सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां! ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण, VIDEO वायरल; ASI ने दर्ज कराई FIR, फिर भी नहीं रुक रहा काम

आगरा। देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट, के स्पष्ट आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आगरा में ताजमहल की 500 मीटर की परिधि के अंदर धड़ल्ले से अवैध निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना तब सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही पूर्वी गेट के पास एक रेस्टोरेंट मालिक ने भी इसी तरह का अवैध निर्माण करवाया था, जिस पर कार्रवाई अभी लंबित है।


टीन शेड के पीछे चल रहा काम, सड़क पर बिखरी ईंटें

वायरल वीडियो में ताजमहल के पास टांगा स्टैंड के निकट एक टीन शेड के पीछे अवैध निर्माण कार्य चलता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। निर्माण सामग्री, विशेषकर ईंटें, सड़क पर ही बिखरी पड़ी हैं, जिससे सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई निर्माण पर रोक का मज़ाक उड़ाया जा रहा है।

पुरातत्व विभाग (ASI) के सहायक संरक्षक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि उन्हें टांगा स्टैंड के पास सुनील राठौर नामक व्यक्ति द्वारा अवैध निर्माण कराए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधिकारियों और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। आश्चर्यजनक रूप से, सुनील राठौर के खिलाफ 2021 और 2023 में भी थाना ताजगंज में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।


सील हुए निर्माण, ध्वस्तीकरण के आदेश, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं!

प्रिंस वाजपेयी ने यह भी खुलासा किया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा इन निर्माणों पर सील लगा दी गई थी और उनके ध्वस्तीकरण के आदेश भी जारी हो चुके हैं। हालांकि, आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने अब तक उन्हें ध्वस्त नहीं किया है। कुछ दिन पहले भी सुनील राठौर को दो बार नोटिस दिया गया था, और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को भी इस संबंध में पत्र भेजकर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अवैध निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा है।


पूर्वी गेट के पास भी था अवैध रेस्टोरेंट निर्माण, कार्रवाई का इंतजार

यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले भी ताजमहल के पूर्वी गेट से लगभग 150 मीटर की दूरी पर एक रेस्टोरेंट संचालक ने रेस्टोरेंट के पीछे टीन शेड डालकर अवैध निर्माण कर लिया था। एएसआई विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिलने पर संचालक को नोटिस दिया गया था और ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर एफआईआर भी करा दी गई थी। लेकिन, दुर्भाग्यवश, अब तक उस अवैध निर्माण को भी ध्वस्त नहीं किया गया है।

यह स्थिति सवाल उठाती है कि जब सुप्रीम कोर्ट जैसे सर्वोच्च न्यायालय ने ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्थल की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश दिए हैं, तो स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग उनका पालन क्यों नहीं कर रहे हैं। इन अवैध निर्माणों से न केवल ताजमहल की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को खतरा है, बल्कि यह कानून के शासन का भी खुलेआम उल्लंघन है।

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