
आगरा। आगरा में हे मां मेडिको के यहां हुई छापेमारी के दौरान ड्रग विभाग और एसटीएफ ने बुखार और खांसी से लेकर कैंसर तक की नकली दवाएं बरामद की हैं। ये नकली दवाएं मर्ज पर पूरी तरह बेअसर होती हैं, जिससे मरीजों की जान को सीधा खतरा हो सकता है। फिलहाल, इस बड़े रैकेट की जांच की जा रही है कि ये दवाएं किन-किन राज्यों में सप्लाई की जा रही थीं।
हिमाचल, तमिलनाडु और पुडुचेरी से जुड़े तार
जांच में सामने आया है कि ये नकली दवाएं पहले हिमाचल प्रदेश में बनवाई जा रही थीं, लेकिन अब इनका कारोबार तमिलनाडु के चेन्नई और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी से चलाया जा रहा था। इन दवाओं को लखनऊ के पते पर मंगवाकर आगरा में स्टोर किया जाता था और फिर देश के कई राज्यों में बेचा जाता था।
छापेमारी में एंटीबायोटिक, जुकाम, खांसी और एंटी-एलर्जी जैसी कई तरह की नकली दवाएं बरामद की गई हैं। नकली दवाओं की पैकिंग इतनी असली जैसी होती है कि आम लोगों के लिए इनकी पहचान करना बहुत मुश्किल है। इनके रैपर पर भी नकली क्यूआर कोड लगे होते थे ताकि ये असली लगें।
20 से ज्यादा लोग एसटीएफ के रडार पर
यह पहली बार नहीं है जब आगरा में नकली दवाओं का कारोबार पकड़ा गया है। इससे पहले भी शहर के सिकंदरा और जगदीशपुरा में नकली दवाओं की फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं। कोतवाली और एमएम गेट क्षेत्र के बाजार में चार दिन से कार्रवाई चल रही है। जांच के बाद इस अवैध धंधे से जुड़े 20 से अधिक लोग एसटीएफ के रडार पर आ गए हैं, जिनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सहायक आयुक्त औषधि नरेश मोहन दीपक ने बताया कि कार्रवाई लगातार जारी है और जो भी इस अवैध कारोबार में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि जांच टीम को रिश्वत की पेशकश करने वाले आरोपी दवा कारोबारी को जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं। इस मामले में शामिल कुरियर कंपनी के संचालक फिलहाल फरार हैं और उनके घरों पर ताले लगे हुए हैं।