
आगरा। बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ रुपये दान देने का प्रस्ताव देकर पूरे देश में चर्चा में आए आगरा के चर्चित बिल्डर और कारोबारी प्रखर गर्ग को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे उसकी पत्नी राखी गर्ग के साथ राजस्थान के जयपुर से पकड़ा है। प्रखर गर्ग पर धोखाधड़ी और जालसाजी के 22 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था।
₹2 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला, NBW हुआ था जारी
प्रखर गर्ग की गिरफ्तारी मुख्य रूप से ट्रांसपोर्ट नगर निवासी बैटरी व्यापारी अरुण सोंधी द्वारा दर्ज कराए गए ₹2 करोड़ की धोखाधड़ी के मुकदमे में हुई है। अरुण सोंधी को भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गए थे। इस मामले में कई बार तारीखों पर हाजिर न होने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया था। पुलिस की टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जयपुर में दबिश दी और प्रखर को उसकी पत्नी राखी के साथ हिरासत में ले लिया। दोनों को पूछताछ के लिए आगरा लाया गया है, जहां हरीपर्वत थाने में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
धोखाधड़ी का लंबा इतिहास और ईडी का छापा
प्रखर गर्ग का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और लंबा है। पिछले साल नवंबर में भी उसे अधिवक्ता दम्पति अनुराग गुप्ता से ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अनुराग गुप्ता ने आरोप लगाया था कि व्यापार के लिए दी गई रकम को प्रखर ने मुनाफे सहित वापस नहीं किया और जो चेक दिए, वे बाउंस हो गए।
इसके अलावा, दिसंबर 2024 में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने भी प्रखर गर्ग के ठिकानों पर छापा मारा था। वह एक होटल व्यवसायी सुभाष शर्मा से ₹80 लाख की धोखाधड़ी के मामले में भी आरोपी है, जहां उसने मैरिज होम बेचने का सौदा करने के बाद उस पर शोरूम बना दिया था। प्रखर के खिलाफ चेक बाउंस (एनआई एक्ट) के भी कई मामले दर्ज हैं, जो उसके वित्तीय लेनदेन की अनियमितताओं को दर्शाते हैं।
बांके बिहारी कॉरिडोर का वादा बना था सुर्खियों की वजह
प्रखर गर्ग उस समय सुर्खियों में आया था जब उसने इलाहाबाद हाई कोर्ट में वृंदावन के बांके बिहारी कॉरिडोर को बनाने के लिए 510 करोड़ रुपये दान करने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव ने उसे एक बड़े दानदाता के रूप में पहचान दिलाई थी, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ 22 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जो उसकी सार्वजनिक छवि और आपराधिक इतिहास के बीच के विरोधाभास को उजागर करते हैं।
पुलिस की कार्रवाई: ढोल बजाकर किया था मुनादी
इससे पहले, पुलिस ने जनवरी 2025 में कोर्ट के आदेश पर प्रखर गर्ग के लंगड़े की चौकी, द्वारिकापुरम स्थित घर पर कुर्की पूर्व कार्रवाई का नोटिस चस्पा किया था। पुलिस ने ढोल बजाकर मुनादी भी कराई थी, जिसमें कहा गया था कि अभियुक्त कोर्ट की कार्यवाही को जानबूझकर लंबित रखने के उद्देश्य से उपस्थित नहीं हो रहा है।