Headlines

आगरा: आवास विकास ने 120 करोड़ की जमीन से हटाया अवैध कब्जा

आगरा। आगरा में आवास एवं विकास परिषद ने सिकंदरा योजना के सेक्टर-2C में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 11,000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। इस जमीन की बाजारी कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार के आदेश पर, अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन दल और पुलिस टीम ने यह अभियान चलाया। इस दौरान, मौके पर करीब 90 अवैध झुग्गी-झोपड़ियाँ बनी हुई थीं। प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जी.एम. ख़ान ने बताया कि इन कब्जाधारियों को पहले भी कई बार नोटिस और चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने जमीन खाली नहीं की थी। अभियान के दौरान थोड़ा-बहुत विरोध हुआ, लेकिन अधिकारियों की समझाइश पर कब्जाधारियों ने खुद ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद, जेसीबी की मदद से पूरी जमीन को समतल कर दिया गया। परिषद के अनुसार, यह जमीन आगामी 30 सितंबर को ई-नीलामी के लिए प्रस्तावित है। इस अभियान में प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जी.एम. ख़ान, अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह, सहायक अभियंता गजेंद्र, अवर अभियंता मयंक, सुनील, आकाश, और स्थानीय पुलिस बल शामिल रहे।

Read More

आगरा में आवास विकास परिषद की योजनाओं में ई-नीलामी, 30 सितंबर को होगी नीलामी

आगरा। आगरा में आवास विकास परिषद अपनी विभिन्न योजनाओं में व्यावसायिक प्लॉट्स और फ्लैट्स की ई-नीलामी करने जा रहा है। इन संपत्तियों के लिए 30 सितंबर को नीलामी आयोजित की जाएगी, जबकि आवेदन 29 सितंबर तक स्वीकार किए जाएँगे। कुछ फ्लैट्स को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। हाल ही में हुई एक बैठक में जोनल आयुक्त अमित कुमार गुप्ता और अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस नीलामी में विभिन्न प्रकार की संपत्तियाँ शामिल हैं: परिषद ने खरीदारों को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष छूट योजना भी घोषित की है। जो खरीदार 60 दिनों के भीतर पूरा भुगतान करते हैं, उन्हें कुल कीमत पर 5 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। पंजीकरण और टोकन राशि जमा करने की अंतिम तिथि 29 सितंबर है, जबकि ई-नीलामी 30 सितंबर को होगी।

Read More

आगरा में अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम टीम को लौटना पड़ा, स्थानीय लोगों ने किया विरोध

आगरा। आगरा के आवास विकास सेक्टर-7 में बुधवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई भारी हंगामे के कारण रुक गई। जोनल अधिकारी सी.पी. सिंह के नेतृत्व में गई निगम की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बिना कार्रवाई किए ही खाली हाथ लौटना पड़ा। यह कार्रवाई इलाके के एक निवासी ललित अग्रवाल की आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद शुरू हुई थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि कई लोगों ने अपने घरों के सामने अवैध रूप से रैंप बना लिए हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। जैसे ही नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि उनके नाम से की गई शिकायत फर्जी है और शिकायतकर्ता ललित अग्रवाल ने उनके जाली हस्ताक्षर कर दिए हैं। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सरकारी भूमि पर रैंप बनाना अवैध है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। हालांकि, तनाव बढ़ने पर निगम टीम को पीछे हटना पड़ा। लोगों ने कहा कि वे खुद ही रैंप हटा लेंगे और निगम को कार्रवाई नहीं करने देंगे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का मौका दिया है, लेकिन अगर तय समयसीमा में रैंप नहीं हटे तो निगम सख्त कार्रवाई करेगा।

Read More

आगरा में चोरों ने खाली घर में लगाई सेंध, पड़ोसियों के शोर मचाने पर बाइक छोड़ भागे; 50 हजार नगद ले गए

आगरा। आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में स्थित एडब्ल्यूएस कॉलोनी, आवास विकास में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाया। चोर घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और 50 हजार रुपए नगद, सोने के जेवरात और अन्य सामान ले गए। हालांकि, पड़ोसियों की आहट होने पर उन्होंने शोर मचाया, जिससे चोर अपनी बाइक छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए। पुलिस ने मौके से बाइक को कब्जे में ले लिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से चोरों की पहचान करने में जुटी है। बेटी की फीस के 50 हजार रुपए उड़ाए आवास विकास निवासी विमल कुमार दुबे ने बताया कि वह 28 अगस्त को अपनी बेटी के पास गुरुग्राम गए हुए थे और घर पर ताला लगा था। देर रात करीब 3 बजे दो चोर बाइक से आए और मेन गेट का ताला तोड़कर घर में घुस गए। चोरों ने अलमारी में रखे बेटी की फीस के 50 हजार रुपए, एक सोने की अंगूठी और अन्य सामान चोरी कर लिया। शोर सुनते ही बाइक छोड़ भागे चोर पीड़ित के अनुसार, जब चोर वारदात को अंजाम दे रहे थे, तभी पड़ोसियों को कुछ आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनते ही घबराए बदमाश अपनी बाइक छोड़कर अंधेरे में भाग गए। सूचना मिलने पर विमल कुमार दुबे गुरुग्राम से लौटकर आए और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके से चोरों की बाइक को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिससे जल्द ही चोरों की पहचान होने की उम्मीद है।

Read More
एमजी रोड पर लगा जाम

आगरा में रक्षाबंधन : शहर की छोटी-बड़ी सड़कें जाम, 5 मिनट का रास्ता बना 1 घंटे का सफर!

आगरा। रक्षाबंधन के त्योहार ने शुक्रवार को आगरा की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया। देर शाम तक शहर की छोटी-बड़ी सड़कें, खासकर एमजी रोड, घंटों जाम से जूझती रहीं। त्योहार की खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ और सड़कों पर बेतरतीब वाहनों के कारण लोगों को 5 मिनट का रास्ता तय करने में 1 घंटे तक का समय लग गया। रात 11 बजे तक यह स्थिति बनी रही, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर लगा भीषण जाम रक्षाबंधन के चलते आगरा के बाजारों में शुक्रवार को दिनभर और देर रात तक भीड़ उमड़ी रही। लोगों ने जमकर खरीदारी की, लेकिन सड़कों पर जाम की स्थिति ने त्योहार की खुशी को कम कर दिया। भगवान टॉकीज से जिला मुख्यालय तक एमजी रोड पर वाहन रेंगते रहे। सुल्तानगंज की पुलिया से लंगड़े की चौकी की ओर जाने वाले रास्ते पर भी भीषण जाम लग गया। इसके अलावा, ईदगाह चौराहा से खेरिया मोड़ के पुल और मथुरा हाईवे पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। शहर के अन्य व्यस्त इलाकों जैसे आवास विकास, भवना क्लार्क, गुरुद्वारा पुल वाला रास्ता भी जाम से पूरी तरह से चौक हो गया। यह स्थिति लगभग रात 11 बजे तक बनी रही, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई। शहर के इन इलाकों में भी यातायात ठप रक्षाबंधन त्यौहार के कारण आगरा के विभिन्न हिस्सों में जाम की स्थिति बनी रही, जिनमें प्रमुख रूप से एमजी रोड, सुल्तानगंज पुलिया से लंगड़े की चौकी, आवास विकास, गुरु का लाल, वाटर वर्क्स, रामबाग, सिकंदरा, ईदगाह, बोदला, रामनगर, खिरिया मोड़, ईदगाह बस स्टैंड, शाहगंज, राजा मंडी, हरी पर्वत और सिंधी बाजार शामिल हैं। यातायात पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद, त्योहार की भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल साबित हुआ, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

Read More

आगरा में ‘ट्रैफिक रेंगता है’ का हाल! हरीपर्वत से आवास विकास तक ‘गड्ढे-अतिक्रमण का सफर’: 4 KM की दूरी 30 मिनट में, ‘मांएं स्कूल से लौटते बच्चों का करती हैं इंतजार’

आगरा। आगरा शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक, हरीपर्वत से आवास विकास तक का मार्ग, इन दिनों शहरवासियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं। महज 4 किलोमीटर की यह दूरी, जिसे सामान्यतः 10 मिनट में तय किया जा सकता है, अब 25 से 30 मिनट का समय ले रही है। सबसे ज़्यादा पीड़ा उन माताओं को उठानी पड़ रही है, जो स्कूल से अपने बच्चों के लौटने का बेसब्री से इंतजार करती हैं, क्योंकि बच्चों को थोड़ी सी दूरी तय करने में भी घंटों लग रहे हैं। इस रूट पर ट्रैफिक चलता नहीं, बल्कि रेंगता है, जिसका मुख्य कारण जगह-जगह मौजूद गड्ढे और बेतहाशा अतिक्रमण है, जिसने पूरे रास्ते को एक बड़े जाम में तब्दील कर दिया है। हरीपर्वत से ही शुरू हो जाती है मुसीबत: स्कूल टाइम और शाम को ‘हाल बेहाल’ स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस परेशानी की शुरुआत हरीपर्वत चौराहे से ही हो जाती है, जहां से सड़क पर गड्ढे मिलने लगते हैं। दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय और शाम 6 से 8 बजे के बीच इस रूट पर सबसे भीषण जाम लगता है। खासकर दिल्ली गेट से लेकर मदिया कटरा पुल और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान तक वाहन मुश्किल से आगे बढ़ पाते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिल्ली गेट पर स्थित अस्पतालों की पार्किंग में खड़े वाहन भी अक्सर सड़क पर ट्रैफिक को रोक देते हैं, जिससे जाम और बढ़ जाता है। मदिया कटरा पर केवल एक लेन होने के कारण टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, और गाड़ियां बस रेंगती रहती हैं। जाम के कारण स्कूल से लौटते बच्चों को गर्मी और उमस में भारी परेशानी होती है, जिससे मांओं की चिंता बढ़ती है कि उनका बच्चा कब घर आएगा, कब खाएगा और कब सो पाएगा। बारिश में हालात और बदतर: नालियां ओवरफ्लो, सड़कें बन जाती हैं तालाब मदिया कटरा चौराहे पर दुकानदारों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दोपहर और शाम को रोज आवास विकास से आने वाले वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। वहीं एक रेहड़ी लगाने वाले ने बताया कि चौराहे से लेकर मानसिक चिकित्सालय तक हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है। सड़कें तालाब जैसी बन जाती हैं, जिससे गाड़ियां फंस जाती हैं। नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगती हैं, और जलभराव से हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे यह 4 किलोमीटर का सफर बारिश के दिनों में 45 मिनट तक का समय ले सकता है। 16 सेक्टरों को जोड़ता है यह अहम मार्ग, हजारों वाहन रोज गुजरते हैं यह मार्ग आवास विकास कॉलोनी के 16 सेक्टरों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। मदिया कटरा से होकर लोहामंडी, न्यू राजामंडी और सिकंदरा पुल जाने वाले हजारों लोग रोजाना इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, यह मार्ग मथुरा और दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए भी एक अहम कड़ी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली से हजारों लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने और ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि शहरवासियों को इस रोजमर्रा के ‘जाम और गड्ढों के सफर’ से मुक्ति मिल सके।

Read More

ये क्या बात हुई! पहले मचा दी अफरा-तफरी, अब DM बोले- अगस्त के दूसरे हफ़्ते में लागू होंगे नए सर्किल रेट, अभी हैं कुछ कमियां!”

आगरा। आगरा में प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना रहे लोगों के लिए ये खबर थोड़ी राहत और थोड़ी उलझन लेकर आई है। पहले 4 अगस्त से सर्किल रेट बढ़ने की ख़बरों ने अफरा-तफरी मचा दी थी, लेकिन अब जिला मजिस्ट्रेट (DM) अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने निबंधन विभाग को प्रस्तावित रेटों की फाइल लौटा दी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रस्ताव में कुछ कमियां हैं जिन्हें दूर किया जाए, और नए सर्किल रेट अगस्त के दूसरे सप्ताह में हर हाल में लागू कर दिए जाएंगे। क्यों टली तारीख? DM ने दिए ये निर्देश दरअसल, प्रस्तावित सर्किल रेटों पर पहले भी कई क्षेत्रों से आपत्तियां मिली थीं, जिनका अभी तक निस्तारण नहीं हो पाया है। अधिवक्ताओं का कहना था कि फतेहाबाद रोड की तरफ शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है, लेकिन वहां उस अनुपात में सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। इसी तरह कई अन्य क्षेत्रों में भी सर्किल रेट में असमानता थी। DM ने इन सभी असमानताओं को दूर करने के लिए कहा है, ताकि नए रेट्स में पारदर्शिता और समानता लाई जा सके। कितने बढ़ सकते हैं रेट्स? जानिए संभावित बढ़ोत्तरी सर्किल रेट में बदलाव होने से आगरा में मकान, दुकान और खेत खरीदना महंगा हो जाएगा। अनुमान है कि जिले में 50% तक जमीनों के रेट बढ़ सकते हैं। पिछली बार अगस्त 2017 में सर्किल रेट में बदलाव हुआ था, तब शहरी क्षेत्र में 27% और ग्रामीण क्षेत्र में 20 से 25% की बढ़ोत्तरी हुई थी। 2021 में नए सिरे से निर्धारण होना था, लेकिन शासन के निर्देश पर इसे रोक दिया गया था। प्रमुख क्षेत्रों में इतनी बढ़ सकती है कीमत: DM अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है: “निबंधन विभाग को सर्किल रेट की कुछ कमियों को दूर करने के लिए कहा गया है। अगस्त के दूसरे सप्ताह में नये सर्किल रेट हर कीमत पर लागू कर दिए जाएंगे।” तो अब देखना यह होगा कि ये ‘कमियां’ कब तक दूर होती हैं और आगरा में प्रॉपर्टी खरीदने का सपना देखने वालों की जेब पर कितना बोझ बढ़ता है।

Read More
Verified by MonsterInsights