आगरा: लोहामंडी के राजनगर के पास मिला बीकॉम छात्र का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

आगरा। आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र में राजनगर के पास रेलवे ट्रैक पर बीकॉम के छात्र का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान संदेश (20) के रूप में हुई है। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है और एक युवती के चाचा के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। फोन पर बताया था ‘मारपीट कर रहे हैं’ परिजनों ने पुलिस को बताया कि बुधवार को संदेश अपनी मां के साथ गैलाना सिकंदरा स्थित ननिहाल गया था। बृहस्पतिवार शाम को उसने अपने मामा के बेटे मनु को फोन कर बताया कि एक युवती के चाचा ने उसे पकड़ लिया है और उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसके बाद संदेश ने मनु को अपनी लोकेशन भी भेजी थी। जब परिजन बताए गए स्थान पर पहुंचे, तो संदेश वहां नहीं मिला। एसीपी मयंक तिवारी ने बताया कि युवक को आखिरी बार रेलवे ट्रैक की तरफ जाते देखा गया था। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने युवती के चाचा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। परिजनों का हत्या का आरोप परिजनों का कहना है कि संदेश की हत्या की गई है और पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि पुलिस ने फिलहाल आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है, लेकिन परिजनों की मांग है कि इसे हत्या का मामला माना जाए। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

आगरा : नदी में डूबने से 2 छात्रों की मौत, बाह पर भी यमुना ने ली जान; 24 घंटे में तीन डूबने की घटनाएं

आगरा। आगरा में सोमवार को दो अलग-अलग घटनाओं में नदी में डूबने से दो छात्रों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पहला हादसा जगनेर क्षेत्र में हुआ, जहाँ साइकिल फिसलने से दो छात्र नदी के तेज बहाव में बह गए और उनकी जान चली गई। वहीं, दूसरा हादसा बाह में हुआ, जहाँ यमुना में नहाते समय एक युवक डूब गया। आपको बता दें कि बीते कल (रविवार) भी आगरा के वाटरवर्क्स के पास यमुना नदी में नहाने गए दो युवकों में से एक की डूबने से मौत हो गई थी, जबकि दूसरा बच गया था। इस प्रकार 24 घंटे के भीतर आगरा में डूबने से चार लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें तीन यमुना नदी में डूबे हैं। जगनेर में साइकिल फिसलने से 2 छात्रों की मौत, 3 घंटे बाद मिले शव पहला दर्दनाक हादसा जगनेर-वरिगवां बुजुर्ग मार्ग पर किबाड़ नदी को पार करने वाली रपट पर हुआ। सोमवार सुबह करीब नौ बजे गोविंदा (15 वर्ष) पुत्र राजू और जितिन पुत्र तारा साइकिल से जगनेर के लिए निकले थे। दोनों छात्र जगनेर कस्बे के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे। किबाड़ नदी को पार करते समय रपट पर उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लगभग तीन घंटे के अथक प्रयासों के बाद, गोताखोरों की मदद से दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत बच्चों को सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसीपी इमरान अहमद ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बाह और वाटरवर्क्स पर भी यमुना में डूबे युवक दूसरा हादसा बाह के बटेश्वर में हुआ। रविवार रात दुष्यंत कुमार नामक युवक यमुना नदी में नहा रहा था। नहाते समय दुष्यंत का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। परिजनों ने युवक की तलाश के लिए काफी कोशिश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। स्थानीय प्रशासन द्वारा युवक की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बीते कल (रविवार) को आगरा के वाटरवर्क्स के पास भी यमुना नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई थी। वह अपने एक साथी के साथ नहाने गया था, जिसमें से एक बच निकला था। लगातार हो रही ये घटनाएं नदियों में सावधानी बरतने और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर देती हैं।

आगरा में प्राइमरी स्कूल की जर्जर बाउंड्रीवॉल गिरी: 10 वर्षीय छात्रा की दर्दनाक मौत, बारिश की सीलन बनी काल; 3 बच्चे बाल-बाल बचे

आगरा। आगरा के थाना पिढोरा के गांव पोखरा गगनकी में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्राथमिक विद्यालय की जर्जर बाउंड्री वॉल और गेट गिरने से 10 वर्षीय एक छात्रा चांदनी की मौत हो गई। बारिश की सीलन को इस हादसे की वजह बताया जा रहा है। इस घटना में तीन अन्य बच्चियां राधिका, दिव्या और निशा बाल-बाल बच गईं। स्कूल के बाहर खेल रही थी चांदनी, मलबे में दबकर हुई मौत यह हादसा गुरुवार शाम करीब चार बजे हुआ, जब विद्यालय की लगभग 30 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल और तीन मीटर का गेट बारिश की सीलन के कारण अचानक ढह गया। उस समय विद्यालय के बाहर कई बच्चे खेल रहे थे। बाउंड्रीवॉल का मलबा सीधे कक्षा पांच की छात्रा चांदनी के ऊपर गिरा। ग्रामीणों ने शोर सुनकर तुरंत मौके पर पहुंचकर चांदनी को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह घटना पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल पैदा कर गई है। मुंबई में मजदूरी करते हैं पिता, परिवार में मचा कोहराम मृतक चांदनी के पिता केशव मुंबई में मजदूरी करते हैं। उनके परिवार में तीन बेटियां – चांदनी (10), राधिका (5), दुर्गेश (3) और एक बेटा प्रदीप (8) है। इस दर्दनाक घटना के बाद चांदनी की मां जमुनादेवी, दादी फूलों देवी और दादा बदन सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जर्जर घोषित होने के बावजूद चल रहा था स्कूल, शिक्षक भी नदारद ग्रामीणों के अनुसार, इसी साल जुलाई में विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद यहाँ शिक्षण कार्य जारी था, जो प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पिछले दो दिनों से कोई शिक्षक विद्यालय नहीं आया था। घटना की सूचना मिलने पर राजस्व टीम के कानूनगो रामनिवास, लेखपाल राघवेन्द्र गौतम और प्रधान राजेश भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुखद बात यह भी रही कि गगनकी गांव तक पहुंचने का कोई पक्का रास्ता नहीं है, जिसके कारण बच्ची के शव को ले जाने के लिए यमुना के किनारे ट्रैक्टर से रास्ता बनाकर निकाला गया। यह स्थिति गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी को भी उजागर करती है।

Verified by MonsterInsights