
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘बिहार वोटर वेरिफिकेशन’ जैसे मुद्दों पर विपक्ष के तीखे तेवरों के कारण तीन दिनों से लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है, जिससे सियासी पारा और चढ़ गया है।
राहुल गांधी का ‘बड़ा आरोप’: ‘ट्रम्प ने 25 बार बोला सीजफायर कराया, PM चुप क्यों?’
बुधवार को संसद से बाहर निकलते हुए राहुल गांधी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सरकार कहती है ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चालू है, जबकि डोनाल्ड ट्रम्प बंद कराने का दावा कर चुके हैं। ट्रम्प ने 25 बार बोला कि उन्होंने सीजफायर कराया। वो कौन होते हैं बोलने वाले, ये उनका काम थोड़ी है? लेकिन पीएम मोदी ने इस पर एक जवाब नहीं दिया। ऐसा लगता है दाल में कुछ काला है।“
राहुल के इस बयान ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की खाई को और गहरा कर दिया है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब की मांग कर रहा है।
संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर 16-16 घंटे की चर्चा
विपक्ष के लगातार हंगामे के बावजूद, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर संसद में विस्तृत चर्चा का समय निर्धारित कर लिया गया है। लोकसभा में इस पर 28 जुलाई को और राज्यसभा में 29 जुलाई को बहस होगी। दोनों सदनों में बहस के लिए 16-16 घंटे का लंबा समय निर्धारित किया गया है, जिससे इस मुद्दे के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा की उम्मीद है।
बिहार वोटर वेरिफिकेशन पर भी ‘हंगामा’, स्पीकर की नाराजगी
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के साथ-साथ, लोकसभा में ‘बिहार वोटर वेरिफिकेशन’ मुद्दे पर भी विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया। नारेबाजी करते हुए विपक्षी सांसद वेल में आ गए और काले कपड़े लहराए। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा, “आप सड़क का व्यवहार संसद में न करें।“
लगातार हो रहे हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई को शुरू हुआ था, और तब से अब तक तीन दिनों में एक घंटे भी सुचारु रूप से कार्यवाही नहीं चल पाई है। आगामी चर्चा और राहुल गांधी के बयानों से संसद में सियासी गहमागहमी चरम पर रहने की संभावना है।