आगरा में मूर्ति विवाद: हिंदू महासभा ने नगर निगम पर लगाया एक धर्म के प्रचार का आरोप

आगरा। आगरा में रविवार को अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने नगर निगम पर शहर में सिर्फ सनातन धर्म से जुड़ी प्रतिमाएं लगाने को लेकर नाराजगी जताई है। हिंदूवादी नेताओं ने इसे एक धर्म का प्रचार बताते हुए नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि शहर में अन्य धर्मों से संबंधित प्रतिमाएं भी लगाई जाएं। क्या है पूरा मामला? नगर निगम ने शहर के कई चौराहों पर कबाड़ से बने राम मंदिर का मॉडल और भगवान शिव व उनके डमरू की प्रतिमाएं लगाई हैं। हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि आगरा में सभी धर्मों के लोग रहते हैं, और केवल एक धर्म की प्रतिमाएं लगाना बाकी समुदायों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। नेताओं ने मांग की है कि जिस तरह से हिंदू धर्म के लोगों को खुश करने के लिए राम मंदिर का मॉडल बनाया गया है, उसी तरह शहर में मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोगों को खुश करने के लिए मक्का मदीना और ईशू मसीह की प्रतिमाएं भी बनवाई जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि इन प्रतिमाओं को उन्हीं कलाकारों से बनवाया जाए, जिन्होंने राम मंदिर का मॉडल तैयार किया है।

आगरा में इस बार जोधपुर के महल की तर्ज पर सजेगी जनकपुरी: 70 कारीगर कर रहे हैं तैयारी

आगरा। आगरा के कमला नगर में होने वाला उत्तर भारत का सबसे भव्य जनकपुरी महोत्सव इस बार बेहद खास होने जा रहा है। इस साल भगवान राम की नगरी को राजस्थान के जोधपुर के एक राजा के महल की तर्ज पर सजाया जा रहा है। इस भव्य मिथिला महल को बनाने के लिए कोलकाता से 70 से अधिक कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। रविवार को महोत्सव आयोजन समिति ने कमला नगर में एक कार्यक्रम के दौरान इसका पोस्टर जारी किया। 250 फीट चौड़ा और 125 फीट ऊंचा होगा महल समिति के अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल (एकता बिल्डर) ने बताया कि इस बार का मिथिला महल 250 फीट चौड़ा और 125 फीट ऊंचा होगा। उन्होंने कहा कि इसे इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि सड़क से गुजरने वाला हर व्यक्ति आसानी से भगवान राम, माता जानकी और उनके भाइयों के दर्शन कर सके। महल के शीर्ष पर भगवान राम का ध्वज पताका भी लहराएगा। पोस्टर जारी करने के मौके पर समिति के मुख्य संरक्षक और राज्यसभा सांसद नवीन जैन, संरक्षक राजेश अग्रवाल (रसोई रत्न), दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री राकेश गर्ग और महामंत्री उमेश कंसल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। घर-घर जाकर दिया जा रहा है आमंत्रण नवीन जैन ने बताया कि इस बार मिथिला नगरी को बिल्कुल दिवाली की तरह सजाया जाएगा। हर गली, हर ब्लॉक और हर पार्क में धार्मिक झांकियां सजाई जाएंगी। समिति के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को सजावट और धार्मिक माहौल बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ भव्य सजावट नहीं, बल्कि सनातन धर्म का प्रसार भी है। महोत्सव का कार्यक्रम 14 सितंबर को आमंत्रण यात्रा के साथ शुरू होगा और 21 सितंबर को खाटू श्याम भजन संध्या के साथ इसका समापन होगा। और खबरें भी हैं…

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