अछनेरा में टूटी सड़क और जलभराव से लोग परेशान, नगर पालिका ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

आगरा। आगरा के अछनेरा नगर पालिका क्षेत्र में कमल कॉलोनी और लाखन कॉलोनी के निवासियों को पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त सड़क और जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बिना बारिश के भी सड़क पर हर वक्त पानी और कीचड़ जमा रहता है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। नालियां टूटी पड़ी हैं, जिससे पानी बहने के बजाय सड़क पर जमा हो जाता है। इस कारण लोगों को एक किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुँचना पड़ता है। लोगों ने इस समस्या को लेकर नगर पालिका परिषद में कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इस संबंध में अछनेरा चेयरमैन प्रतिनिधि महेंद्र सिंह भगत ने आश्वासन दिया है कि इस समस्या का जल्द ही समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा, जिससे जलभराव और आवागमन की समस्या खत्म हो जाएगी।

आगरा में भारी बारिश के कारण कल बंद रहेंगे स्कूल, डीएम ने जारी किए आदेश

आगरा। आगरा में भारी बारिश और जगह-जगह हुए जलभराव को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने छात्रों की सुरक्षा के लिए शनिवार, 6 सितंबर 2025 को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। यह आदेश प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी परिषदीय, सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा, जिसमें सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल भी शामिल हैं। यह फैसला शहर में बनी जलभराव की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके अलावा, 6 सितंबर को होने वाली यूपी पीईटी परीक्षा 2025 को देखते हुए भी यह निर्णय लिया गया है ताकि छात्रों और अभिभावकों को कोई परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने और शहर की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

आगरा में मूसलाधार बारिश से हाहाकार, देखिए तस्वीरें

आगरा। शुक्रवार की दोपहर आगरा में हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद दोपहर करीब 1 बजे से शुरू हुई बारिश लगातार दो घंटे तक जारी रही, जिससे शहर के कई पॉश इलाकों और बाजारों में 2-2 फीट तक जलभराव हो गया। इस जोरदार बारिश का असर ऐसा था कि सड़कों पर गाड़ियाँ और बाइकें लगभग डूब गईं। दिन में भी इतना अंधेरा छा गया था कि ऐसा लग रहा था मानो शाम के 6 बज रहे हों। बाजारों और सड़कों पर जलभराव भारी बारिश के कारण राजामंडी बाजार पूरी तरह से पानी से भर गया। दुकानों के अंदर पानी घुस जाने से व्यापारियों को अपना सामान समेटना पड़ा। इसके अलावा, शास्त्रीपुरम, खेरिया मोड़, अलबतिया रोड, ट्रांसयमुना कॉलोनी, एमजी रोड और मॉल रोड जैसे प्रमुख इलाकों में भी भारी जलभराव देखने को मिला। स्ट्रैची ब्रिज के नीचे तो कई फीट पानी जमा हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सितंबर में बदला मौसम का मिजाज आगरा में सितंबर की शुरुआत से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 4 सितंबर के बीच शहर में 12% बारिश हो चुकी है। जबकि, 1 जून से 31 अगस्त तक सिर्फ 26% बारिश हुई थी। मौसम का हाल: आगे क्या? मौसम विभाग ने 5 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि 6 सितंबर को बादल छाए रहेंगे और बारिश हो सकती है। 7 सितंबर से मौसम के साफ होने का अनुमान है। इस बीच, बारिश के कारण पीपल मंडी में एक पुराना और बंद पड़ा मकान गिर गया, हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि वह खाली था। देखिए तस्वीरें:-

आगरा में भारी बारिश के कारण कल बंद रहेंगे कक्षा 8 तक के सभी स्कूल

आगरा। आगरा में लगातार हो रही बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उनके निर्देश पर, 4 सितंबर को कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। इस आदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालय, राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, वित्तविहीन, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य सभी बोर्ड के नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूल शामिल हैं। यह कदम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

आगरा में झमाझम बारिश से दिन में छाया अंधेरा, सड़कों पर भरा पानी देखिए जलभराव की तस्वीरें

आगरा। आगरा में बुधवार सुबह से हो रही हल्की बारिश के बाद दोपहर को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर 3 बजे काली घटाएं छा गईं, जिससे दिन में ही अंधेरा हो गया और वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। इसके बाद हुई तेज बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। यमुना किनारा रोड और बाजारों में भरा पानी तेज बारिश के कारण शहर में करीब 20 जगहों पर पानी भर गया। यमुना किनारा रोड पर बारिश और यमुना के बढ़ते जलस्तर की वजह से नाला उफान पर आ गया, जिससे सड़क पर दो फीट तक पानी भर गया और वाहन फंसे रहे। वहीं, ट्रांसयमुना स्थित बेसमेंट मार्केट में पानी घुसने से दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है। इनके अलावा, अलबतिया रोड, सुभाष नगर, दौरेठा रोड, पृथ्वीनाथ 100 फीट रोड, साकेत कॉलोनी, मारुति एस्टेट, रामबाग, आवास विकास, एमजी रोड, मदिया कटरा, तोता का ताल, जयपुर हाउस और राजपुर चुंगी जैसे इलाकों में भी जलभराव की समस्या देखी गई। 5 सालों में सबसे ठंडा रहा सितंबर लगातार हो रही बारिश और बूंदाबांदी से आगरा का मौसम सुहाना बना हुआ है। पिछले पांच दिनों से अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया है। आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले 5 सालों में सितंबर का सबसे कम तापमान रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि गुरुवार, 4 सितंबर को भी बादल छाए रहेंगे और बारिश हो सकती है, लेकिन 5 सितंबर से मौसम साफ होने की संभावना है।

आगरा में तेज बारिश के बाद धंसी 15 फीट गहरी सड़क, गड्ढे में फंसा ट्रक; कई इलाकों में जलभराव

आगरा। रविवार को आगरा में हुई तेज बारिश के बाद शहर में कई जगह मुसीबतें खड़ी हो गईं। कालिंदी विहार में एक 100 फुट रोड अचानक धंस गई, जिससे लगभग 15 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इस हादसे में सड़क किनारे खड़ा एक ट्रक भी गड्ढे में फंस गया, जिसे बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। कालिंदी विहार में रोड हुई बंद यह घटना कालिंदी विहार में आशू ग्रेनाइट एंड मार्बल के सामने हुई, जहां एक पत्थर से लदा ट्रक खड़ा था। सड़क धंसने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक डा. धर्मपाल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से तुरंत सड़क की मरम्मत कराने की बात कही। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर यातायात बंद कर दिया है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब 100 फुट रोड धंसी हो। इससे पहले भी एक बार सड़क धंसने से दो युवक उसमें गिर गए थे। हाईवे पर जलभराव से बढ़ी मुसीबत बारिश के कारण शहर में कई अन्य जगहों पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आगरा-दिल्ली हाईवे पर अरतौनी स्थित अपोलो हॉस्पिटल के सामने सर्विस रोड पर भारी जलभराव हो गया। वर्षों से अधूरी पड़ी इस सर्विस रोड के गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को आवाजाही में काफी दिक्कतें हो रही हैं। कई वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं या फिर वापस लौटकर हाईवे से निकलने पर मजबूर हो रहे हैं।

अछनेरा में पहली बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल: बाजार में भरा गंदा पानी, काम-धंधा ठप

आगरा। अछनेरा कस्बे में मंगलवार को हुई बारिश ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। दोपहर से देर शाम तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद नालियां ओवरफ्लो हो गईं, जिससे सड़कों, गलियों और दुकानों में गंदा पानी भर गया। जलभराव और कीचड़ के कारण बाजार में दुकानदारों का काम-धंधा पूरी तरह ठप हो गया। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि नगर पालिका नालियों की नियमित सफाई नहीं कराती है, जिसके कारण थोड़ा भी पानी गिरने पर नालियां उफान पर आ जाती हैं। “कागजों में होती है सफाई, अधिकारी नहीं करते निरीक्षण” स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका केवल कागजों में ही सफाई दिखाती है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। उनका कहना है कि सभी वार्डों में जलभराव की समस्या है, लेकिन अधिकारी कभी भी मौके पर निरीक्षण करने नहीं आते। नागरिकों ने बताया कि नालियों में जमा कचरे के कारण पानी का निकास रुक जाता है, जिससे सड़कों पर गंदगी फैल जाती है। इस गंदे पानी से न केवल दुकानदारों बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। इस समस्या की कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि गंदे पानी के जमाव से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

आगरा में ‘ट्रैफिक रेंगता है’ का हाल! हरीपर्वत से आवास विकास तक ‘गड्ढे-अतिक्रमण का सफर’: 4 KM की दूरी 30 मिनट में, ‘मांएं स्कूल से लौटते बच्चों का करती हैं इंतजार’

आगरा। आगरा शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक, हरीपर्वत से आवास विकास तक का मार्ग, इन दिनों शहरवासियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं। महज 4 किलोमीटर की यह दूरी, जिसे सामान्यतः 10 मिनट में तय किया जा सकता है, अब 25 से 30 मिनट का समय ले रही है। सबसे ज़्यादा पीड़ा उन माताओं को उठानी पड़ रही है, जो स्कूल से अपने बच्चों के लौटने का बेसब्री से इंतजार करती हैं, क्योंकि बच्चों को थोड़ी सी दूरी तय करने में भी घंटों लग रहे हैं। इस रूट पर ट्रैफिक चलता नहीं, बल्कि रेंगता है, जिसका मुख्य कारण जगह-जगह मौजूद गड्ढे और बेतहाशा अतिक्रमण है, जिसने पूरे रास्ते को एक बड़े जाम में तब्दील कर दिया है। हरीपर्वत से ही शुरू हो जाती है मुसीबत: स्कूल टाइम और शाम को ‘हाल बेहाल’ स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस परेशानी की शुरुआत हरीपर्वत चौराहे से ही हो जाती है, जहां से सड़क पर गड्ढे मिलने लगते हैं। दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय और शाम 6 से 8 बजे के बीच इस रूट पर सबसे भीषण जाम लगता है। खासकर दिल्ली गेट से लेकर मदिया कटरा पुल और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान तक वाहन मुश्किल से आगे बढ़ पाते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिल्ली गेट पर स्थित अस्पतालों की पार्किंग में खड़े वाहन भी अक्सर सड़क पर ट्रैफिक को रोक देते हैं, जिससे जाम और बढ़ जाता है। मदिया कटरा पर केवल एक लेन होने के कारण टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, और गाड़ियां बस रेंगती रहती हैं। जाम के कारण स्कूल से लौटते बच्चों को गर्मी और उमस में भारी परेशानी होती है, जिससे मांओं की चिंता बढ़ती है कि उनका बच्चा कब घर आएगा, कब खाएगा और कब सो पाएगा। बारिश में हालात और बदतर: नालियां ओवरफ्लो, सड़कें बन जाती हैं तालाब मदिया कटरा चौराहे पर दुकानदारों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दोपहर और शाम को रोज आवास विकास से आने वाले वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। वहीं एक रेहड़ी लगाने वाले ने बताया कि चौराहे से लेकर मानसिक चिकित्सालय तक हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है। सड़कें तालाब जैसी बन जाती हैं, जिससे गाड़ियां फंस जाती हैं। नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगती हैं, और जलभराव से हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे यह 4 किलोमीटर का सफर बारिश के दिनों में 45 मिनट तक का समय ले सकता है। 16 सेक्टरों को जोड़ता है यह अहम मार्ग, हजारों वाहन रोज गुजरते हैं यह मार्ग आवास विकास कॉलोनी के 16 सेक्टरों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। मदिया कटरा से होकर लोहामंडी, न्यू राजामंडी और सिकंदरा पुल जाने वाले हजारों लोग रोजाना इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, यह मार्ग मथुरा और दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए भी एक अहम कड़ी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली से हजारों लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने और ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि शहरवासियों को इस रोजमर्रा के ‘जाम और गड्ढों के सफर’ से मुक्ति मिल सके।

आगरा की ‘लाइफ-लाइन’ अब ‘गड्ढा-लाइन’: मेट्रो निर्माण ने MG रोड को बनाया नरक, DM आवास के बाहर ही दिखी चकाचक सड़क!

आगरा। आगरा की जिस एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ कहा जाता था, वह अब ‘गड्ढा-लाइन’ में तब्दील हो गई है! बारिश और मेट्रो के निर्माण कार्य ने इस मुख्य सड़क की ऐसी दुर्दशा कर दी है कि हर 10 मीटर पर गहरे गड्‌ढे, बेहिसाब धूल के गुबार और हर मोड़ पर जलभराव लोगों के लिए बड़ी आफत बन गया है। आलम यह है कि शहर के केंद्र से गुजरने वाली इस सड़क पर डीएम आवास के ठीक बाहर का छोटा-सा हिस्सा ही चकाचक है, जबकि बाकी जगहों पर सफर करना किसी जोखिम भरे अभियान से कम नहीं। 7 KM का सफर बना ‘परीक्षा’, 50 मीटर भी बिना गड्ढे नहीं दैनिक भास्कर टीम ने भगवान टॉकीज से अवंतीबाई चौराहे तक करीब 7 किलोमीटर के एमजी रोड का जायजा लिया, और चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे रास्ते में 50 मीटर सड़क भी ऐसी नहीं मिली जिस पर कोई गड्ढा न हो। वाहनों की रफ्तार थम सी गई है, और यात्री हिचकोले खाते हुए निकल रहे हैं। अधिकारियों के घर के आगे चमकती सड़क, बाकियों को धूल और जाम की मार एमजी रोड की यह बदहाली तब और अखरती है जब पता चलता है कि जिलाधिकारी, सीएमओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के घरों के ठीक सामने वाला सड़क का हिस्सा बिल्कुल दुरुस्त है। यह स्थिति आम जनता के लिए दोहरी मार है। एमजी रोड पर जगह-जगह बिखरी गिट्टी और गड्ढे, साथ ही नालियों के अभाव में जलभराव, ने इस सड़क को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ से हटाकर ‘परेशानी की लाइन’ बना दिया है। सवाल यह है कि आगरा की इस सबसे महत्वपूर्ण सड़क की दुर्दशा पर कब तक आंखें मूंदी जाएंगी और नागरिकों को इस जोखिम भरे सफर से कब मुक्ति मिलेगी।

आगरा में कांग्रेस का पैदल मार्च: गांधी प्रतिमा की बदहाली और शौचालय न होने पर भड़के कांग्रेसी, ‘गोडसे’ का नाम लेकर जताया विरोध

आगरा। मंगलवार को आगरा में शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग ने गांधी पार्क की बदहाली और जलभराव की समस्या को लेकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। गांधी प्रतिमा की मरम्मत न होने और पार्क में शौचालय का निर्माण न किए जाने पर कांग्रेसियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने पार्क के सौंदर्यीकरण की मांग करते हुए छावनी परिषद को ज्ञापन सौंपा। “गांधी की प्रतिमा है इसलिए प्रशासन नहीं सुन रहा, गोडसे की होती तो सौंदर्यीकरण हो गया होता” छावनी क्षेत्र के वार्ड 6, सुल्तानपुरा में एनसी वैदिक इंटर कॉलेज के सामने स्थित पार्क में लगी गांधी प्रतिमा और वहाँ हो रहे जलभराव को लेकर कांग्रेसियों ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने गांधी प्रतिमा की तत्काल मरम्मत और पार्क में शौचालय के निर्माण की मांग की, ताकि पार्क की दयनीय स्थिति सुधर सके। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस नेता अनिल शर्मा और अनुज शिवहरे ने तीखा बयान देते हुए कहा, “पार्क में गांधी की प्रतिमा लगी हुई है। जिस वजह से आज सरकार और प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है। अगर गोडसे की प्रतिमा होती तो सौंदर्यीकरण हो गया होता।” उन्होंने कैंट बोर्ड से जल्द से जल्द गांधी की प्रतिमा की मरम्मत कराने और खराब पड़े शौचालय का निर्माण कराने की मांग की। कांग्रेसियों ने बताया कि प्रतिमा और शौचालय को लेकर पहले भी ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बार उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कांग्रेस हड़ताल करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कैंट बोर्ड के अधिकारी को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस के कार्यकर्ता: (यह फोटो विवरण समाचार में शामिल किया जाएगा) गांधी प्रतिमा के सामने धरना देते कांग्रेस के कार्यकर्ता: (यह फोटो विवरण समाचार में शामिल किया जाएगा) यह विरोध-प्रदर्शन न केवल गांधी पार्क की उपेक्षा पर केंद्रित था, बल्कि इसके माध्यम से कांग्रेस ने प्रशासन और सरकार पर सांकेतिक रूप से वैचारिक भेदभाव का भी आरोप लगाया।

आगरा में 3 घंटे की मूसलाधार बारिश से हाहाकार: शहर डूबा, सड़कें बनीं तालाब, गाड़ियां रेंगती दिखीं!

आगरा। गुरुवार दोपहर को हुई महज 3 घंटे की तेज बारिश ने आगरा शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। मूसलाधार बारिश के चलते शहर की सड़कें और कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाले और नालियां उफन पड़े, और सड़कें किसी तालाब से कम नहीं लग रही थीं। घरों-दुकानों में घुसा पानी, यातायात व्यवस्था चरमराई बारिश का पानी तेजी से लोगों की दुकानों और मकानों में घुस गया, जिससे कई लोग अपने घरों में कैद हो गए। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और जगह-जगह लंबा जाम लग गया। सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई और वे रेंगती नजर आईं। शहर के कई इलाकों में गाड़ियां बंद पड़ गईं, जिन्हें राहगीरों की मदद से किनारे लगाना पड़ा। सड़कों पर एक फुट तक पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। इन इलाकों में दिखा सबसे बुरा हाल बारिश का सबसे अधिक असर शहर के व्यस्ततम इलाकों में देखने को मिला। हर बारिश में एक ही कहानी: कब सुधरेगी जल निकासी व्यवस्था? यह पहली बार नहीं है जब आगरा में थोड़ी सी बारिश के बाद शहर जलमग्न हो गया हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी ही स्थिति बनी है, जब लोगों को जलभराव और घंटों लंबे जाम का सामना करना पड़ा है। शहर की बेहद खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण यह समस्या हर साल और गंभीर होती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, ताकि बारिश उनके लिए आफत न बने।

आगरा की ‘लाइफलाइन’ MG रोड बदहाल: गड्ढों का राज, घंटों का जाम और बारिश में जलभराव से लोग बेहाल!

आगरा। कभी शहर की शान और लाइफलाइन कही जाने वाली एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) अब आगरावासियों के लिए सिरदर्द बन गई है। जगह-जगह बने गड्ढे, मेट्रो निर्माण के कारण संकरी हो चुकी लेन और बारिश के दिनों में भारी जलभराव ने इस व्यस्ततम सड़क को बदहाल कर दिया है। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर जाकर जो स्थिति देखी, वह चिंताजनक है। भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक बदहाली का आलम एमजी रोड पर भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक लगभग पूरे मार्ग पर गड्ढों और लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो परियोजना के चलते सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। ऊपर से सड़क की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह गहरे गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते सफर को बेहद मुश्किल बना देते हैं। हर दिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन विशेष रूप से सुबह ऑफिस और स्कूल-कॉलेज के समय और शाम को घर लौटते समय ट्रैफिक जाम चरम पर होता है। सैंट जॉन्स चौराहे और सूरसदन चौराहे से पहले भी सड़क की स्थिति बेहद खराब है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में और बिगड़ते हालात, सिर्फ खानापूर्ति का पैचवर्क बारिश होने पर एमजी रोड की हालत और भी बदतर हो जाती है। गड्ढे पानी से भर जाते हैं और सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों दोनों को परेशानी होती है। हादसों का डर हमेशा बना रहता है। सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं दिख रहा है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। राजा मंडी चौराहे पर भी ऐसा ही पैचवर्क देखा गया, जो बारिश में फिर से धुल जाता है। मेट्रो परियोजना बेशक शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन जब तक इसके साथ यातायात प्रबंधन और सड़कों की उचित मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक शहरवासियों की मुश्किलें कम नहीं होंगी। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि शहर की लाइफलाइन को फिर से सुचारु बनाया जा सके।

आगरा में मेयर पर विकास न करने का आरोप: गंदे पानी में बैठकर लोगों ने किया प्रदर्शन, सड़कों पर गड्ढे और जलभराव से हाहाकार!

आगरा। आगरा में सड़कों की बदहाली और जलभराव से परेशान स्थानीय लोगों ने बुधवार को नगर निगम और मेयर के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। शंकरगढ़ पुलिया से आजम पाड़ा की ओर जाने वाली सड़क पर गहरे गड्ढों और नालियों के गंदे पानी के बीच बैठकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि मेयर शहर के विकास पर ध्यान नहीं दे रही हैं, जिससे मुख्यमंत्री के “गड्ढा मुक्त उत्तर प्रदेश” के सपने पर पानी फिर रहा है। सड़क पर जलभराव से हादसे, बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल भारतीय किसान यूनियन (भानू) के नेतृत्व में यह धरना प्रदर्शन किया गया। किसान नेता अभिषेक चौहान ने बताया कि शंकरगढ़ से आजम पाड़ा तक की सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पास में तीन स्कूल हैं, और आए दिन स्कूली बच्चे इन गड्ढों में गिरकर चोटिल होते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम को 10 से अधिक बार शिकायत पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन, आज स्थानीय लोगों के साथ सड़क पर भरे गंदे पानी में बैठकर धरना देना पड़ा है। अभिषेक चौहान ने चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, उनका धरना जारी रहेगा, और जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल भी की जाएगी। पार्षद पर भी अनदेखी का आरोप, वार्ड 40 की बदहाली प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि यह क्षेत्र वार्ड 40 के अंतर्गत आता है, जिसके पार्षद रवि दिवाकर हैं। उन्हें भी इस समस्या की जानकारी दी गई थी और उन्होंने निरीक्षण भी किया, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत नहीं सुधरी। नालियों का गंदा पानी सड़क पर भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है और दोपहिया वाहन चालकों के साथ आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों ने कहा कि जहां एक ओर मुख्यमंत्री का सपना उत्तर प्रदेश को गड्ढा मुक्त बनाना है, वहीं आगरा की मेयर उनके सपनों पर पानी फेर रही हैं। उनका आरोप है कि मेयर का शहर के विकास पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है, जिससे जनता परेशान है। इस प्रदर्शन ने शहर की मूलभूत समस्याओं और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगरा में व्यापारियों का ‘हाउस टैक्स’ पर हंगामा: नगर निकायों पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, बोले- ‘मनमाने तरीके से बढ़ा रहे टैक्स, सीवर-जलकर की भी लूट!’

आगरा। आगरा में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के खिलाफ व्यापारियों ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने आज नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा कि स्थानीय निकाय G.I. सर्वे के नाम पर मनमाने तरीके से हाउस टैक्स बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार के 28 जून 2024 के आदेश को दरकिनार किया जा रहा है। “सीवर नहीं, फिर भी सीवर टैक्स! पेयजल का अभाव, फिर भी जलकर वसूली!” संगठन के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सीवर की सुविधा तक नहीं है, वहाँ भी सीवर टैक्स वसूला जा रहा है। इसके अलावा, बाजारों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था न होने के बावजूद जलकर वसूली जारी है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजारों में वाटर कूलर लगाए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर निगम और पालिका के अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तरों में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती है। साथ ही, बरसात में जलभराव, कूड़ा निस्तारण में लापरवाही, और सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट आदि की बदहाल स्थिति से व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। “आवारा जानवरों का आतंक, अतिक्रमण पर आंखें मूंदे प्रशासन” संगठन ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि नगर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है। वहीं, शहर की बड़ी समस्या अतिक्रमण और जाम को दूर करने के लिए स्ट्रीट वेंडर अधिनियम 2014 को अब तक ठीक से लागू नहीं किया गया है। व्यापारियों की ओर से मांग की गई है कि इन सभी समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और संबंधित निकायों को जवाबदेह बनाया जाए। ज्ञापन देने आए प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे, मुकेश सिंह, मनोज गुप्ता, संजय गुप्ता, कपूर चंद रावत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। व्यापारियों का यह विरोध नगर निकायों के कामकाज पर सवालिया निशान लगाता है और उनकी जवाबदेही की मांग करता है।

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