
आगरा। भगवान ऋषभदेव एवं पांच तीर्थंकरों की शाश्वत जन्मभूमि अयोध्या से जैन समाज की गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमति माता जी की प्रेरणा से प्रवर्तित ‘अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ’ गुरुवार को आगरा पहुंचा। इस रथ का भव्य स्वागत मारुति स्टेट स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, कलाकुंज में किया गया, जहाँ से संपूर्ण जैन समाज ने एक भव्य शोभायात्रा निकाली।
रथ का उद्देश्य: अयोध्या में जैन धर्म की प्राचीनता और तीर्थ विकास
रथ का संचालन कर रहे पंडित अकलंक जैन ने बताया कि इस रथ का मुख्य उद्देश्य जैन धर्म की प्राचीनता और अयोध्या में पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि के विकास के बारे में जन-जन को अवगत कराना है। उन्होंने बताया कि हमारे देश, भारत का नाम भगवान ऋषभदेव के पुत्र सम्राट भरत के नाम पर पड़ा, और चक्रवर्ती सम्राट भरत का जन्म भी अयोध्या में ही हुआ था। पंडित अकलंक जैन ने यह भी जानकारी दी कि अयोध्या में बहुत ही भव्य पांच जिन मंदिर एवं विशाल धर्मशाला का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है।
यह ‘अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ’ 11 जुलाई 2023 को अयोध्या से संपूर्ण भारतवर्ष के लिए निकला था। राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा जैसे अनेक प्रांतों में भ्रमण करता हुआ, यह रथ वर्तमान में उत्तर प्रदेश के नगरों में अपनी यात्रा कर रहा है।
भक्ति और उत्साह के साथ निभाई गई रस्में
आगरा में रथ के पहुँचने पर भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया।
- सौधर्म इंद्र के रूप में रथ पर बैठने का सौभाग्य सुरेशचंद दीपांक जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
- धनकुबेर बनकर रत्नवृष्टि करने का सौभाग्य अजय कुमार जैन एवं रश्मि जैन परिवार को मिला।
- भगवान ऋषभदेव की प्रथम आरती का सौभाग्य दीपचंद जैन को प्राप्त हुआ।
- भगवान ऋषभदेव को सर्वप्रथम झुलाने का सौभाग्य स्वीटी जैन एवं संदीप जैन परिवार को मिला।
इस अवसर पर मंदिर के अध्यक्ष रविंद्र जैन, मनोज जैन, अजय जैन, मुकेश जैन भगत, आदित्य जैन भगत, संयम जैन भगत, दिव्यांशु जैन, राहुल जैन, शुभम जैन, वीर सेवा महिला मंडल की अध्यक्षा मंजरी जैन, मंत्री स्वीटी जैन, चंचल जैन, एवं वीर चरण सेवक मंडल तथा कलाकुंज एवं अवधपुरी जैन मंदिर कमेटी के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम ने आगरा में जैन समाज के बीच भक्ति और एकजुटता का वातावरण निर्मित किया।