आगरा। आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में 4 दिन पहले घर के अंदर जिस दुकानदार का खून से सना हुआ शव मिला था, पुलिस ने उस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया है। मृतक के साथ ही काम करने वाले दो युवकों ने रुपयों के लालच में इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों, प्रशांत और संकेत, को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के बाद दोनों आरोपी घर से नहाकर और नए कपड़े पहनकर फरार हुए थे।
हत्याकांड की जानकारी देते हुए एडीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि सिकंदरा के दहतोरा में एक बंद मकान से बदबू आने की सूचना पड़ोसियों ने दी थी। पुलिस को अंदर राजकुमार नामक व्यक्ति का खून से लथपथ शव बेड पर पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से गला रेतने और शरीर पर चोट के निशान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू की थी।
25 लाख के लालच में रची साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक राजकुमार ने हाल ही में फिरोजाबाद में अपना पुराना मकान ₹25 लाख में बेचकर आगरा के शास्त्रीपुरम कल्पना कुंज, दहतोरा में किराए पर रहना शुरू किया था। मृतक शराब पीने का आदी था। फिरोजाबाद की नई आबादी के रहने वाले आरोपी प्रशांत और संकेत, जो पिछले 5 साल से मृतक के साथ काम करते थे, को इस 25 लाख की रकम की जानकारी थी।
आरोपी संकेत ने खुलासा किया कि मृतक की पत्नी की मौत हो चुकी थी, जिसके कारण वे अकेले रहते थे। इसी अकेलेपन का फायदा उठाकर दोनों ने हत्या कर रुपए लूटने की साजिश रची।
नशे में धुत कर सीने पर किए 6 वार
आरोपियों ने बताया कि 17 सितंबर की शाम को वे मृतक के घर पहुंचे और उन्हें खूब शराब पिलाई। जब राजकुमार नशे में धुत हो गए, तो उन्हें बेड पर लिटा दिया गया।
- एक आरोपी रसोई से सब्जी काटने वाला चाकू ले आया।
- दूसरे आरोपी ने उनके हाथ पकड़े और राजकुमार की छाती पर एक के बाद एक चाकू से 6 वार किए।
हत्या के बाद, खून के छींटे मिटाने के लिए दोनों आरोपी बाथरूम गए, नहाए और नए कपड़े पहनकर वहाँ से भाग निकले।
पुलिस को गुमराह करने का शातिर प्लान
एडीसीपी ने बताया कि दोनों आरोपी बेहद शातिर थे। उन्होंने हत्या को हादसा दिखाने की पूरी प्लानिंग की थी। यही कारण था कि शव मिलने से लेकर पोस्टमार्टम होने और यहाँ तक कि अंतिम संस्कार तक दोनों आरोपी पुलिस के साथ मौजूद थे, ताकि उन पर शक न हो।
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से मौत की पुष्टि होने पर पुलिस का शक गहराया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों को घर से केवल ₹40 हजार नकद और सोने-चांदी के आभूषण ही मिले। उन्होंने मृतक के मोबाइल से सिम निकालकर यूपीआई एक्टिवेट करने की भी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई नकदी और जेवरात बरामद कर लिए हैं।

यह है 4 दिन पहले हुई इसी घटना की खबर

सिकंदरा में युवक का खून से लथपथ शव मिला, दो दिन से बंद था कमरा