
रायबरेली। अपने विवादित बयानों, खासकर “हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं”, रामचरितमानस पर बैन लगाने की मांग और ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहने वाले राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य पर रायबरेली में हमला हो गया। यह घटना उस समय हुई जब वह फतेहपुर जा रहे थे और रायबरेली के सारस चौराहे पर रुके थे। एक युवक ने पहले स्वामी प्रसाद मौर्य को माला पहनाई और फिर पीछे से उनके सिर पर हाथ मारकर भागने लगा। इस अप्रत्याशित हमले से स्वामी प्रसाद मौर्य के चीखते ही उनके कार्यकर्ता अलर्ट हो गए और उन्होंने हमलावर को घेरकर पीट-पीटकर अधमरा कर दिया।
माला पहनाने के बहाने आया था हमलावर, कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा
मिल एरिया थाना क्षेत्र के सारस चौराहे पर स्वामी प्रसाद मौर्य का काफिला कार्यकर्ताओं को देखकर रुका था। CO सिटी अमित सिंह ने बताया कि इसी दौरान एक लड़का माला पहनाने के बहाने आया। माला पहनाने के बाद उसने पीछे से स्वामी प्रसाद मौर्य के सिर पर हाथ मारा और भागने लगा। स्वामी प्रसाद मौर्य के अचानक चीखने पर उनके साथ चल रहे कार्यकर्ताओं ने फुर्ती दिखाते हुए भाग रहे युवक को दौड़ाकर पकड़ लिया। गुस्से में आए कार्यकर्ताओं ने उसे जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने बड़ी मुश्किल से युवक को कार्यकर्ताओं के चंगुल से बचाया। पुलिस ने एक और लड़के को भी पीटे जाने की बात कही है और दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए कोतवाली ले जाया गया है। अभी तक हमलावर की पहचान उजागर नहीं हुई है।
हमले के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने सरकार पर साधा निशाना
इस हमले के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “करणी सेना के नाम पर कुछ कीड़े-मकौड़े योगी सरकार की कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सरकार गूंगी-बहरी अंधी बनकर तमाशा देख रही है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जो यह दर्शाता है कि गुंडे और माफिया कितने बेखौफ होकर घूम रहे हैं। हमले के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य का काफिला फतेहपुर के लिए रवाना हो गया।

विवादों का पुराना नाता: रामचरितमानस से लेकर ब्राह्मणों पर टिप्पणियां
स्वामी प्रसाद मौर्य अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं, जिन्होंने अक्सर उन्हें राजनीतिक और सामाजिक बहसों के केंद्र में ला खड़ा किया है। उनके कुछ प्रमुख चर्चित बयान, जो लगातार विवादों को जन्म देते रहे हैं:
- हिंदू धर्म पर टिप्पणी (29 अगस्त 2023): “हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं। हिंदू धर्म केवल धोखा है। अगर हिंदू धर्म होता तो आदिवासियों का भी सम्मान होता, दलितों का भी सम्मान होता, पिछड़ों का भी सम्मान होता। हम लोग भले ही पागल होकर हिंदू धर्म के लिए मरें।”
- रामचरितमानस पर विवाद (22 जनवरी 2023): “कई करोड़ लोग रामचरितमानस को नहीं पढ़ते हैं। इसे तुलसीदास ने अपनी खुशी के लिए लिखा है। सरकार को रामचरित मानस के आपत्तिजनक अंश हटाना चाहिए या इस पूरी पुस्तक को ही बैन कर देना चाहिए।”
- ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक बयान (18 सितंबर 2023): “ब्राह्मण स्वयंभू है जो अपनी मां के पेट से पैदा होने में यकीन नहीं करता है। वह कहता है कि हम ब्रह्मा के मुंह से पैदा हुए हैं। क्या विडंबना है! आज तक किसी को मुंह से पैदा होते देखा क्या आपने?”
- धीरेंद्र शास्त्री पर टिप्पणी: उन्होंने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री जैसे लोगों को ‘धर्म के ठेकेदार’ बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई और उन्हें जेल भेजने की मांग भी की है।
दो साल पहले भी हुआ था हमला: लखनऊ में फेंका गया था जूता
यह पहला मौका नहीं है जब स्वामी प्रसाद मौर्य पर शारीरिक हमला हुआ है। करीब दो साल पहले लखनऊ में भी उन पर जूता फेंका गया था। उस समय भी एक वकील की वेशभूषा में आए युवक ने उन्हें निशाना बनाया था, जब वह समाजवादी पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। तब भी सपा कार्यकर्ताओं ने हमलावर को बुरी तरह पीटा था, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया था।
कौन हैं स्वामी प्रसाद मौर्य?
स्वामी प्रसाद मौर्य राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष हैं। वह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख और बदलते पालों वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं। वह पांच बार विधायक और चार बार यूपी में मंत्री रह चुके हैं। योगी सरकार 1.0 में भी वह मंत्री थे, लेकिन 2022 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था। हालांकि, वह चुनाव हार गए और लगभग एक साल पहले उन्होंने सपा भी छोड़ दी। इससे पहले वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे। अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत में उन्होंने लोकदल और जनता दल में भी काम किया था। उनके लगातार बदलते राजनीतिक ठिकाने और मुखर बयान उनकी पहचान बन गए हैं।



