
आगरा, गुरुवार, 17 जुलाई, 2025, 18:30 बजे
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा के एनाटॉमी विभाग ने आज, 17 जुलाई 2025 को “शरीर की संरचना” विषय पर आधारित एक अत्यंत सफल और ज्ञानवर्धक मॉडल निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया। विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु गुप्ता के दूरदर्शी मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने एमबीबीएस छात्रों को न केवल अपनी वैज्ञानिक समझ को गहरा करने का अवसर दिया, बल्कि उन्हें मानव शरीर की जटिलताओं को रचनात्मक और अभिनव तरीके से प्रस्तुत करने के लिए भी प्रेरित किया। यह पहल चिकित्सा शिक्षा में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल और टीम वर्क को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
प्रतियोगिता में एमबीबीएस के विभिन्न बैचों के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने मानव शरीर की सूक्ष्म संरचनाओं, विभिन्न अंगों की जटिल बनावट और उनकी कार्यप्रणाली को दर्शाने वाले रचनात्मक और वैज्ञानिक मॉडल तैयार किए। इन मॉडलों में हड्डियों की संरचना, रक्त वाहिकाओं का जाल, तंत्रिका तंत्र की जटिलता और विभिन्न अंगों के त्रि-आयामी (3D) चित्रण शामिल थे, जिन्हें छात्रों ने अपनी गहन समझ और उत्कृष्ट कौशल से जीवंत रूप दिया। प्रत्येक मॉडल ने विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों और उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को खूबसूरती से प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित सभी दर्शक और निर्णायक मंडल प्रभावित हुए।
कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के बनाए गए मॉडलों का बहुत बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों से उनके मॉडलों से संबंधित गहन प्रश्न पूछकर उनकी अवधारणात्मक समझ और वैज्ञानिक सिद्धांतों पर उनकी पकड़ को परखा। प्राचार्य महोदय ने सभी प्रतिभागियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रभावी प्रस्तुति कौशल की जमकर सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि इस प्रकार के प्रयोगात्मक आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं और उन्हें भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु गुप्ता ने इस तरह की प्रतियोगिताओं के शैक्षिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये प्रतियोगिताएं चिकित्साशास्त्र के अध्ययन में छात्रों की रुचि बढ़ाने, जटिल शारीरिक अवधारणाओं को सुदृढ़ करने और उनमें टीम वर्क तथा रचनात्मक सोच का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। डॉ. गुप्ता ने यह भी बताया कि विभाग भविष्य में भी ऐसे प्रयोगात्मक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करता रहेगा, जो विद्यार्थियों में सीखने की उत्सुकता को बढ़ाएंगे और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ समस्या-समाधान कौशल से भी लैस करेंगे।
इस प्रतियोगिता के मॉडलों का मूल्यांकन अनुभवी शिक्षकों की एक टीम द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. रेनू अग्रवाल, डॉ. कामना सिंह और डॉ. दिव्या श्रीवास्तव शामिल थीं। इन विशेषज्ञों ने मॉडलों की वैज्ञानिक सटीकता, रचनात्मकता और प्रस्तुति की स्पष्टता के आधार पर उनका निष्पक्ष मूल्यांकन किया। उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने इस अभिनव और वैज्ञानिक पहल की सराहना की, जिससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि कैसे सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
कॉलेज प्रशासन आश्वस्त है कि इस प्रकार के शैक्षणिक और प्रयोगात्मक कार्यक्रम भविष्य के चिकित्सकों को बेहतर अनुसंधान करने और व्यावहारिक चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने की दिशा में प्रेरित करेंगे। इस सफल आयोजन में डॉ. प्रदीप, डॉ. अंजलि, डॉ. विभु दीप, डॉ. ऋचा सिंह, डॉ. गरिमा, डॉ अनीता रावत, डॉ. प्रीति भारद्वाज सहित विभाग के अन्य शिक्षक और कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया, जिससे यह प्रतियोगिता एक यादगार और शिक्षाप्रद अनुभव बन सकी।
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