
आगरा। साइबर ठगों ने आगरा में महिलाओं को अपना नया निशाना बनाया है। हाल ही में दो अलग-अलग मामलों में, साइबर अपराधियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर एक महिला और एक रिटायर अधिकारी की पत्नी सहित दो लोगों से कुल 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। इन शातिर ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर पीड़ितों को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामलों में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर ठगी को अंजाम दिया। धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की है।
जल निगम कर्मी की विधवा से ठगे 22.50 लाख: ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का डर दिखाकर कराई रकम जमा
थाना न्यू आगरा क्षेत्र के कालिंदीपुरम निवासी एक महिला, जिनके पति जल निगम में कार्यरत थे और उनकी मृत्यु के बाद उन्हें नौकरी मिली थी, साइबर ठगों का पहला निशाना बनीं। 16 जुलाई को महिला के पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन, मुंबई से बताया और कहा कि उनके नाम से मुंबई में एक खाता खोला गया है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित रुपयों का लेन-देन हो रहा है। ठग ने महिला को बताया कि उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है और गिरफ्तारी की जाएगी, जिससे महिला घबरा गईं।
ठग ने उनसे उनके बैंक खातों की जानकारी मांगी और कहा कि वे तभी बच सकती हैं, जब रकम देंगी। उन्हें बताया गया कि उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया गया है। इसके बाद, ठगों ने उन्हें बैंक भेजकर उनके खाते से 22 लाख 50 हजार रुपये जमा करा लिए। बाद में उन्हें धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस इस मामले में संबंधित खातों की जांच कर रही है।
रिटायर अधिकारी की पत्नी से 43 लाख की ठगी: 6 दिन ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा
दूसरा मामला भी न्यू आगरा क्षेत्र का है, जहाँ सिंचाई विभाग से रिटायर एक अधिकारी और उनकी पत्नी को निशाना बनाया गया। 18 जुलाई को रिटायर अधिकारी के पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन, मुंबई से बताते हुए कहा कि उनका संबंध वर्ष 2023 से जेल में बंद नरेश गोयल से है और दोनों ने मिलकर बड़ी धनराशि का हेरफेर किया है। ठग ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बताया। जब अधिकारी ने इससे इनकार किया, तो ठग ने खुद को डीसीपी बताते हुए धमकी दी कि “मेज पर अरेस्ट वारंट रखा है। गिरफ्तारी कराकर उल्टा लटकाकर पिटाई करूंगा।”
इसके बाद, ठग ने उन्हें कबूलने के लिए कई बार धमकाया और उनके खाते व एफडी की जानकारी फोन पर मांग ली। जब अधिकारी ने चलने-फिरने में असमर्थता बताई, तो ठग ने उनकी पत्नी से बात की और उन्हें भी धमकाया। आरोपियों ने महिला को लगातार 6 दिन तक कई बार कॉल करके ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और उनके खाते से 43 लाख रुपये जमा करा लिए। यह रकम उनकी जिंदगी भर की जमा पूंजी थी। धोखाधड़ी का पता चलने पर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
आगरा पुलिस ने इन दोनों ही मामलों को गंभीरता से लिया है और साइबर क्राइम ब्रांच को जांच के निर्देश दिए हैं ताकि इन शातिर ठगों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।