
राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच ने आयोजित की संगोष्ठी, अमेरिका के दबाव की राजनीति को नेतृत्व ने नकारा
आगरा, सोमवार, 3 अगस्त 2025, शाम 7:00 बजे
आगरा: राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, आज आगरा स्थित श्री राम फार्म हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच द्वारा एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय था: “भारत – अमेरिका: ऑपरेशन सिंदूर और टैरिफ वार के बाद के संबंध”। कार्यक्रम में सैन्य विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पदाधिकारियों ने अपने विचार साझा किए।
गोष्ठी की शुरुआत करते हुए कर्नल जीएम खान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह दो दिवसीय लक्षित संघर्ष था, जिसमें भारतीय सेना ने अपने सभी लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संघर्ष में कुछ नुकसान तो होता ही है, लेकिन भारतीय सेना ने अपनी क्षमता का लोहा मनवाया।

अमेरिका को गहरा घाव, लेकिन भारत को चिंता की जरूरत नहीं
ब्रिगेडियर मनोज कुमार ने इस चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सेना के ऑपरेशनों और उनकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती, लेकिन यह स्पष्ट है कि सेना ने पाकिस्तान को गंभीर नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, “सेना ने पाकिस्तान को ऐसा गहरा घाव दिया, जिससे अमेरिकी हित भी प्रभावित हुए।” ब्रिगेडियर कुमार ने टैरिफ वार को इसी बौखलाहट का नतीजा बताया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भारत को इससे बहुत चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।

पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक समरसता पर जोर
गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रोफेसर डॉ. राजीव उपाध्याय ने राष्ट्रीय मजबूती के लिए सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों की पुनर्स्थापना को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जब समाज और परिवार मजबूत होंगे, तभी राष्ट्र भी मजबूत होगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के राष्ट्रीय सचिव डॉ. रजनीश त्यागी ने अमेरिका के टैरिफ वार को भारत पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा, “भारत का वर्तमान नेतृत्व अमेरिका के किसी भी दबाव में नहीं आया और उसने उस झूठ को स्वीकार नहीं किया, जो अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाने के लिए कहा था।” डॉ. त्यागी ने यह भी कहा कि अमेरिका विभिन्न तरीकों से भारतीय संस्कृति को खत्म करना चाहता है, ताकि उसके उत्पाद भारत में आसानी से बिक सकें।

भारतीय सेना की युद्ध क्षमता से दुनिया अचंभित
कर्नल यूसी दुबे ने भारतीय सेना की युद्ध क्षमता की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने जिस तरह पुराने और आधुनिक हथियारों का तालमेल बिठाकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया, उससे पूरी दुनिया अचंभित है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी पुरानी आर्टिलरी गन से पाकिस्तानी ड्रोन का मुकाबला किया, और अपनी महंगी मिसाइलों से पाकिस्तान की एयरफोर्स और एटमी ठिकानों को भी निशाना बनाया, जिससे पूरी दुनिया में भारत की सैन्य शक्ति का संदेश गया।
नेतृत्व के साथ एकजुट रहने का आह्वान
श्री गौरीशंकर सिकरवार ने कहा कि देश को इस समय मजबूत नेतृत्व कर रही सरकार के साथ एकजुट होकर खड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक ताकतें किसी भी मजबूत भारतीय नेतृत्व को हमेशा अस्थिर करने का प्रयास करती रही हैं, और ऐसे प्रयासों को हमें एकजुट होकर विफल करना होगा।
गोष्ठी का विषय प्रवर्तन और कुशल संचालन महामंत्री डॉ. दिवाकर तिवारी ने किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
संगोष्ठी में प्रमुख सहयोगियों के रूप में प्रोफेसर (डॉ.) पंचशील शर्मा, भाजपा नेता विक्रांत शर्मा, डॉ. डी.एस. तोमर, डॉ. गजेंद्र सिंह, अन्नू दुबे, मृगांग त्यागी, मनोज राघव, अमितेश दीक्षित, अमित त्यागी, रवि करोटिया, भरत सिंह सोलंकी, तर्ष वशिष्ठ, डॉ. डी.एस. छौंकर, राहुल चौधरी, राहुल पालीवाल, करुणा नागर, शैलेश अग्रवाल, विकास शर्मा** सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।