Agra News: नाबालिग से दुराचार: सगे भाई समेत दो को 20 वर्ष की सख्त कैद

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Agra News नाबालिग से दुराचार के मामले में एडीजे-28 शिव कुमार ने सगे भाई व मोहन उर्फ कालिया को पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष की सश्रम कैद और ₹40 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। भाई गांजे के नशे में दुष्कर्म करता था। न्यायालय ने कहा- ‘गांजे के नशे में भाई करता था दुराचार’; पीड़िता के गर्भपात के बाद दर्ज हुआ था मामला आगरा की अदालत ने रिश्तों को शर्मसार करने वाले और मानवता को झकझोरने वाले एक मामले में ऐतिहासिक और कठोर फैसला सुनाया है। एडीजे-28 शिव कुमार की अदालत ने नाबालिग से दुराचार और पॉक्सो एक्ट के आरोपी सगे भाई और एक अन्य व्यक्ति को 20 वर्ष की सश्रम कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला थाना सिकंदरा क्षेत्र में दर्ज किया गया था, जहाँ एक 16 वर्षीय पीड़िता को उसके सगे भाई और एक अन्य आरोपी ने जीवन के सबसे बुरे दौर में धकेल दिया था। जघन्य अपराध का विवरण थाना सिकंदरा में दर्ज केस के अनुसार, पीड़िता के साथ हुआ अपराध बेहद हृदय विदारक था: <h4>दूसरे आरोपी ने भी किया दुराचार</h4> ओवरब्रिज पर सोते समय, पीड़िता एक अन्य आरोपी के चंगुल में फँस गई। आरोप है कि मोहन उर्फ कालिया ने पीड़िता को डरा धमकाकर उससे कई बार दुराचार किया। इस भयावहता के बीच, एक समाजसेवी महिला ने पीड़िता की मदद की और उसे आशा ज्योति केंद्र भिजवाया। न्यायालय में पुष्टि और कठोर दंड विशेष अभियोजन अधिकारी माधव शर्मा ने आरोप की पुष्टि के लिए अदालत में मजबूत साक्ष्य पेश किए। उन्होंने पीड़िता, उसके माता-पिता, डॉक्टरों, निरीक्षकों और विवेचक सहित कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों को बतौर गवाह अदालत में प्रस्तुत किया। एडीजे-28 शिव कुमार ने साक्ष्य और विशेष अभियोजन अधिकारी के तर्कों पर विचार करने के बाद, आरोपी भाई और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के गाँव खागापुर निवासी मोहन उर्फ कालिया को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को पॉक्सो एक्ट और दुराचार की गंभीर धाराओं के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास और प्रत्येक पर 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय का यह निर्णय महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश है। सिगरेट विवाद में 8 नाबालिगों सहित 10 पर FIR, ग्रामीण नाराज

Agra News: सनसनीखेज खुलासा! ट्रिपल मर्डर का 50 हजार का इनामी करीम 15 साल बाद गिरफ्तार

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Agra News पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सिकंदरा में 2010 में हुए बेटे, बहू और 2 साल के नाती के ट्रिपल मर्डर कांड के मुख्य सुपारी लेने वाले आरोपी करीम उर्फ बूंदा को गिरफ्तार कर लिया है। पिछले 15 साल से फरार चल रहे इस आरोपी पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। आरोपी करीम लगातार शहर बदलकर, नाम और पहचान छिपाकर रहता था और पुलिस से बचने के लिए हमेशा चेहरा ढंक कर निकलता था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोमवार को सुनारी गांव के पास से उसे दबोच लिया। क्या था 2010 का सिकंदरा ट्रिपल मर्डर केस? यह सनसनीखेज वारदात 2010 में सिकंदरा थाना क्षेत्र में हुई थी, जिसका मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पिता अनवर को मुख्य साजिशकर्ता बनाया गया था। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि अनवर ने अपनी बहू आसमा के द्वारा दहेज उत्पीड़न का मुकदमा लिखवाने से नाराज होकर यह भयानक अपराध करने का फैसला लिया था। 15 साल तक पहचान छुपाकर रहने का तरीका डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि फरार चल रहे करीम पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। पूछताछ में करीम ने पुलिस को बताया कि वह इतने लंबे समय तक कैसे फरार रहने में कामयाब हुआ। करीम ने बताया कि वह पुलिस से बचने के लिए एक खास रणनीति अपनाता था: चाय की दुकान से मिली मुखबिर को सूचना करीम अपने छिपने के दौरान अलीगढ़, हाथरस और आगरा जैसे कई शहरों में ठिकाने बदल चुका था। पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि करीम अलीगढ़ में एक चाय की दुकान पर अक्सर आता था। उसकी आदत थी कि चाय पीते समय भी वह अपने चेहरे से कपड़ा नहीं हटाता था। मुखबिर ने करीम की इस खास पहचान के आधार पर ही पुलिस को उसकी सूचना दी। सोमवार को करीम के आगरा के सुनारी गांव में आने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। 15 साल से फरार चल रहे ट्रिपल मर्डर के इस आरोपी की गिरफ्तारी आगरा पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आगरा हत्याकांड का खुलासा: 25 लाख के लालच में दुकानदार को शराब पिलाई, फिर चाकू से गोदा

आगरा में दबंगों का आतंक: कार से पत्थर भरकर लाए और घर पर किया पथराव

आगरा। आगरा के थाना सिकंदरा अंतर्गत जउपुरा गाँव में दबंग युवकों ने बुधवार तड़के एक घर पर जमकर पथराव किया। यह घटना सुबह करीब 4 बजे हुई, जब युवक एक कार में पत्थर भरकर लाए और राजू प्रजापति के घर को निशाना बनाया। पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। वायरल फुटेज में देखा जा सकता है कि एक कार राजू प्रजापति के घर के सामने आकर रुकती है। पहले एक युवक उतरता है, और कार की डिग्गी खोलकर पत्थर निकालता है। कुछ देर बाद, एक और युवक भी डिग्गी से पत्थर निकालकर घर पर फेंकना शुरू कर देता है। कई मिनट तक यह सिलसिला जारी रहा, जिससे घर के अंदर सो रहे परिवार में दहशत फैल गई। राजू प्रजापति की पत्नी अपने छोटे बच्चे को लेकर घर के अंदर छिपती रहीं। पथराव के बाद घर के आँगन और कमरों में जगह-जगह ईंट और पत्थर बिखरे पाए गए हैं। राजू ने बताया कि डर के मारे वे बाहर नहीं निकले, जबकि हमलावर गालियां भी दे रहे थे। पथराव की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। राजू प्रजापति ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। सिकंदरा थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुट गई है। पुलिस कार के नंबर से भी मालिक का पता लगाने की कोशिश कर रही है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

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