होर्डिंग और स्वागत द्वार (गेट) लगाकर प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। मगर, नगर निगम की अनुमति लिए बिना लगाए गए ऐसे विज्ञापन अब व्यापारियों पर भारी पड़ने लगे हैं। निगम ने चेतावनी जारी की है कि यदि बिना अनुमति अपने शोरूम या प्रोडक्ट का प्रचार किया गया, तो यह महंगा पड़ सकता है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहायक नगर आयुक्त की दो टूक चेतावनी सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने इस संबंध में दो टूक चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यापारी यदि त्योहारों के दौरान विज्ञापन के लिए गेट या बोर्ड लगाना चाहता है, तो उसे पहले नगर निगम से विधिवत अनुमति लेनी होगी। अशोक प्रिय गौतम ने बताया, “विज्ञापन के लिए निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य है। बिना अनुमति लगाए गए सभी विज्ञापन पटों और गेटों को जब्त कर लिया जाएगा और संबंधित व्यापारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।” यह कार्रवाई न केवल सरकारी राजस्व को सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि सड़कों पर अतिक्रमण और यातायात अवरोध को रोकने के लिए भी आवश्यक है। विज्ञापन के लिए निर्धारित शुल्क दरें नगर निगम ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विज्ञापन शुल्क की दरें भी स्पष्ट कर दी हैं, ताकि किसी भी व्यापारी को भ्रम न हो। सहायक नगर आयुक्त ने दरों की जानकारी देते हुए कारोबारियों से सहयोग की अपील की है: नगर निगम ने कारोबारियों से अपील की है कि वे निर्धारित शुल्क जमा कर ही विज्ञापन करें, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उनका प्रचार अभियान वैध तरीके से जारी रह सके। अवैध विज्ञापन पर हो चुकी है कड़ी कार्रवाई नगर निगम की यह चेतावनी हवा-हवाई नहीं है, बल्कि पिछले दिनों अवैध विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई भी की जा चुकी है। राजस्व निरीक्षक (आरआई) शिप्रा गुप्ता के नेतृत्व में नगर निगम की एक टीम ने नेहरू नगर पुलिस चौकी के पास छापेमार कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान पाया गया कि कुछ प्रमुख कारोबारियों ने नगर निगम की बिना अनुमति के विज्ञापन गेट खड़े कर दिए थे, जिससे यातायात में भी अवरोध उत्पन्न हो रहा था। जिन कारोबारियों पर कार्रवाई हुई, उनमें तपन घी के संचालक, सुरेश चंद और दिनेश चंद साड़ी वाले शामिल थे। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सभी अवैध गेटों और बोर्डों को तुरंत हटवा दिया और उन्हें जब्त कर लिया। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर किया गया अतिक्रमण और अवैध प्रचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान दीपावली तक निरंतर जारी रहेगा। Agra News Today: अवैध विज्ञापनों पर निगम सख्त, गेट उखाड़े!

आगरा:अवैध कब्जा हटाने गई आवास विकास की टीम पर छोड़ा कुत्ता, कर्मी घायल

आगरा। आवास एवं विकास परिषद, आगरा वृत की टीम पर सिकंदरा योजना में अतिक्रमण हटाने के दौरान एक महिला ने अपना पालतू कुत्ता छोड़ दिया, जिससे प्रवर्तन दल के एक कर्मी घायल हो गए। यह घटना बुधवार को हुई, जब टीम लगातार दूसरे दिन भी अतिक्रमण विरोधी अभियान चला रही थी। घायल कर्मी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। यह अभियान अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार के निर्देश पर चलाया गया, जिसका नेतृत्व अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह कर रहे थे। प्रवर्तन दल के अधिकारी कर्नल जी.एम. ख़ान ने बताया कि परिषद की खाली पड़ी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा रहा है। मंगलवार को झुग्गी-झोपड़ी वालों को जगह खाली करने का निर्देश दिया गया था, और बुधवार को मुख्य मार्ग से मूर्ति निर्माताओं का अतिक्रमण हटाया गया। हालांकि, उनकी गीली मूर्तियों को नुकसान न हो, इसके लिए उन्हें आज सुबह तक का समय दिया गया था। अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार का वक्तव्य अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार ने बताया, “परिषद द्वारा सिकंदरा योजना सेक्टर 2C में इस भूमि को आगामी 30 सितंबर को ई-नीलामी के लिए निर्धारित किया गया है।” उन्होंने आगे बताया कि आवेदकों ने शिकायत की थी कि भूमि पर अवैध कब्जा होने के कारण वे आवेदन करने में असहज महसूस कर रहे थे। इस शिकायत पर उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, “पिछले दो दिनों में अभियान के चलते सौ से अधिक लोगों ने इस भूमि के आवंटन के लिए आवेदन किया है।” इस अभियान में प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जी.एम. ख़ान, अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह, सहायक अभियंता मयंक, अवर अभियंता गजेंद्र और पूरी प्रवर्तन टीम मौजूद रही। अधीक्षण अभियंता ने यह भी चेतावनी दी है कि परिषद की किसी भी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उसे तत्काल हटाया जाएगा।

आगरा:नगर निगम ने शीतला गली में सड़क पर बने अवैध किचन-बाथरूम तोड़े

आगरा। आगरा नगर निगम ने बुधवार को शीतला गली में सड़क पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। एक भवन स्वामी द्वारा सड़क पर अवैध रूप से बनाए गए किचन और बाथरूम को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया, जिससे लंबे समय से बाधित हो रहा आवागमन अब सुचारु हो गया है। इस मामले की शिकायत स्थानीय निवासी प्रणंग शर्मा ने IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद नगर निगम ने भवन स्वामी रज्जो को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा था। लेकिन, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाया गया, तो जोनल अधिकारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम मौके पर पहुँची और कार्रवाई शुरू कर दी। विरोध के बावजूद जारी रही कार्रवाई अवैध निर्माण को गिराने के दौरान नगर निगम की टीम और अतिक्रमणकारियों के बीच काफी नोकझोंक हुई। इसके बावजूद, निगम की टीम ने सख्ती दिखाते हुए बुलडोजर से पूरा अवैध निर्माण गिरा दिया और मौके से ईंट-पत्थर सहित अन्य सामान भी जब्त कर लिया। क्या कहते हैं नगर आयुक्त? नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि सार्वजनिक मार्गों और सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नागरिकों को पहले नोटिस देकर खुद से अतिक्रमण हटाने का मौका दिया जाता है। लेकिन अगर समय सीमा के बाद भी कब्जा नहीं हटाया जाता, तो निगम सख्ती से कार्रवाई करता है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में यातायात और आमजन की सुविधा को प्रभावित करने वाले सभी अतिक्रमणों को जल्द ही हटाया जाएगा।

आगरा: आवास विकास ने 120 करोड़ की जमीन से हटाया अवैध कब्जा

आगरा। आगरा में आवास एवं विकास परिषद ने सिकंदरा योजना के सेक्टर-2C में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 11,000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। इस जमीन की बाजारी कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार के आदेश पर, अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन दल और पुलिस टीम ने यह अभियान चलाया। इस दौरान, मौके पर करीब 90 अवैध झुग्गी-झोपड़ियाँ बनी हुई थीं। प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जी.एम. ख़ान ने बताया कि इन कब्जाधारियों को पहले भी कई बार नोटिस और चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने जमीन खाली नहीं की थी। अभियान के दौरान थोड़ा-बहुत विरोध हुआ, लेकिन अधिकारियों की समझाइश पर कब्जाधारियों ने खुद ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद, जेसीबी की मदद से पूरी जमीन को समतल कर दिया गया। परिषद के अनुसार, यह जमीन आगामी 30 सितंबर को ई-नीलामी के लिए प्रस्तावित है। इस अभियान में प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जी.एम. ख़ान, अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह, सहायक अभियंता गजेंद्र, अवर अभियंता मयंक, सुनील, आकाश, और स्थानीय पुलिस बल शामिल रहे।

आगरा कॉलेज की 340 बीघा भूमि पर बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू

आगरा। आगरा कॉलेज की लगभग 340 बीघा ज़मीन पर लंबे समय से प्रतीक्षित बाउंड्री वॉल का निर्माण सोमवार को विधिवत रूप से शुरू हो गया। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने खुद निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक मौके पर कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद थे। यह कदम कॉलेज की भूमि पर होने वाले अवैध कब्ज़ों को रोकने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। कॉलेज की भूमि के स्वामित्व की पुष्टि राजस्व विभाग से कराने और मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त की अनुमति के बाद ही यह काम शुरू किया गया है। पुलिस सुरक्षा में चला काम निर्माण कार्य की शुरुआत जेसीबी मशीनों से हुई और इस दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी भी मौजूद थी ताकि किसी भी तरह की बाधा को टाला जा सके। यह पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से पूरी की गई। कॉलेज में बनेंगी नई शैक्षणिक सुविधाएँ यह बाउंड्री वॉल उन नौ नई परियोजनाओं का हिस्सा है जिन्हें कॉलेज की द्विशताब्दी वर्षगाँठ पर शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया था। इन परियोजनाओं को मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंज़ूरी दे दी है। बाउंड्री वॉल के बाद कॉलेज की ज़मीन पर कई नई सुविधाएँ बनाई जाएंगी, जिनमें शामिल हैं: प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने कहा कि बाउंड्री वॉल का निर्माण कॉलेज के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में बची हुई ज़मीन से भी अतिक्रमण हटाकर उसे सुरक्षित किया जाएगा। कॉलेज के स्टाफ क्लब ने इस प्रयास के लिए प्राचार्य का आभार व्यक्त किया है।

आगरा में अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम टीम को लौटना पड़ा, स्थानीय लोगों ने किया विरोध

आगरा। आगरा के आवास विकास सेक्टर-7 में बुधवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई भारी हंगामे के कारण रुक गई। जोनल अधिकारी सी.पी. सिंह के नेतृत्व में गई निगम की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बिना कार्रवाई किए ही खाली हाथ लौटना पड़ा। यह कार्रवाई इलाके के एक निवासी ललित अग्रवाल की आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद शुरू हुई थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि कई लोगों ने अपने घरों के सामने अवैध रूप से रैंप बना लिए हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। जैसे ही नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि उनके नाम से की गई शिकायत फर्जी है और शिकायतकर्ता ललित अग्रवाल ने उनके जाली हस्ताक्षर कर दिए हैं। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सरकारी भूमि पर रैंप बनाना अवैध है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। हालांकि, तनाव बढ़ने पर निगम टीम को पीछे हटना पड़ा। लोगों ने कहा कि वे खुद ही रैंप हटा लेंगे और निगम को कार्रवाई नहीं करने देंगे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का मौका दिया है, लेकिन अगर तय समयसीमा में रैंप नहीं हटे तो निगम सख्त कार्रवाई करेगा।

नगर आयुक्त को फोन करो, कहो-कांग्रेस महानगर अध्यक्ष आएं हैं: ‘बाजार सड़क पर ही चलता है’, नाई की मंडी में अतिक्रमण हटाने गई टीम को कांग्रेस नेता ने रोका, बिना कार्रवाई लौटी नगर निगम की टीम

आगरा। आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र में गुरुवार दोपहर अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह मौके पर पहुंचे और नगर निगम के जोनल अधिकारी से तीखी नोकझोंक हो गई। अमित सिंह ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को रोकते हुए जोनल अधिकारी से सीधे कहा, “नगर आयुक्त को फोन करो, उनसे कहो- महानगर अध्यक्ष आए हैं।” काफी देर तक वाद-विवाद चला, जिसके बाद नगर निगम की टीम बिना कोई कार्रवाई किए ही अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देकर लौट गई। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। अतिक्रमण हटाने की मांगी ‘परमिशन’, कहा- ‘बाजार सड़क पर ही चलता है’ यह पूरा मामला गुरुवार दोपहर का है, जब नगर निगम की टीम नाई की मंडी में सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह वहां आ गए और उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने जोनल अधिकारी अवधेश कुमार से अतिक्रमण हटाने की पहले ‘परमिशन’ दिखाने को कहा, और उसके बाद ही अभियान चलाने की बात कही। इस पर जोनल अधिकारी अवधेश कुमार ने सवाल किया, “सड़क पर बाजार लगाने की अनुमति किसने दी?” जिसका जवाब देते हुए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने कहा कि “बाजार सड़क पर ही चलता है। दूसरे बाजारों की भी स्थिति देख लीजिए।” इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। चेतावनी देकर लौटी टीम, जल्द फिर से अभियान चलाने का ऐलान लंबी नोकझोंक और वाद-विवाद के बाद, नगर निगम की टीम नाई की मंडी से बिना कोई ठोस कार्रवाई किए ही वापस लौट गई। जोनल अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि नाई की मंडी में लोगों ने सड़क पर भारी अतिक्रमण कर रखा है। इन अतिक्रमणकारियों को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद उन्होंने अतिक्रमण नहीं हटाया। उन्होंने बताया कि अब एक बार फिर चेतावनी दी गई है और जल्द ही इस क्षेत्र में फिर से बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। यह घटना शहर में अतिक्रमण हटाने के अभियानों के दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप और आम जनता द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है।

आगरा में ‘ट्रैफिक रेंगता है’ का हाल! हरीपर्वत से आवास विकास तक ‘गड्ढे-अतिक्रमण का सफर’: 4 KM की दूरी 30 मिनट में, ‘मांएं स्कूल से लौटते बच्चों का करती हैं इंतजार’

आगरा। आगरा शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक, हरीपर्वत से आवास विकास तक का मार्ग, इन दिनों शहरवासियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं। महज 4 किलोमीटर की यह दूरी, जिसे सामान्यतः 10 मिनट में तय किया जा सकता है, अब 25 से 30 मिनट का समय ले रही है। सबसे ज़्यादा पीड़ा उन माताओं को उठानी पड़ रही है, जो स्कूल से अपने बच्चों के लौटने का बेसब्री से इंतजार करती हैं, क्योंकि बच्चों को थोड़ी सी दूरी तय करने में भी घंटों लग रहे हैं। इस रूट पर ट्रैफिक चलता नहीं, बल्कि रेंगता है, जिसका मुख्य कारण जगह-जगह मौजूद गड्ढे और बेतहाशा अतिक्रमण है, जिसने पूरे रास्ते को एक बड़े जाम में तब्दील कर दिया है। हरीपर्वत से ही शुरू हो जाती है मुसीबत: स्कूल टाइम और शाम को ‘हाल बेहाल’ स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस परेशानी की शुरुआत हरीपर्वत चौराहे से ही हो जाती है, जहां से सड़क पर गड्ढे मिलने लगते हैं। दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय और शाम 6 से 8 बजे के बीच इस रूट पर सबसे भीषण जाम लगता है। खासकर दिल्ली गेट से लेकर मदिया कटरा पुल और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान तक वाहन मुश्किल से आगे बढ़ पाते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिल्ली गेट पर स्थित अस्पतालों की पार्किंग में खड़े वाहन भी अक्सर सड़क पर ट्रैफिक को रोक देते हैं, जिससे जाम और बढ़ जाता है। मदिया कटरा पर केवल एक लेन होने के कारण टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, और गाड़ियां बस रेंगती रहती हैं। जाम के कारण स्कूल से लौटते बच्चों को गर्मी और उमस में भारी परेशानी होती है, जिससे मांओं की चिंता बढ़ती है कि उनका बच्चा कब घर आएगा, कब खाएगा और कब सो पाएगा। बारिश में हालात और बदतर: नालियां ओवरफ्लो, सड़कें बन जाती हैं तालाब मदिया कटरा चौराहे पर दुकानदारों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दोपहर और शाम को रोज आवास विकास से आने वाले वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। वहीं एक रेहड़ी लगाने वाले ने बताया कि चौराहे से लेकर मानसिक चिकित्सालय तक हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है। सड़कें तालाब जैसी बन जाती हैं, जिससे गाड़ियां फंस जाती हैं। नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगती हैं, और जलभराव से हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे यह 4 किलोमीटर का सफर बारिश के दिनों में 45 मिनट तक का समय ले सकता है। 16 सेक्टरों को जोड़ता है यह अहम मार्ग, हजारों वाहन रोज गुजरते हैं यह मार्ग आवास विकास कॉलोनी के 16 सेक्टरों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। मदिया कटरा से होकर लोहामंडी, न्यू राजामंडी और सिकंदरा पुल जाने वाले हजारों लोग रोजाना इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, यह मार्ग मथुरा और दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए भी एक अहम कड़ी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली से हजारों लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने और ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि शहरवासियों को इस रोजमर्रा के ‘जाम और गड्ढों के सफर’ से मुक्ति मिल सके।

आगरा में व्यापारियों का ‘हाउस टैक्स’ पर हंगामा: नगर निकायों पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, बोले- ‘मनमाने तरीके से बढ़ा रहे टैक्स, सीवर-जलकर की भी लूट!’

आगरा। आगरा में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के खिलाफ व्यापारियों ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने आज नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा कि स्थानीय निकाय G.I. सर्वे के नाम पर मनमाने तरीके से हाउस टैक्स बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार के 28 जून 2024 के आदेश को दरकिनार किया जा रहा है। “सीवर नहीं, फिर भी सीवर टैक्स! पेयजल का अभाव, फिर भी जलकर वसूली!” संगठन के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सीवर की सुविधा तक नहीं है, वहाँ भी सीवर टैक्स वसूला जा रहा है। इसके अलावा, बाजारों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था न होने के बावजूद जलकर वसूली जारी है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजारों में वाटर कूलर लगाए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर निगम और पालिका के अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तरों में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती है। साथ ही, बरसात में जलभराव, कूड़ा निस्तारण में लापरवाही, और सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट आदि की बदहाल स्थिति से व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। “आवारा जानवरों का आतंक, अतिक्रमण पर आंखें मूंदे प्रशासन” संगठन ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि नगर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है। वहीं, शहर की बड़ी समस्या अतिक्रमण और जाम को दूर करने के लिए स्ट्रीट वेंडर अधिनियम 2014 को अब तक ठीक से लागू नहीं किया गया है। व्यापारियों की ओर से मांग की गई है कि इन सभी समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और संबंधित निकायों को जवाबदेह बनाया जाए। ज्ञापन देने आए प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे, मुकेश सिंह, मनोज गुप्ता, संजय गुप्ता, कपूर चंद रावत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। व्यापारियों का यह विरोध नगर निकायों के कामकाज पर सवालिया निशान लगाता है और उनकी जवाबदेही की मांग करता है।

आगरा के लोहामंडी में ‘डिवाइडर पॉलिटिक्स’: नए RCC डिवाइडर से बढ़ी व्यापारियों की ‘टेंशन’, मेयर ने दिया ‘जाम’ न लगने का आश्वासन!

आगरा। आगरा के मदिया कटरा से लोहामंडी जाने वाली सड़क पर लगाए जा रहे नए आरसीसी डिवाइडर ने व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दुकानदारों का कहना है कि इन डिवाइडरों से सड़क इतनी संकरी हो गई है कि ग्राहकों को वाहन खड़े करने में दिक्कत होगी और भयंकर जाम लगने की आशंका है। हालांकि, मेयर हेमलता दिवाकर ने मौके का निरीक्षण कर आश्वासन दिया है कि डिवाइडर बनने के बाद कोई परेशानी नहीं आएगी। मेट्रो के काम से पहले ही संकरी सड़कें, अब डिवाइडर का ‘वार’ लोहामंडी से मदिया कटरा मार्ग पर आरसीसी के डिवाइडर लगाए जा रहे हैं, जिसका व्यापारी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। व्यापारी राकेश बंसल का कहना है कि मेट्रो के काम की वजह से एमजी रोड के वाहनों को पहले से ही इस मार्ग से निकाला जा रहा है, जिससे यहाँ की सड़कें और भी संकरी हो गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब यहाँ से बड़े वाहन गुजरेंगे, तो जाम लगना तय है, जिससे सभी व्यापारी भाइयों का व्यापार प्रभावित होगा। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि कुछ महीने पहले नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर लोहे के डिवाइडर लगाए थे। अब उन्हें तोड़कर आरसीसी के डिवाइडर लगाए जा रहे हैं, जिससे निगम पर राजस्व के धन को बर्बाद करने का आरोप लग रहा है। लोगों का कहना है कि लोहे की रेलिंग सड़क की जगह भी कम घेर रही थी और लोगों को कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन अब आरसीसी के डिवाइडर जाम का कारण बनेंगे। पार्षद विक्रांत ने बताया कि मदिया कटरा की सड़क पर कुछ हिस्से में डिवाइडर लग गए हैं। पुलिस चौकी के पास की सड़क पहले से ही संकरी है और लोग अपने वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा कर देते हैं, जिससे जाम लग जाता है। डिवाइडर लगने से सड़क और संकरी हो गई है, जिसकी वजह से व्यापारी नाराजगी जता रहे हैं। मेट्रो कार्य की वजह से लोग वैकल्पिक मार्ग चुनते हैं, जिससे दिल्ली गेट से हलवाई की बगीची की ओर जाने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस को दिल्ली गेट से आने वाले वाहनों को मटिया कटरा मार्ग से घुमा कर हलवाई की बगीची की ओर भेजना पड़ता है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। दशकों से अतिक्रमण का दंश झेल रहा है मार्ग, अब डिवाइडर पर विवाद आपको बता दें कि दशकों से लोहामंडी के इस मार्ग पर सरकार द्वारा निशान लगाकर स्थानीय निवासियों को अतिक्रमण की जानकारी दी गई थी, लेकिन इतने सालों बाद भी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह स्थिति दर्शाती है कि शहर की नियोजित विकास में कहाँ कमी रह गई है। अब पुराने अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई किए बिना, नए डिवाइडर लगाकर समस्या को और बढ़ाने का आरोप लग रहा है। मेयर ने दिया ‘जाम’ न लगने का आश्वासन पार्षद विक्रांत ने बताया कि मेयर हेमलता दिवाकर ने आज मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि डिवाइडर तो बनाए जाएंगे, जिससे एमजी रोड पर जाम न लगे। मेयर ने आश्वासन दिया कि डिवाइडर का काम मदिया कटरा से लोहामंडी थाने तक किया जाना है और इससे यहाँ के व्यापारियों और लोगों को कोई परेशानी नहीं आएगी। अब देखना यह होगा कि मेयर का यह आश्वासन जमीन पर कितना खरा उतरता है और क्या ये नए डिवाइडर जाम की नई वजह बनेंगे या यातायात को सुगम करेंगे।

आगरा में नगर निगम की ‘गुगली’: सड़क पर रखा जनरेटर नहीं हटा पाई टीम, विरोध के आगे झुककर लौटना पड़ा!

आगरा। आगरा में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी मुहिम को शनिवार को एक झटका लगा। ट्रांस यमुना कॉलोनी में सड़क पर रखे एक जनरेटर को हटाने पहुँची नगर निगम की टीम को लोगों के भारी विरोध के चलते बिना कार्रवाई के ही वापस लौटना पड़ा। IGRS पोर्टल पर मिली शिकायत का निस्तारण किए बिना ही टीम को उल्टे पांव लौटना पड़ा, जिससे प्रशासन की ‘पकड़’ पर सवाल खड़े हो गए हैं। जयदीप अस्पताल का जनरेटर, राहगीर परेशान मामला ट्रांस यमुना कॉलोनी का है, जहाँ IGRS पोर्टल के माध्यम से नगर निगम को शिकायत मिली थी कि सड़क पर एक जनरेटर रखा हुआ है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। शिकायत के निस्तारण के लिए नगर निगम की टीम शनिवार को मौके पर पहुँची। पता चला कि यह जनरेटर जयदीप अस्पताल प्रबंधन ने रास्ते में रखा हुआ था। नगर निगम की टीम ने जैसे ही इसे हटाना शुरू किया, अस्पताल प्रबंधन के लोग बाहर निकल आए और हंगामा करने लगे। देखते ही देखते आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और सभी ने मिलकर नगर निगम की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। जोनल अधिकारी से तीखी नोकझोंक, टीम को लौटना पड़ा खाली हाथ स्थिति इतनी बिगड़ गई कि टीम का नेतृत्व कर रहे जोनल अधिकारी अवधेश कुमार से भी तीखी नोकझोंक हुई। पिछले दिनों खेरिया मोड़ पर प्लास्टिक के खिलाफ अभियान के दौरान विधायक के चाचा से हुए विवाद के बाद नगर निगम के अधिकारी अब ज्यादा जोखिम लेने से बच रहे हैं। यही वजह रही कि बिगड़ती स्थिति देख नगर निगम की टीम बिना कार्रवाई किए ही लौट गई। जोनल अधिकारी ने स्वीकार किया कि शिकायत जायज थी और सड़क किनारे अवैध रूप से रखा जनरेटर आसपास के लोगों के लिए आवाज और धुएं से परेशानी का सबब बनता है। मगर, विरोध के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी। अन्य इलाकों में चला ‘बुलडोजर’, ठेल-धकेल हटाए हालांकि, नगर निगम की टीम ने शनिवार को ही शहर के अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखा। पालीवाल पार्क और रामबाग चौराहा क्षेत्र में सड़कों और फुटपाथों पर खड़े ठेल, धकेल और अन्य अवैध अतिक्रमण को हटाया गया, जिससे पैदल चलने वालों को कुछ राहत मिली। लेकिन ट्रांस यमुना कॉलोनी में हुई घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है।

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