Agra News: 30 घंटे तक तलाश, 200 सीसीटीवी खंगाले: ताजमहल देखने आया किडनैपर गोल्डी को बेचने ले गया था दिल्ली, माँ बोली- मेरी लक्ष्मी मिल गई
Agra News ताजगंज क्षेत्र की पुरानी मंडी से बुधवार दोपहर लापता हुई चार साल की मासूम गोल्डी की तलाश आगरा पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसे उसने 18 घंटे की मशक्कत के बाद सफलतापूर्वक पूरा करके बच्ची को दिल्ली से सुरक्षित ढूंढ निकाला। अपहरण के 30 घंटे बाद गोल्डी जब अपने माता-पिता की गोद में लौटी, तो पूरे परिवार और शहर ने राहत की साँस ली। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि औरंगाबाद महाराष्ट्र निवासी आरोपी शोएब बच्ची को बेचने के इरादे से दिल्ली ले गया था।
दादा के साथ खेलते-खेलते हुई लापता
पुरानी मंडी निवासी मोनू ठाकुर ने पुलिस को बताया कि उनकी चार साल की बेटी गोल्डी बुधवार दोपहर करीब 12:45 बजे अपने दादा पप्पू ठाकुर के साथ शाहजहां गार्डन घूमने गई थी। दादा जब पानी पीने लगे, तो बच्ची खेलते-खेलते नगर निगम की तरफ वाली गली में घूम गई और लापता हो गई।
पिता मोनू ठाकुर के अनुसार, वहाँ मस्जिद के पास एक मौलवी (जैसा व्यक्ति) खड़ा था। सीसीटीवी फुटेज में सफेद कपड़े पहने और टोपी लगाए एक दाढ़ी वाला आदमी बच्ची को बहला-फुसलाकर ऑटो में ले जाता दिखा। परिवार ने तुरंत ताजगंज थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। बच्ची की मां बबली का रो-रोकर बुरा हाल था और वह बार-बार थाने जाकर बेटी को खोजने की गुहार लगाती रहीं। अपहरण की खबर फैलते ही हिंदू संगठनों ने भी थाने पहुंचकर हंगामा किया था।
200 सीसीटीवी खंगाले, दिल्ली तक हुआ पीछा
एडिशनल सीपी रामबदन और एसीपी ताजगंज सैयद अरीब अहमद के नेतृत्व में तत्काल 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तलाश में लगाए गए। पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस को आखिरी फुटेज आगरा कैंट स्टेशन पर मिला, जहाँ आरोपी धौलपुर जाने वाली ट्रेन में सवार होता दिखा। सर्विलांस की मदद से पुलिस को पता चला कि आरोपी ने बाद में दिल्ली जाने वाली ट्रेन पकड़ी है।
शकूरपुर इलाके में महिला के घर से मिली गोल्डी
आगरा पुलिस की टीम ने दिल्ली के प्रीतमपुरा इलाके के शकूरपुर में बच्ची की लोकेशन ट्रेस की। दिल्ली पुलिस की मदद से एक व्यक्ति की सूचना पर पुलिस ने एक महिला के घर छापेमारी की और बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
महिला ने बताया कि उसे यह बच्ची औरंगाबाद महाराष्ट्र निवासी शोएब ने दी थी। महिला ने कहा, “हमारे कोई औलाद नहीं है, मैं इस बच्ची को पालना चाहती थी।” शोएब ने महिला को बताया था कि बच्ची उसके भाई की बेटी है।
किडनैपर शोएब का खुलासा: बेचने की थी साजिश
पुलिस ने बच्ची को किडनैप करने वाले शोएब को दिल्ली में उसके दोस्त के घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में शोएब ने बताया कि वह दिल्ली जा रहा था, लेकिन ताजमहल देखने के लिए आगरा कैंट पर उतर गया। बाहर बच्ची को अकेला देखकर वह उसे अपने साथ ले गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि शोएब ने बच्ची को बेचने की साजिश रची थी और वह लगातार उस महिला के संपर्क में था, जिसे बच्ची देनी थी। पुलिस को शक है कि इसके पीछे पूरा एक गिरोह काम कर रहा है जो पैसों के लिए बच्चों को बेचता है। हालांकि, अब तक सौदे की रकम सामने नहीं आई है।
परिवार को मिला सुकून
पुलिस टीमें गुरुवार देर रात बच्ची और आरोपी को लेकर आगरा पहुंची। बच्ची को देखते ही मां बबली फफक कर रोने लगी, लेकिन तुरंत ही उसे गोद से नहीं उतरने दे रही थीं। मां ने कहा, “मेरी घर की लक्ष्मी मुझे मिल गई है।” पिता मोनू ठाकुर ने कहा कि बच्ची को पाकर बहुत सुकून मिला। ताऊ सोनू ठाकुर ने बताया कि बच्ची पूरे रास्ते हंसते और बातें करते हुए आई है, वह बहुत हंसमुख है। पुलिस अब आरोपी शोएब के गिरोह के संबंधों और सौदे की रकम की जांच कर रही है।
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