आगरा में जूते पर GST 5% होने की खुशी, व्यापारियों ने निकाली ‘स्वर्णिम विजय यात्रा’

आगरा। केंद्र सरकार द्वारा जूते पर जीएसटी घटाकर पाँच प्रतिशत किए जाने के बाद, द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए सोमवार को ‘स्वर्णिम विजय यात्रा’ निकाली। सैकड़ों जूता व्यापारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ हींग की मंडी स्थित फेडरेशन कार्यालय से धाकरान चौराहे तक मार्च किया। इस दौरान जगह-जगह यात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें दलित और मुस्लिम संगठनों ने भी पदाधिकारियों को माला पहनाकर सम्मानित किया। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से आए प्रतिनिधियों ने भी इस ऐतिहासिक अवसर में हिस्सा लिया और कहा कि इस फैसले से जूता व्यापार में आई गिरावट दूर होगी और इसमें सुधार की संभावना बढ़ गई है। यात्रा का शुभारंभ यूपी कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य के बेटे अभिनव मौर्य ने फेडरेशन कार्यालय में संस्थापक स्व. राजकुमार सामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन करके किया। यात्रा हींग की मंडी से होते हुए धाकरान स्थित नाथ कॉम्प्लेक्स पहुँची, जहाँ एक जनसभा आयोजित की गई। GST कटौती को बताया बड़ी जीत सभा को संबोधित करते हुए फेडरेशन अध्यक्ष विजय सामा ने कहा कि यह सरकार से उनकी बहुत पुरानी मांग थी, जो एक साल के अथक प्रयास के बाद पूरी हुई। उन्होंने कहा, “यह फैसला गरीब व्यक्ति को भी अच्छी गुणवत्ता वाले जूते कम कीमत में उपलब्ध कराएगा। हम सभी व्यापारी सरकार के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं।” डवलपमेंट काउंसिल ऑफ फुटवेयर एंड लेदर इंडस्ट्री के चेयरमैन पूरन डावर ने इस निर्णय को अर्थव्यवस्था को गति देने वाला और महंगाई कम करने वाला एक सराहनीय कदम बताया। वहीं, राज्य मंत्री विजय शिवहरे ने फेडरेशन की ‘भूमि क्लस्टर’ की मांग को सरकार तक पहुँचाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आगरा लाने का आश्वासन दिया। फेडरेशन के महामंत्री नरेंद्र पुरुस्नानी ने इसे डेढ़ वर्ष के संयुक्त संघर्ष की जीत बताया। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति स्वर्णिम विजय यात्रा में सोल एसोसिएशन, कुटीर उद्योग, ट्रेडर्स, सभी दस्तकार संघ और जाटव महापंचायतों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर मौजूद अन्य प्रमुख व्यक्तियों में प्रदीप पिप्पल, दिलप्रीत सिंह, विनोद सीतलानी, अजय महाजन, संजय अरोड़ा, रामनाथ डांग, जोगिंदर लूथरा, प्रदीप मेहरा, बाबूभाई, राजेश लालवानी, घनश्याम लालवानी, प्रमोद जैन, चांद दीवान, परवेज भाई और उस्मान भाई शामिल थे।

आगरा के जूता बाजार में दिवाली जैसी रौनक, जीएसटी घटने पर कारोबारियों ने मनाई खुशी

आगरा। आगरा के जूता कारोबारियों ने गुरुवार को ही दिवाली मना ली। केंद्र सरकार द्वारा जूते पर जीएसटी की दर को 12% से घटाकर 5% किए जाने की घोषणा के बाद हींग की मंडी स्थित जूता बाजार में जमकर आतिशबाजी हुई और मिठाइयां बांटी गईं। इस फैसले को जूता उद्योग के लिए एक बड़ी राहत और नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है। द आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा को इस बड़ी सफलता के लिए कारोबारियों और कारीगरों ने विशेष रूप से धन्यवाद दिया। सामा ने बताया कि जीएसटी दर कम कराने के लिए पिछले एक साल से लगातार प्रयास किए जा रहे थे, जिसमें 26 राज्यों के व्यापारियों ने एकजुट होकर सहयोग किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने केंद्र सरकार तक इस मांग को पहुंचाया। विजय सामा ने कहा कि अब 2,500 रुपये तक के जूते पर सिर्फ 5% जीएसटी लगेगा। उन्होंने बताया कि भारत में बने सिंथेटिक पीवीसी को भी इसी दायरे में शामिल कर लिया गया है। फैडरेशन के महामंत्री अजय महाजन ने कहा कि यह फैसला मंदी से जूझ रहे जूता कारोबार के लिए संजीवनी साबित होगा। इससे न केवल उत्पादन और बिक्री बढ़ेगी, बल्कि ग्राहकों को भी कम दाम पर जूते मिल पाएंगे। इस खुशी के मौके पर बड़ी संख्या में कारोबारी और कारीगर मौजूद रहे।

आगरा के जूता उद्योग के लिए खुशखबरी: ₹2500 तक के जूतों पर घट सकती है GST, 5% हो सकती है दर

आगरा। आगरा के जूता उद्योग को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि जीएसटी काउंसिल की आगामी 2-4 सितंबर को होने वाली बैठक में ₹2500 तक के जूतों पर जीएसटी दर को 12-18% से घटाकर 5% किए जाने की प्रबल संभावना है। फैडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि इस मांग को लेकर 25 अगस्त को लखनऊ में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की गई थी, जिन्होंने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब इसे जीएसटी काउंसिल की बैठक में अंतिम निर्णय के लिए रखा जाएगा। GST दर बढ़ने से 1085 व्यापारियों ने रद्द कराए थे पंजीकरण विजय सामा ने कहा कि जीएसटी दर में वृद्धि के कारण आगरा में ही 1085 व्यापारियों ने अपने जीएसटी पंजीकरण रद्द करा दिए थे। इसका सीधा असर हजारों परिवारों पर पड़ा, क्योंकि आगरा का जूता उद्योग करीब साढ़े तीन लाख परिवारों की आजीविका से जुड़ा है, जिसमें बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के लोग शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा प्रभाव एमएसएमई सेक्टर की माइक्रो यूनिट्स पर पड़ा, जिनका टर्नओवर 5 करोड़ रुपये तक है। जीएसटी दर में प्रस्तावित कटौती से न केवल कारोबार को राहत मिलेगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्रेस वार्ता में दिलप्रीत सिंह, अजय महाजन (गब्बर भाई), हितेश वरियानी सहित कई व्यापारी मौजूद थे, जिन्होंने सरकार के इस संभावित कदम का स्वागत किया।

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