
आगरा। आगरा की सड़कों पर अब ट्रैफिक नियमों को तोड़ना महंगा पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए हाई-टेक कैमरों की मदद से यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। इन कैमरों के जरिए बिना हेलमेट बाइक चलाने, तीन सवारी बैठाने और बिना सीटबेल्ट कार चलाने जैसी हर गलती का ऑनलाइन चालान बन रहा है।
कैमरे बने पुलिस की ‘तीसरी आंख’
यातायात पुलिस उपायुक्त अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षित यातायात की आदत डालने के लिए चलाया जा रहा है। उनकी टीम ट्रैफिक कंट्रोल रूम से हरिपर्वत, सूरसदन, सेंट जॉन्स और कलेक्ट्रेट जैसे व्यस्त चौराहों पर 24 घंटे निगरानी कर रही है। कैमरे हर वाहन की गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और नियम तोड़ने पर तुरंत चालान जारी हो रहा है।

आंकड़े बता रहे सख्ती
पिछले दो साल में चालानों की संख्या में चौंका देने वाली बढ़ोतरी हुई है।
- 2023: 1,15,287 चालान।
- 2024: 4,78,693 चालान (चार गुना की बढ़ोतरी)।
- 2025 (जनवरी से अगस्त): 5,54,475 चालान।
- सबसे ज्यादा चालान बिना हेलमेट के लिए किए गए हैं, जिनकी संख्या 5,36,425 है।
‘नियमों का पालन स्वयं की सुरक्षा के लिए है’
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नियमों का पालन सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए करें। डीसीपी ने अपनी टीम को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन चालान की कार्रवाई को और बढ़ाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों।