भारतीय जाटव समाज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की मुलाकात, रखी प्रमुख मांगें; युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। भारतीय जाटव समाज संस्था के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लखनऊ स्थित निवास पर मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान, समाज के आत्मसम्मान, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़ी कई प्रमुख मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जाटव समाज संस्था के प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं और नीतियों की जानकारी समाज के युवाओं तक पहुँचाई जानी चाहिए ताकि वे आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बन सकें। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का उदाहरण देते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में भी शिक्षा ग्रहण कर उन्होंने सफलता पाई और अकेले ही समाज की दशा-दिशा बदल दी। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि आज बाबा साहेब के प्रयासों से करोड़ों लोग सक्षम हो गए हैं, जो करोड़ों अन्य शोषित और दलित लोगों की आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक स्थिति बदलने में समर्थ हैं, बस उन्हें सार्थक दिशा में काम करने की आवश्यकता है।


ज्ञापन में शामिल प्रमुख मांगें:

मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल थीं:

  • जाति प्रमाणपत्रों से ‘अपमानजनक’ शब्द हटाने की मांग: संगठन ने आग्रह किया कि उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में जाति प्रमाणपत्रों से ‘अपमानजनक’ शब्द हटाकर सम्मानजनक ‘जाटव’ शब्द का प्रयोग किया जाए। उनका तर्क है कि मौजूदा शब्द नई पीढ़ी की सामाजिक गरिमा को ठेस पहुँचाता है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार के आदेशों का हवाला भी दिया गया, जहाँ इसी तरह का बदलाव किया गया है।
  • निजी क्षेत्र में दलित युवाओं को आरक्षण: उपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जब बड़े उद्योगपति सरकार से ज़मीन, ऋण और सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं, तो उन्हें अपने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत दलित युवाओं को नौकरियों और प्रशिक्षण में अवसर देना चाहिए।
  • शाहदरा बुद्धा पार्क को राजकीय पर्यटन पार्क का दर्जा: संगठन ने आगरा स्थित बंद हो चुके पुराने कचरा घर को, जो अब बुद्ध पार्क है, ‘राजकीय पर्यटन पार्क’ में बदलने की मांग की। यह स्थान ताजमहल और आगरा किले के निकट होने के कारण पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, साथ ही दलित बाहुल्य क्षेत्र में होने से इसका सामाजिक प्रभाव भी पड़ेगा।
  • आगरा पूर्वोदय बुद्ध विहार का सौंदर्यीकरण और विकास: आगरा के चक्कीपाट स्थित बुद्ध विहार स्मारक के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की मांग की गई। इसे सामाजिक चेतना का केंद्र बताते हुए इसके संरक्षण को आवश्यक बताया गया।
  • अन्य महत्वपूर्ण मांगें:
    • आगरा जिला अस्पताल का नामकरण डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर करने हेतु पत्र सौंपा गया।
    • आगरा के दलित बहुल क्षेत्र धनौली के मजरा नगला कारे के लगभग 100 घरों को, जिन्हें प्रशासन ने बेदखली का नोटिस दिया था, उनका भूमि परिवर्तन बदलने के लिए भी मुख्यमंत्री को एक पत्र दिया गया।
    • धनौली एवं अजीजपुर (लगभग दो लाख से अधिक आबादी वाले क्षेत्र) को मिलाकर नगर पंचायत घोषित करने से संबंधित पत्र और वार्ता भी की गई।

उपेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि ये सभी मांगें समाज के आत्म-सम्मान, समान अवसर और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौहार्दपूर्ण वार्ता में इन सभी बिंदुओं पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन प्रतिनिधिमंडल को दिया। मुलाकात के अंत में, प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवान बुद्ध की पीतल की प्रतिमा भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री अनिल कुमार, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्री नेत्रपाल सिंह, लोकेश कुमार, तेज कपूर और अन्य संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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