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आगरा: ईंट मंडी में खड़े ट्रैक्टरों पर लगेगा जुर्माना, नगर निगम की कार्रवाई

आगरा। आगरा की ईंट मंडी में अब ईंटों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े नहीं होंगे। नगर निगम ने प्रदूषण और यातायात की समस्या को देखते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब अगर कोई भी ट्रैक्टर सड़क पर खड़ा पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। कारगिल पेट्रोल पंप के पास स्थित ईंट मंडी में ईंटों से भरे ट्रैक्टरों के खड़े होने से भारी धूल उड़ती थी, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा था। साथ ही, इन वाहनों के कारण सड़क पर जाम की स्थिति भी बन रही थी। लोगों की लगातार शिकायतों के बाद, नगर निगम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। नगर निगम की टीम ने सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर चालकों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि अगर वे दोबारा सड़क पर वाहन खड़े करते हैं, तो उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्ग पर प्रदूषण फैलाना और यातायात बाधित करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान, नगर निगम ने बोदला चौराहे से कारगिल पेट्रोल पंप तक अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया। सड़क के दोनों ओर से अस्थायी निर्माण और दुकानों के कब्जे हटाए गए। अधिकारियों ने कहा कि शहर की सड़कों पर जाम और प्रदूषण की समस्या को खत्म करने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

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आगरा: इंटरलॉकिंग के काम में गड़बड़ी, ठेकेदार पर एक लाख का जुर्माना

आगरा। आगरा में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे इंटरलॉकिंग कार्य में बड़ी लापरवाही सामने आई है। मानकों के अनुरूप लाल गिट्‌टी (जीएसबी) डाले बिना ही काम किया जा रहा था, जिसकी शिकायत मिलने के बाद जांच की गई। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर ठेकेदार पर एक लाख रुपये के जुर्माने की संस्तुति की गई है। यह मामला हरीपर्वत जोन क्षेत्र में सिकंदरा चौराहा से गेटवेल हॉस्पिटल होते हुए रेलवे लाइन तक की सड़क पटरी पर चल रहे इंटरलॉकिंग कार्य का है। स्थानीय नागरिकों ने सीधे नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल से शिकायत की थी कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, नगर आयुक्त ने क्षेत्रीय अवर अभियंता हरी ओम को मौके पर जाकर जाँच के निर्देश दिए। अवर अभियंता की जाँच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि ठेकेदार, आरके एंटरप्राइजेज, ने जीएसबी की गुणवत्ता से समझौता किया है और कार्य मानक के अनुरूप नहीं है। जाँच रिपोर्ट के आधार पर, अवर अभियंता ने ठेकेदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि नगर निगम के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी ऐसी शिकायतें मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

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आगरा में नगर निगम का बड़ा एक्शन, टोरंट पावर पर ₹7 लाख से अधिक का जुर्माना

आगरा। आगरा में नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने पर टोरेंट पावर लिमिटेड पर सख्त कार्रवाई करते हुए ₹7,15,700 का भारी जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना शास्त्रीपुरम एमआईजी बी ब्लॉक में सड़क काटने और जलकल विभाग की लाइन को नुकसान पहुँचाने के लिए लगाया गया है, जबकि नगर निगम ने 30 सितंबर तक रोड कटिंग पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। शास्त्रीपुरम मॉल से दहतोरा मंदिर तक लगभग 600 मीटर लंबी सड़क को बिना अनुमति के काट दिया गया था, जिससे स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा था। क्षेत्रीय पार्षद की शिकायत पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जाँच के आदेश दिए, जिसमें नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। LEFT:केबल डालने के लिए टोरंट पॉवर ने खोदी सड़क। RIGHT: नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर में चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान। ट्रांसपोर्ट नगर में अतिक्रमण पर भी कार्रवाई इसके अलावा, नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर में भी एक बड़ा अभियान चलाया। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर, निगम की टीम ने उन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की, जिन्होंने सड़क पर कबाड़ और वाहनों के कलपुर्जे रखकर रास्ता रोक रखा था। इस अभियान के दौरान दुकान नंबर 147 के मालिक मनीष कुमार जैन पर ₹25,000 और पाठक एंटरप्राइजेज पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया गया। दोनों को 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने की सख्त चेतावनी भी दी गई। इस कार्रवाई से उन स्थानीय दुकानदारों को राहत मिली है, जिन्होंने सड़क पर सामान रखे जाने से हो रही दिक्कतों की शिकायत की थी। अगर आपके क्षेत्र में भी कोई खुदाई या निर्माण कार्य चल रहा हो, तो उनसे अनुमति पत्र दिखाने के लिए कहें। इससे आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि यह काम नियमों के अनुसार हो रहा है और आपको या आपके पड़ोसियों को अनावश्यक परेशानी न हो।

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स्वच्छ आगरा की नई पहल: बल्क में कचरा फैलाने वाले होटल, अस्पताल और उद्योग अब नगर निगम के निशाने पर! जल्द जारी होंगे नोटिस, नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी

आगरा। आगरा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में आगरा नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब बल्क वेस्ट (अधिक मात्रा में कचरा) उत्पन्न करने वाले होटल, उद्योग, अस्पताल और मैरिज होम नगर निगम की सीधी निगरानी में होंगे। इन सभी प्रतिष्ठानों को अब कचरे का पृथक्करण (गीला-सूखा अलग करना) करके ही देना होगा, और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जल्द ही नोटिस भी जारी किए जाएंगे। जो भी नियम तोड़ेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। NWMS कंपनी से अनुबंध: आधुनिक प्लांट से होगा कचरे का निस्तारण इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए आगरा नगर निगम ने NWMS नामक एक निजी कंपनी के साथ अनुबंध किया है। यह कंपनी कचरा निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को संचालित कर रही है। शहर में कचरे के आधुनिक निस्तारण के लिए दो प्रमुख प्लांट स्थापित किए गए हैं: सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में नगर निगम द्वारा कंपनी को कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है। कंपनी इन प्लांट्स का संचालन थोक कचरा उत्पादकों से लिए जाने वाले शुल्क से ही कर रही है। 75 ने किया अनुबंध, 100 को अभी करना है पालन अशोक प्रिय गौतम ने जानकारी दी कि अब तक 75 थोक कचरा उत्पादकों ने NWMS कंपनी के साथ अनुबंध कर लिया है, जो नियमों का पालन कर रहे हैं। हालांकि, लगभग 100 अन्य संस्थाएं अभी भी शेष हैं, जिन्हें जल्द से जल्द नगर निगम द्वारा अधिकृत कंपनी के साथ अनुबंध सुनिश्चित करना होगा। उल्लंघन पर होगी सख्त दंडात्मक कार्रवाई: ट्रेड लाइसेंस निरस्त और FIR तक का प्रावधान नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। ये हैं ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ की श्रेणी में शामिल नियमावली के अनुसार, निम्नलिखित प्रतिष्ठानों को ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ की श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

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जल्दी करा लो रजिस्ट्रेशन! आगरा नगर निगम का ‘डंडा’: बिना रजिस्टर्ड पालतू कुत्तों को उठाया जाएगा, लगेगा ₹2500 का जुर्माना; टीम गठित, अभियान शुरू!

आगरा, उत्तर प्रदेश। आगरा में पालतू कुत्तों को रखने वालों के लिए अब सख्त नियम लागू हो गए हैं। आगरा नगर निगम ने उन सभी मालिकों पर कार्रवाई की कमर कस ली है, जिन्होंने अभी तक अपने पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। शहर में हजारों की संख्या में पालतू कुत्ते होने के बावजूद, वर्तमान वित्तीय वर्ष में जुलाई तक मात्र 552 कुत्तों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है, जो बेहद निराशाजनक है। नगर निगम ने इसे बेहद निंदनीय मानते हुए अब एक विशेष टीम का गठन कर दिया है, जो जल्द ही पूरे शहर में सघन जांच अभियान चलाएगी और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी। लाखों पेट लवर्स, पर रजिस्ट्रेशन सिर्फ 552! अब निगम की सख्ती से होगी परेशानी यह चौंकाने वाला आंकड़ा बताता है कि आगरा में पेट लवर्स की लाखों की संख्या होने के बावजूद, अपने पालतू जानवरों के प्रति जिम्मेदारी निभाने में लोग कितने गंभीर नहीं हैं। उनका सोचना है कि “कुछ नहीं होगा,” लेकिन नगर निगम ने अब साफ कर दिया है कि इस बार कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अगर आपके पास बिना रजिस्टर्ड पालतू कुत्ता मिलता है, तो उसे सीधे पकड़ लिया जाएगा और मालिक पर ₹2500 तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, कुत्ते को पकड़ने और उसके खाने-पीने का खर्च भी मालिक से ही वसूला जाएगा। यह बात जान लें कि वह दिन दूर नहीं, जब आपका प्यारा पालतू जानवर निगम की डॉग कैचर वैन में बैठा होगा और आपको जुर्माना भरने के लिए दौड़ना पड़ेगा। नगर निगम ने रजिस्ट्रेशन शुल्क देसी नस्ल के लिए ₹100 प्रति वर्ष और विदेशी नस्ल के लिए ₹500 प्रति वर्ष रखा है। पंजीकरण ‘मेरा आगरा’ एप के माध्यम से ऑनलाइन या नगर निगम कार्यालय में ऑफलाइन भी करवाया जा सकता है। क्यों ज़रूरी है रजिस्ट्रेशन? रैबीज-फ्री आगरा और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने इस अभियान की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया, “नगर निगम का यह अभियान सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह शहर के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रजिस्ट्रेशन से पालतू कुत्तों का एक सटीक रिकॉर्ड बनेगा, जिससे रैबीज जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम, समय पर टीकाकरण और आपात स्थिति (जैसे कुत्ते के काटने) में उसकी पहचान करना आसान हो जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि आगरा न सिर्फ साफ-सुथरा और स्मार्ट बने, बल्कि एक रैबीज-फ्री और पेट-फ्रेंडली सिटी के रूप में भी पहचाना जाए। मगर, जब तक पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, तब तक कोई भी योजना आगे नहीं बढ़ सकती।” भविष्य की योजनाएं डेटा पर निर्भर: पेट-फ्रेंडली पार्क और बेहतर सुविधाएं नगर निगम आगे चलकर शहर में पेट-फ्रेंडली पार्क, डॉग वॉकिंग एरिया, और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की योजना बना रहा है। लेकिन इन सुविधाओं को लागू करने के लिए यह जानना बेहद ज़रूरी है कि शहर में कितने पालतू जानवर हैं, और यह तभी संभव है जब सभी का रजिस्ट्रेशन हो। आप आजकल सोशल मीडिया पर कुत्तों के हमलों और रैबीज से हुई मौतों के बारे में देख रहे होंगे। यह सब पालतू जानवरों के मालिकों की सुविधा और बाकी लोगों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है, इसलिए इन नियमों का पालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का कड़ा संदेश नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शहरवासियों को संबोधित करते हुए कहा, “पालतू जानवर पालना आपकी आज़ादी है, लेकिन उनकी जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है। समय पर रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि न जुर्माना लगे, न जानवर जब्त हो, और साथ ही शहर को एक स्वस्थ, सुरक्षित और पेट-फ्रेंडली माहौल मिल सके।” तो, देर न करें। अपने प्यारे पालतू जानवर का रजिस्ट्रेशन जल्द से जल्द करवा लें, ताकि आप किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई और आर्थिक जुर्माने से बच सकें, और आगरा को एक सुरक्षित और स्वस्थ शहर बनाने में अपना योगदान दे सकें।

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सड़क पर फावड़ा-गैती चलती दिखे तो तुरंत बताएं! आगरा में 30 सितंबर तक ‘नो कटिंग जोन’ घोषित, नगर निगम हुआ सख्त: दोषी अधिकारी होंगे जिम्मेदार!

आगरा। बारिश के मौसम में शहर की सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए आगरा नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने 30 सितंबर तक किसी भी प्रकार की रोड कटिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। चेतावनी दी गई है कि यदि कहीं भी बिना अनुमति रोड कटिंग करते हुए कोई दिखा, तो अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम को लगातार प्रतिबंध के बावजूद कुछ कंपनियों द्वारा रोड कटिंग की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसे अब गंभीरता से लिया गया है। अब क्षेत्रीय अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार मुख्य अभियंता (निर्माण) बीएल गुप्ता ने बताया कि शहर में हो रही अनधिकृत रोड कटिंग पर लगाम लगाने के लिए क्षेत्रीय सहायक अभियंताओं (AE) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसका मतलब साफ है कि अब यदि किसी भी क्षेत्र में बिना अनुमति रोड कटिंग होती है, तो संबंधित क्षेत्रीय AE को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। सभी सहायक और अवर अभियंताओं को लगातार फील्ड में निरीक्षण करने और सड़क कटिंग की घटनाओं पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जुर्माना और सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थाओं या कंपनियों द्वारा नियमों की अनदेखी की जाएगी, उनके खिलाफ जुर्माना, कार्य रोकने और अन्य दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस सख्त कदम का मुख्य उद्देश्य बरसात के समय में होने वाले जलभराव, सड़क धंसने और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को रोकना है। बता दें कि बारिश में शहर की बहुत सी सड़कें धंस चुकी हैं। जलभराव के दौरान यह पता नहीं चल पाता कि कहां सड़क है और कहां गड्ढा, जिससे हादसों की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। इन्हीं सब को रोकने के लिए रोड कटिंग पर यह पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आम जनता से भी अपील: ‘हमें बताएं, अगर कहीं देखें रोड कटिंग’ नगर निगम ने आमजन से भी अपील की है। मुख्य अभियंता ने कहा है कि अगर कहीं पर कोई कंपनी फावड़ा, गैंती या कोई कटिंग मशीन चलाते हुए रोड कटिंग करती पाई जाए, तो इसकी सूचना तत्काल नगर निगम कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएं। अब पूरा आगरा 30 सितंबर तक ‘नो कटिंग जोन’ है!

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आगरा नगर निगम का ‘विज्ञापन’ एक्शन! 24 शोरूम संचालकों को नोटिस, नहीं जमा किया लाखों का प्रीमियम/साइड रेंट; ‘दोगुना’ जुर्माना लगेगा!

आगरा। आगरा में अपने शोरूम पर बड़े-बड़े विज्ञापन लगाकर प्रचार करना अब कई संचालकों को भारी पड़ने वाला है! नगर निगम ने शहरभर में सर्वे कर ऐसे कारोबारियों की एक सूची तैयार की है, जिन्होंने विज्ञापन प्रीमियम/साइड रेंट जमा नहीं किया है। फिलहाल, 24 ऐसे शोरूम संचालकों को पैनल्टी के साथ लाखों का प्रीमियम/साइड रेंट जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। इस नियम के तहत दिए नोटिस, 60 कारोबारियों को अब तक मिला ‘झटका’ नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर नगर निगम ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 3×2 फुट तक के विज्ञापन पट लगाने पर निगम कोई प्रीमियम/साइड रेंट नहीं लेता है। लेकिन, इससे बड़े साइनबोर्ड लगाने या अन्य किसी प्रकार से प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन करना विज्ञापन प्रीमियम/साइड रेंट के दायरे में आता है। देखने में आ रहा है कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं जो बिना अनुमति होर्डिंग आदि लगाकर अपना विज्ञापन कर रहे हैं। ऐसे सभी कारोबारियों को अब प्रीमियम/साइड रेंट के दायरे में लाया जा रहा है। नगर निगम उपविधि 2017 के तहत, अब तक पहली बार 60 कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अगर नोटिस की अवधि में रेंट जमा नहीं किया गया, तो शोरूम संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नहीं जमा किया तो देना होगा ‘दोगुना किराया’, रजिस्ट्रेशन भी होगा रद्द! सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि यदि नोटिस जारी होने के बाद भी कोई शोरूम संचालक निर्धारित समय में प्रीमियम/साइड रेंट जमा नहीं कराता है, तो उसे निर्धारित रेंट से दोगुना रेंट अदा करना होगा। इन प्रमुख नामों पर लाखों का बकाया है: फिलहाल, साल 2023-24 और 2024-25 के किराये की गणना की जा रही है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने साफ चेतावनी दी है, “जो भी कारोबारी नगर निगम सीमा में विज्ञापन कर रहे हैं, वे समय से प्रीमीयम/साइड रेंट को जमा कराएं। अन्यथा उनके खिलाफ खाता सीज और कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।“ नगर निगम शहर में अवैध रूप से विज्ञापन करने वाली कंपनियों का पता लगाने के लिए लगातार सर्वे करा रहा है। नोटिस के बाद भी जो लोग प्रीमियम साइड रेंट विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करेंगे, उनके रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

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