
आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी), आगरा के सर्जिकल ऑनकोलॉजी विभाग ने स्तन कैंसर के उपचार में एक बड़ी सफलता हासिल की है। कॉलेज के डॉक्टरों ने एक 45 वर्षीय महिला मरीज के स्तन से कैंसर को न केवल पूरी तरह से हटा दिया, बल्कि स्तन की प्राकृतिक आकृति को भी बरकरार रखा है। इस आधुनिक पद्धति से इलाज के बाद अब आगरा के मरीजों को दिल्ली या जयपुर जैसे बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
एसएनएमसी के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “एसएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर अत्यंत जटिल ऑपरेशन भी सफलतापूर्वक हो रहे हैं, जिससे रोगियों को अत्यधिक लाभ मिल रहा है और उन्हें दिल्ली या जयपुर जैसे बड़े शहरों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़ता।”
क्या है यह आधुनिक तकनीक?
एसएनएमसी के सर्जिकल ऑनकोलॉजी विभाग में प्रो. डॉ. अंशिका अरोड़ा, डॉ. श्रेया, डॉ. आयुष, एवं डॉ. विमलेश की टीम ने 45 वर्षीय महिला रोगी में पाई गई बाईं ओर की स्तन गांठ का इलाज ‘स्तन संरक्षण सर्जरी (Breast Conservative Surgery)’ के साथ ‘Level I Oncoplasty’ का उपयोग करके किया।
इस तकनीक के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं:
- कैंसर का प्रभावी निष्कासन: कैंसर को उच्च प्रभावशीलता के साथ पूरी तरह से हटा दिया गया।
- स्तन का संरक्षण: मरीज को पूरे स्तन को हटाने वाली ‘मास्टेक्टॉमी’ (Mastectomy) की जरूरत नहीं पड़ी, जिससे स्तन का प्राकृतिक हिस्सा सुरक्षित रहा।
- प्राकृतिक आकृति: सर्जरी के बाद भी स्तन की मूल आकृति बनी रही, जो मरीज के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
- जीवन की गुणवत्ता में सुधार: इस प्रक्रिया से रोगी की शारीरिक और मानसिक, दोनों ही स्तरों पर जीवन की गुणवत्ता और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।
- स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञता: यह दर्शाता है कि अब आगरा के मेडिकल कॉलेज में भी ऐसे जटिल और आधुनिक ऑपरेशन संभव हैं, जिससे स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
एसएनएमसी आगरा के सर्जिकल ऑनकोलॉजी विभाग की यह पहल यह साबित करती है कि स्तन संरक्षण सर्जरी और Level I Oncoplasty जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, उत्कृष्ट कॉस्मेटिक परिणाम देती हैं और रोगियों को सशक्त बनाती हैं। यह आगरा के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।