वृंदावन से ‘प्रेम के धागे’: 1001 हस्तनिर्मित राखियाँ भेंट करेंगी PM मोदी को विधवा माताएं, सामाजिक परिवर्तन की अनूठी परंपरा

वृंदावन, 7 अगस्त। भक्ति, गरिमा और सामाजिक परिवर्तन की एक मार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, वृंदावन की सैकड़ों विधवा माताएं इस रक्षाबंधन पर नई दिल्ली जाएंगी। ये माताएं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उन्हें 1001 विशेष रूप से हस्तनिर्मित राखियाँ और मिठाइयाँ भेंट करेंगी। यह पहल सुलभ इंटरनेशनल द्वारा संचालित विधवा कल्याण कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो इन माताओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है।


प्रेम से सजी राखियाँ: भगवान, देश और प्रधानमंत्री के लिए स्नेह

ये अनूठी राखियाँ वृंदावन के माँ शारदा और अन्य आश्रमों में रहने वाली विधवाओं द्वारा अत्यंत प्रेम और समर्पण से तैयार की गई हैं। प्रत्येक राखी को भगवान राम, भगवान कृष्ण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवियों से सजाया गया है, जो गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव और व्यक्तिगत स्नेह का प्रतीक है। इन आश्रमों की महिलाएँ पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री को राखी बाँध रही हैं, जो उनके और देश के शीर्ष नेतृत्व के बीच एक अनूठा भावनात्मक बंधन स्थापित करता है।

इस पहल के बारे में सुलभ इंटरनेशनल के अध्यक्ष श्री कुमार दिलीप ने कहा, “हमारी चार माताएँ दिल्ली जाएँगी और प्रधानमंत्री को स्वयं राखियाँ और मिठाइयाँ भेंट करेंगी। यह सुलभ द्वारा पोषित उस भावनात्मक यात्रा का एक और पड़ाव है, जिसमें हमारी विधवा माताएँ गरिमा और आनंद के साथ रक्षाबंधन मनाती हैं।”


राखी निर्माण कार्यशाला से गोपीनाथ मंदिर तक: उत्साह और आशीर्वाद

पिछले पखवाड़े माँ शारदा आश्रम में एक विशेष राखी निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई थी, जहाँ लगभग एक दर्जन विधवाओं ने बड़े उत्साह के साथ राखियाँ बनाई और उन्हें सजाया। आज, सैकड़ों विधवाएँ वृंदावन के ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर में एकत्र हुईं, जहाँ उन्होंने इन राखियों को आशीर्वाद दिया और प्रधानमंत्री तक पहुँचाने के लिए अंतिम तैयारियाँ पूरी कीं। इस अवसर पर श्री कुमार दिलीप और श्रीमती नित्या पाठक भी उपस्थित रहे, जो विधवाओं के सामाजिक और भावनात्मक सशक्तिकरण के प्रति सुलभ की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


संस्थापक का दूरदर्शी सपना: सामाजिक बहिष्कार का अंत

इस अद्वितीय पहल की शुरुआत सुलभ आंदोलन के दूरदर्शी संस्थापक, स्वर्गीय डॉ. बिंदेश्वर पाठक ने की थी। उनका उद्देश्य वृंदावन की विधवाओं को समाज के बहिष्कार से मुक्त करना और उन्हें होली, दिवाली और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख हिंदू त्योहारों में पूर्ण गरिमा और आनंद के साथ सम्मिलित करना था। यह परंपरा उनके उसी दूरदर्शी सपने का साकार रूप है।


वृद्धाओं की जुबानी: खुशी और उत्साह की लहर

इस दल में लगभग 70 वर्षीय चाबी शर्मा समेत तीन अन्य महिलाएँ प्रधानमंत्री निवास पर जाने के लिए बेहद उत्साहित हैं। वहीं, 81 वर्षीय मनु घोष, जो पूर्व में प्रधानमंत्री को राखी बाँध चुकी हैं, ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “भले ही इस बार मैं यात्रा न कर सकूँ, लेकिन मोदी जी के लिए राखियाँ बनाकर मुझे बेहद खुशी और उत्साह मिल रहा है। ये सारी राखियाँ हमारे श्री मोदी भैया के लिए प्रेम से भरी हैं।” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, कि यह पल उनके लिए कितना खास है।

सुलभ इंटरनेशनल का विधवा कल्याण कार्यक्रम वृंदावन की सैकड़ों विधवाओं को आशा, सम्मान और एक परिवार का एहसास दिला रहा है। स्वास्थ्य सेवा और पोषण से लेकर सांस्कृतिक समावेशन तक, यह संस्था लगातार उन लोगों को मानवीय आधार पर गरिमा लौटाने का कार्य कर रही है, जिन्हें कभी समाज ने भुला दिया था। यह पहल केवल एक त्योहार मनाने से कहीं बढ़कर है; यह सामाजिक सशक्तिकरण और प्रेम का एक शक्तिशाली संदेश है।

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